यह विवरण इस पूरी घटना को "अपराध" की श्रेणी से निकालकर एक नृशंस कसाईखाने के मंजर में बदल देता है। जिस ठंडे दिमाग और बर्बरता से इस वारदात को अंजाम दिया गया, उसने फारबिसगंज ही नहीं, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस खौफनाक मंजर की कड़ियां कुछ इस तरह हैं: 🩸 कत्ल का खौफनाक सिलसिला चश्मदीदों और मिल रही जानकारियों के अनुसार, यह कोई सामान्य झगड़ा नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित दरिंदगी जैसा प्रतीत हुआ: वार पर वार: आरोपी ने सबसे पहले ड्राइवर पर चाकू से तीन-चार घातक प्रहार किए। इन वारों ने ड्राइवर को लहूलुहान कर दिया और वह असहाय होकर जमीन पर गिर पड़ा। अमानवीय क्रूरता: जब ड्राइवर अपनी जान की भीख मांग रहा होगा या अधमरा पड़ा था, तब आरोपी ने दया दिखाने के बजाय सबसे वीभत्स कदम उठाया। उसने बीच सड़क, सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में गर्दन को धड़ से अलग कर दिया। शून्य संवेदना: गले को काटकर अलग करने के बाद भी उस व्यक्ति के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। वह हाथ में खून से सना हथियार लेकर वहीं खड़ा रहा, जो उसकी मानसिक विक्षिप्तता या चरम नफरत को दर्शाता है। 🏛️ कानून के सामने खड़ा सवाल ऐसी घटनाओं ने समाज में एक गहरा डर पैदा कर दिया है। यह वारदात कुछ गंभीर सवाल छोड़ गई है: भीड़ की खामोशी: क्या हमारी संवेदनाएं इतनी मर चुकी हैं कि एक इंसान का गला सरेआम काटा जाता रहा और लोग तमाशा देखते रहे या वीडियो बनाते रहे? कानून का खौफ: क्या अपराधियों के मन से पुलिस और सजा का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है? न्याय की पुकार: इस मामले में अब केवल गिरफ्तारी ही काफी नहीं है; जनता स्पीडी ट्रायल और ऐतिहासिक सजा की मांग कर रही है ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की सोच भी न सके। निष्कर्ष: यह घटना इंसानियत के माथे पर एक बदनुमा दाग है। एक छोटे से विवाद का अंत इस कदर गर्दन काटने जैसे वीभत्स कृत्य में होना यह बताता है कि समाज में असहिष्णुता और पागलपन किस हद तक बढ़ चुका है। पुलिस अब साक्ष्यों को इकट्ठा कर रही है ताकि इस 'जल्लाद' को उसके किए की सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके ।
यह विवरण इस पूरी घटना को "अपराध" की श्रेणी से निकालकर एक नृशंस कसाईखाने के मंजर में बदल देता है। जिस ठंडे दिमाग और बर्बरता से इस वारदात को अंजाम दिया गया, उसने फारबिसगंज ही नहीं, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस खौफनाक मंजर की कड़ियां कुछ इस तरह हैं: 🩸 कत्ल का खौफनाक सिलसिला चश्मदीदों और मिल रही जानकारियों के अनुसार, यह कोई सामान्य झगड़ा नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित दरिंदगी जैसा प्रतीत हुआ: वार पर वार: आरोपी ने सबसे पहले ड्राइवर पर चाकू से तीन-चार घातक प्रहार किए। इन वारों ने ड्राइवर को लहूलुहान कर दिया और वह असहाय होकर जमीन पर गिर पड़ा। अमानवीय क्रूरता: जब ड्राइवर अपनी जान की भीख मांग रहा होगा या अधमरा पड़ा था, तब आरोपी ने दया दिखाने के बजाय सबसे वीभत्स कदम उठाया। उसने बीच सड़क, सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में गर्दन को धड़ से अलग कर दिया। शून्य संवेदना: गले को काटकर अलग करने के बाद भी उस व्यक्ति के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। वह हाथ में खून से सना हथियार लेकर वहीं खड़ा रहा, जो
उसकी मानसिक विक्षिप्तता या चरम नफरत को दर्शाता है। 🏛️ कानून के सामने खड़ा सवाल ऐसी घटनाओं ने समाज में एक गहरा डर पैदा कर दिया है। यह वारदात कुछ गंभीर सवाल छोड़ गई है: भीड़ की खामोशी: क्या हमारी संवेदनाएं इतनी मर चुकी हैं कि एक इंसान का गला सरेआम काटा जाता रहा और लोग तमाशा देखते रहे या वीडियो बनाते रहे? कानून का खौफ: क्या अपराधियों के मन से पुलिस और सजा का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है? न्याय की पुकार: इस मामले में अब केवल गिरफ्तारी ही काफी नहीं है; जनता स्पीडी ट्रायल और ऐतिहासिक सजा की मांग कर रही है ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की सोच भी न सके। निष्कर्ष: यह घटना इंसानियत के माथे पर एक बदनुमा दाग है। एक छोटे से विवाद का अंत इस कदर गर्दन काटने जैसे वीभत्स कृत्य में होना यह बताता है कि समाज में असहिष्णुता और पागलपन किस हद तक बढ़ चुका है। पुलिस अब साक्ष्यों को इकट्ठा कर रही है ताकि इस 'जल्लाद' को उसके किए की सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके ।
- محمد شمشاد علیBisauli, Budaun😡24 min ago
- محمد شمشاد علیBisauli, Budaun😡24 min ago
- बदायूं ब्रेकिंग *संवाददाता संजीव कुमार राणा * तहसीलदार की कार्यवाही से खनन माफिया में हड़कंप। तहसीलदार रामचंद्र ने एक ट्रैक्टर को पकड़ा। तथा खनन करने के उपकरण जाल और गाटर को भी किया गया जप्त। तहसीलदार ने ट्रैक्टर को पकड़कर दातागंज पुलिस को सौपा। पूरा मामला दातागंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत गनगोला के पास का है।4
- बदायूं ब्रेकिंग संदिग्ध परिस्थितियों में जिला अस्पताल में तैनात डाक्टर की हुई मौत। एनेस्थीसिया के स्पेशलिस्ट थे डॉक्टर गणेश यादव। बाथरूम के अंदर मिला डॉक्टर का शव गेट तोड़कर निकाला गया बाहर। डॉक्टर की मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में मचा हड़कंप। मृतक डॉक्टर गणेश यादव इंद्रा आवास सोसायटी मिलन विहार मुरादाबाद के थे मूल निवासी। सूचना पर पहुंची पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी। पुलिस ने मृतक डॉक्टर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पूरा मामला थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत जिला अस्पताल का है।3
- जिला अस्पताल परिसर में घर के बाथरूम में मिला डाक्टर का शव, पुलिस ने कराया पीएम बदायूं। जिला अस्पताल परिसर में बने आवास में आज सुबह एक डाक्टर का उनके आवास के बाथरूम में शव पड़ा मिला। डाक्टर अपने आवास पर अकेले रहते थे। जब डाक्टर ने परिजनों का फोन कॉल रिसीव नही किया तब परिजनों ने आसपास रहने वाले डाक्टर को इसकी सूचना दी तब डाक्टर की मौत होने की बात सामने आई। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बाथरूम का दरवाजा तोड़ कर उनके शव को निकाला और पीएम को भेज दिया। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही डाक्टर की सही मौत का सच सामने आ सकेगा लेकिन उनकी मौत हार्ट अटैक से होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। डाक्टर गणेश यादव पिछले तीन साल से जिला अस्पताल में तैनात थे और वह एनेस्थीसिया विशेषज्ञ थे।1
- बदायूं। बिल्सी थाना क्षेत्र में गुरूवार की देर शाम अस्पताल से घर लौट रही छह साल की मासूम को पकड़ कर उससे एक युवक ने दरंदगी की। परिजनों समेत जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो उनका खून खौल उठा। परिजनों ने ग्रामीणों संग बदायूं बिजनौर स्टेट हाइवे को जाम कर आरोपी युवक के एनकाउंटर की मांग की। पुलिस के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला। पुलिस ने मामला दर्ज कर मासूम को चिकत्सकीय परीक्षण को जिला अस्पताल भेजा है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।1
- बदायूं ब्रेकिंग बदायूं में 6 साल बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म का मामला। गुस्साए परिजनों ने बदायूं बिजनौर हाईवे किया जाम। पुलिस पर एफआईआर में लड़के की उम्र कम दिखने का आरोप। परिजनों के मुताबिक जबकि आरोपी की उम्र आधार कार्ड में 21 साल से ऊपर। एक आरोपी पहले से ही पुलिस कर चुकी है गिरफ्तार। पुलिस पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप। परिजनों का आप बच्ची के पूरे कपड़े सबूत के लिए नहीं किए गए इकट्ठा। 1 घंटे से अधिक हो चुका है लगा हुआ जाम आवागमन पूरी तरह से बाधित। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी के के तिवारी तथा थाना अध्यक्ष जाम खुलवाने के प्रयास में जुटे। पुलिस पर पीड़ित ने लगाई लापरवाही तथा सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप। पुलिस ने सबूत के तौर पर बच्ची के सभी कपड़े नहीं ले गई थी पुलिस। बिल्सी थाना क्षेत्र के अंतर्गत का पूरा मामला।3
- पुलिस प्रशासन की 2 घंटे कड़ी में शकत के बाद खुला जाम..., पुलिस प्रशासन ने लिली राहत की सांस.. कार्रवाई का दिया भरोसा.. @highlight ADG ZONE BAREILLY IPS Ajay Sahni UP Police Budaun Police1
- Post by Ashish Kumar1
- बदायूं के बिल्सी थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची से कथित दुष्कर्म का मामला ◆ घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने बदायूं-बिजनौर हाईवे पर जाम लगाया ◆ एफआईआर में आरोपी की उम्र कम दर्शाने और सबूतों में लापरवाही के आरोप ◆ परिजनों का दावा—आधार कार्ड के अनुसार आरोपी की उम्र 21 वर्ष से अधिक ◆ एक आरोपी पहले ही पुलिस की गिरफ्त में ◆ मौके पर सीओ के. के. तिवारी व थाना प्रभारी पहुंचे, जाम खुलवाने का प्रयास ◆ मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच पर परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए ◆ स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में यातायात प्रभावित, जांच जारी2