दो सदी से सड़क विहीन जीवन बिता रहे करहिया टोला के ग्रामीण. विधायक के आवास पहुंचकर ग्रामीणों ने जताया आक्रोश. विधायक टेकाम ने एसडीएम को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश. विंध्य बलराम/राजकुमार तिवारी. सीधी. जिले की जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत करमाई के करहिया टोला में सड़क समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आया। आदिवासी अंचल के उक्त मोहल्ला के सैकड़ों लोग अपनी वर्षों पुरानी मांग को लेकर धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम के गृह ग्राम कुसमी के कोटमा पहुंचे और आक्रोश जताते हुए सड़क की समस्या से निजात दिलाने की मांग रखी। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि दो सदी से हमारे पूर्वज एवं हम लोग सड़क विहीन जीवन बिता रहे हैं।करहिया टोला से करमाई मुख्य मार्ग तक महज आधा किलोमीटर सड़क न होने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है करीब 45 घरों की आबादी वाला यह क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधा से वंचित है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले लगभग 200 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं, और सभी आदिवासी परिवार से हैं लेकिन आज तक पक्की सड़क नसीब नहीं हुई। मौके पर ग्रामीणों के प्रतिनिधि दान बहादुर सिंह ने बताया कि सड़क न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई, बीमारों को अस्पताल पहुंचाने और रोजमर्रा की जरूरतों में भारी दिक्कत होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दबंगों द्वारा सड़क निर्माण में बाधा उत्पन्न की जा रही है, जिससे समस्या और जटिल हो गई है। पंचायत स्तर पर भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं इस दौरान समरथ सिंह, शिवपूजन सिंह,राम संजीवन सिंह, पंजाब सिंह, शंकर सिंह, जगन्नाथ सिंह, शांति सिंह, राजकुमारी सिंह, कृष्णपाल सिंह, राज बहोर सिंह, महिपाल सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने मौके पर ही मझौली एसडीएम आर.पी. त्रिपाठी से फोन पर चर्चा कर तत्काल जांच और सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए। विधायक ने आश्वस्त किया कि ग्रामीणों की समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाएगा। एसडीएम आर.पी. त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा ग्रामीणों के समस्या को अवगत कराया गया है मामले की जांच कर जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि करहिया टोला के लोगों को सड़क जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
दो सदी से सड़क विहीन जीवन बिता रहे करहिया टोला के ग्रामीण. विधायक के आवास पहुंचकर ग्रामीणों ने जताया आक्रोश. विधायक टेकाम ने एसडीएम को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश. विंध्य बलराम/राजकुमार तिवारी. सीधी. जिले की जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत करमाई के करहिया टोला में सड़क समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आया। आदिवासी अंचल के उक्त मोहल्ला के सैकड़ों लोग अपनी वर्षों पुरानी मांग को लेकर धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम के गृह ग्राम कुसमी के कोटमा पहुंचे और आक्रोश जताते हुए सड़क की समस्या से निजात दिलाने की मांग रखी। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि दो सदी से हमारे पूर्वज एवं हम लोग सड़क विहीन जीवन बिता रहे हैं।करहिया टोला से करमाई मुख्य मार्ग तक महज आधा किलोमीटर सड़क न होने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है करीब 45 घरों की आबादी वाला यह क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधा से वंचित है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले लगभग 200 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं, और सभी आदिवासी परिवार से हैं लेकिन आज तक पक्की सड़क नसीब नहीं हुई। मौके पर ग्रामीणों के प्रतिनिधि दान बहादुर सिंह ने बताया कि सड़क न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई, बीमारों को अस्पताल पहुंचाने और रोजमर्रा की जरूरतों में भारी दिक्कत होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दबंगों द्वारा सड़क निर्माण में बाधा उत्पन्न की जा रही है, जिससे समस्या और जटिल हो गई है। पंचायत स्तर पर भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं इस दौरान समरथ सिंह, शिवपूजन सिंह,राम संजीवन सिंह, पंजाब सिंह, शंकर सिंह, जगन्नाथ सिंह, शांति सिंह, राजकुमारी सिंह, कृष्णपाल सिंह, राज बहोर सिंह, महिपाल सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने मौके पर ही मझौली एसडीएम आर.पी. त्रिपाठी से फोन पर चर्चा कर तत्काल जांच और सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए। विधायक ने आश्वस्त किया कि ग्रामीणों की समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाएगा। एसडीएम आर.पी. त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा ग्रामीणों के समस्या को अवगत कराया गया है मामले की जांच कर जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि करहिया टोला के लोगों को सड़क जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
- विंध्य बलराम/रुद्र प्रताप सिंह. सीधी। भारतीय जनता पार्टी केवल पार्टी नहीं हमारी मां है, इसलिए पार्टी का जन्म दिवस आगामी 6 अप्रैल को हर्षोल्लास के साथ आयोजित करें। पार्टी के कारण हमारी शान और सम्मान है, व्यक्तित्व और नाम की पहचान है। उक्त आशय के विचार भारतीय जनता पार्टी द्वारा आगामी 6 अप्रैल को मनाए जा रहे स्थापना दिवस के कार्यक्रम की तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने बतौर मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान की अध्यक्षता और पूर्व जिला अध्यक्ष के के तिवारी की विशिष्ट उपस्थिति में कहीं। सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जन्म दिवस आनंद और उल्लास का दिन होता है। इसलिए पार्टी का स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को शानदार ढंग से आयोजित करें। भारतीय जनता पार्टी की सरकार कार्यकर्ताओं के दम और जनता जनार्दन के आशीर्वाद से लगातार बना रही है। अध्यक्षीय उद्बोधन में भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय प्रथम फिर पार्टी और उसके बाद कार्यकर्ता आता है। सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन मंत्र है। कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता जनार्दन के आशीर्वाद के कारण आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। जिला अध्यक्ष श्री चौहान ने कहा कि स्थापना दिवस 6 अप्रैल के तारीख में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। जिसमें साज सज्जा, ध्वजारोहण, स्वच्छता अभियान, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का सम्मान, बस्ती संपर्क, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं पर चर्चा, सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन सहित आदि प्रकार के अलग-अलग दिनों मे अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रभावी और शानदार हो कार्यक्रम -- के के तिवारी भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रशिक्षण के संभागीय सह प्रभारी के के तिवारी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 6 अप्रैल पार्टी का स्थापना दिवस है। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आयोजित हो रहे हैं। सभी कार्यक्रम प्रभावी और ऐतिहासिक हो, इसके लिए हम सभी को पूर्ण मनोयोग से जुटना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री अनिल पाण्डेय एवं आभार प्रदर्शन जिला मंत्री सूर्य प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू राम जी सिंह, जिला उपाध्यक्ष उषा गोपाल पटेल, शिवदान साकेत, मनीला सिंह चौहान, जिला महामंत्री चंद्रपाल सिंह उइके, जिला मंत्री गजराज सिंह चंदेल, उमाशंकर यादव, सूर्य प्रताप सिंह, कपूर चंद साहू, जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि दुबे, नवनिर्वाचित अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष कृष्ण पाल सिंह, मोर्चा अध्यक्ष पूनम सोनी, पुन्नू खान, सोशल मीडिया सह संभागीय प्रभारी जितेन्द्र तिवारी, मंडल अध्यक्ष पंकज पाण्डेय, सूबेदास यादव, योगेंद्र सिंह, कृष्णा तिवारी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।2
- मऊगंज में बहू बनी कातिल! मामूली विवाद ने लिया खूनी मोड़—26 साल की बहू ने 75 वर्षीय ससुर को बेरहमी से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, लात-घूंसों की बरसात में बुझ गई जिंदगी, गांव में सनसनी!1
- *ईरान के भूमिगत "मिसाइल शहर" में भीषण बमबारी*1
- कॉलेज में बिताए पल हमेशा याद आएंगे ब्योहारी | पंडित राम किशोर शुक्ला शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के मुख्य लेखपाल वंश बहादुर सिंह को सेवानिवृत्ति पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में जीवन का ज्यादातर समय बीता है, यहां बिताए पल हमेशा याद आएंगे।3
- Sidhi jila khaddi area ki ghatna Jo Khushi uske Naam Se Hui Hai 24 February ke din vah ghatna ko dabane ki koshish ki ja rahi hai main Narendra Singh bess Gram Panchayat kuniya6
- लेकिन आम आदमी की जिंदगी इतनी व्यस्त होती है कि उसे किसी भी चीज का समय ही नहीं मिल पाता1
- न्यू बस स्टैंड रीवा से रतहरा बाईपास तक पूरी जाम की स्थिति निर्मित है कोई प्रशासन न कोई पुलिस कोई भी व्यवस्था में नहीं लगा हुआ है पूरी पब्लिक परेशान हो रही है सब अपने किसी को हॉस्पिटल जाना है किसी को कुछ काम है किसी को कुछ काम है सब अपने-अपने काम में लेट हो रहे हैं प्रशासन क्या कर रहा है कुछ समझ में नहीं आ रहा है कंस्ट्रक्शन का काम जो की रात में करना चाहिए वह शाम के समय कर रहे हैं जिससे आम पब्लिक को काफी परेशानी एवं दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है यह प्रशासन की लापरवाही है जिसे जल्द से जल्द ठीक किया जाए यही पब्लिक की मांग है जो भी परेशानियां चल रही है लोगों की उसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन को मुस्तैदी से और फास्ट काम करना चाहिए। जिससे पब्लिक को परेशानियों का सामना न करना पड़े रीवा वासीओ को इन कंस्ट्रक्शन के कामों से पूरी तरह से इनका सभी कार्य पूरी तरह से प्रभावित है और पूरी पब्लिक सभी लोग परेशान हैं।1
- सीधी। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की कटाई का कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। अमूमन देखा जाता है कि गेहूं की फसल लेने के बाद किसान भाई मानसून और धान की बुवाई के इंतजार में अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं। लेकिन कृषि विशेषज्ञों और 'विंध्य बलराम' के इस विशेष विश्लेषण के अनुसार, गेहूं की कटाई और खरीफ की बुवाई के बीच के ये 60 से 70 दिन किसानों के लिए 'गोल्डन पीरियड' साबित हो सकते हैं। इस समय को 'जायद' का सीजन कहा जाता है, जिसमें कम पानी और कम समय में तैयार होने वाली फसलें लगाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समय मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों की बुवाई करना सबसे समझदारी भरा निर्णय है। मूंग की उन्नत किस्में मात्र दो महीने में तैयार हो जाती हैं। दलहनी फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनकी जड़ें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं, जिससे आने वाली धान की फसल में यूरिया और अन्य खादों की जरूरत काफी कम हो जाती है। इससे न केवल लागत घटती है, बल्कि खेत की उपजाऊ शक्ति में भी अभूतपूर्व सुधार होता है। दूसरी ओर, जो किसान भाई नकदी आय (Cash Crop) की तलाश में हैं, उनके लिए सब्जी की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। गर्मी के मौसम में बाजार में हरी सब्जियों की मांग और दाम दोनों ही ऊंचे रहते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस समय किसान भाई लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, खीरा और ककड़ी जैसी फसलों पर ध्यान दें। ये फसलें 40 से 50 दिनों के भीतर फल देना शुरू कर देती हैं, जिससे किसानों के पास दैनिक आय का जरिया बन जाता है। खासकर भिंडी और ग्वार फली जैसी फसलें भीषण गर्मी को सहने की क्षमता रखती हैं और कम सिंचाई में भी अच्छा उत्पादन देती हैं। इसके साथ ही, पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए यह समय हरे चारे के संकट को दूर करने का है। खाली पड़े खेतों में मक्का, ज्वार या लोबिया की बुवाई कर अगले 45 दिनों में पौष्टिक चारा प्राप्त किया जा सकता है, जो गर्मियों में दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है। अंत में, 'विंध्य बलराम' के माध्यम से मैं, रुद्र प्रताप सिंह, सभी किसान भाइयों से यह विशेष अपील करता हूँ कि गेहूं की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों (नरवाई) को कतई न जलाएं। नरवाई जलाने से मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं और जमीन की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है। इसके बजाय अवशेषों को खेत में ही जोतकर मिला दें, जिससे मिट्टी को प्राकृतिक खाद मिले। उचित बीज उपचार और समय पर हल्की सिंचाई के साथ जायद की फसलें अपनाकर किसान भाई आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं।4