ओवररेट का विरोध पड़ा भारी: युवक से बर्बर मारपीट, बलौदाबाजार में कोचियों और प्रशासन पर फिर उठे सवाल गौतम चौहान मामले की गूंज के बीच नई घटना ने पकड़ा तूल, शिकायत के बावजूद सख्त कार्रवाई का इंतजार *संपादक बलौदाबाजार* *8839398932* https://vandebharatlivetvnews.com/?p=661198 बलौदाबाजार। जिले में शराब की ओवररेटिंग और कोचियों के बढ़ते प्रभाव को लेकर पहले से ही माहौल गर्म था। कोचिया पार्षद गौतम चौहान से जुड़े मामले की चर्चा अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि एक और घटना ने पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। इस बार एक युवक को सिर्फ इसलिए मारपीट का शिकार होना पड़ा क्योंकि उसने शराब की कीमत में हो रही खुली लूट का विरोध किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राहुल बंजारे नामक युवक स्थानीय शराब दुकान पर देशी शराब (मसाला) लेने पहुंचा था। वहां उसे निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब दी जा रही थी। जब उसने इस ओवररेटिंग पर आपत्ति जताई और विरोध दर्ज कराया, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में राहुल बंजारे को गंभीर चोटें आईं, खासकर उसके सिर पर चोट लगने से खून बहने लगा। आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह स्थिति संभली, लेकिन घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित ने घटना के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। ओवररेटिंग का खेल, जिम्मेदार बेखबर या लाचार? बलौदाबाजार जिले में शराब दुकानों पर ओवररेटिंग कोई नई बात नहीं रह गई है। लंबे समय से उपभोक्ता निर्धारित कीमत से अधिक भुगतान करने को मजबूर हैं। इसके साथ ही कोचियों का नेटवर्क भी लगातार सक्रिय है, जो इस पूरे अवैध तंत्र को बढ़ावा देता नजर आता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग दोनों को है, इसके बावजूद ठोस और कड़ी कार्रवाई का अभाव साफ नजर आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतें बार-बार की जाती हैं, लेकिन उन पर या तो ध्यान नहीं दिया जाता या फिर कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है। छोटी धाराओं में कार्रवाई, आरोपियों के हौसले बुलंद लोगों का आरोप है कि जब भी ऐसे मामलों में कार्रवाई होती है, तो आरोपियों पर केवल हल्की धाराएं लगाई जाती हैं। नतीजतन, वे जल्द ही जमानत पर छूट जाते हैं और दोबारा वही गतिविधियां शुरू कर देते हैं। इससे उनके हौसले और बढ़ रहे हैं, जबकि आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। जनता में आक्रोश, कार्रवाई की मांग तेज लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने आम लोगों के बीच गुस्सा और असंतोष बढ़ा दिया है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति के साथ हुई मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है—जहां नियमों की अनदेखी, अवैध वसूली और विरोध करने वालों के साथ हिंसा आम होती जा रही है। अब सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या इस बार कोई ठोस कदम उठाया जाता है, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह समय के साथ दबकर रह जाएगा।
ओवररेट का विरोध पड़ा भारी: युवक से बर्बर मारपीट, बलौदाबाजार में कोचियों और प्रशासन पर फिर उठे सवाल गौतम चौहान मामले की गूंज के बीच नई घटना ने पकड़ा तूल, शिकायत के बावजूद सख्त कार्रवाई का इंतजार *संपादक बलौदाबाजार* *8839398932* https://vandebharatlivetvnews.com/?p=661198 बलौदाबाजार। जिले में शराब की ओवररेटिंग और कोचियों के बढ़ते प्रभाव को लेकर पहले से ही माहौल गर्म था। कोचिया पार्षद गौतम चौहान से जुड़े मामले की चर्चा अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि एक और घटना ने पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। इस बार एक युवक को सिर्फ इसलिए मारपीट का शिकार होना पड़ा क्योंकि उसने शराब की कीमत में हो रही खुली लूट का विरोध किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राहुल बंजारे नामक युवक स्थानीय शराब दुकान पर देशी शराब (मसाला) लेने पहुंचा था। वहां उसे निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब दी जा रही थी। जब उसने इस ओवररेटिंग पर आपत्ति जताई और विरोध दर्ज कराया, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में राहुल बंजारे को गंभीर चोटें आईं, खासकर उसके सिर पर चोट लगने से खून बहने लगा। आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह स्थिति संभली, लेकिन घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित ने घटना के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। ओवररेटिंग का खेल, जिम्मेदार बेखबर या लाचार? बलौदाबाजार जिले में शराब दुकानों पर ओवररेटिंग कोई नई बात नहीं रह गई है। लंबे समय से उपभोक्ता निर्धारित कीमत से अधिक भुगतान करने को मजबूर हैं। इसके साथ ही कोचियों का नेटवर्क भी लगातार सक्रिय है, जो इस पूरे अवैध तंत्र को बढ़ावा देता नजर आता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग दोनों को है, इसके बावजूद ठोस और कड़ी कार्रवाई का अभाव साफ नजर आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतें बार-बार की जाती हैं, लेकिन उन पर या तो ध्यान नहीं दिया जाता या फिर कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है। छोटी धाराओं में कार्रवाई, आरोपियों के हौसले बुलंद लोगों का आरोप है कि जब भी ऐसे मामलों में कार्रवाई होती है, तो आरोपियों पर केवल हल्की धाराएं लगाई जाती हैं। नतीजतन, वे जल्द ही जमानत पर छूट जाते हैं और दोबारा वही गतिविधियां शुरू कर देते हैं। इससे उनके हौसले और बढ़ रहे हैं, जबकि आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। जनता में आक्रोश, कार्रवाई की मांग तेज लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने आम लोगों के बीच गुस्सा और असंतोष बढ़ा दिया है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति के साथ हुई मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है—जहां नियमों की अनदेखी, अवैध वसूली और विरोध करने वालों के साथ हिंसा आम होती जा रही है। अब सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या इस बार कोई ठोस कदम उठाया जाता है, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह समय के साथ दबकर रह जाएगा।
- Post by Dileshawar Rajak1
- अवैध कच्ची महुआ शराब का धंधा करने वाली 36 वर्षीय महिला को चकरभाठा पुलिस ने 36 लीटर महुवा शराब के साथ गिरफ्तार कर भेजा जेल आज मंगलवार की शाम 5:00 बजे चकरभाठा पुलिस द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार *गिरफ्तार आरोपी* सरिता वर्मा पति कांता वर्मा उम्र 36 वर्ष सा. वार्ड क्रमांक 02 दुर्गा चौक ग्राम सेवार थाना चकरभाठा जिला बिलासपुर छ. ग. *संक्षिप्त विवरण* श्रीमान पुलिस उप महानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देशानुसार व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री पंकज कुमार पटेल व नगर पुलिस अधीक्षक श्री निमितेश सर के मार्गदर्शन में अवैध शराब का धंधा करने वालों के ऊपर पूर्ण अंकुश लगाने व उनके विरुद्ध त्वरित कार्यवाही करने के अनुक्रम में थाना चकरभाठा पुलिस को ग्राम पेट्रोलिंग के दौरान दिनांक 14/04/26 को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि सरिता वर्मा नामक महिला ग्राम सेवार स्थित अपने घर के बाड़ी में अधिक मात्रा में हाथ भट्टी से निर्मित अवैध कच्ची महुआ शराब रखी हैं , बिक्री कर रही हैं प्राप्त सूचना पुष्टि व अग्रिम कार्यवाही करने पुलिस द्वारा मुखबिर के बताए स्थान पर जाकर गवाहों के साथ घेराबंदी कर रेड कार्यवाही किया गया आरोपिया सरिता वर्मा के बाड़ी से एक पीले रंग के प्लास्टिक बोरी में 12 नग सफेद पारदर्शी पन्नी में भरा प्रत्येक में 03-03 लीटर भरा कुल 36 लीटर हाथ भट्टी से निर्मित कच्ची महुवा शराब भरा मिला जिसे बरामद किया गया शराब रखने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नही होना बताने पर बरामद शराब को जप्त कर पुलिस कब्जा में लिया गया आरोपिया सरिता वर्मा का कृत्य धारा 34 (2)आबकारी एक्ट का अपराध घटित करना पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार किया गया माननीय न्यायालय के समक्ष रिमांड में पेश कर जेल भेजा गया। 🚨 चकरभाठा पुलिस की जनअपील सभी नागरिकों से निवेदन है कि — 👉 अवैध कार्य में लिप्त अपराधियों की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या डायल 112 पर दें।1
- Post by Jwala Nisadh1
- अगर आप नेशनल हाईवे मे सफर कर रहे है तो इस एंबुलेंस के बारे मे आपको जानकारी होना चाहिए #Nationalhighway49 #1033 #chhattisgarhnews #bilaspurnews1
- बिलासपुर में ट्रैफिक व्यवस्था एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। अशोकनगर क्षेत्र में लगे सिग्नल के कारण भीषण गर्मी के बीच लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि गाड़ियों की लाइन करीब 1 किलोमीटर तक पहुंच रही है। खासकर सरकंडा इलाके के निवासी लंबे समय से इस परेशानी से जूझ रहे हैं, लेकिन ट्रैफिक विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लगातार बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित सिग्नल सिस्टम से आम जनता की परेशानी और भी बढ़ गई है।1
- Post by Shubham Mishra9
- बिलासपुर ढेंका से मस्तूरी मोड़ तक अंधेला ही अंधेला अधिकारी मौन1
- एसईसीएल में अप्रेंटिसों को रोजगार दिलाने संघ ने एसईसीएल कार्यलय और कालेक्टर को सौपा ज्ञापन सोमवार की रात 9 बजे बिल्हा आईटीआई अप्रेंटिस संघ से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को एसईसीएल में आईटीआई अप्रेंटिस को रोजगार प्रदान किए जाने बाबत संघ ने बिलासपुर एस ई सी एल निदेशक एवं महाप्रबंधक और बिलासपुर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप कर जल्द मांग पूरी करने हेतु ज्ञापन सोपा है जिसमे सुशील कुमार निर्मलवार, राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय आईटीआई संघ कोरबा द्वारा विषयांतर्गत प्राप्त आवेदन पत्र मूलतः प्रेषित है ज्ञापन में लेख किया गया है कि दिनांक 23.09.2022 को 4855 अप्रेंटिसो को एसई.सी.एस. द्वारा रोजगार देने की समझौता हुआ था लेकिन एसईसीएल प्रबंबन ने अभी तक एक भी अप्रेंटिस को रोजगार नहीं दिया जबकि समझौता हुवे लगभग 2 वर्ष होने जा रहा है। इस प्रकार एसईसीएल द्वारा अप्रेंटिस की उपेक्षा कर एसईसीएल प्रबंधन द्वारा हजारों की संख्या में अन्य श्रमिको की भर्ती की गई है एस ई सी एल में लगभग 2 लाख से अधिक नियमित कर्मचारी सेवानिर्वित हो चुके है। वर्तमान में लगनन में लगभग 35 हजार कर्मचारी कार्यरत है एवं वर्तमान में ठेका अंतर्गत लगभग 40- 50 हजार श्रमिक कार्यरत है। इसके बावजूद भी एसईसीएल द्वारा अप्रीडेव को रोजगार देने में कोताही बरती जा रही है। इसलिए समझौता के अनुशार 4855 अप्रेंटिस को रोजगार दिलाने को मांग की गई है। अतः एस.ई.सी.एल. में आईटीआई अप्रेंटिस को रोजगार प्रदान किए जने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने हेतु मांग की गई है जिसमें बिल्हा सहित बिलासपुर और छत्तीसगढ़ प्रदेश के अप्रेंटिस संघ के लोग उपस्थित रहे एवम संग ने चेतावनी दी है कि जल्दी उनकी मांग पूरी नहीं की जाती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा1