प्राइवेट फाइनेंस कर्मियों की दबंगई से वाहन चालक परेशान फैंटम पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल बुलन्दशहर : नगर में इन दिनों प्राइवेट फाइनेंस कम्पनियों के रिकवरी एजेंटों की मनमानी और दबंगई चरम पर है किस्त बकाया होने के नाम पर दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों के साथ सरेराह अभद्रता की जा रही है जिससे आम जनमानस में भारी आक्रोश व्याप्त है ताजा मामला उस वक्त सामने आया जब एक परिवार अपने चार पहिया वाहन से रिश्तेदारी में जा रहा था रास्ते में प्राइवेट फाइनेंस कम्पनी के रिकवरी एजेंटों ने जबरन वाहन को रुकवा लिया किस्त बाकी थी या नहीं इस बात की पूरी पड़ताल किए बिना ही लड़कों ने परिवार के सामने गाड़ी चालक के साथ बदसलूकी शुरू कर दी हद तो तब हो गई जब रिकवरी एजेंटों ने मौके पर स्थानीय पुलिस फैंटम को बुला कर पीड़ित परिवार को पुलिस से पकड़वाने और कानूनी कार्रवाई की खुली धमकी दे डाली इस घटना के बाद नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गम्भीर सवाल खड़े हो रहे हैं किसकी शह पर चल रही दबंगई आखिर इन प्राइवेट फाइनेंस कर्मियों को बीच सड़क पर गाड़ियां रोकने और राहगीरों के साथ अभद्रता करने की पावर किसने दी कानून की धज्जियां सुप्रीम कोर्ट और रिजर्व बैंक (RBI) के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि कोई भी रिकवरी एजेंट सड़क पर वाहन रोक कर जबर्दस्ती नहीं कर सकता इसके बावजूद यह काम खुलेआम जारी है पुलिस की भूमिका पर सवाल सबसे बड़ा सवाल नगर की फैंटम पुलिस पर उठ रहा है रिकवरी एजेंटों के फोन पर फैंटम पुलिस तुरन्त मौके पर पहुंच कर उनके पक्ष में खड़ी क्यों हो जाती है क्या स्थानीय पुलिस इन रिकवरी एजेंटों को संरक्षण दे रही है पीड़ितों और स्थानीय नागरिकों ने जिले के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि सड़क पर गुंडागर्दी करने वाले फाइनेंस कर्मियों और उनका साथ देने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके जब इस सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारी से जानकारी करनी चाही तो सम्बन्धित अधिकारी कोई संतुष्ट जवाब नहीं दे पायें ।
प्राइवेट फाइनेंस कर्मियों की दबंगई से वाहन चालक परेशान फैंटम पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल बुलन्दशहर : नगर में इन दिनों प्राइवेट फाइनेंस कम्पनियों के रिकवरी एजेंटों की मनमानी और दबंगई चरम पर है किस्त बकाया होने के नाम पर दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों के साथ सरेराह अभद्रता की जा रही है जिससे आम जनमानस में भारी आक्रोश व्याप्त है ताजा मामला उस वक्त सामने आया जब एक परिवार अपने चार पहिया वाहन से रिश्तेदारी में जा रहा था रास्ते में प्राइवेट फाइनेंस कम्पनी के रिकवरी एजेंटों ने जबरन वाहन को रुकवा लिया किस्त बाकी थी या नहीं इस बात की पूरी पड़ताल किए बिना ही लड़कों ने परिवार के सामने गाड़ी चालक के साथ बदसलूकी शुरू कर दी हद तो तब हो गई जब रिकवरी एजेंटों ने मौके पर स्थानीय पुलिस फैंटम को बुला कर पीड़ित परिवार को पुलिस से पकड़वाने और कानूनी कार्रवाई की खुली धमकी दे डाली इस घटना के बाद नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गम्भीर सवाल खड़े हो रहे हैं किसकी शह पर चल रही दबंगई आखिर इन प्राइवेट फाइनेंस कर्मियों को बीच सड़क पर गाड़ियां रोकने और राहगीरों के साथ अभद्रता करने की पावर किसने दी कानून की धज्जियां सुप्रीम कोर्ट और रिजर्व बैंक (RBI) के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि कोई भी रिकवरी एजेंट सड़क पर वाहन रोक कर जबर्दस्ती नहीं कर सकता इसके बावजूद यह काम खुलेआम जारी है पुलिस की भूमिका पर सवाल सबसे बड़ा सवाल नगर की फैंटम पुलिस पर उठ रहा है रिकवरी एजेंटों के फोन पर फैंटम पुलिस तुरन्त मौके पर पहुंच कर उनके पक्ष में खड़ी क्यों हो जाती है क्या स्थानीय पुलिस इन रिकवरी एजेंटों को संरक्षण दे रही है पीड़ितों और स्थानीय नागरिकों ने जिले के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि सड़क पर गुंडागर्दी करने वाले फाइनेंस कर्मियों और उनका साथ देने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके जब इस सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारी से जानकारी करनी चाही तो सम्बन्धित अधिकारी कोई संतुष्ट जवाब नहीं दे पायें ।
- बुलंदशहर पहुंचा संत रविदास समरसता कलश रथ, 45 दिवसीय अभियान का शुभारंभ1
- रास्ता Vill. Jamrau block Jahangirabad bulandshahar U. P.4
- बुलंदशहर: युवक ने कनपटी पर गोली मार की आत्महत्या: धर्मेन्द्र ब्रेकिंग बुलंदशहर बुलंदशहर: युवक ने कनपटी पर गोली मार की खुदकुशी धर्मेंद्र पर युवती को भगा ले जाने की धाराओं में दर्ज था थाना नरोरा में मुकदमा 30 जुलाई को पुलिस ने युवती को कर लिया था बरामद युवती की बरामदगी के बाद तनाव में बताया जा रहा था धमेंद्र पुलिस ने मृतक के शव को भेजा पोस्टमार्टम हाउस बुलंदशहर की डिबाई कोतवाली क्षेत्र के गांव कसेरकला की घटना4
- डीपीबीएस कॉलेज, अनूपशहर के वाणिज्य विभाग द्वारा वाणिज्य विभाग के विद्यार्थियों के लिए "वाणिज्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता (Commerce Knowledge Quiz Competition)" का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जी. के. सिंह ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. जी. के. सिंह ने कहा कि प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों के ज्ञान, तर्कशक्ति, विश्लेषणात्मक क्षमता तथा आत्मविश्वास को विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं ऐसी शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया तथा वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम का समन्वयन एवं संचालन वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. भुवनेश कुमार ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कक्षा शिक्षण के साथ साथ ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में विषय की गहरी समझ, त्वरित निर्णय क्षमता, टीम भावना तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि वाणिज्य विभाग भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार की नवाचारी एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित आयोजन करता रहेगा। सहायक आचार्य डॉ तरुण बाबू ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में वाणिज्य विषय के प्रति रुचि जागृत करना, विषयगत ज्ञान को सुदृढ़ बनाना तथा तार्किक एवं विश्लेषणात्मक सोच का विकास करना है। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ सहभागिता करते हुए लेखांकन, व्यवसाय संगठन, व्यावसायिक अर्थशास्त्र, बैंकिंग, जीएसटी, भारतीय अर्थव्यवस्था तथा समसामयिक वाणिज्यिक विषयों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में ज्ञानार्जन के प्रति उत्साह, सकारात्मक प्रतिस्पर्धा एवं टीम भावना का वातावरण देखने को मिला। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में वाणिज्य संकाय के सहायक आचार्य डॉ. तरुण बाबू एवं डॉ. राजीव गोयल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतियोगिता का स्कोर संधारण एवं परिणाम तैयार करने का कार्य डॉ. विशाल शर्मा एवं किश्वर सैफी द्वारा संयुक्त रूप से संपन्न किया गया। कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता एवं उत्साह की सराहना की गई।1
- ब्याज माफियाओं का आतंक दस हजार रूपये के बदले असूल लिए 26.500 रूपये फिर भी लाठी-डंडों से पीटा पीड़ित इलेक्ट्रीशियन को दुकान से अगवा कर दफ्तर में बन्द कर पीटा पुलिस पर बिना मेडिकल लौटाने का आरोप शिकारपुर : नगर के मौहल्ला मण्डी निवासी सरताज पुत्र अशरफ का आरोप है कि बीमारी के इलाज के लिए उसने लाल दरवाजा के पीछे रहने वाले एक व्यक्ति से दस हजार रूपयें ब्याज पर उधार लिए थे पीड़ित के अनुसार वह मूल रकम के दस हजार रूपये के अलावा 16,500 ब्याज के रूप में (कुल ₹26,500) चुका है इसके बावजूद आरोपी उस पर अवैध रूप से ₹25,000 और देने का दबाव बनाते हुए लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे दुकान से उठा कर दफ्तर में बंधक बनाया पीड़ित सरताज, ने बताया कि आरोपी उसे उसकी इलेक्ट्रीशियन की दुकान से जबरन उठा कर अपने दफ्तर ले गए वहां उसे बन्द कर गंदी-गंदी गालियां दी गई और लाठी-डंडों से बेदर्दी से पीटा गया जिससे उसके शरीर पर गम्भीर चोटों के निशान आ गए आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी किसी तरह पीड़ित अपनी जान बचा कर वहां से भाग निकला गरीबों को फंसा कर अवैध वसूली का खेल पीड़ित का कहना है कि आरोपी दबंग और सरकश किस्म के लोग है जो इलाके में अवैध ब्याज और रंगदारी का धंधा चलाते है वे आर्थिक रूप से कमजोर और भोले-भाले लोगों को ऊंचे ब्याज दर पर पैसे देकर फंसाते हैं और बाद में डरा-धमका कर अवैध वसूली करते है पुलिस की कार्यशैली पर सवाल घटना के बाद पीड़ित ने कोतवाली में मामले की लिखित शिकायत दी लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उसका चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल) तक नहीं कराया घटना से स्थानीय लोगों में रोष है और पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ अधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई व सुरक्षा की गुहार लगाई है जब इस सम्बन्ध में शिकारपुर सीओ प्रमोद कुमार सिंह, से जानकारी करी तो उन्होंने बताया की पीड़ित का मेडिकल कोतवाली से हो जायेगा जब इस सम्बन्ध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा, से जानकारी करी तो उन्होंने बताया की मेरे संज्ञान में कोई मामला नहीं है जब इस सम्बन्ध में कस्बा इंचार्ज जितेन्द्र कुमार देशवाल, से जानकारी करनी चाही तो कस्बा इंचार्ज जितेन्द्र कुमार देशवाल, ने फोन उठाना उचित नहीं समझा जब कस्बा इंचार्ज पत्रकारों का फोन नहीं उठायेगे तो किसका फोन उठायेगें ये सोचने का विषय बना हुआ है अब देखना यह है की कस्बा इंचार्ज जितेन्द्र कुमार देशवाल, को फोन उठाने के लिए किसने मना किया है या कस्बा इंचार्ज पत्रकारों का फोन ही नहीं उठाना उचित समझते ।1