कथित इन्फ्लूएंसर गंगा घाटों को कंटेंट बनाने का मंच बना रहे धर्म की नगरी काशी में जहां गंगा घाटों पर आस्था, श्रद्धा और संस्कृति की परंपरा सदियों से जीवित है, वहीं अब होली के नाम पर कुछ लोग सोशल मीडिया की लोकप्रियता के लिए फुहड़ता और अश्लीलता परोसते नजर आ रहे हैं। कथित इन्फ्लूएंसर गंगा घाटों को कंटेंट बनाने का मंच बना रहे हैं। कैमरे के सामने ऐसी हरकतें की जा रही हैं, जो न केवल घाटों की गरिमा के खिलाफ हैं बल्कि वहां आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी आहत करती हैं। सोचने वाली बात यह है कि काशी को देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं, जो यहां की आध्यात्मिकता और संस्कृति को महसूस करने आते हैं। अगर गंगा घाटों पर इसी तरह की अश्लीलता और फुहड़ता दिखाई जाएगी तो हमारी संस्कृति की क्या छवि बनेगी? होली उत्सव का पर्व है, लेकिन उत्सव और उच्छृंखलता में फर्क होता है। काशी के घाटों की गरिमा और हमारी सांस्कृतिक मर्यादा को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। होली मनाइए, लेकिन संस्कृति और आस्था की मर्यादा के साथ। 🙏
कथित इन्फ्लूएंसर गंगा घाटों को कंटेंट बनाने का मंच बना रहे धर्म की नगरी काशी में जहां गंगा घाटों पर आस्था, श्रद्धा और संस्कृति की परंपरा सदियों से जीवित है, वहीं अब होली के नाम पर कुछ लोग सोशल मीडिया की लोकप्रियता के लिए फुहड़ता और अश्लीलता परोसते नजर आ रहे हैं। कथित इन्फ्लूएंसर गंगा घाटों को कंटेंट बनाने का मंच बना रहे हैं। कैमरे के सामने ऐसी हरकतें की जा रही हैं, जो न केवल घाटों की गरिमा के खिलाफ हैं बल्कि वहां आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी आहत करती हैं। सोचने वाली बात यह है कि काशी को देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं, जो यहां की आध्यात्मिकता और संस्कृति को महसूस करने आते हैं। अगर गंगा घाटों पर इसी तरह की अश्लीलता और फुहड़ता दिखाई जाएगी तो हमारी संस्कृति की क्या छवि बनेगी? होली उत्सव का पर्व है, लेकिन उत्सव और उच्छृंखलता में फर्क होता है। काशी के घाटों की गरिमा और हमारी सांस्कृतिक मर्यादा को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। होली मनाइए, लेकिन संस्कृति और आस्था की मर्यादा के साथ। 🙏
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- भदोही जनपद के डीघ क्षेत्र के जंगीगंज स्थित कलनुआ गांव में आज आचार्य व्यास जी महाराज राघवेंद्र प्रपन्नाचार्य के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन आचार्य जी ने श्रीमद् भागवत के माहात्म्य का विस्तृत वर्णन किया और श्रद्धालुओं को कथा श्रवण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन के पाप नष्ट होते हैं और भक्ति, ज्ञान तथा वैराग्य की प्राप्ति होती है। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने श्रद्धा व भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर गांव के गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया।1
- मुगलसराय स्टेशन (पीडीडीयू जंक्शन) पर जीआरपी ने ट्रेन से नोटों का जखीरा पकड़ा है। एक भारी भरकम बैग में पांच-पांच सौ के नोटों की 350 से ज्यादा गड्डियां मिलीं। दो युवकों को भी पकड़ा गया है। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय स्टेशन) पर रेल पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) की संयुक्त टीम ने अकालतख्त एक्सप्रेस में छापेमारी कर नोटों का जखीरा पकड़ा। दो बैगों में ठूंस-ठूंस कर भरी गईं पांच-पांच सौ की 350 गड्डियां बरामद कीं। गिनती में 1.75 करोड़ रुपये थे। नोटों के साथ दो चचेरे भाइयों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला हवाला कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों युवक नोटों को लेकर लखनऊ से कोलकाता जा रहे थे। भोर का सन्नाटा और जीआरपी की सतर्कता सीओ जीआरपी कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि शनिवार भोर करीब तीन बजे प्लेटफार्म संख्या एक पर डाउन अकालतख्त एक्सप्रेस (12318) आकर रुकी। जंक्शन पर सुरक्षा के मद्देनजर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान कोच संख्या ए-1 (AC First Class) की तलाशी ली गई, तो दोयुवक बड़े और भारी-भरकम बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही दोनों घबराने लगे, जिससे सुरक्षाकर्मियों का संदेह गहरा गया। बैग खुलते ही चकरा गई पुलिस की आंखें जब पुलिस ने उन भारी बैगों की तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। बैग के भीतर पांच-पांच सौ रुपये के नोटों की गड्डियों का जखीरा दिखाई दिया। पुलिस दोनों युवकों को बैग समेत तुरंत जीआरपी थाने ले आई, जहां नोटों की गिनती शुरू हुई। मशीनों के जरिए हुई गिनती में कुल 1 करोड़ 75 लाख रुपये बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, बैग में 500-500 के नोटों की 350 से ज्यादा गड्डियां थीं। हीरा कारोबारी बता रहे खुद को आरोपी पकड़े गए आरोपियों की पहचान लखनऊ के ठाकुरगंज (नेपियर रोड कॉलोनी) निवासी रितेश पटेल और गुजरात के आणंद जिले के प्रिग्नेश के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि दोनों चचेरे भाई हैं और स्वयं को हीरा कारोबारी बता रहे हैं। वे यह बड़ी रकमपूछताछ में पता चला कि दोनों चचेरे भाई हैं और स्वयं को हीरा कारोबारी बता रहे हैं। वे यह बड़ी रकम लखनऊ से कोलकाता के किसी व्यापारी को सौंपने जा रहे थे। हालांकि, आरोपियों के पास इस मोटी रकम से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या बैंक रसीद मौजूद नहीं थी। आयकर विभाग को सौंपी गई जांच सीओ ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में नगदी ले जाने के पीछे हवाला नेटवर्क की प्रबल संभावना है। आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच की जा रही है। वर्तमान में बरामद करेंसी और दोनों आरोपियों को वाराणसी आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम को सौंप दिया गया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस रकम का स्रोत क्या है और इसे चुनाव या अन्य किसी अवैध गतिविधि में खपाने की योजना तो नहीं थी।1
- गोपीगंज। कोतवाली क्षेत्र के रामपुर घाट गांव में बीती रात एक पीडब्ल्यूडी कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर झूलने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने युवक की प्रेमिका और उसकी मां पर हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार रामपुर घाट गांव निवासी सुरेंद्र वर्मा (30) पुत्र स्व. लल्लन वर्मा पीडब्ल्यूडी में कर्मचारी थे। बीती रात गांव के बाहर स्थित उनके मकान के एक कमरे में उनका शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में फंदे से उतारकर उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई जितेंद्र वर्मा ने गोपीगंज कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि रात करीब 12 बजे पड़ोसियों से सूचना मिली कि उसका भाई कमरे में फांसी के फंदे पर झूल रहा है। पड़ोसियों के अनुसार गांव की ही एक युवती, जिससे मृतक का प्रेम संबंध बताया जा रहा है, और उसकी मां ने ही फांसी की सूचना देकर वहां से चली गई थीं। भाई ने आशंका जताई कि उसके भाई की मौत के पीछे प्रेमिका और उसकी मां का हाथ हो सकता है। उसने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उधर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि सुरेंद्र वर्मा तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और अभी उनकी शादी नहीं हुई थी। उनकी मां आंखों से दिव्यांग हैं और परिवार की आजीविका मुख्य रूप से उन्हीं की आय पर निर्भर थी।1
- होली के रंगों में मस्ती ठीक है… लेकिन होश खोकर नहीं। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बुजुर्ग व्यक्ति छत पर खड़ा है, जबकि नीचे कुछ लोग होली खेलकर बैठे हुए हैं। तभी बुजुर्ग मज़ाक में चूल्हे की राख लाकर नीचे बैठे लोगों पर डालने लगता है। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ जाता है और वह सीधे नीचे बैठे लोगों के ऊपर गिर पड़ता है। इस हादसे में बुजुर्ग को गंभीर चोटें आई हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे लापरवाही का बड़ा उदाहरण बता रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहार की खुशी में भी सावधानी बेहद जरूरी है, वरना एक छोटी सी गलती बड़ा हादसा बन सकती है।1
- फांसी के फंदे पर झूला पीडब्ल्यूडी का कर्मचारी हुई मौत। परिजनों ने प्रेमिका और उसकी मां पर जताई हत्या की आशंका गोपीगंज कोतवाली के रामपुर घाट गांव में बीती रात एक युवक रहस्यमय स्थिति में फांसी के फंदे पर झूला हुई मौत। घटना के बारे में बताया जाता है कि गांव निवासी सुरेंद्र वर्मा 30 वर्ष पुत्र स्व लल्लन जो पीडब्ल्यूडी में कर्मचारी बताया जाता है। देर रात गांव के बाहर उसके खुद के मकान के एक कमरे में फांसी के फंदे पर उसका शव झूलने की सूचना पर परिजन पहुंचे और आनन फानन में उसे फंदे से उतार कर निजी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सक मृत घोषित किए। भाई जितेंद्र वर्मा ने मामले में कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि रात्रि के लगभग 12:30 बजे के करीब पड़ोसी से उसे जानकारी मिली कि उसका भाई अपने कमरे में फांसी के फंदे पर झूला है पड़ोसियों से उसे ज्ञात हुआ कि गांव की ही एक युवती जिससे उसके भाई का प्रेम प्रपंच चल रहा था वह और उसकी मां उसके भाई के फांसी के फंदे पर झूलने की सूचना पड़ोसियों को देकर चली गई थी। भाई ने आरोप लगाया कि उसे आशंका है कि उसके भाई की प्रेमिका और उसकी मां के द्वारा ही घटना को अंजाम दिया गया है। भाई ने तहरीर देकर मामले की जांच पड़ताल कर प्रेमिका और उसकी मां के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है। वहीं पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच पड़ताल करने में लग गया है। बताया जाता है मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था मृतक की शादी भी अभी नही हुई थी। उसकी माँ भी आँख से दिव्यांग है परिवार की जीविका उसी के रुपयों से चलती थी।1
- पुलिस उपायुक्त कार्यालय, गोमती जोन पुलिस कमिश्नरेट, वाराणसी प्रेस नोट दिनांक – 06.03.2026 *विषयः- विषयः- गंजारी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम से एल्यूमिनियम गाटर चोरी करने वाले 03 अभियुक्त सुरक्षा गार्डों द्वारा पकड़े गए, थाना जंसा ने अभियोग पंजीकृत कर जेल भेजा।* दिनांक 06.03.2026 को वादी मनोज कुमार सिंह पुत्र विशुन प्रसाद, निवासी ग्राम सारंगपुर, पोस्ट देईपुर, वाराणसी (सिक्योरिटी सुपरवाइजर, गंजारी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम) ने सूचना दी कि रात्रि लगभग 12:30 बजे 3–4 व्यक्ति स्टेडियम की बाउंड्री फांदकर एल्यूमिनियम गाटर निकालकर बाहर फेंक रहे थे। भोर लगभग 04:30 बजे उक्त लोग मोटरसाइकिल संख्या UP65 BY 4556 से गाटर ले जाने आए, जिन्हें वादी व ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्डों ने पकड़ लिया। पकड़े गए अभियुक्तों ने अपना नाम संदीप राजभर, आजाद राजभर एवं मुकेश राजभर, निवासी ग्राम हरपुर, थाना मिर्जामुराद, वाराणसी बताया। इनके कब्जे से चार एल्यूमिनियम गाटर और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई और उन्हें थाना जंसा लाया गया। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना जंसा पुलिस ने मु0अ0सं0 0039/2026, धारा 303(2) बीएनएस व बढ़ोत्तरी धारा 317(2) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे मित्र हैं और रात में स्टेडियम से गाटर चोरी करने की योजना बनाई थी। स्टेडियम की बाउंड्री फांदकर गाटर निकालने के बाद भाग गए और बाद में मोटरसाइकिल से लौटकर ले जाने का प्रयास किया, तभी सुरक्षा गार्डों ने उन्हें पकड़ लिया। सोशल मीडिया सेल पुलिस उपायुक्त गोमती जोन, पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- भदोही जनपद के जंगीगंज स्थित कलनुआ गांव में आज आचार्य सुरेश पाण्डेय के सानिध्य में रमापति पाण्डेय के यहां श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ किया गया। श्रद्धालु महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर पूरे गांव में भक्ति भाव के साथ यात्रा निकाली। इस दौरान भक्तों ने भगवान के जयकारे लगाए और पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया। कलश यात्रा के बाद विधिवत पूजा-अर्चना कर भागवत कथा का आयोजन शुरू किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1