प्रदेश सरकार द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच, प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। यहां एक बीमार व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ इलाज के लिए CHC पहुंचा था, लेकिन उसे घंटों तक अस्पताल परिसर के बाहर सड़क किनारे तड़पना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार, कचरा मानपुर गांव निवासी बीमार व्यक्ति को उसकी पत्नी सोमवार सुबह CHC जसरा लेकर पहुंची थी। महिला का आरोप है कि चिकित्सकों ने मरीज को देखने के बाद अल्ट्रासाउंड बाहर से कराने की सलाह दी। उसने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और वह निजी केंद्र पर जांच कराने में सक्षम नहीं है। पत्नी के मुताबिक, वह सुबह करीब 11 बजे से अपने पति को अस्पताल के बाहर सड़क किनारे जमीन पर लिटाए हुए थी और वह लगभग तीन घंटे तक दर्द से कराहता रहा। महिला ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसे कोई वैकल्पिक व्यवस्था या आवश्यक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। इस घटना से स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है, जिन्होंने सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों को समय पर जांच और उपचार मुहैया कराने की मांग की है ताकि उन्हें निजी केंद्रों का सहारा न लेना पड़े। फिलहाल, इस मामले पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि पीड़ित परिवार के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर पीड़ित परिवार को राहत दिलाता है या नहीं।
प्रदेश सरकार द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच, प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। यहां एक बीमार व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ इलाज के लिए CHC पहुंचा था, लेकिन उसे घंटों तक अस्पताल परिसर के बाहर सड़क किनारे तड़पना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार, कचरा मानपुर गांव निवासी बीमार व्यक्ति को उसकी
पत्नी सोमवार सुबह CHC जसरा लेकर पहुंची थी। महिला का आरोप है कि चिकित्सकों ने मरीज को देखने के बाद अल्ट्रासाउंड बाहर से कराने की सलाह दी। उसने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और वह निजी केंद्र पर जांच कराने में सक्षम नहीं है। पत्नी के मुताबिक, वह सुबह करीब 11 बजे से अपने पति को अस्पताल के बाहर सड़क किनारे
जमीन पर लिटाए हुए थी और वह लगभग तीन घंटे तक दर्द से कराहता रहा। महिला ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसे कोई वैकल्पिक व्यवस्था या आवश्यक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। इस घटना से स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है, जिन्होंने सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों को समय पर जांच और उपचार मुहैया कराने की मांग की है ताकि उन्हें निजी केंद्रों
का सहारा न लेना पड़े। फिलहाल, इस मामले पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि पीड़ित परिवार के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर पीड़ित परिवार को राहत दिलाता है या नहीं।
- प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाने में समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जहाँ उप जिलाधिकारी बारा गणेश कनौजिया उपस्थित हुए। उन्होंने क्षेत्र से आए फरियादियों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर शंकरगढ़ थाना प्रभारी ने भी वहाँ मौजूद लोगों को आश्वस्त किया कि सभी शिकायतों का निपटारा निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। समाधान दिवस में मुख्य रूप से भूमि विवाद, पुलिसिया कार्रवाई और अन्य विभिन्न प्रकार की शिकायतें लेकर फरियादी पहुंचे थे।1
- आज एक युवती का शव हाइवे के किनारे मिला है। इस घटना की सूचना मिलने पर कौंधियारा एसीपी अपनी फोर्स के साथ मौके पर पहुँचे। यह शव कौंधियारा थाना क्षेत्र में बरामद हुआ है। पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और कौंधियारा एसीपी ने इस संबंध में एक बयान भी दिया।1
- प्रयागराज के लालपुर थाना क्षेत्र में घूरपुर से पड़वा प्रतापपुर तक करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सड़क बनते ही उखड़ने लगी है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा जानबूझकर घटिया निर्माण करवाया जा रहा है। इस गंभीर अनियमितता के चलते स्थानीय जनता प्रशासन से सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग कर रही है, ताकि करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट में हुए 'घटिया खेल' का पर्दाफाश हो सके।1
- प्रयागराज के बारा विधानसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) की नीतियों और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने वाले युवा नेता राजू पासी आज युवाओं और आम जनता के दिलों की पहली पसंद बन चुके हैं। हाल ही में सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर टिकट को लेकर दिख रही आपसी गुटबाजी पर उन्होंने फेसबुक लाइव आकर बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है, जिसने गुटबाजी में लिप्त नेताओं को मुंह की खाने पर मजबूर कर दिया है। युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए राजू पासी ने साफ शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया या धरातल पर टिकट को लेकर आपसी खींचतान और गुटबाजी कतई बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव जी बारा विधानसभा से जिसे भी प्रत्याशी बनाकर भेजेंगे, वही सबका प्रत्याशी होगा, क्योंकि असली प्रत्याशी कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि चुनाव चिन्ह 'साइकिल' है, और पार्टी की नीतियों व समाजवादी विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाना ही मुख्य लक्ष्य होना चाहिए। गौरतलब है कि बीते 9 जून को बारा तहसील परिसर में ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम के दौरान कुछ संकीर्ण मानसिकता वाले तत्वों द्वारा राजू पासी के साथ धक्का-मुक्की और गलत व्यवहार किया गया था। इस अभद्रता का जवाब राजू पासी ने जिस शालीनता और संस्कारों के साथ दिया, उसने पूरी विधानसभा के कार्यकर्ताओं का दिल जीत लिया और विरोधियों के मंसूबे पस्त कर दिए। उन्होंने टिप्पणी की कि ऐसी अभद्र हरकतें करने वालों की अपनी कमजोर विचारधारा और संस्कार हैं, और इस तरह की गुटबाजी व अभद्रता से समाजवादी पार्टी कमजोर होती है। राजू पासी की जमीन पर सक्रियता, जनता के दुख-सुख में भागीदारी और हर वर्ग को साथ लेकर चलने की कला ने उन्हें इस दौड़ में सबसे आगे कर दिया है, जिससे बारा के युवाओं ने उन्हें एक सुर में अपना नेता मान लिया है। क्षेत्र से उठ रही यह बुलंद आवाज और जनता का असीम प्यार अब समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी को भी यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि बारा में 'साइकिल' को जिताने और सपा का परचम लहराने के लिए राजू पासी से मजबूत, शालीन और समर्पित प्रत्याशी दूसरा कोई नहीं हो सकता।1
- उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक गाय पिछले आठ दिनों से लगातार एक ही खेत का चक्कर लगा रही थी। इस घटना को लोगों ने चमत्कार मानते हुए गाय की पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी। आलम यह था कि लोग भी गाय की तरह उस खेत की परिक्रमा करने लगे थे। अब पता चला है कि गाय सर्रा (हाइपोग्लाइसीमिया) नामक बीमारी से ग्रसित थी। डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के तुरंत बाद गाय ने परिक्रमा करना बंद कर दिया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए भेजा गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही उत्तर प्रदेश में लोगों ने इसी तरह चक्कर लगा रहे एक कुत्ते की भी पूजा करनी शुरू कर दी थी।1
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के इरादतगंज गांव से एक 18 वर्षीय युवक 8 जून को बाजार जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन तब से वापस नहीं लौटा है। युवक का काफी तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिवार में गहरी चिंता का माहौल है। परिजनों ने घूरपुर पुलिस को तहरीर देकर लापता युवक की सकुशल बरामदगी की माँग की है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है और युवक की तलाश शुरू कर दी है।1
- प्रयागराज के मेजा सामुदायिक केंद्र में जनता और सरकार के पैसे से बनी एक सरकारी इमारत की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इस बिल्डिंग के निर्माण को अभी छह महीने भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है। इमारत का 'पेट फट गया' है, जिससे टाइल्स एक तरफ और बालू दूसरी तरफ बिखरी पड़ी है, जो घटिया निर्माण सामग्री और कारीगरी को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।1