भोपाल के टीटी नगर थाने की पुलिस ने नकबजनी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए एक महिला के घर से हुई ₹7 लाख की चोरी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में शिकायतकर्ता के पोते सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने अपनी ही दादी के घर से सामान चोरी किया था। पुलिस ने चोरी किया गया पूरा माल बरामद कर लिया है। फरियादी श्रीमती मनसा बाई उर्फ मथरा (65) निवासी बाणगंगा नार्थ, टीटी नगर, भोपाल ने बताया कि वह 8 मई 2026 को निजी काम से भोपाल से बाहर जबलपुर गई थीं और 13 मई 2026 को वापस लौटीं। 2 जून 2026 को जब उन्होंने अलमारी खोली तो अंदर रखा सोने का हार, दो सोने की चूड़ी, दो जोड़ी सोने के कान के टॉप्स, एक सोने की अंगूठी, आठ सोने के मोतियों वाला एक मंगलसूत्र और चांदी की एक जोड़ी मोटी पायजेब गायब मिली। फरियादी के अनुसार, उनके जबलपुर प्रवास के दौरान घर में केवल उनकी नातिन खुशी और पोता ऋषभ मौजूद थे। उन्होंने अपनी नातिन खुशी से पूछताछ की, जिसने अनभिज्ञता जताई। इसके बाद उन्होंने टीटी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर अप.क्र. 335/26 धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना टीटी नगर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू की और संदेहियों ऋषभ उर्फ विशेष श्रीवास (18) निवासी बाणगंगा नार्थ, टीटी नगर और आयुष श्रीवास (24) निवासी लक्ष्मी परिसर, शाहपुरा, भोपाल से कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और बताया कि उन्होंने चोरी किया हुआ सामान प्लेटिनम प्लाजा के पास एक खंडहर मकान में छिपाया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया ₹7 लाख का माल, जिसमें एक सोने का हार, एक जोड़ी सोने की चूड़ी, एक जोड़ी सोने के कान के टॉप्स, एक सोने की अंगूठी, आठ सोने के मोतियों वाला एक मंगलसूत्र और चांदी की एक जोड़ी मोटी पायजेब शामिल है, विधिवत जब्त कर लिया। इसके बाद, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें केंद्रीय जेल भोपाल भेज दिया गया। इस सफल खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव सिंह दोहर, उनि राघवेन्द्र सिंह सिकरवार, सउनि कन्हैयालाल, प्रआर रविन्द्र पाल, प्रआर अनंत सोमवंशी, प्रआर ऋषिकेश राय, प्रआर धर्मेन्द्र तोमर, आर अविनाश भारती, आर रितेश तिवारी, आर अरविन्द यादव, आर कपिल कौशिक, आर गोविन्द प्रजापति, आर जालम सिंह, आर धर्मबीर सिंह, आर पुष्पेन्द्र भदोरिया (तकनीकी शाखा जोन 01), और आर शिवशंकर भदौरिया (तकनीकी शाखा जोन 01) की सराहनीय भूमिका रही।
भोपाल के टीटी नगर थाने की पुलिस ने नकबजनी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए एक महिला के घर से हुई ₹7 लाख की चोरी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में शिकायतकर्ता के पोते सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने अपनी ही दादी के घर से सामान चोरी किया था। पुलिस ने चोरी किया गया पूरा माल बरामद कर लिया है। फरियादी श्रीमती मनसा बाई उर्फ मथरा (65) निवासी बाणगंगा नार्थ, टीटी नगर, भोपाल ने बताया कि वह 8 मई 2026 को निजी काम से भोपाल से बाहर जबलपुर गई थीं और 13 मई 2026 को वापस लौटीं। 2 जून 2026 को जब उन्होंने अलमारी खोली तो अंदर रखा सोने का हार, दो सोने की चूड़ी, दो जोड़ी सोने के कान के टॉप्स, एक सोने की अंगूठी, आठ सोने के मोतियों वाला एक मंगलसूत्र और चांदी की एक जोड़ी मोटी पायजेब गायब मिली। फरियादी के अनुसार, उनके जबलपुर प्रवास के दौरान घर में केवल उनकी नातिन खुशी और पोता ऋषभ मौजूद थे। उन्होंने अपनी नातिन खुशी से पूछताछ की, जिसने अनभिज्ञता जताई। इसके बाद उन्होंने टीटी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर अप.क्र. 335/26 धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना टीटी नगर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू की और संदेहियों ऋषभ उर्फ विशेष श्रीवास (18) निवासी बाणगंगा नार्थ, टीटी नगर और आयुष श्रीवास (24) निवासी लक्ष्मी परिसर, शाहपुरा, भोपाल से कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और बताया कि उन्होंने चोरी किया हुआ सामान प्लेटिनम प्लाजा के पास एक खंडहर मकान में छिपाया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया ₹7 लाख का माल, जिसमें एक सोने का हार, एक जोड़ी सोने की चूड़ी, एक जोड़ी सोने के कान के टॉप्स, एक सोने की अंगूठी, आठ सोने के मोतियों वाला एक मंगलसूत्र और चांदी की एक जोड़ी मोटी पायजेब शामिल है, विधिवत जब्त कर लिया। इसके बाद, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें केंद्रीय जेल भोपाल भेज दिया गया। इस सफल खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव सिंह दोहर, उनि राघवेन्द्र सिंह सिकरवार, सउनि कन्हैयालाल, प्रआर रविन्द्र पाल, प्रआर अनंत सोमवंशी, प्रआर ऋषिकेश राय, प्रआर धर्मेन्द्र तोमर, आर अविनाश भारती, आर रितेश तिवारी, आर अरविन्द यादव, आर कपिल कौशिक, आर गोविन्द प्रजापति, आर जालम सिंह, आर धर्मबीर सिंह, आर पुष्पेन्द्र भदोरिया (तकनीकी शाखा जोन 01), और आर शिवशंकर भदौरिया (तकनीकी शाखा जोन 01) की सराहनीय भूमिका रही।
- बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी का नाम बदलने पर विधायक आरिफ मसूद का विरोधArif Masood ने बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय का नाम बदलने के प्रस्ताव का बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी का नाम बदलने पर विधायक आरिफ मसूद का विरोध Arif Masood ने बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय का नाम बदलने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे "बेहद अफसोसनाक निर्णय" बताया। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन की बजाय NEET परीक्षा और छात्रों के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी। आरिफ मसूद ने कहा कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को शिक्षा और विद्यार्थियों से जुड़े विषयों पर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने नाम परिवर्तन को लेकर लिखे गए पत्र की भी निंदा की और कहा कि यदि नए विश्वविद्यालय स्थापित कर उनके नाम रखे जाएं तो उसका सभी स्वागत करेंगे।1
- भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र में हुई एक घटना ने दर्शाया है कि किस तरह पति-पत्नी के बीच की अनबन और नाराज़गी, जब गुस्से में बदल जाती है और बातचीत की जगह हथियार उठा लिए जाते हैं, तो यह मामला घर की चारदीवारी से निकलकर पुलिस और अदालत तक पहुँच जाता है। इस मामले में, पत्नी से नाराज़ एक पति ने बातचीत या समझौता करने के बजाय चाकू उठा लिया, जिससे कई जिंदगियों को दर्द मिला। परिणामस्वरूप, जिस व्यक्ति को अपने परिवार का ध्यान रखना था, उसे पुलिस पकड़कर ले गई। यह घटना हर पति, पत्नी और परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सीख देती है। इसमें बताया गया है कि रिश्तों में जीत-हार नहीं होती, बल्कि केवल समझदारी या बेवकूफी होती है। गुस्से में किया गया हमला कभी भी समस्या का समाधान नहीं बनता, बल्कि नई मुसीबतों की शुरुआत करता है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गोविंदपुर स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को रातों-रात खाली करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस अचानक फरमान के कारण आज हजारों परिवार बेघर होकर सड़कों पर आ गए हैं। जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, शनिवार सुबह 8:00 बजे से तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। पोस्ट के मुताबिक, यह आदेश मौखिक रूप से और बिना किसी पूर्व नोटिस के दिया गया है, जिसे हजारों परिवारों को बेघर करने वाला "तालिबानी फरमान" बताया गया है। कॉलोनी में मंदिर और मस्जिद जैसे धार्मिक स्थल भी मौजूद हैं, लेकिन आरोप है कि सरकार इन पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।4
- मध्य प्रदेश के सीहोर में ज़मीन पर कब्ज़ा करने की नीयत से एक परिवार पर लाठी-डंडों से हमला किया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।1
- रायसेन-भोपाल रोड पर एक दुखद सड़क हादसा हो गया है, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस दुर्घटना में 7 लोगों की दर्दनाक मौत होने की खबर सामने आई है।1
- भोपाल में नाबार्ड द्वारा आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ रीवा के सुन्दरम आमों की मांग सबसे अधिक हो रही है।3
- भाजपा सरकार पर गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र की इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी में 'गुंडागर्दी' की चरम सीमा तक पहुँचने का आरोप लगाया गया है, जहाँ रातों-रात कॉलोनी खाली करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इस 'तालिबानी फरमान' के चलते हजारों परिवारों के सामने बेघर होने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, कॉलोनी को शनिवार सुबह 8 बजे तोड़ने का आदेश मौखिक रूप से और बिना किसी पूर्व नोटिस के दिया गया है। इस क्षेत्र में मंदिर और मस्जिद भी स्थित हैं, जिन्हें सरकार ने कथित तौर पर अनदेखा कर दिया है। आदेश के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है, जहाँ नागरिक अपने स्वयं के मकान तोड़ने और सामान बचाने का प्रयास कर रहे हैं। हजारों परिवारों, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं, को रात गुजारने के लिए भी पर्याप्त समय नहीं दिया गया है, जिससे उनकी स्थिति और भी विकट हो गई है।1
- मध्य प्रदेश में रायसेन रोड स्थित सेहतगंज के पास एक भीषण सड़क हादसे में शक्ति ट्रेवल्स और कल्पना ट्रेवल्स की बसों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 से भी अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे की मुख्य वजह बसों की तेज रफ्तार (ओवरस्पीड) और सड़क पर मौजूद एक मोड़ को बताया गया है।1