धौलपुर के भरतभूषण तिवारी एनकाउंटर पर भारत लौटने के बाद बागेश्वर बाबा धीरेन्द्र शास्त्री ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सवाल उठाया कि जब वह लड़का सनातनी और हिंदू था, तो फिर उसे क्यों मार डाला गया, जबकि उसने आत्मसमर्पण भी कर दिया था। धीरेन्द्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि जब यह घटना हुई, उस वक्त वह आध्यात्मिक कार्यक्रम के सिलसिले में श्रीलंका में थे। इस घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने श्रीराम और विभीषण का प्रसंग साझा किया। उन्होंने कहा कि विभीषण श्रीराम का दुश्मन था, लेकिन जब उसने आकर आत्मसमर्पण किया तो प्रभु ने उसे मारा नहीं बल्कि गले लगाकर अपनी शरण में ले लिया। धीरेन्द्र शास्त्री ने (एपिसोड 0A-119 में) चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस पूरे अपराध और षड्यंत्र के पीछे जो भी पापी हैं, उन्हें प्रभु सजा जरूर देंगे।
धौलपुर के भरतभूषण तिवारी एनकाउंटर पर भारत लौटने के बाद बागेश्वर बाबा धीरेन्द्र शास्त्री ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सवाल उठाया कि जब वह लड़का सनातनी और हिंदू था, तो फिर उसे क्यों मार डाला गया, जबकि उसने आत्मसमर्पण भी कर दिया था। धीरेन्द्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि जब यह घटना हुई, उस वक्त वह आध्यात्मिक कार्यक्रम के सिलसिले में श्रीलंका में थे। इस घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने श्रीराम और विभीषण का प्रसंग साझा किया। उन्होंने कहा कि विभीषण श्रीराम का दुश्मन था, लेकिन जब उसने आकर आत्मसमर्पण किया तो प्रभु ने उसे मारा नहीं बल्कि गले लगाकर अपनी शरण में ले लिया। धीरेन्द्र शास्त्री ने (एपिसोड 0A-119 में) चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस पूरे अपराध और षड्यंत्र के पीछे जो भी पापी हैं, उन्हें प्रभु सजा जरूर देंगे।
- रिपोर्टर मनीष कश्यप द्वारा क्रांतिकारी भगत सिंह और भारत तिवारी के बीच एक अनोखी तुलना और कम्पटीशन दिखाया जा रहा है। इन दोनों क्रांतिकारियों के नाम लगभग एक जैसे हैं, जिनमें केवल बीच के अक्षर 'ग' और 'र' का अंतर है। 99 साल बाद आई इस क्रांति के बीच, जहाँ भगत का मुद्दा साल 1922 में उठा था, वहीं अब वीडियो के 'Episode- 0A-123' में 'Bhagat singh to Bharat tiwari' के जरिए साल 1925 से लेकर साल 2026 तक की स्थिति को समझाया जा रहा है। इस वीडियो में दोनों के बीच की समानता को गौर से समझने की अपील की गई है, जिसमें दोनों ही अपने आखिरी समय में खटिया पर बैठे हैं और दोनों के सामने पुलिस अधिकारी बैठा हुआ दिखाई देता है।1
- धौलपुर के दिहौली थाना क्षेत्र के मरैना के निकट सुंदरपुर गांव में शनिवार-रविवार की रात चोरों ने दो मकानों को निशाना बनाकर लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पार कर दी। वारदात के समय दोनों ही परिवार अपने घरों में सो रहे थे, लेकिन किसी को भी चोरों के आने की कानों-कान भनक तक नहीं लगी। अज्ञात चोर गांव निवासी करण सिंह और वासुदेव शर्मा के घरों में घुसे और कमरों में रखी अलमारियों व बक्सों के ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सुबह जब परिजन जागे और घर का सामान बिखरा हुआ देखा, तो उनके होश उड़ गए। अलमारियों और बक्सों के टूटे ताले देखकर चोरी का पता चला, जिसके बाद पीड़ित परिवारों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही दिहौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर पीड़ित परिवारों से पूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संदिग्धों की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और चोरी गए माल को बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।3
- धौलपुर के नगर परिषद सभागार में महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत जिलास्तरीय जागरूकता एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत एसपी विकास सांगवान ने दीप प्रज्वलित कर की। समारोह में जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी, एएसपी वैभव शर्मा और सीओ कृष्णराज जांगिड सहित पुलिस व प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान आयोजित किए गए आत्मरक्षा प्रदर्शन के साथ-साथ उपस्थित महिलाओं को महिला हेल्पलाइन, राजकॉप ऐप, साइबर-1930, वन स्टॉप सेंटर और पॉक्सो-SHE-Box के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एसपी विकास सांगवान ने संबोधित करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और इसे सुदृढ़ बनाने के लिए समाज की सहभागिता बेहद जरूरी है।4
- धौलपुर में जिला बैडमिंटन संघ के तत्वावधान में शनिवार को स्वर्गीय वीर लोकेंद्र सिंह राणा मेमोरियल जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण माहौल में शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह के दौरान अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया, बैडमिंटन खेलकर प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की और खिलाड़ियों को खेल भावना की शपथ दिलाई। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और क्लबों के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उद्घाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि परिवहन निरीक्षक श्रीकांत कुमावत ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल हो या सड़क, नियमों का पालन हर परिस्थिति में आवश्यक है। उन्होंने खिलाड़ियों से समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया और हेलमेट, सीट बेल्ट के उपयोग तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने जैसी सावधानियों को जीवन की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। विशिष्ट अतिथि 14वीं आरएसी की सुजाता सिंह ने कहा कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है और नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है। बैडमिंटन संघ के सचिव मोहम्मद जाकिर हुसैन ने बताया कि यह प्रतियोगिता 11 जुलाई से 15 जुलाई तक आयोजित की जा रही है, जिसमें जिलेभर से सात दर्जन से अधिक बालक एवं बालिका खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्गों में भाग ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य जिले में बैडमिंटन खेल को बढ़ावा देना और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर जिला फुटबॉल संघ के सचिव संदीप राणा, शारीरिक शिक्षक पूजा नरसल, यश कुलश्रेष्ठ, फर्रुख बेग, अंपायर नीतिका सिंह, नाजिश खान, अरसलान हुसैन सहित कई खेल प्रेमी मौजूद रहे और कार्यक्रम का संचालन रंजीत दिवाकर ने किया।4
- राजस्थान के धौलपुर जिले के बासेड़ी क्षेत्र के एक गाँव में सड़क और नाली की कभी भी मरम्मत नहीं की गई है। यहाँ के सरपंच पिछले 5 सालों से कोई भी काम नहीं करा रहे हैं। सड़क और नाली दोनों की इस बदहाली को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक गाँव में कोई सुधार या मरम्मत का काम नहीं हुआ है।1
- भिंड और मुरैना अंचल के वीर सपूत शहीद इसेन्द्र सिंह भदौरिया जी का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है। किशूपुरा भिंड के रहने वाले इसेन्द्र सिंह सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में डीएससी महाराजपुरा ग्वालियर एयर फोर्स स्टेशन पर पदस्थ थे। कल अचानक तबियत बिगड़ने के कारण वे वीरगति को समर्पित हो गए। उनकी अंतिम विदाई के दौरान सैन्य सम्मान में 3 बिहार रेजीमेंट, डीएससी प्लाटून और एयरफोर्स के अधिकारियों ने उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें अंतिम सलामी दी। इसके साथ ही, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के सेवकों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी शहादत को सलाम किया। अंचल के इस वीर सपूत के अंतिम संस्कार के दौरान उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।2
- 16 तारीख को भरत को पकड़ने गई पुलिस टीम खाली हाथ लौट आई क्योंकि आरोपी के पास पिस्तौल थी। इस नाकामी पर भोजपुर एसपी श्रीराज ने सख्त एक्शन लेते हुए पांच पुलिसकर्मियों (2 SI, 1 ASI, 1 SHO और 1 कांस्टेबल) को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया। इसके बाद, एसपी ने मामले की जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री को कॉल किया, जिसके तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने पटना एसटीएफ हेडक्वार्टर फोन करके अगली सुबह शाहपुर-आरा के लिए एसटीएफ टीम रवाना करने का निर्देश दिया। अगली सुबह ठीक 8 बजे एसटीएफ की टीम शाहपुर पहुंच गई और वहां की पुलिस के साथ मिलकर बिलोटी गांव के लिए रवाना हुई। सुबह करीब 8:30 बजे पुलिस बल ने बिलोटी पहुंचकर खेतों को चारों तरफ से घेर लिया और वहां खड़ी जनता को खदेड़ दिया। पुलिस जब भरत के घर पहुंची तो वह वहां मौजूद नहीं था, लेकिन कुछ ही देर में वह खुद उनके सामने आ गया। भरत ने पुलिस के सामने डायलॉगबाजी करते हुए कहा कि क्रांतिकारियों का काम गोली खाना और खिलाना है। करीब 10 मिनट की बातचीत और शर्तें पूरी करने के वादे के बाद भरत ने अपनी पिस्तौल पुलिस के आगे फेंक दी और खुद ही उनकी जीप की तरफ चल पड़ा। जैसे ही भरत जीप के पास पहुंचा, सुबह 8:45 बजे उस पर फायरिंग कर उसे जीप में पटक दिया गया। फायरिंग की आवाज से पूरे गांव में हाहाकार मच गया। इसके बाद शाहपुर से आरा के बीच जीप के अंदर ही उसके सीने और गुप्तांग में दो और गोलियां मारी गईं। गुप्तांग की नसें फटने से अत्यधिक खून बहने लगा, जिसके बाद उसे आरा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण वहां से रेफर कर दिया गया। पीएमसीएच की एंबुलेंस से पटना अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही भरत ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में डॉक्टरों के पोस्टमार्टम से खुलासा हुआ कि भरत के शरीर पर गोलियों के 5 आर-पार घाव थे। इस पूरे मामले में पुलिसकर्मियों के साथ-साथ एसडीएम और सीएम पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट में डॉक्टरों की टीम गवाह के रूप में गवाही देगी। इस मामले की तुलना तमिलनाडु के मदुरै हाईकोर्ट द्वारा दी गई फांसी की सजा से की जा रही है, जहां बाप-बेटे की पुलिस पिटाई से हुई मौत के मामले में हेड कांस्टेबल रेवती की गवाही पर 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। इस पूरे एनकाउंटर और उसके पहले की मर्डर मिस्ट्री का खुलासा शुभांकर मिश्रा ने किया है।1
- धौलपुर के राजाखेड़ा में फायरिंग की घटना के दो आरोपियों का पुलिस ने मुख्य बाजार में पैदल जुलूस निकाला। थानाप्रभारी गंभीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल इन दोनों अपराधियों को पैदल जुलूस के साथ तीनों घटनास्थल पर लेकर गया। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से इलाके के अपराधियों में पूरी तरह भय का माहौल पैदा हो गया है।1