जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव के कारण ही कनाडा में हिमस्खलन से मानव जीवन प्रभावित हुआ- राम बिलास शाण्डिल्य। लखीसराय, बिहार। प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के पुण्य तिथि पर पर्यावरण भारती द्वारा देव वृक्ष पीपल का पौधारोपण हुआ। पौधारोपण का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी शक्ति कुमार महतों ने किया। पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से पर्यावरण असंतुलित हुआ है। ईरान- अमेरिका महायुद्ध से पर्यावरण संकट स्पष्ट दिखाई देने लगा है। इससे पहले रूस - उक्रेन महायुद्ध के साथ साथ इजराइल -हमाम युद्ध हुआ। पाकिस्तान- अफगानिस्तान भी युद्ध चल रहा है। वर्तमान समय में संसार तृतीय विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। इससे पर्यावरण को नुकसान हुआ है। भारत के पर्यावरण पर भी प्रभाव पड़ा है। भारत में 6 ऋतुएं स्पष्ट दिखाई देता था। परन्तु अभी केवल 3 ऋतुओं का ही आभास हो रहा है। गर्मी, बर्षा और ठंडी। भारत के पर्यावरणविद का कथन है--" मौनसन के समय बर्षा नहीं होती है। अपितु गर्मी तथा लू की घटनायें बढ़ रही है। " जलवायु परिवर्तन से ही भारत में भौगोलिक पैटर्न में भी बदलाव हुआ है। जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव के कारण ही कनाडा में हिमस्खलन से मानव जीवन प्रभावित हुआ है। इंडोनेशिया में भीषण बारिश से कूड़े के पहाड़ के ढहने से 5 लोगों की मौत हुई है। अतः पर्यावरण संरक्षण हेतु संसार के प्रत्येक मानव को अपने घरों के आसपास कम से कम 10 पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। दूसरा कोई विकल्प विज्ञान के पास नहीं है। प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले का देहावसान 10 मार्च 1897 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। वे शिक्षिका, महान समाज सुधारक,कवयित्री और नारी शिक्षा के प्रबल समर्थक थीं। सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं की शिक्षा हेतु पहला विद्यालय 1848 में अपने पति ज्योति राव फुले के सहयोग से पुणे में प्रारंभ किये। सावित्रीबाई का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। पुणे में प्लेग के मरीजों की सेवा करते समय स्वयं भी इसकी चपेट में आने से सावित्रीबाई का निधन 10 मार्च को हुआ था। अतः भारत में उनका पुण्य तिथि मनाया जाता है। उनके पुण्य स्मरण में देव वृक्ष पीपल का पौधारोपण स्मरणीय कार्य है। पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में शक्ति कुमार महतों, रणजीत कुमार महतों, निकेश कुमार, राम बिलास शाण्डिल्य, विनोद कुमार पटेल, उदय कुमार,शिक्षक अरविंद कुमार इत्यादि ने भाग लिए।
जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव के कारण ही कनाडा में हिमस्खलन से मानव जीवन प्रभावित हुआ- राम बिलास शाण्डिल्य। लखीसराय, बिहार। प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के पुण्य तिथि पर पर्यावरण भारती द्वारा देव वृक्ष पीपल का पौधारोपण हुआ। पौधारोपण का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी शक्ति कुमार महतों ने किया। पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से पर्यावरण असंतुलित हुआ है। ईरान- अमेरिका महायुद्ध से पर्यावरण संकट स्पष्ट दिखाई देने लगा है। इससे पहले रूस - उक्रेन महायुद्ध के साथ साथ इजराइल -हमाम युद्ध हुआ। पाकिस्तान- अफगानिस्तान भी युद्ध चल रहा है। वर्तमान समय में संसार तृतीय विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। इससे पर्यावरण को नुकसान हुआ है। भारत के पर्यावरण पर भी प्रभाव पड़ा है। भारत में 6 ऋतुएं स्पष्ट दिखाई देता था। परन्तु अभी केवल 3 ऋतुओं का ही आभास हो रहा है। गर्मी, बर्षा और ठंडी। भारत के पर्यावरणविद का कथन है--" मौनसन के समय बर्षा नहीं होती है। अपितु गर्मी तथा लू की घटनायें बढ़ रही है। " जलवायु परिवर्तन से ही भारत में भौगोलिक पैटर्न में भी बदलाव हुआ है। जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव के कारण ही कनाडा
में हिमस्खलन से मानव जीवन प्रभावित हुआ है। इंडोनेशिया में भीषण बारिश से कूड़े के पहाड़ के ढहने से 5 लोगों की मौत हुई है। अतः पर्यावरण संरक्षण हेतु संसार के प्रत्येक मानव को अपने घरों के आसपास कम से कम 10 पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। दूसरा कोई विकल्प विज्ञान के पास नहीं है। प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले का देहावसान 10 मार्च 1897 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। वे शिक्षिका, महान समाज सुधारक,कवयित्री और नारी शिक्षा के प्रबल समर्थक थीं। सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं की शिक्षा हेतु पहला विद्यालय 1848 में अपने पति ज्योति राव फुले के सहयोग से पुणे में प्रारंभ किये। सावित्रीबाई का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। पुणे में प्लेग के मरीजों की सेवा करते समय स्वयं भी इसकी चपेट में आने से सावित्रीबाई का निधन 10 मार्च को हुआ था। अतः भारत में उनका पुण्य तिथि मनाया जाता है। उनके पुण्य स्मरण में देव वृक्ष पीपल का पौधारोपण स्मरणीय कार्य है। पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में शक्ति कुमार महतों, रणजीत कुमार महतों, निकेश कुमार, राम बिलास शाण्डिल्य, विनोद कुमार पटेल, उदय कुमार,शिक्षक अरविंद कुमार इत्यादि ने भाग लिए।
- प्रयागराज शिवकुटी स्थित श्री नारायण महाप्रभु पब्लिक स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय महिला पखवाड़ा का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार और प्रतियोगिताओं के साथ किया गया। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को महिला शक्ति सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। विश्व युवक केन्द्र, वसेरा तथा श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल, शिवकुटी के संयुक्त तत्वावधान में सेमिनार, निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसके साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला पखवारा का समापन हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अनामिका चौधरी, प्रदेश संयोजक राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार और पूर्व सदस्य राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश ने कहा कि आज भी महिलाओं के सामने कई चुनौतियां मौजूद हैं। इन चुनौतियों का समाधान महिलाओं और पुरुषों को मिलकर करना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही महिलाओं को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। विशिष्ट वक्ता प्रभा अग्रवाल, सचिव श्री नारायण आश्रम ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करना चाहिए। वहीं मुख्य वक्ता डॉ. विनीता विश्वकर्मा, प्रबंध निदेशक विनीता हॉस्पिटल ने कहा कि स्वस्थ महिला ही सशक्त महिला बन सकती है। कार्यक्रम में डॉ. विनीता विश्वकर्मा, डॉ. नीलम सिंह, रविंदर पाल कौर बिरदी, शिवांगी सिंह, अर्चना शुक्ला, स्मृति मालवीया, प्रिया श्रीवास्तव, नीलिमा रावत, सरिता मिश्रा, प्रभा अग्रवाल, मुन्नी गुप्ता, जूही जायसवाल, रूबी खरे और परिधि घोष को सामाजिक कार्यकर्ता महेश प्रताप सिंह स्मृति महिला शक्ति सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण में सहयोग के लिए कई सामाजिक कार्यकर्ताओं को महिला शक्ति प्रेरक सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं को निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या रविंदर पाल कौर बिरदी ने कहा कि श्री नारायण आश्रम की स्थापना का उद्देश्य ही महिला सशक्तिकरण है और विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ इस दिशा में कई गतिविधियां संचालित की जाती हैं। पवनदेव,लोकप्रिय,टीवी पत्रकार,प्रयागराज।1
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- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
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- Post by गुरु ज्ञान1
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- प्रयागराज के खुलदाबाद के रोशन बाग़ बाज़ार बना अराजकता का अड्डा। छेड़खानी एवं चोरी करने वाले युवक सक्रिय, एक युवक क़ो लोगो नें लड़की क़ो बैड टच करने पर पकड़ा खुलदाबाद पुलिस क़ो सौंपा1
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