अयोध्या के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक सैय्यद अब्बास अली जैदी ‘रुश्दी मियां’ ने शनिवार को विभिन्न गांवों का दौरा किया। उन्होंने इस दौरान हादसों और असामयिक मौतों से प्रभावित पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। रुश्दी मियां ने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। उनके इस संवेदनशील कदम की पूरे क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। पूर्व मंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत दुल्लापुर गांव से की, जहां आकस्मिक निधन का शिकार हुए हरिश्चंद्र रावत के परिजनों से मिलकर उन्होंने अपनी गहरी संवेदना जताई और आर्थिक सहायता दी। इसके बाद उन्होंने पुराय गांव में चाकूबाजी की घटना में घायल सुशीला देवी चौहान का हालचाल जाना और इलाज के लिए पैसे दिए। ग्राम डिहवा मजरे पूरे कलहंस में करंट की चपेट में आने से मृत उदयराज लोधी के परिवार से मिलकर भी उन्होंने शोक प्रकट किया और वित्तीय मदद पहुंचाई। पूरे लोधन पुरवा में बीमारी से अस्वस्थ रामजस यादव उर्फ भंडारी का हाल जाना तथा उपचार के लिए मदद दी। इसके अलावा, सैदपुर स्थित मां कामाख्या धाम क्षेत्र में आकस्मिक निधन के शिकार राजकुमार गौतम के परिजनों को ढांढस बंधाया। छत से गिरकर घायल हुए श्रीराम लोधी के घर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मत्था नेवादा गांव में मुंबई में काम करने के दौरान करंट लगने से जान गंवाने वाले 22 वर्षीय सुजीत गौतम के घर पहुंचकर उन्होंने शोक व्यक्त किया और उनके पिता गोमती प्रसाद गौतम सहित परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। दौरे के अंत में उन्होंने दुल्लामऊ मजरे अमराई गांव पहुंचकर रामप्रकाश यादव के पुत्र के असामयिक निधन पर सांत्वना दी। इस अवसर पर रुश्दी मियां ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने का अर्थ केवल राजनीतिक जिम्मेदारियां निभाना नहीं, बल्कि जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना भी है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के आंसू पोंछने और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को अपनी प्राथमिकता बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुख की घड़ी में पूर्व मंत्री का पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचना उनके लिए एक बड़ा संबल साबित हो रहा है और उनका यह मानवीय प्रयास सामाजिक संवेदनशीलता की मिसाल बन गया है।
अयोध्या के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक सैय्यद अब्बास अली जैदी ‘रुश्दी मियां’ ने शनिवार को विभिन्न गांवों का दौरा किया। उन्होंने इस दौरान हादसों और असामयिक मौतों से प्रभावित पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। रुश्दी मियां ने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। उनके इस संवेदनशील कदम की पूरे क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। पूर्व मंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत दुल्लापुर गांव से की, जहां आकस्मिक निधन का शिकार हुए हरिश्चंद्र रावत के परिजनों से मिलकर उन्होंने अपनी गहरी संवेदना जताई और आर्थिक सहायता दी। इसके बाद उन्होंने पुराय गांव में चाकूबाजी की घटना में घायल सुशीला देवी चौहान का हालचाल जाना और इलाज के लिए पैसे दिए। ग्राम डिहवा मजरे पूरे कलहंस में करंट की चपेट में आने से मृत उदयराज लोधी के परिवार से मिलकर भी उन्होंने शोक प्रकट किया और वित्तीय मदद पहुंचाई। पूरे लोधन पुरवा में बीमारी से अस्वस्थ रामजस यादव उर्फ भंडारी का हाल जाना तथा उपचार के लिए मदद दी। इसके अलावा, सैदपुर स्थित मां कामाख्या धाम क्षेत्र में आकस्मिक निधन के शिकार राजकुमार गौतम के परिजनों को ढांढस बंधाया। छत से गिरकर घायल हुए श्रीराम लोधी के घर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मत्था नेवादा गांव में मुंबई में काम करने के दौरान करंट लगने से जान गंवाने वाले 22 वर्षीय सुजीत गौतम के घर पहुंचकर उन्होंने शोक व्यक्त किया और उनके पिता गोमती प्रसाद गौतम सहित परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। दौरे के अंत में उन्होंने दुल्लामऊ मजरे अमराई गांव पहुंचकर रामप्रकाश यादव के पुत्र के असामयिक निधन पर सांत्वना दी। इस अवसर पर रुश्दी मियां ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने का अर्थ केवल राजनीतिक जिम्मेदारियां निभाना नहीं, बल्कि जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना भी है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के आंसू पोंछने और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को अपनी प्राथमिकता बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुख की घड़ी में पूर्व मंत्री का पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचना उनके लिए एक बड़ा संबल साबित हो रहा है और उनका यह मानवीय प्रयास सामाजिक संवेदनशीलता की मिसाल बन गया है।
- तेज गति से गाड़ी न चलाने और सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की तुरंत मदद करने की अपील की गई है। सड़क मार्ग पर किसी हादसे के शिकार व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा के नियमों का सही तरीके से पालन करने और राहगीरों की मदद करने के लिए लोगों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जान बचाने वाले मददगारों को प्रोत्साहित किया जाता है और इसके लिए उन्हें प्रशंसा पत्र भी प्रदान किया जाता है। जीवन को एक अनमोल धरोहर बताते हुए सभी से दूसरों के दुख-दर्द को समझने और सड़क हादसों से बचने की जिम्मेदारी निभाने की बात कही गई है। आज सुबह टाइम्स टीम की ओर से लखनऊ से लाल चंद सोनी ने इस संबंध में विशेष रिपोर्ट साझा की है।1
- अंबेडकरनगर में तैनात इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी से बचते हुए एक पीड़ित पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाने पहुंचा था। वहां तैनात पीआरओ जितेन्द्र रघुवंशी ने इसकी सूचना तत्काल टांडा कोतवाली पुलिस को दे दी। इसके बाद टांडा कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बिना किसी एफआईआर के ही पीड़ित को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में पीड़ित सड़क पर ही सो गया, जिसके बाद वहां मौजूद सक्रिय लोगों ने इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया और किसी तरह पीड़ित पुलिस के चंगुल से बच सका। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीओ सिटी अकबरपुर का एक बयान सामने आया है। सीओ का कहना है कि इस पीड़ित व्यक्ति का आपराधिक इतिहास है। वहीं दूसरी तरफ, पीड़ित ने पुलिस के इस दावे को खुला चैलेंज दिया है। पीड़ित का कहना है कि उसके ऊपर केवल एक ही मुकदमा दर्ज है, जिसे खुद इसी इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने दर्ज किया है और इसके अलावा उसका कोई दूसरा आपराधिक इतिहास नहीं है। पीड़ित का आरोप है कि इस गरीब का दोष सिर्फ इतना ही है कि वह एक व्यक्ति से अपने बकाया ₹3 लाख बार-बार मांग रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। इस पूरे मामले को लेकर तीखा तंज कसते हुए कहा गया है कि बुजुर्ग कहते थे कि गरीबों की हाय नहीं लेनी चाहिए। इसके साथ ही सीओ साहब को चुनौती दी गई है कि वे तत्काल प्रभाव से उस मुकदमे का क्राइम नंबर भी सार्वजनिक करें, जिसके आधार पर उन्होंने पीड़ित का आपराधिक इतिहास होने का दावा किया था।1
- अयोध्या जनपद की मिल्कीपुर विधानसभा के कुमारगंज क्षेत्र से गुजर रही शारदा सहायक नहर की पटरी अब हादसों का रास्ता बन चुकी है। लगभग 1000 मीटर लंबी इस सड़क पर 500 से अधिक गहरे और जानलेवा गड्ढे बन गए हैं, जिनकी गहराई दो फुट तक है। इस बदहाल स्थिति के कारण वहां से गुजरने वाले ग्रामीणों, किसानों, छात्रों और वाहन चालकों की जान हर पल जोखिम में बनी हुई है। बरसात के कारण इन गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी विकट हो गई है, जिससे राहगीरों के गिरकर चोटिल होने की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को लेकर गहरा आक्रोश है। जनता जन प्रतिनिधियों की इस चुप्पी पर भी लगातार सवाल उठा रही है और उनका आरोप है कि सड़क की यह दुर्दशा विकास के दावों की पोल खोल रही है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी के होने से पहले नहर पटरी की तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि आवागमन को सुरक्षित बनाया जा सके।2
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अयोध्या दौरे के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान समाजवादी पार्टी ने पावन भूमि अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज़ पढ़वाने का काम किया था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जोर दिया कि उनकी सरकार अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए यह टिप्पणी की है। इस बयान के बाद अब प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज होने के कयास लगाए जा रहे हैं।1
- अयोध्या के देवकाली बाईपास चौराहे पर नगर निगम के प्रवर्तन दल की एक गाड़ी का वीडियो सामने आया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में नगर निगम की गाड़ी भीषण जाम के बीच यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए उल्टी दिशा से हूटर बजाकर निकलती हुई दिखाई दे रही है। जिस समय यह घटना हुई, वहां आम लोग पहले से ही लंबे समय से ट्रैफिक जाम में फंसे हुए थे। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि जहां आम नागरिकों पर यातायात के नियम सख्ती से लागू किए जाते हैं, वहीं सरकारी वाहनों को नियम तोड़ते हुए देखा जा रहा है। देवकाली बाईपास पर पहले से ही भारी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है, जिससे आम जनता खासी परेशान है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सड़क चौड़ीकरण के लिए चल रहे भवन ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ सड़क के किनारे बने एक मंदिर का गुंबद अचानक भरभराकर गिर गया। इस मंदिर के गुंबद की चपेट में आने से एक पीडब्ल्यूडी कर्मचारी की दर्दनाक मौत होने की खबर है। भवन ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के दौरान गुंबद गिरने से पीडब्ल्यूडी कर्मी इसकी चपेट में आ गया और उसकी जान चली गई।1