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*नई दिल्ली: हूतियों के खिलाफ PAK नहीं आया साथ! सऊदी ने अब इजरायल से लगाई मदद की गुहार* *नई दिल्ली:* यमन में हूती लड़ाकों के हमले के बाद सऊदी अरब बड़े संकट का सामना कर रहा है. सऊदी अरब के सहयोगी देशों, खास तौर पर मक्का समझौते के साझेदार पाकिस्तान के कथित तौर पर यमन संकट में हस्तक्षेप से इनकार करने के बाद रियाद ने इजरायल से मदद मांगी है, जिसे वह स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता भी नहीं देता. तेल अवीव के दैनिक अखबार द जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल और सऊदी अरब के बीच अमेरिका की सेंट्रल कमांड (Centcom) की मध्यस्थता में बातचीत हुई. इसका मकसद खुफिया सहायता के जरिए सऊदी अरब को हूती सैन्य बलों से बचाव में मदद करना था. वहीं, इजरायल के एक अन्य अखबार इजरायल हायोम ने बताया कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने हूती हमले के खिलाफ दूसरे खाड़ी देशों और मिस्र से भी मदद मांगी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के प्रधानमंत्री भी मोहम्मद बिन सलमान ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जुड़े खतरों को लेकर खुफिया सहायता के लिए अमेरिकी Centcom के जरिए इजरायल से अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क किया था. *सऊदी अरब इजरायल से मदद लेने को क्यों मजबूर हुआ:* सऊदी अरब इजरायल को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता नहीं देता और यरुशलम के साथ उसके राजनयिक संबंध भी नहीं हैं. इसके बावजूद इजरायल से अप्रत्यक्ष तौर पर मदद मांगना यमन में रियाद के सामने खड़े संकट की गंभीरता को दिखाता है. सऊदी अरब की अपील का ज्यादा असर भी नहीं हुआ है. अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में अंसार अल्लाह के लड़ाकों पर सीधे हमले से इनकार किया है. इसके बजाय अमेरिका ने खुफिया सहायता और ब्रिटेन ने सैन्य सलाहकार देने की पेशकश की है. वहीं, सऊदी अरब और तुर्की के साथ मक्का रक्षा गठबंधन का हिस्सा पाकिस्तान ने कथित तौर पर यमन में हूतियों से लड़ने के लिए अपने सैन्य संसाधन भेजने से इनकार कर दिया है. पाकिस्तान ने साफ किया है कि उसकी सेना सऊदी क्षेत्र की रक्षा के लिए तैनात की जा सकती है, लेकिन विदेशी जमीन पर लड़ाई में हिस्सा लेना उसकी रेड लाइन है. *यमन में हूतियों के हमले से बढ़ा संकट:* हफ्तों तक सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने के बाद अंसार अल्लाह के लड़ाकों ने पिछले हफ्ते यमन में अचानक हमला किया. इस हमले में सऊदी समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट का विरोध खत्म हो गया और हूतियों ने लाल सागर के तट के साथ-साथ बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के द्वीपों पर भी नियंत्रण कर लिया. इसके बाद हूती नेताओं ने कहा कि जुलाई से लागू सऊदी जहाजों की नाकाबंदी जारी रहेगी, जबकि अमेरिका समेत दूसरे देशों के जहाजों को स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति होगी. बाब अल-मंदेब के बंद होने और सऊदी अरब के बड़े पाइपलाइन नेटवर्क पर हमलों के कारण रियाद की तेल निर्यात क्षमता बुरी तरह प्रभावित होने या पूरी तरह रुकने का खतरा पैदा हो गया है. *इजरायल और हूती:* *नई दिल्ली: हूतियों के खिलाफ PAK नहीं आया साथ! सऊदी ने अब इजरायल से लगाई मदद की गुहार* जैतारण राधेश्याम दाधीच *नई दिल्ली:* यमन में हूती लड़ाकों के हमले के बाद सऊदी अरब बड़े संकट का सामना कर रहा है. सऊदी अरब के सहयोगी देशों, खास तौर पर मक्का समझौते के साझेदार पाकिस्तान के कथित तौर पर यमन संकट में हस्तक्षेप से इनकार करने के बाद रियाद ने इजरायल से मदद मांगी है, जिसे वह स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता भी नहीं देता. तेल अवीव के दैनिक अखबार द जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल और सऊदी अरब के बीच अमेरिका की सेंट्रल कमांड (Centcom) की मध्यस्थता में बातचीत हुई. इसका मकसद खुफिया सहायता के जरिए सऊदी अरब को हूती सैन्य बलों से बचाव में मदद करना था. वहीं, इजरायल के एक अन्य अखबार इजरायल हायोम ने बताया कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने हूती हमले के खिलाफ दूसरे खाड़ी देशों और मिस्र से भी मदद मांगी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के प्रधानमंत्री भी मोहम्मद बिन सलमान ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जुड़े खतरों को लेकर खुफिया सहायता के लिए अमेरिकी Centcom के जरिए इजरायल से अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क किया था. *सऊदी अरब इजरायल से मदद लेने को क्यों मजबूर हुआ:* सऊदी अरब इजरायल को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता नहीं देता और यरुशलम के साथ उसके राजनयिक संबंध भी नहीं हैं. इसके बावजूद इजरायल से अप्रत्यक्ष तौर पर मदद मांगना यमन में रियाद के सामने खड़े संकट की गंभीरता को दिखाता है. सऊदी अरब की अपील का ज्यादा असर भी नहीं हुआ है. अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में अंसार अल्लाह के लड़ाकों पर सीधे हमले से इनकार किया है. इसके बजाय अमेरिका ने खुफिया सहायता और ब्रिटेन ने सैन्य सलाहकार देने की पेशकश की है. वहीं, सऊदी अरब और तुर्की के साथ मक्का रक्षा गठबंधन का हिस्सा पाकिस्तान ने कथित तौर पर यमन में हूतियों से लड़ने के लिए अपने सैन्य संसाधन भेजने से इनकार कर दिया है. पाकिस्तान ने साफ किया है कि उसकी सेना सऊदी क्षेत्र की रक्षा के लिए तैनात की जा सकती है, लेकिन विदेशी जमीन पर लड़ाई में हिस्सा लेना उसकी रेड लाइन है. *यमन में हूतियों के हमले से बढ़ा संकट:* हफ्तों तक सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने के बाद अंसार अल्लाह के लड़ाकों ने पिछले हफ्ते यमन में अचानक हमला किया. इस हमले में सऊदी समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट का विरोध खत्म हो गया और हूतियों ने लाल सागर के तट के साथ-साथ बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के द्वीपों पर भी नियंत्रण कर लिया. इसके बाद हूती नेताओं ने कहा कि जुलाई से लागू सऊदी जहाजों की नाकाबंदी जारी रहेगी, जबकि अमेरिका समेत दूसरे देशों के जहाजों को स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति होगी. बाब अल-मंदेब के बंद होने और सऊदी अरब के बड़े पाइपलाइन नेटवर्क पर हमलों के कारण रियाद की तेल निर्यात क्षमता बुरी तरह प्रभावित होने या पूरी तरह रुकने का खतरा पैदा हो गया है. *इजरायल और हूती:* इजरायल को भी पहले हूती हमलों का सामना करना पड़ा है. 2023 के अंत में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद हूतियों ने लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया था. हालांकि, सऊदी अरब को इजरायल की संभावित मदद मुख्य रूप से खुफिया जानकारी साझा करने तक सीमित रहने की संभावना है. वहीं, इजरायल के रक्षा बलों के अधिकारियों ने कथित तौर पर अंसार अल्लाह के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को अकेले इजरायल के बजाय व्यापक अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय गठबंधन के तहत करने की सिफारिश की है...!

1 hr ago
user_Radheyshyam DADHICH BUMBO K(रा
Radheyshyam DADHICH BUMBO K(रा
जैतारण, पाली, राजस्थान•
1 hr ago

*नई दिल्ली: हूतियों के खिलाफ PAK नहीं आया साथ! सऊदी ने अब इजरायल से लगाई मदद की गुहार* *नई दिल्ली:* यमन में हूती लड़ाकों के हमले के बाद सऊदी अरब बड़े संकट का सामना कर रहा है. सऊदी अरब के सहयोगी देशों, खास तौर पर मक्का समझौते के साझेदार पाकिस्तान के कथित तौर पर यमन संकट में हस्तक्षेप से इनकार करने के बाद रियाद ने इजरायल से मदद मांगी है, जिसे वह स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता भी नहीं देता. तेल अवीव के दैनिक अखबार द जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल और सऊदी अरब के बीच अमेरिका की सेंट्रल कमांड (Centcom) की मध्यस्थता में बातचीत हुई. इसका मकसद खुफिया सहायता के जरिए सऊदी अरब को हूती सैन्य बलों से बचाव में मदद करना था. वहीं, इजरायल के एक अन्य अखबार इजरायल हायोम ने बताया कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने हूती हमले के खिलाफ दूसरे खाड़ी देशों और मिस्र से भी मदद मांगी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के प्रधानमंत्री भी मोहम्मद बिन सलमान ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जुड़े खतरों को लेकर खुफिया सहायता के लिए अमेरिकी Centcom के जरिए इजरायल से अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क किया था. *सऊदी अरब इजरायल से मदद लेने को क्यों मजबूर हुआ:* सऊदी अरब इजरायल को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता नहीं देता और यरुशलम के साथ उसके राजनयिक संबंध भी नहीं हैं. इसके बावजूद इजरायल से अप्रत्यक्ष तौर पर मदद मांगना यमन में रियाद के सामने खड़े संकट की गंभीरता को दिखाता है. सऊदी अरब की अपील का ज्यादा असर भी नहीं हुआ है. अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में अंसार अल्लाह के लड़ाकों पर सीधे हमले से इनकार किया है. इसके बजाय अमेरिका ने खुफिया सहायता और ब्रिटेन ने सैन्य सलाहकार देने की पेशकश की है. वहीं, सऊदी अरब और तुर्की के साथ मक्का रक्षा गठबंधन का हिस्सा पाकिस्तान ने कथित तौर पर यमन में हूतियों से लड़ने के लिए अपने सैन्य संसाधन भेजने से इनकार कर दिया है. पाकिस्तान ने साफ किया है कि उसकी सेना सऊदी क्षेत्र की रक्षा के लिए तैनात की जा सकती है, लेकिन विदेशी जमीन पर लड़ाई में हिस्सा लेना उसकी रेड लाइन है. *यमन में हूतियों के हमले से बढ़ा संकट:* हफ्तों तक सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने के बाद अंसार अल्लाह के लड़ाकों ने पिछले हफ्ते यमन में अचानक हमला किया. इस हमले में सऊदी समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट का विरोध खत्म हो गया और हूतियों ने लाल सागर के तट के साथ-साथ बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के द्वीपों पर भी नियंत्रण कर लिया. इसके बाद हूती नेताओं ने कहा कि जुलाई से लागू सऊदी जहाजों की नाकाबंदी जारी रहेगी, जबकि अमेरिका समेत दूसरे देशों के जहाजों को स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति होगी. बाब अल-मंदेब के बंद होने और सऊदी अरब के बड़े पाइपलाइन नेटवर्क पर हमलों के कारण रियाद की तेल निर्यात क्षमता बुरी तरह प्रभावित होने या पूरी तरह रुकने का खतरा पैदा हो गया है. *इजरायल और हूती:* *नई दिल्ली: हूतियों के खिलाफ PAK नहीं आया साथ! सऊदी ने अब इजरायल से लगाई मदद की गुहार* जैतारण राधेश्याम दाधीच *नई दिल्ली:* यमन में हूती लड़ाकों के हमले के बाद सऊदी अरब बड़े संकट का सामना कर रहा है. सऊदी अरब के सहयोगी देशों, खास तौर पर मक्का समझौते के साझेदार पाकिस्तान के कथित तौर पर यमन संकट में हस्तक्षेप से इनकार करने के बाद रियाद ने इजरायल से मदद मांगी है, जिसे वह स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता भी नहीं देता. तेल अवीव के दैनिक अखबार द जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल और सऊदी अरब के बीच अमेरिका की सेंट्रल कमांड (Centcom) की मध्यस्थता में बातचीत हुई. इसका मकसद खुफिया सहायता के जरिए सऊदी अरब को हूती सैन्य बलों से बचाव में मदद करना था. वहीं, इजरायल के एक अन्य अखबार इजरायल हायोम ने बताया कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने हूती हमले के खिलाफ दूसरे खाड़ी देशों और मिस्र से भी मदद मांगी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के प्रधानमंत्री भी मोहम्मद बिन सलमान ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जुड़े खतरों को लेकर खुफिया सहायता के लिए अमेरिकी Centcom के जरिए इजरायल से अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क किया था. *सऊदी अरब इजरायल से मदद लेने को क्यों मजबूर हुआ:* सऊदी अरब इजरायल को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता नहीं देता और यरुशलम के साथ उसके राजनयिक संबंध भी नहीं हैं. इसके बावजूद इजरायल से अप्रत्यक्ष तौर पर मदद मांगना यमन में रियाद के सामने खड़े संकट की गंभीरता को दिखाता है. सऊदी अरब की अपील का ज्यादा असर भी नहीं हुआ है. अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में अंसार अल्लाह के लड़ाकों पर सीधे हमले से इनकार किया है. इसके बजाय अमेरिका ने खुफिया सहायता और ब्रिटेन ने सैन्य सलाहकार देने की पेशकश की है. वहीं, सऊदी अरब और तुर्की के साथ मक्का रक्षा गठबंधन का हिस्सा पाकिस्तान ने कथित तौर पर यमन में हूतियों से लड़ने के लिए अपने सैन्य संसाधन भेजने से इनकार कर दिया है. पाकिस्तान ने साफ किया है कि उसकी सेना सऊदी क्षेत्र की रक्षा के लिए तैनात की जा सकती है, लेकिन विदेशी जमीन पर लड़ाई में हिस्सा लेना उसकी रेड लाइन है. *यमन में हूतियों के हमले से बढ़ा संकट:* हफ्तों तक सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने के बाद अंसार अल्लाह के लड़ाकों ने पिछले हफ्ते यमन में अचानक हमला किया. इस हमले में सऊदी समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट का विरोध खत्म हो गया और हूतियों ने लाल सागर के तट के साथ-साथ बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के द्वीपों पर भी नियंत्रण कर लिया. इसके बाद हूती नेताओं ने कहा कि जुलाई से लागू सऊदी जहाजों की नाकाबंदी जारी रहेगी, जबकि अमेरिका समेत दूसरे देशों के जहाजों को स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति होगी. बाब अल-मंदेब के बंद होने और सऊदी अरब के बड़े पाइपलाइन नेटवर्क पर हमलों के कारण रियाद की तेल निर्यात क्षमता बुरी तरह प्रभावित होने या पूरी तरह रुकने का खतरा पैदा हो गया है. *इजरायल और हूती:* इजरायल को भी पहले हूती हमलों का सामना करना पड़ा है. 2023 के अंत में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद हूतियों ने लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया था. हालांकि, सऊदी अरब को इजरायल की संभावित मदद मुख्य रूप से खुफिया जानकारी साझा करने तक सीमित रहने की संभावना है. वहीं, इजरायल के रक्षा बलों के अधिकारियों ने कथित तौर पर अंसार अल्लाह के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को अकेले इजरायल के बजाय व्यापक अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय गठबंधन के तहत करने की सिफारिश की है...!

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  • देवली कला राजकीय महाविद्यालय में हिंदी दिवस मनाया गया विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित हुई जैतारण राधेश्याम दाधीच
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    देवली कला राजकीय महाविद्यालय में हिंदी दिवस मनाया गया विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित हुई
जैतारण राधेश्याम दाधीच
    user_Radheyshyam DADHICH BUMBO K(रा
    Radheyshyam DADHICH BUMBO K(रा
    जैतारण, पाली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • बर में गुर्जर समाज की पैदल यात्रा जैतारण से देवमाली पहुंचेगी जैतारण से देवमाली तक गुर्जर समाज की ओर से पैदल यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस 4दौरान आज बर से सैकड़ों समाजबंधु बड़ी संख्या में इस यात्रा में शामिल होकर आस्था, एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देंगे। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर समाजबंधुओं द्वारा यात्रियों का स्वागत किया जाएगा। यात्रा का उद्देश्य समाज में एकजुटता, भाईचारा और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करना है।
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    बर में गुर्जर समाज की पैदल यात्रा जैतारण से देवमाली पहुंचेगी 
जैतारण से देवमाली तक गुर्जर समाज की ओर से पैदल यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस 4दौरान आज बर से सैकड़ों समाजबंधु बड़ी संख्या में इस यात्रा में शामिल होकर आस्था, एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देंगे।
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    user_धर्मवीर क़ीर
    धर्मवीर क़ीर
    Advertising Photographer जैतारण, पाली, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • ब्यावर में बंद मकान में चोरी का प्रयास, CCTV में कैद हुए संदिग्ध चोर ब्यावर में बंद मकान में चोरी का प्रयास, CCTV में कैद हुए संदिग्ध चोर नंद नगर गली नंबर 4 स्थित आर.के. विला में देर रात वारदात का प्रयास, पड़ोसियों के जागने पर भागे संदिग्ध ब्यावर। शहर के नंद नगर गली नंबर 4 स्थित आर.के. विला में देर रात अज्ञात संदिग्धों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। मकान पिछले करीब 3-4 महीनों से बंद बताया जा रहा है और मकान मालिक बाहर रहते हैं। जानकारी के अनुसार, देर रात संदिग्ध चोर चोरी की बाइक पर सवार होकर बंद मकान के पास पहुंचे और वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। इस दौरान मकान के आसपास लगे CCTV कैमरों में संदिग्धों की गतिविधियां कैद हो गईं। इसी बीच पड़ोसियों को मकान के आसपास संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। पड़ोसियों के जागने और हलचल होने पर संदिग्ध चोर वारदात को अंजाम दिए बिना मौके से फरार हो गए। पड़ोसियों की सजगता के चलते चोरी की वारदात होने से टल गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित केशव कंजानि ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।
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    ब्यावर में बंद मकान में चोरी का प्रयास, CCTV में कैद हुए संदिग्ध चोर


ब्यावर में बंद मकान में चोरी का प्रयास, CCTV में कैद हुए संदिग्ध चोर
नंद नगर गली नंबर 4 स्थित आर.के. विला में देर रात वारदात का प्रयास, पड़ोसियों के जागने पर भागे संदिग्ध
ब्यावर। शहर के नंद नगर गली नंबर 4 स्थित आर.के. विला में देर रात अज्ञात संदिग्धों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। मकान पिछले करीब 3-4 महीनों से बंद बताया जा रहा है और मकान मालिक बाहर रहते हैं।
जानकारी के अनुसार, देर रात संदिग्ध चोर चोरी की बाइक पर सवार होकर बंद मकान के पास पहुंचे और वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। इस दौरान मकान के आसपास लगे CCTV कैमरों में संदिग्धों की गतिविधियां कैद हो गईं।
इसी बीच पड़ोसियों को मकान के आसपास संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। पड़ोसियों के जागने और हलचल होने पर संदिग्ध चोर वारदात को अंजाम दिए बिना मौके से फरार हो गए। पड़ोसियों की सजगता के चलते चोरी की वारदात होने से टल गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित केशव कंजानि ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।
    user_Shyam Saini
    Shyam Saini
    Local News Reporter रायपुर, पाली, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • सरवाड़ में गणेश चतुर्थी जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया, मंशापूर्ण गणेश मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब सरवाड़। शहर के प्राचीन मंशापूर्ण गणेशजी महाराज मंदिर में गणेश चतुर्थी का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य जन्मोत्सव के अवसर पर दोपहर 12:30 बजे विशेष आरती आयोजित की गई। आरती के दौरान मंदिर परिसर गणेशजी महाराज के जयकारों से गूंज उठा। आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में भक्ति संगीत एवं भजन संध्या का आयोजन भी किया गया। गायक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिस पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। इस अवसर पर गणेशजी महाराज का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर के बाहर एक दिवसीय मेले का भी आयोजन हुआ, जिसमें शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और मेले का आनंद लिया। श्रद्धालुओं ने गणेशजी महाराज के दर्शन कर नारियल, प्रसाद एवं धूपबत्ती अर्पित की और अपनी मनोकामनाएं मांगी। इस दौरान श्रद्धालुओं को मेहंदी भी वितरित की गई। वहीं गणेश चतुर्थी के अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गईं। पारिक मोहल्ला निवासियों की ओर से भी गणेश प्रतिमा की स्थापना कर धूमधाम से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। गणेश चतुर्थी के आयोजन के दौरान पूरे सरवाड़ शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
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    सरवाड़ में गणेश चतुर्थी जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया, मंशापूर्ण गणेश मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
सरवाड़। शहर के प्राचीन मंशापूर्ण गणेशजी महाराज मंदिर में गणेश चतुर्थी का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य जन्मोत्सव के अवसर पर दोपहर 12:30 बजे विशेष आरती आयोजित की गई। आरती के दौरान मंदिर परिसर गणेशजी महाराज के जयकारों से गूंज उठा।
आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में भक्ति संगीत एवं भजन संध्या का आयोजन भी किया गया। गायक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिस पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।
इस अवसर पर गणेशजी महाराज का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर के बाहर एक दिवसीय मेले का भी आयोजन हुआ, जिसमें शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और मेले का आनंद लिया।
श्रद्धालुओं ने गणेशजी महाराज के दर्शन कर नारियल, प्रसाद एवं धूपबत्ती अर्पित की और अपनी मनोकामनाएं मांगी। इस दौरान श्रद्धालुओं को मेहंदी भी वितरित की गई।
वहीं गणेश चतुर्थी के अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गईं। पारिक मोहल्ला निवासियों की ओर से भी गणेश प्रतिमा की स्थापना कर धूमधाम से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
गणेश चतुर्थी के आयोजन के दौरान पूरे सरवाड़ शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
    user_Atma Ram Saini
    Atma Ram Saini
    Journalist Raipur, Pali•
    23 hrs ago
  • पुष्कर से रिजॉर्ट से कांग्रेस प्रत्याशियों को लेकर रिया बड़ी व लांपोलाई की तरफ जा रहे थे चुनावी माहौल को लेकर कांग्रेस के जीते हुए तीन पार्षद प्रत्याशियों पर हमला पुलिस प्रोटेक्शन के तहत रिया बड़ी अपने गंतव्य तक पहुंचाये गए। यह सुनिए आप बीती
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    पुष्कर से रिजॉर्ट से कांग्रेस प्रत्याशियों को लेकर रिया बड़ी व लांपोलाई की तरफ जा रहे थे चुनावी माहौल को लेकर कांग्रेस के जीते हुए  तीन पार्षद प्रत्याशियों पर हमला पुलिस प्रोटेक्शन के तहत रिया बड़ी अपने गंतव्य तक पहुंचाये गए। यह सुनिए आप बीती
    user_Rajendra
    Rajendra
    Advertising Photographer Riyan Badi, Nagaur•
    9 hrs ago
  • झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे मायूस, मूंग की फसल पर मंडराया संकट रियां बड़ी क्षेत्र में खरीफ की फसल इस समय कटाई और पकने की स्थिति में है। ऐसे में लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बन गई है।
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    झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे मायूस, मूंग की फसल पर मंडराया संकट 
रियां बड़ी क्षेत्र में खरीफ की फसल इस समय कटाई और पकने की स्थिति में है। ऐसे में लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बन गई है।
    user_CITY PRESS  RIYAN BARI
    CITY PRESS RIYAN BARI
    Voice of people रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • पीसांगन :नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए आज जीरो नामांकन,कल नामांकन की आखिरी तारीख... पीसांगन नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव के पहले दिन आज एक भी पर्चा दाखिल नहीं हुआ। रिटर्निंग अधिकारी मोहन चौधरी के अनुसार नामांकन 15-16 सितंबर तक होना है। कल 16 सितंबर आखिरी तारीख है। 17 को जांच, आवश्यक हुआ तो 21 को होगा मतदान।
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    पीसांगन :नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए आज जीरो नामांकन,कल नामांकन की आखिरी तारीख...
पीसांगन नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव के पहले दिन आज एक भी पर्चा दाखिल नहीं हुआ।
रिटर्निंग अधिकारी मोहन चौधरी के अनुसार नामांकन 15-16 सितंबर तक होना है। कल 16 सितंबर आखिरी तारीख है। 17 को जांच, आवश्यक हुआ तो 21 को होगा मतदान।
    user_PRADEEP CHOUDHARY
    PRADEEP CHOUDHARY
    पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • पीपाड़ में भाजपा सरकार के लिए बड़ा सियासी समर्थन, चारों निर्दलीय पार्षदों ने महेंद्र जी कच्छवाहा का समर्थन किया पीपाड़। नगर पालिका में भाजपा के पक्ष में सियासी समीकरण मजबूत होते नजर आ रहे हैं। भाजपा सरकार बनाने के लिए चारों निर्दलीय पार्षदों ने महेंद्र जी कच्छवाहा को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से भाजपा का बोर्ड बनाने की राह आसान होती दिखाई दे रही है। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। समर्थन के बाद महेंद्र जी कच्छवाहा के नेतृत्व में भाजपा बोर्ड बनने की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।
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    पीपाड़ में भाजपा सरकार के लिए बड़ा सियासी समर्थन, चारों निर्दलीय पार्षदों ने महेंद्र जी कच्छवाहा का समर्थन किया
पीपाड़। नगर पालिका में भाजपा के पक्ष में सियासी समीकरण मजबूत होते नजर आ रहे हैं। भाजपा सरकार बनाने के लिए चारों निर्दलीय पार्षदों ने महेंद्र जी कच्छवाहा को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है।
निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से भाजपा का बोर्ड बनाने की राह आसान होती दिखाई दे रही है। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।
समर्थन के बाद महेंद्र जी कच्छवाहा के नेतृत्व में भाजपा बोर्ड बनने की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।
    user_धर्मवीर क़ीर
    धर्मवीर क़ीर
    Advertising Photographer जैतारण, पाली, राजस्थान•
    11 hrs ago
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