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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में ध्याण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर, उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र में ध्याण मंदिर का विधिवत लोकार्पण किया।
Pradesh Khabar News Network
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में ध्याण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर, उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र में ध्याण मंदिर का विधिवत लोकार्पण किया।
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- मनेंद्रगढ़ नगर पालिका कार्यालय के सामने सोमवार सुबह 11 बजे से कांग्रेस ने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ मिश्रा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर नगर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों को लेकर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जहां कांग्रेस समर्थित वार्डों में मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों की लगातार उपेक्षा की जा रही है, वहीं भाजपा समर्थित क्षेत्रों में कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य कराने की पुरजोर मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि वार्डों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और विकास कार्यों में समानता नहीं बरती गई, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्षद मौजूद रहे।1
- कोरबा जिले से तीन प्रमुख खबरें सामने आई हैं। कटाईनार क्षेत्र में इस समय गंभीर जलसंकट के चलते हाहाकार मचा हुआ है। दूसरी ओर, कुदुरमाल में आयोजित संस्कार शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इन सबके बीच, वनांचल के क्षेत्रों में विधायक राठिया द्वारा विकास की सौगातें दी गई हैं।1
- कोरबा में पुलिस ने कबाड़ माफियाओं के खिलाफ एक बड़ा एक्शन लिया है। इस कार्रवाई के दौरान, 16 टन लोहे का कबाड़ और चार वाहन जब्त किए गए हैं।1
- गुमला में सोमवार को उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला स्थापना सह अनुकंपा समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों से प्राप्त अनुकंपा नियुक्ति, प्रोन्नति, सेवा संपुष्टि, स्थानांतरण, पदस्थापन सहित अन्य प्रशासनिक मामलों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सामान्य अनुकंपा नियुक्ति के तहत प्राप्त दो प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से एक मामले को समिति ने अनुमोदित कर दिया, जबकि दूसरे मामले में आवश्यक जांच के बाद प्रतिवेदन प्रस्तुत होने पर अगली बैठक में विचार करने का निर्णय लिया गया। उग्रवादी हिंसा के तहत प्राप्त एक प्रस्ताव को विचारोपरांत नियमानुसार अस्वीकृत कर दिया गया। इसी क्रम में, एमएसीपीएस के अंतर्गत विभिन्न कार्यालयों से प्राप्त दो प्रोन्नति संबंधी प्रस्तावों पर भी समिति द्वारा विचार किया गया, जिनमें से एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि दूसरे प्रस्ताव पर अगली बैठक में पुनः विचार करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, बैठक के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा सरकारी माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक की सेवा संपुष्टि संबंधी प्रस्ताव, अनुमंडल पदाधिकारी बसिया द्वारा सेवा संपुष्टि तिथि संशोधन संबंधी प्रस्ताव, जिला पंचायत राज कार्यालय में पदस्थापन एवं अनुसेवक की प्रतिनियुक्ति से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में प्रधान लिपिक, लिपिक एवं अनुसेवक के स्थानांतरण एवं पदस्थापन से जुड़े मामलों सहित विभिन्न प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। समिति ने विभिन्न कर्मियों द्वारा चिकित्सीय एवं व्यक्तिगत आधार पर समर्पित स्थानांतरण संबंधी अभ्यावेदनों पर भी विचार किया और अन्य प्रशासनिक विषयों एवं विभागीय प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए। इस बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, अनुमंडल पदाधिकारी गुमला अखिलेश कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, एसीएमओ, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खान, जिला सामान्य शाखा पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।2
- कोरबा जिले के गेवरा स्थित एस.ई.सी.एल. माइंस के भीतर काम कर रही निजी कंपनी पीएनसी के प्रति स्थापित क्षेत्रीय बेरोजगारों में गहरा आक्रोश है। आरोप है कि पीएनसी नामक यह निजी कंपनी स्थानीय बेरोजगारों को काम देने से लगातार वंचित रख रही है, जिसके कारण उनमें भारी नाराजगी और गुस्सा देखा जा रहा है।2
- बेंगलुरु में एक आध्यात्मिक केंद्र, ध्याण मंदिर, राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में इस ध्याण मंदिर का लोकार्पण किया।1
- महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपनी मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अंबिकापुर में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो युवकों की तत्काल सहायता की। उन्होंने अपना काफिला रुकवाकर घायलों को अपनी सरकारी गाड़ी से अस्पताल भिजवाया और उनके बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की। यह घटना रविवार को उस समय हुई जब मंत्री रायपुर से अपने गृहग्राम बीरपुर (जिला सूरजपुर) लौट रही थीं। अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर एक स्कूटी और ऑटो के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई थी, जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे मदद का इंतजार कर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही मंत्री ने तुरंत अपना वाहन रुकवाया और स्वयं मौके पर पहुंचकर घायलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बिना किसी देरी के दोनों घायलों को अपने सरकारी वाहन से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन को फोन कर घायलों के त्वरित एवं समुचित उपचार के निर्देश भी दिए। मंत्री द्वारा पहले से सूचना दिए जाने के कारण अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैयार थी, और घायलों के अस्पताल पहुंचते ही उनका उपचार तुरंत शुरू कर दिया गया। विशेष बात यह रही कि घायलों को अस्पताल भेजने के बाद, मंत्री ने अपने लिए दूसरी गाड़ी की व्यवस्था की और नई गाड़ी आने तक घटनास्थल पर ही इंतजार करती रहीं। इसके बाद वे अपने निवास के लिए रवाना हुईं। मंत्री की इस तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की है, उनका कहना है कि समय पर सहायता मिलने से घायलों को तत्काल उपचार मिल सका, जिससे उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण मदद मिली।1
- दिल्ली से वैष्णो देवी जा रही एक स्पेशल ट्रेन के आईसीएफ कोच में गंभीर दरार मिलने से रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह घटना पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान सामने आई। इस ट्रेन में लगभग 1200 यात्री सवार थे, लेकिन समय रहते दरार का पता चल जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्री सुरक्षित रहे। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने तुरंत प्रभावित कोच को जांच के दायरे में ले लिया और मामले की विस्तृत जाँच शुरू कर दी। इस घटना के बाद रेलवे ने देशभर में चल रहे सभी आईसीएफ कोचों के विशेष निरीक्षण का आदेश दिया है। अधिकारियों के अनुसार, अगले एक सप्ताह के भीतर सभी आईसीएफ कोचों की जाँच की जाएगी, जिसमें आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा ताकि किसी भी तकनीकी खामी का समय रहते पता चल सके। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कोचों में अधिक जंग या संरचनात्मक कमजोरी पाई जाएगी, उन्हें सेवा से हटा दिया जाएगा। रेलवे ने बताया है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।1