बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने वैशाली (हाजीपुर) के जिला निबंधन कार्यालय में राज्य की अत्याधुनिक डिजिटल और पेपरलेस निबंधन प्रणाली (होम रजिस्ट्री डिजिटल सिस्टम) के तहत चार महत्वपूर्ण सेवाओं का शुभारंभ किया है। इस नई प्रणाली के अंतर्गत होम रजिस्ट्रेशन, भूमि संबंधी ऑनलाइन जांच, पेपरलेस निबंधन और जीआईएस (GIS) तकनीक से स्थल निरीक्षण की सेवाएं शुरू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों के लिए होम रजिस्ट्रेशन की सुविधा हेतु मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के पहले डिजिटल निबंधन की सेवा प्राप्त करने वाले 83 वर्षीय श्री अवधेश कुमार जी की निबंधन प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए घोषणा की कि पहले 80 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए तय की गई इस सुविधा का दायरा अब बढ़ाकर 75 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी घर बैठे उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, आपसी बंटवारे या अन्य जरूरी कार्यों के लिए राज्य से बाहर रहने वाले लोगों को भी एप्लीकेशन के माध्यम से डिजिटल निबंधन की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। नई व्यवस्था में भूमि की खरीद-बिक्री से पहले जीआईएस तकनीक और ऑनलाइन सत्यापन के माध्यम से भूमि की वास्तविक स्थिति की पुष्टि की जाएगी, जिससे खरीदारों के हित सुरक्षित होंगे और विवादों में कमी आएगी। अब आवेदकों को निबंधन से जुड़े दस्तावेज व्हाट्सएप एवं ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध कराए जाएंगे। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आगामी 15 जुलाई को बिहार के विभिन्न प्रखंडों में 213 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की जाएगी, जिससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा का विस्तार होगा। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि हर महीने की 10 तारीख को डीबीटी के माध्यम से करीब एक करोड़ लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹1100 की पेंशन राशि भेजी जा रही है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री श्री मदन सहनी, विभाग के सचिव श्री नवीन कुमार और जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि, विधायक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने वैशाली (हाजीपुर) के जिला निबंधन कार्यालय में राज्य की अत्याधुनिक डिजिटल और पेपरलेस निबंधन प्रणाली (होम रजिस्ट्री डिजिटल सिस्टम) के तहत चार महत्वपूर्ण सेवाओं का शुभारंभ किया है। इस नई प्रणाली के अंतर्गत होम रजिस्ट्रेशन, भूमि संबंधी ऑनलाइन जांच, पेपरलेस निबंधन और जीआईएस (GIS) तकनीक से स्थल निरीक्षण की सेवाएं शुरू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों के लिए होम रजिस्ट्रेशन की सुविधा हेतु मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के पहले डिजिटल निबंधन की सेवा प्राप्त करने वाले 83 वर्षीय श्री अवधेश कुमार जी की निबंधन प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए घोषणा की कि पहले 80 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए तय की गई इस सुविधा का दायरा अब बढ़ाकर 75 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी घर बैठे उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, आपसी बंटवारे या अन्य जरूरी कार्यों के लिए राज्य से बाहर रहने वाले लोगों को भी एप्लीकेशन के माध्यम से डिजिटल निबंधन की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। नई व्यवस्था में भूमि की खरीद-बिक्री से पहले जीआईएस तकनीक और ऑनलाइन सत्यापन के माध्यम से भूमि की वास्तविक स्थिति की पुष्टि की जाएगी, जिससे खरीदारों के हित सुरक्षित होंगे और विवादों में कमी आएगी। अब आवेदकों को निबंधन से जुड़े दस्तावेज व्हाट्सएप एवं ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध कराए जाएंगे। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आगामी 15 जुलाई को बिहार के विभिन्न प्रखंडों में 213 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की जाएगी, जिससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा का विस्तार होगा। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि हर महीने की 10 तारीख को डीबीटी के माध्यम से करीब एक करोड़ लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹1100 की पेंशन राशि भेजी जा रही है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री श्री मदन सहनी, विभाग के सचिव श्री नवीन कुमार और जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि, विधायक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- बिहार के हाजीपुर से निकलते समय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर हवा में लटक गया।1
- बिहार के हाजीपुर में एक कार्यक्रम के समापन के बाद पटना लौट रहे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के बाद हवा में अटक गया। वे वहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वे पटना लौट रहे थे, तब यह वाकया हुआ। इस दौरान क्षण भर के लिए तो सबकी सांसें थम गई थीं, लेकिन पायलट ने स्थिति संभाल ली।1
- बिहार के हाजीपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी का हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के बाद करीब 150 फीट की ऊंचाई पर हवा में लगभग चार मिनट तक एक ही जगह मंडराता रहा। दोनों नेता पेपरलेस निबंध कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद हेलिकॉप्टर से वापस रवाना हो रहे थे। उड़ान भरने के बाद हेलिकॉप्टर के आगे बढ़ने के बजाय हवा में ही रुके रहने और दिशा बदलने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों में हड़कंप मच गया। हेलिकॉप्टर के दोबारा हेलीपैड पर उतरने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों ने तुरंत हेलीपैड के आसपास मौजूद लोगों को वहां से हटाना शुरू कर दिया। इस घटना की वजह रूट लाइन की पुष्टि न होना बताया जा रहा है। रूट क्लीयरेंस मिलने के बाद ही हेलिकॉप्टर ने हाजीपुर से अपने अगले गंतव्य के लिए उड़ान भरी। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार हाजीपुर पहुंचे थे, जहां एनडीए के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने जिला निबंधन कार्यालय में लोगों को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं देने के उद्देश्य से पेपरलेस निबंध व्यवस्था की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक के अधिक से अधिक उपयोग पर विशेष जोर दिया।2
- जम्मू द्वीप यानी भारत देश में कुछ पिताओं के ऊपर उनके अपने ही परिवार के लोग उनके मरने के बाद भी अत्याचार कर रहे हैं। इस पूरे मामले को 'ITS ASHOK SAMRAT' के साथ देखा जा सकता है।1
- बिहार के हाजीपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हेलीकॉप्टर को लेकर अचानक भारी हलचल मच गई। निर्धारित कार्यक्रम के दौरान हेलीकॉप्टर के रुक जाने की खबर फैलते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर जुटने लगे। हेलीकॉप्टर के रुकने की सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई है। फिलहाल हेलीकॉप्टर के रुकने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है और प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।1
- फतुहा में नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान का दूसरा दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। यह अभियान फतुहा प्रखंड कार्यालय से शुरू होकर फतुहा चौक स्थित एसबीआई बैंक तक चलाया गया, जिसके दौरान प्रशासन ने सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया। अभियान का नेतृत्व नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जगरनाथ यादव ने किया, और इस दौरान सिटी मैनेजर गौरव कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल मौजूद रहे। अभियान के दौरान फतुहा चौक पर एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया, जब करकट में विद्युत प्रवाह होने के कारण दुकानदार मुकेश कुमार के स्टाफ ज्ञात कुमार और विट्टू कुमार करंट की चपेट में आकर झुलस गए। दोनों घायलों को तत्काल फतुहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। प्रशासन की निगरानी में बाकी अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।3
- बिहार के बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव के पास हुए दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचिन सिंह का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। बीते पांच जुलाई को बलिया गांव के पास धर्मराय गांव के रहने वाले सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में दो लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, जिसमें से एक की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी और दूसरा आरोपी सचिन सिंह लगातार फरार चल रहा था। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए गठित एसआईटी (SIT) द्वारा बिहार, बंगाल और झारखंड में लगातार छापेमारी की जा रही थी, जिसके बाद कल देर रात उसे रांची से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस जब गिरफ्तार अपराधी को साथ लेकर हथियार बरामद करने गई, तो उसने भागने की कोशिश की और फायरिंग की। इस पर पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई फायरिंग में मुख्य आरोपी सचिन सिंह के पैर में गोली लग गई। गोली लगने से घायल आरोपी सचिन सिंह को इलाज के लिए भागलपुर भेजा गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। बांका के एसपी अमितेश कुमार ने इस एनकाउंटर और गिरफ्तारी की पुष्टि की है।1