राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान बनाने वाली दो महिला विभूतियों को नंदवंशी चेतना मंच ने दिया नारी शक्ति सम्मान वजीरगंज (गया): विश्व महिला दिवस के अवसर पर नंदवंशी चेतना मंच के द्वारा वजीरगंज प्रखंड के कई महिलाओं को नारी शक्ति सम्मान से नवाजा | इसी कड़ी में शिक्षा और राजनीति क्षेत्र में अहम योगदान देने वाली दो महिला विभूतियों को नारी शक्ति सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया,जिसमें जिला पार्षद सदस्या सह डॉ पिंकी कुमारी और आवासीय नवोदित विद्यालय की प्राचार्या बबीता कुमारी शामिल हैं। डॉ पिंकी कुमारी को उनके सामाजिक कार्यों और जिला पार्षद के रूप में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जबकि बबीता कुमारी को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। नंदवंशी चेतना मंच के सदस्यों ने दोनों महिला विभूतियों को गुलाब का पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर मंच संयोजक शैलेन्द्र नंदवंशी भी मौजूद थे | राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान बनाने वाली दो महिला विभूतियों को नंदवंशी चेतना मंच ने दिया नारी शक्ति सम्मान वजीरगंज (गया): विश्व महिला दिवस के अवसर पर नंदवंशी चेतना मंच के द्वारा वजीरगंज प्रखंड के कई महिलाओं को नारी शक्ति सम्मान से नवाजा | इसी कड़ी में शिक्षा और राजनीति क्षेत्र में अहम योगदान देने वाली दो महिला विभूतियों को नारी शक्ति सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया,जिसमें जिला पार्षद सदस्या सह डॉ पिंकी कुमारी और आवासीय नवोदित विद्यालय की प्राचार्या बबीता कुमारी शामिल हैं। डॉ पिंकी कुमारी को उनके सामाजिक कार्यों और जिला पार्षद के रूप में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जबकि बबीता कुमारी को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। नंदवंशी चेतना मंच के सदस्यों ने दोनों महिला विभूतियों को गुलाब का पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर मंच संयोजक शैलेन्द्र नंदवंशी भी मौजूद थे |
राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान बनाने वाली दो महिला विभूतियों को नंदवंशी चेतना मंच ने दिया नारी शक्ति सम्मान वजीरगंज (गया): विश्व महिला दिवस के अवसर पर नंदवंशी चेतना मंच के द्वारा वजीरगंज प्रखंड के कई महिलाओं को नारी शक्ति सम्मान से नवाजा | इसी कड़ी में शिक्षा और राजनीति क्षेत्र में अहम योगदान देने वाली दो महिला विभूतियों को नारी शक्ति सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया,जिसमें जिला पार्षद सदस्या सह डॉ पिंकी कुमारी और आवासीय नवोदित विद्यालय की प्राचार्या बबीता कुमारी शामिल हैं। डॉ पिंकी कुमारी को उनके सामाजिक कार्यों और जिला पार्षद के रूप में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जबकि बबीता कुमारी को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। नंदवंशी चेतना मंच के सदस्यों ने दोनों महिला विभूतियों को गुलाब का पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर मंच संयोजक शैलेन्द्र नंदवंशी भी मौजूद थे | राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान बनाने वाली दो महिला विभूतियों को नंदवंशी चेतना मंच ने दिया नारी शक्ति सम्मान वजीरगंज (गया): विश्व महिला दिवस के अवसर पर नंदवंशी चेतना मंच के द्वारा वजीरगंज प्रखंड के कई महिलाओं को नारी शक्ति सम्मान से नवाजा | इसी कड़ी में शिक्षा और राजनीति क्षेत्र में अहम योगदान देने वाली दो महिला विभूतियों को नारी शक्ति सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया,जिसमें जिला पार्षद सदस्या सह डॉ पिंकी कुमारी और आवासीय नवोदित विद्यालय की प्राचार्या बबीता कुमारी शामिल हैं। डॉ पिंकी कुमारी को उनके सामाजिक कार्यों और जिला पार्षद के रूप में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जबकि बबीता कुमारी को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। नंदवंशी चेतना मंच के सदस्यों ने दोनों महिला विभूतियों को गुलाब का पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर मंच संयोजक शैलेन्द्र नंदवंशी भी मौजूद थे |
- User5280Dhamol🤝on 13 March
- गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुंठ शुक्ल केंद्रीय कारा कराने हेतु केंद्रीय कारा के उत्तरी गेट पर अनशन कार्यक्रम गया केंद्रीय कारा का नामकरण महान स्वतंत्रता सेनानी क्रांति वीर योद्धा शहीद बैकुंठ शुक्ल के नाम पर करवाने हेतु वर्षो से की जा रही मांग को बिहार सरकार द्वारा अभी तक अनसुनी करने के खिलाफ गया जिला के सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, छात्र - नौजवानों के आह्वान पर शहीद बैकुंठ शुल्क विचार मंच के बैनर तले 10 मई 2026 से केंद्रीय कारा के उत्तरी गेट पर शांतिपूर्ण अनशन देने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शहीद बैकुंठ शुक्ल विचार मंच से जुड़े कॉंग्रेस नेता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, रंजीत कुमार, पूर्व वार्ड पार्षद लालजी प्रसाद, वार्ड पार्षद गजेंद्र सिंह, विपिन बिहारी सिन्हा, सुधीर कुमार, राधे कांत शर्मा, टिंकू गिरी, आदि ने कहा कि गया, मगध एवं बिहार के लोगों के लगातार मांग के बाद भी महान क्रांति वीर बैकुंठ शुक्ल जिन्होंने शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के फांसी की सजा में मुखबिरी एवं इकबालिया गवाह देने वाला बेतीया निवासी फनीनद्र नाथ घोष को मौत की नींद सुलाने के जुल्म में उन्हें ब्रिटिश हुकूमत ने 14 मई 1934 को गया केंद्रीय कारा में फांसी की सजा देने का काम किया था। नेताओं ने कहा कि बिहार के मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा में खुदी राम बोस को फांसी की सजा होने के कारण उसका नाम शहीद खुदी राम बोस केंद्रीय कारा है, तो भागलपुर केंद्रीय कारा में जुबा सहनी को फांसी की सजा होने के कारण इसका नाम शहीद जुबा सहनी केंद्रीय कारा है, परंतु गया केंद्रीय कारा में बैकुंठ शुक्ल की फांसी की सजा मिलने के 92 वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुंठ शुल्क केंद्रीय कारा नहीं हुआ है, जिससे राज्य की जनमानस में काफी आक्रोश है। नेताओं ने कहा विगत 30 वर्षों से लगातार प्रति वर्ष बैकुंठ शुक्ल के शहादत दिवस 14 मई को शहीद बैकुंठ शुक्ल विचार मंच के बैनर तले कार्यक्रम आयोजित कर राज्य सरकार को विस्तृत ज्ञापन भेज कर गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुंठ शुक्ल केंद्रीय कारा करने, इनके नाम पर गया गांधी मैदान के दक्षिण _ पूर्व में बने द्वार का जीर्णोद्धार करने, इनके नाम पर गया के चाणक्यपुरी में बने पार्क में इनकी आदम कद प्रतिमा लगाने की मांग लगातार करने के बाद भी राज्य सरकार के कान पर जू तक नहीं रेंग रहा है, । नेताओं ने कहा कि इस बार भी अब 14 मई आने में एक माह की देरी है, परंतु अभी तक जिला एवं जेल प्रशासन द्वारा कई बार केंद्रीय कारा गया का नामकरण शहीद बैकुंठ शुल्क करने की अनुशंसा एवं सरकार को सभी प्रकार की जानकारी भेजे जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी मायूसी है, इसलिए बैकुंठ शुक्ल विचार मंच से जुड़े सभी लोगों ने यह फैसला लिया कि 10 मई 2026 से लगातार अनशन का कार्यक्रम आयोजित कर राज्य सरकार के कुंभकर्णी निद्रा को तोड़वाने तथा जब तक गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुंठ शुक्ल नहीं होता तब तक अनशन जारी रहेगा। ,भवदीय विजय कुमार मिट्ठू1
- Post by News Of Nawada1
- आज ही आग1
- Post by MD aurangzeb3
- Post by Ashutosh kumar1
- **प्रेस विज्ञप्ति** **पटना एवं मुजफ्फरपुर के बाद गया में कामकाजी महिला छात्रावास ‘आकांक्षा–सह–सखी निवास’ का उद्घाटन** **दिनांक:** 16.04.26 **स्थान:** पटना/गया, बिहार महिलाओं के सशक्तिकरण एवं सुरक्षित आवासीय सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एककामकाजी महिला महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत गया में “कामकाजी महिला छात्रावास (आकांक्षा–सह–सखी निवास)” का उद्घाटन आज वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस अवसर पर **समाज कल्याण विभाग की सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, श्रीमती बंदना प्रेयषी** द्वारा पटना से वर्चुअल माध्यम से छात्रावास का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान गया में राज्य प्रतिनिधि कार्यक्रम प्रबंधक विनय एस पी सिंह एवं राज्य परियोजना प्रबंधक अंकिता कश्यप एवं ज़िला प्रतिनिधि डॉ रश्मि वर्मा ज़िला प्रोग्राम पदाधिकारी गया, नैना कुमारी अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सदर गया एवं महिला एवं बाल विकाश निगम की परियोजना प्रबंधक, जयवन्ती सिन्हा, सुशांत आनंद विशाल कुमार वर्मा, आरती कुमारी केंद्र प्रशासक द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद् एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। यह छात्रावास राज्य सरकार की **“मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना”** एवं केंद्र सरकार की **“मिशन शक्ति योजना”** के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं किफायती आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है। उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, श्रीमती बंदना प्रेयषी ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में बढ़ती सहभागिता को दृष्टिगत रखते हुए कार्यस्थल के निकट सुरक्षित एवं सुलभ आवास की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में इस छात्रावास की स्थापना की गई है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल है। छात्रावास में कुल 50 कामकाजी महिलाओं के आवास की व्यवस्था की गई है। यहां सुरक्षित आवास के साथ-साथ भोजन की सुविधा भी मात्र ₹3000 प्रतिमाह की दर से उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए लाभकारी सिद्ध होगी, जो अपने गृह जिले से बाहर रहकर रोजगार प्राप्त कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास निगम एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा पूर्व से ही पटना एवं मुजफ्फरपुर में इस प्रकार के छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। गया में इस छात्रावास की स्थापना इस पहल का महत्वपूर्ण विस्तार है। छात्रावास के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था की गई है, जिसमें अधीक्षिका, उपाधीक्षिका, सुरक्षा कर्मी, रसोइया, बहुउद्देश्यीय कर्मी एवं सफाईकर्मी सम्मिलित हैं। उद्घाटन अवसर पर गया में उपस्थित अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह छात्रावास महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित करेगा। यह परियोजना महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।1
- Post by Garibnath Sahani1
- इतना बड़ा Dj1