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हादसाः 27 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत! सेल्फी लेते वक्त नीचे गिरा, मचा कोहराम
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हादसाः 27 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत! सेल्फी लेते वक्त नीचे गिरा, मचा कोहराम
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- नैनीताल जनपद के रामगढ़, मुक्तेश्वर और धानाचुली समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से ठंड में काफी इजाफा हो गया है। बर्फबारी का असर निचले इलाकों में भी देखने को मिल रहा है, जिससे नैनीताल शहर में ठिठुरन बढ़ गई है। ठंड से लोगों को राहत दिलाने के लिए प्रशासन की ओर से सभी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। एसडीएम नैनीताल नवाजिश खलीक ने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिसे देखते हुए एहतियातन कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग और जल संस्थान को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।1
- सत्यार्थ न्यूज़ रिपोर्टर: अमित दीक्षित पीलीभीत के ड्रमण्ड राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित इस महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल पर आधारित एक विस्तृत समाचार रिपोर्ट यहाँ दी गई है: पीलीभीत: ड्रमण्ड इंटर कॉलेज में 'ब्लैक आउट' मॉक ड्रिल, युद्ध और आपदा से निपटने का सिखाया मंत्र पीलीभीत। भविष्य की चुनौतियों और आपातकालीन स्थितियों के प्रति नागरिकों को तैयार करने के उद्देश्य से जनपद के प्रतिष्ठित ड्रमण्ड राजकीय इंटर कॉलेज में 'ब्लैक आउट' मॉक ड्रिल का भव्य आयोजन किया गया। आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस अभ्यास का नेतृत्व जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने संयुक्त रूप से किया। क्या है 'ब्लैक आउट' और क्यों है जरूरी? मॉक ड्रिल के दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने छात्रों और शहरवासियों को संबोधित करते हुए बताया कि 'ब्लैक आउट' की स्थिति मुख्य रूप से हवाई हमलों या सुरक्षा कारणों से पैदा होती है, जहाँ पूरे शहर की रोशनी बंद कर दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का सजग होना अनिवार्य है। "आपदा के समय घबराने के बजाय अनुशासन बनाए रखना ही सबसे बड़ा बचाव है। सजग नागरिक ही किसी भी विषम परिस्थिति में प्रशासन की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।" — ज्ञानेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी अफवाहों से बचने और सुरक्षा मानकों पर जोर अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी आपदा या युद्ध जैसी स्थिति में 'अफवाहें' सबसे अधिक घातक साबित होती हैं। उन्होंने जनता से केवल आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करने की अपील की। प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु: अभ्यास के दौरान विशेषज्ञों ने विभिन्न जीवन-रक्षक तकनीकों का प्रदर्शन किया, जिनमें प्रमुख थे: विद्युत सुरक्षा: ब्लैक आउट के दौरान बिजली उपकरणों का सही प्रबंधन। प्राथमिक उपचार: घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता देना। राहत-बचाव: मलबे या आग जैसी स्थितियों से सुरक्षित निकलना। आपसी समन्वय: प्रशासन और मोहल्ला समितियों के बीच तालमेल। प्रशासनिक उपस्थिति इस मॉक ड्रिल में नगर मजिस्ट्रेट विजय वर्धन सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर दीपक चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक और भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सभी से इन प्रशिक्षणों को गंभीरता से लेने और सुरक्षा मानकों को आत्मसात करने का आह्वान किया। संदेश स्पष्ट है: संयम, अनुशासन और सही जानकारी ही आपदा के समय सबसे सशक्त हथियार हैं।3
- Post by Puranpur1
- पूरनपुर,,,,नगर पालिका परिषद पूरनपुर के तत्वाधान में *सोशियो वाईटल नेटवर्क फाउंडेशन* की टीम द्वारा वार्ड नंबर 2 में *बसंत पंचमी* के उपलक्ष में *बाल सेना* के साथ पतंग वितरण व स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना व गीला तथा सूखा कचरा अलग-अलग करके देने के लिए प्रेरित करना था। *मां सरस्वती प्रार्थना व पतंग वितरण* कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों को नीली व हरी पतंगें और डोर वितरित की गई। बच्चों में त्योहार को लेकर भारी उत्साह देखा गया। *स्वच्छता व सावधानी* पतंग उड़ाने से पहले बच्चों को स्वच्छता का महत्व समझाया गया। उन्हें बताया गया कि उत्सव के दौरान और बाद में मांझा, फटी हुई पतंगें या अन्य कचरा सड़क पर न फेंकें। *पतंगों में लिखे गए नारे* में स्वच्छता स्लोगन लिखा गया जैसे *हर रोगों की एक दवाई, घर में रखो साफ सफाई*। स्वच्छता ही सेवा है इत्यादि। *शपथ ग्रहण* बच्चों को गीले और सूखे कचरे के बीच अंतर करने और डस्टबिन के सही उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें 'स्वच्छ वार्ड, सुंदर वार्ड' का संकल्प दिलाया गया। *पर्यावरण सुरक्षा* बच्चों को पक्षियों की सुरक्षा के लिए 'चाइनीज मांझे' का उपयोग न करने और केवल सूती धागे का उपयोग करने की सलाह दी गई।1
- पीलीभीत क्षेत्र के ग्राम चुरा सकतपुर में जल जीवन योजना के तहत निर्मित सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मरम्मत न होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव की मुख्य आंतरिक सीमेंट कंक्रीट (आईसीसी) सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण बच्चों को धूल-मिट्टी में खेलना पड़ता है। बरसात के मौसम में इन सड़कों पर कीचड़ भर जाती है, जिससे उनके फिसलने और गिरने का खतरा बना रहता है। बुजुर्गों को भी आवागमन में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, आवारा पशुओं के सड़कों पर घूमने और बैठने से गंदगी फैल रही है। गांव की केवल मुख्य सड़क ही नहीं, बल्कि कई अन्य आंतरिक सड़कें भी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे पूरे गांव में असुविधा का माहौल बना हुआ है। जल विभाग के जेई इरफान रजा ने बताया कि समस्या का समाधान जल्द ही कर दिया जाएगा।5
- ग्राम सिमरिया तालुका के अजीतपुर बिहार पुरनपुर पीलीभीत1
- चंपावत:36वें सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत एस.एस.बी. चंपावत में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित1
- wow🚍🚍1
- Post by संदीप निडर1