वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह जी की पावन जयंती के अवसर पर उमरिया जिले में एक भव्य शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा मां ज्वाला धाम उचेहरा से उमरिया के लिए कुछ ही क्षणों में रवाना हुई, जिसमें मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री और उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री श्री नगर सिंह चौहान जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इस शौर्य यात्रा में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा छत्तीसगढ़ के जसपुर राज परिवार के महाराज कुंवर श्रीमंत विक्रमादित्य सिंह जूदेव जी, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय संरक्षिका आदरणीय श्री बहु रानी जया सिंह जूदेव (छत्तीसगढ़), बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक शिवनारायण सिंह (लालू भैया), एवं महाराणा क्षत्रिय महासभा के सभी पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। इन सभी ने यात्रा शुरू होने से पहले मां ज्वाला माता रानी का विधिवत पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह जी की पावन जयंती के अवसर पर उमरिया जिले में एक भव्य शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा मां ज्वाला धाम उचेहरा से उमरिया के लिए कुछ ही क्षणों में रवाना हुई, जिसमें मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री और उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री श्री नगर सिंह चौहान जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इस शौर्य यात्रा में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संस्थापक
एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा छत्तीसगढ़ के जसपुर राज परिवार के महाराज कुंवर श्रीमंत विक्रमादित्य सिंह जूदेव जी, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय संरक्षिका आदरणीय श्री बहु रानी जया सिंह जूदेव (छत्तीसगढ़), बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक शिवनारायण सिंह (लालू भैया), एवं महाराणा क्षत्रिय महासभा के सभी पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। इन सभी ने यात्रा शुरू होने से पहले मां ज्वाला माता रानी का विधिवत पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
- उमरिया जिले की नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 10 (चरण गंगा वार्ड) के निवासियों ने कलेक्टर उमरिया को जनसुनवाई में एक आवेदन सौंपा है। वार्डवासियों का आरोप है कि नगर परिषद के गठन को लगभग चार साल बीत जाने के बाद भी उनके क्षेत्र में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए हैं, जिसके कारण सैकड़ों परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। आवेदन में बताया गया है कि वार्ड के हरिजन एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में रहने वाले करीब 100 परिवारों को दैनिक आवश्यकताओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बरसात के दिनों में बड़हा नाला पर पुल न होने के कारण आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है, जिसके चलते वार्डवासियों ने नाले पर स्टॉप डैम सहित पुल निर्माण की मांग की है ताकि आवागमन सुगम होने के साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके। इसके अतिरिक्त, बरसापुर, करहियाटोला एवं मैनाहा क्षेत्रों में विद्युत विस्तार कर नए ट्रांसफार्मर लगाने, नल-जल योजना की पाइपलाइन में सुधार कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने, तथा चरण गंगा नदी स्थित झिरिया नाला पर छोटी पुलिया निर्माण की मांग भी उठाई गई है। तलेया टोला में सामुदायिक भवन के निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है, क्योंकि सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए स्थानीय लोगों को पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है। वार्डवासियों ने कहा है कि वे नियमित रूप से कर एवं शुल्क जमा करते हैं, इसके बावजूद उनका क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने कलेक्टर से जनहित को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण कराने की अपील की है। इस जनसुनवाई आवेदन के बाद अब क्षेत्रवासियों को प्रशासनिक कार्रवाई और विकास कार्यों की शुरुआत का इंतजार है।2
- उमरिया जिले के नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 10 स्थित आदिवासी हरिजन बाहुल्य चरण गंगा वार्ड के 100 परिवार अपनी मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने की शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुँचे। जनसुनवाई के दौरान इन परिवारों ने सड़क, पुल, बिजली और पेयजल जैसी समस्याओं से जूझने की बात बताई, जिसके संबंध में एक आवेदन भी प्रस्तुत किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वे नियमित रूप से कर और शुल्क जमा करते हैं, इसके बावजूद उनका वार्ड आज भी विकास से कोसों दूर है। इन परिवारों ने अधिकारियों से अपनी समस्याओं के समाधान की गुहार लगाई है।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बार फिर आदिवासी परिवार की पुश्तैनी जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन के समक्ष आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से उनकी जमीन को छलपूर्वक हड़प लिया गया है, जिससे उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें आर्थिक सहायता और मुआवजे का झांसा देकर विश्वास में लिया गया। इस दौरान लाखों रुपये मूल्य की उनकी भूमि से संबंधित दस्तावेज तैयार कर लिए गए, और बाद में उन्हें ही उनकी जमीन से बेदखल करने का प्रयास किया गया। परिवार का आरोप है कि उन्हें 32 लाख रुपये का चेक दिखाकर बाद में वापस ले लिया गया, जिसके कारण वे न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं। जनसुनवाई में यह गंभीर मामला सामने आते ही कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल जानकारी तलब की। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं, साथ ही स्पष्ट किया कि किसी भी गरीब, आदिवासी या कमजोर वर्ग के व्यक्ति के साथ अन्याय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब पूरे जिले की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस जांच के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या यह मामला भी केवल फाइलों में दब कर रह जाएगा। यह प्रकरण आदिवासी हितों की रक्षा के दावों के बीच प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।1
- शहडोल कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सोन सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिले के विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना, और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में कई महत्वपूर्ण आवेदन प्राप्त हुए। शहडोल जिले के वार्ड नम्बर 15, बुढार निवासी ईशिका राजपूत ने टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) प्रदाय करवाने का अनुरोध किया, वहीं ग्राम बरेली निवासी महेश प्रसाद गुप्ता ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, ग्राम खैरहा निवासी हुजुरूददीन ने अपने घर में बोरिंग कराने के लिए अनुमति प्रदान करने का आवेदन दिया, और ग्राम कटकोना निवासी राम स्वरूप बैगा ने विद्युत कनेक्शन लगवाने संबंधी शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत प्रेषित किया। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- शहडोल के वार्ड क्रमांक 11 से बीते दिनों लापता हुए रमेश शराफ की गुमशुदगी की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी। इसी बीच, पुलिस को मुडना नदी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिला। शव की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने उसे दफना दिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शव को 24 घंटे भी सुरक्षा में नहीं रखा और न ही पहले उसकी सही शिनाख्त करवाई। जब मृत व्यक्ति की पहचान महेश शराफ के रूप में हुई, तो परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। इसके बाद, कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को लगभग 4:00 बजे जमीन में दफनाए गए शव को निकलवाकर परिजनों को सुपुर्द किया।1
- विजयराघवगढ़ नगर के विकास, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत ₹4.60 करोड़ की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का भूमिपूजन किया गया। खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा और क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इस परियोजना का शुभारंभ किया, जिसमें नगर परिषद अध्यक्ष राजेश्वरी हरीश दुबे की विशेष उपस्थिति और सक्रिय भूमिका रही। इसे नगर के विकास के एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। यह परियोजना विजयराघवगढ़ नगरवासियों की वर्षों पुरानी अपेक्षा को पूरा करेगी, जिसका उद्देश्य झपावन नदी को प्रदूषण से मुक्त कर उसकी जलधारा को स्वच्छ बनाए रखना था। यह आधुनिक एसटीपी प्लांट नगर के नालों और सीवरेज के गंदे पानी को वैज्ञानिक तकनीक से शुद्ध करेगा, और उपचारित जल को ही झपावन नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इससे नदी की स्वच्छता सुनिश्चित होगी और पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी। नगर परिषद अध्यक्ष राजेश्वरी हरीश दुबे ने इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत विजयराघवगढ़ के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के सतत प्रयासों और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए श्रेय दिया, यह कहते हुए कि यह स्वच्छता अभियान को मजबूत करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण की नींव भी रखेगी। विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने इस अवसर पर कहा कि विजयराघवगढ़ के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं और नगर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने का संकल्प तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छ जल, स्वच्छ वातावरण और बेहतर नागरिक सुविधाएं प्रत्येक नागरिक का अधिकार हैं, जिन्हें उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान सांसद विष्णु दत्त शर्मा और विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने 10 एकड़ भूमि पर विकसित किए जाने वाले भव्य और ऐतिहासिक पार्क परिसर में वृक्षारोपण कर हरित विकास का संदेश भी दिया, जो भविष्य में नगरवासियों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बनेगा। नगरवासियों का मानना है कि एसटीपी प्लांट और प्रस्तावित पार्क परियोजना विजयराघवगढ़ के विकास इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने वाली उपलब्धियां हैं। यह केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि स्वच्छ, सुंदर और विकसित विजयराघवगढ़ की एक नई तस्वीर गढ़ने का संकल्प है, जिसे नगर परिषद अध्यक्ष राजेश्वरी हरीश दुबे और विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के नेतृत्व में साकार रूप मिलता दिखाई दे रहा है। इस गरिमामयी समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पार्षदों, भाजपा पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में नगरवासियों की उपस्थिति रही।4
- शहडोल जिले के थाना अमलाई पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के कई मामलों का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों अमन तिवारी और दीपक उर्फ दीपू सिंह के कब्जे तथा उनकी निशानदेही पर कुल 7 वाहन बरामद किए हैं। बरामद किए गए वाहनों में 3 चोरी के और 4 अन्य वाहन शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹2.70 लाख बताई गई है। इस मामले में नमन केवट और मंगेश सिंह नामक दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार जारी है। यह पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी भूपेंद्रमाणि पांडेय के नेतृत्व में थाना अमलाई पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मिलकर की।1
- एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है जहाँ एक ब्यूटी सैलून की मालकिन यास्मीन खान ने युवा ईसाई और हिंदू महिलाओं को लुभाने के लिए उन्हें "मुफ्त" कोर्स का लालच दिया। जब ये युवतियां वहां पहुंचीं, तो यास्मीन ने उनके ड्रिंक्स में नशीली दवा मिला दी, जिसके बाद वे बेहोश हो गईं। युवतियों के बेहोश होते ही, यास्मीन ने अपने शौहर मोहम्मद खान को बुलाया, जिसने उनके साथ रेप किया, जबकि यास्मीन खुद दरवाजे पर पहरा देती रही। उन्होंने इन गलत हरकतों को रिकॉर्ड किया ताकि युवतियों को ब्लैकमेल किया जा सके और उन्हें और अधिक मुस्लिम पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जा सके। जब उससे पूछताछ की गई तो यास्मीन ने इन घृणित अपराधों को यह कहकर सही ठहराया कि "गैर-मुस्लिम लड़कियों" के साथ रेप में मदद करने से उसे "जन्नत" मिलेगी। इस पूरी घटना को "चुस्लाम" बताया गया है।1
- कटनी जिले के बिलहरी चौकी क्षेत्र में कथित रूप से संचालित जुआ और सट्टा कारोबार का पर्दाफाश करने वाले पत्रकारों ने अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है। पत्रकारों ने मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और उन लोगों पर कार्रवाई की जाए जिन्होंने इस खुलासे के बाद उन्हें निशाना बनाते हुए झूठी शिकायतें दर्ज कराई हैं। ज्ञापन में आरोप है कि अवैध कारोबार का खुलासा होने के बाद पत्रकारों के खिलाफ झूठी शिकायतें दी जा रही हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि बिलहरी चौकी के पास हरदौल घाट तालाब किनारे स्थित एक खेत में कथित तौर पर लंबे समय से जुआ और सट्टे का संचालन हो रहा था, जिसमें ई-रिक्शा का भी इस्तेमाल होता था। सूचना मिलने पर 12 जून को तीन पत्रकार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस को सूचित किया। पत्रकारों का दावा है कि पुलिस के आने की भनक लगते ही मौके पर मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज छिपाने का प्रयास किया। बाद में पुलिस के पहुंचने पर खेत से कुछ सामग्री बरामद होने की बात ज्ञापन में कही गई है, जिसके बाद यह खबर प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद, ज्ञापन के अनुसार, कुछ लोगों ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर पत्रकारों पर डराकर पैसे लेने का आरोप लगाया है। पत्रकारों ने इस आरोप को पूरी तरह से झूठा और दबाव बनाने की कोशिश बताया है। उन्होंने मांग की है कि यदि शिकायतें झूठी पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। पत्रकारों ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़े करती हैं। गौरतलब है कि इस मामले में लगाए गए आरोप पत्रकारों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के दावों पर आधारित हैं। वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों और पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।1