Shuru
Apke Nagar Ki App…
स्थानीय निवासियों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके क्षेत्र में न तो नालियों का निर्माण हुआ है और न ही सड़कें बनी हैं। इस कारण उन्हें रोजमर्रा के आवागमन में अत्यधिक कठिनाई झेलनी पड़ती है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
Harish saini
स्थानीय निवासियों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके क्षेत्र में न तो नालियों का निर्माण हुआ है और न ही सड़कें बनी हैं। इस कारण उन्हें रोजमर्रा के आवागमन में अत्यधिक कठिनाई झेलनी पड़ती है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
More news from राजस्थान and nearby areas
- कोटा के ऐतिहासिक चन्द्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले ने अब पूरे प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। इस प्रकरण की गूंज जयपुर से लेकर दिल्ली तक पहुँच गई है, जिससे शीर्ष स्तर पर सक्रियता बढ़ी है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस हत्याकांड में सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके बाद, राज्य सरकार ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और कोटा पुलिस को जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासा करने तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता ने बताया कि ओम बिरला ने भी पुलिस अधिकारियों से हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने पर जोर दिया है। वहीं, इस मामले में सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने मोर्चरी पर धरना दे रहे संत समाज से मुलाकात की। उन्होंने संतों को जांच की प्रगति के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद संत समाज ने अपना धरना समाप्त कर दिया।1
- कोटा में एक हिस्ट्रीशीटर की 35 लाख रुपये की संपत्ति पर बुलडोजर चलाया गया, जिसने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की जमीन पर कब्जा कर रखा था। इस कार्रवाई के तहत हिस्ट्रीशीटर के अवैध मकानों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, इस हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ कुल 36 मामले दर्ज हैं।1
- काकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन शाम के पाँच बजे तक भी जारी नहीं रह सका। इस स्थिति से पार्टी का कथित 'पूरा प्लान' खुलकर सामने आ गया।1
- सोशल मीडिया पर इन दिनों राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर किया गया एक स्टैंड-अप कॉमेडी एक्ट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक युवा कॉमेडियन मुख्यमंत्री के राजनीतिक सफर और उनके अचानक मुख्यमंत्री बनने के फैसले पर हास्य और कटाक्ष करते नजर आ रहे हैं, जो लोगों के बीच खूब सुर्खियां बटोर रहा है। वायरल वीडियो में, स्टैंड-अप कॉमेडियन मंच से दर्शकों को संबोधित करते हुए भजनलाल शर्मा के सीधे मुख्यमंत्री बनने की घटना पर मजाकिया लहजे में तंज कसते हैं। वे कहते हैं कि "एक तो पहली बार बेचारा एमएलए (विधायक) बना, और मोदी जी ने पहली बार में ही सीएम बना दिया।" कॉमेडी एक्ट को और मजेदार बनाते हुए कलाकार ने देश के गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री के बीच एक काल्पनिक बातचीत का जिक्र किया। कॉमेडियन ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब भजनलाल शर्मा ने अमित शाह से कहा कि "मुझे कुछ नहीं आता", तो इस पर शाह का जवाब था— "इसीलिए तो बनाया है!" मंच पर मौजूद दर्शकों ने इस एक्ट पर जमकर ठहाके लगाए हैं। इंटरनेट पर भी यह वीडियो खूब चर्चा में है, जहाँ लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ इसे सिर्फ मनोरंजन और कॉमेडी के तौर पर देख रहे हैं, तो वहीं राजनीतिक हलकों में ऐसे कटाक्षों को लेकर गर्म बहस चल रही है। गौरतलब है कि साल 2023 के अंत में हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने पहली बार के विधायक भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपकर सबको चौंका दिया था, जिसे लेकर अक्सर राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चाएं होती रहती हैं।1
- देश में यह सवाल ज़ोरों से उठाया जा रहा है कि क्या मोदी सरकार ने देश का सोना बेच दिया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा दिए गए जवाब के बाद, इस पूरे मामले का 'असली खेल' सामने आ गया है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को कोटा के किशोर सागर स्थित सेवन वंडर्स पार्क में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का जिला स्तरीय समापन समारोह ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस दौरान जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों, संस्थाओं और व्यक्तियों को 'जल गौरव सम्मान' प्रदान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर ने किशोर सागर तालाब के घाट पर जल वंदन और दीपदान के साथ किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री और अभियान के शहरी क्षेत्र समन्वयक श्री रामगोपाल बैरवा, ग्रामीण समन्वयक सांगोद प्रधान श्री जयवीर सिंह, श्री रितेश चित्तौरा सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। समारोह में नुक्कड़ नाटक, लोक नृत्य, चरी नृत्य, महारास, मारवाड़ी बारात और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जल संरक्षण के महत्व व राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध कलाकार कुमार गंधर्व द्वारा भवाई नृत्य की प्रस्तुति ने विशेष रूप से जनसमूह का मन मोह लिया। ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ा है। उन्होंने जल बचाने और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रधानमंत्री के संदेश को पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। श्री नागर ने प्राकृतिक खेती, प्राकृतिक खाद और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की आधारशिला बताते हुए सूखा व गीला कचरा पृथक्करण तथा उसके वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है, जिसके लिए वर्षा जल का संग्रहण भविष्य की पीढ़ियों की जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सांगोद विधानसभा क्षेत्र में अभियान के दौरान व उससे पूर्व हुए जल संचयन, जलाशयों के सौंदर्यीकरण और जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख करते हुए सांगोद व कोटा की जनता की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और कोटा वासियों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलवाई। संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 25 मई से 5 जून तक चला, जिसके तहत जल संरक्षण एवं जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें जल स्रोतों, नदियों, तालाबों और अमृत सरोवरों की साफ-सफाई, श्रमदान, जल चौपाल, जल शपथ, पौधारोपण तथा जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम शामिल थे। जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग द्वारा जल संरक्षण संरचनाओं का अवलोकन, नए कार्यों का शुभारंभ, जल चौपालों का आयोजन और नहरों व खालों की सफाई जैसे कार्य किए गए। नगरीय निकायों व पंचायत स्तर पर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए रैलियां, संवाद कार्यक्रम और नारा लेखन का आयोजन हुआ, जिससे जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने में सफलता मिली। कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमल कुमार मीणा ने अभियान की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए जनप्रतिनिधियों, विभागों और जनसहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि अभियान ने आमजन में जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से सहायक जनसम्पर्क अधिकारी आकांक्षा शर्मा, सूचना सहायक बृजबाला मीणा, शहरी आजीविका मिशन की जिला प्रबंधक हेमलता गांधी, नगर निगम आईटी सेल के प्रोग्रामर लेखराज महावर, अधिशाषी अभियंता कमलेश गोयल, आरती परिहार और विकास अधिकारी उपासना चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कार्मिकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए 'जल गौरव सम्मान' से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन श्री पुरुषोत्तम शर्मा ने किया।4
- महंत देवानंद की हत्या पर कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि अपराधियों में अब शासन का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है। गुंजल ने इस घटना को सरकार और प्रशासन के मुँह पर एक तमाचा करार दिया। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि संत समाज के प्रत्येक संघर्ष में कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी।1
- राजस्थान के कोटा स्थित एक 1100 साल पुराने मठ में मायापुरी अखाड़े के महंत की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई है। इस गंभीर घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि इस मामले में सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। महंत की हत्या के विरोध में स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ धरना लगभग आठ घंटे बाद समाप्त कर दिया गया।1
- राजस्थान के कोटा से एक बहुत दुखद खबर सामने आई है, जहाँ बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध चंद्रेसल मठ के महंत की निर्मम हत्या कर दी गई है। इस बड़ी वारदात के बाद से ही पूरे कोटा और संत समाज में भारी उबाल और आक्रोश देखा जा रहा है। इस घटना के विरोध में, साधु-संतों ने न्याय की मांग करते हुए MBS अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संतों का स्पष्ट कहना है कि जब तक हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे शव को हाथ भी नहीं लगाएंगे। मामले की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रह्लाद गुंजल भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित पक्ष का समर्थन करते हुए राजस्थान सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए, प्रदेश में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर उन्हें आड़े हाथों लिया। मौके पर पुलिस प्रशासन मुस्तैद है और संतों को समझाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है, लेकिन संत समाज आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में दिख रहा है, अपनी मांगों पर पूरी तरह से अड़ा हुआ है।1