नो एंट्री ध्वस्त, नए यमुना पुल पर मौत बनकर दौड़ रहे ट्रक! प्रयागराज। शुक्रवार को संगम नगरी प्रयागराज में यातायात व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब नो एंट्री लागू होने के बावजूद नए यमुना पुल पर भारी ट्रक खुलेआम फर्राटा भरते नजर आए। नियमों को ठेंगा दिखाते इन ट्रकों की रफ्तार ऐसी थी मानो सड़क नहीं, मौत की पटरी हो — और उस पर आम लोग अपनी जान हथेली पर रखकर गुजरने को मजबूर हों। शहर के सबसे संवेदनशील मार्गों में गिने जाने वाले नए यमुना पुल पर नो एंट्री के बावजूद ट्रकों की आवाजाही ने साफ कर दिया है कि या तो नियम खत्म हो चुके है। लोगों का कहना है कि पुल पर हर समय भारी वाहन गुजरते रहते हैं, जिससे बाइक सवार,महिलाएं और छोटे वाहन चालक दहशत में रहते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब शहर के बीच, प्रशासन की निगरानी वाले इलाके में यह हालत है, तो नारीबारी, बारा, कौंधियारा, यमुनानगर और ग्रामीण सड़कों पर क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि वहां तो दिन-रात ओवरलोड ट्रक चलते हैं, कोई रोकने वाला नहीं, कोई देखने वाला नहीं — हादसा हो जाए तो फाइल बनती है, कार्रवाई नहीं। लोगों ने सवाल उठाए हैं — क्या नो एंट्री सिर्फ बोर्ड लगाने तक सीमित है? क्या नए यमुना पुल पर नियमों का कोई मतलब नहीं? किसके इशारे पर शहर में मौत बनकर दौड़ रहे हैं ट्रक? स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत सख्ती नहीं हुई तो नया यमुना पुल किसी दिन बड़े हादसे का गवाह बन सकता है, और तब जिम्मेदारी तय करना मुश्किल नहीं होगा। शहरवासियों ने मांग की है कि नए यमुना पुल पर तुरंत सख्त चेकिंग हो नो एंट्री का कड़ाई से पालन कराया जाए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और ओवरलोड व भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद की जाए लोगों का साफ कहना है —“नियम अगर लागू नहीं हो सकते, तो नो एंट्री के बोर्ड हटा दीजिए… कम से कम लोगों को झूठा भरोसा तो नहीं रहेगा।” नो एंट्री ध्वस्त, नए यमुना पुल पर मौत बनकर दौड़ रहे ट्रक! प्रयागराज। शुक्रवार को संगम नगरी प्रयागराज में यातायात व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब नो एंट्री लागू होने के बावजूद नए यमुना पुल पर भारी ट्रक खुलेआम फर्राटा भरते नजर आए। नियमों को ठेंगा दिखाते इन ट्रकों की रफ्तार ऐसी थी मानो सड़क नहीं, मौत की पटरी हो — और उस पर आम लोग अपनी जान हथेली पर रखकर गुजरने को मजबूर हों। शहर के सबसे संवेदनशील मार्गों में गिने जाने वाले नए यमुना पुल पर नो एंट्री के बावजूद ट्रकों की आवाजाही ने साफ कर दिया है कि या तो नियम खत्म हो चुके है। लोगों का कहना है कि पुल पर हर समय भारी वाहन गुजरते रहते हैं, जिससे बाइक सवार,महिलाएं और छोटे वाहन चालक दहशत में रहते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब शहर के बीच, प्रशासन की निगरानी वाले इलाके में यह हालत है, तो नारीबारी, बारा, कौंधियारा, यमुनानगर और ग्रामीण सड़कों पर क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि वहां तो दिन-रात ओवरलोड ट्रक चलते हैं, कोई रोकने वाला नहीं, कोई देखने वाला नहीं — हादसा हो जाए तो फाइल बनती है, कार्रवाई नहीं। लोगों ने सवाल उठाए हैं — क्या नो एंट्री सिर्फ बोर्ड लगाने तक सीमित है? क्या नए यमुना पुल पर नियमों का कोई मतलब नहीं? किसके इशारे पर शहर में मौत बनकर दौड़ रहे हैं ट्रक? स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत सख्ती नहीं हुई तो नया यमुना पुल किसी दिन बड़े हादसे का गवाह बन सकता है, और तब जिम्मेदारी तय करना मुश्किल नहीं होगा। शहरवासियों ने मांग की है कि नए यमुना पुल पर तुरंत सख्त चेकिंग हो नो एंट्री का कड़ाई से पालन कराया जाए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और ओवरलोड व भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद की जाए लोगों का साफ कहना है —“नियम अगर लागू नहीं हो सकते, तो नो एंट्री के बोर्ड हटा दीजिए… कम से कम लोगों को झूठा भरोसा तो नहीं रहेगा।”
नो एंट्री ध्वस्त, नए यमुना पुल पर मौत बनकर दौड़ रहे ट्रक! प्रयागराज। शुक्रवार को संगम नगरी प्रयागराज में यातायात व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब नो एंट्री लागू होने के बावजूद नए यमुना पुल पर भारी ट्रक खुलेआम फर्राटा भरते नजर आए। नियमों को ठेंगा दिखाते इन ट्रकों की रफ्तार ऐसी थी मानो सड़क नहीं, मौत की पटरी हो — और उस पर आम लोग अपनी जान हथेली पर रखकर गुजरने को मजबूर हों। शहर के सबसे संवेदनशील मार्गों में गिने जाने वाले नए यमुना पुल पर नो एंट्री के बावजूद ट्रकों की आवाजाही ने साफ कर दिया है कि या तो नियम खत्म हो चुके है। लोगों का कहना है कि पुल पर हर समय भारी वाहन गुजरते रहते हैं, जिससे बाइक सवार,महिलाएं और छोटे वाहन चालक दहशत में रहते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब शहर के बीच, प्रशासन की निगरानी वाले इलाके में यह हालत है, तो नारीबारी, बारा, कौंधियारा, यमुनानगर और ग्रामीण सड़कों पर क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि वहां तो दिन-रात ओवरलोड ट्रक चलते हैं, कोई रोकने वाला नहीं, कोई देखने वाला नहीं — हादसा हो जाए तो फाइल बनती है, कार्रवाई नहीं। लोगों ने सवाल उठाए हैं — क्या नो एंट्री सिर्फ बोर्ड लगाने तक सीमित है? क्या नए यमुना पुल पर नियमों का कोई मतलब नहीं? किसके इशारे पर शहर में मौत बनकर दौड़ रहे हैं ट्रक? स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत सख्ती नहीं हुई तो नया यमुना पुल किसी दिन बड़े हादसे का गवाह बन सकता है, और तब जिम्मेदारी तय करना मुश्किल नहीं होगा। शहरवासियों ने मांग की है कि नए यमुना पुल पर तुरंत सख्त चेकिंग हो नो एंट्री का कड़ाई से पालन कराया जाए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और ओवरलोड व भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद की जाए लोगों का साफ कहना है —“नियम अगर लागू नहीं हो सकते, तो नो एंट्री के बोर्ड हटा दीजिए… कम से कम लोगों को झूठा भरोसा तो नहीं रहेगा।” नो एंट्री ध्वस्त, नए यमुना पुल पर मौत बनकर दौड़ रहे ट्रक! प्रयागराज। शुक्रवार को संगम नगरी प्रयागराज में यातायात व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब नो एंट्री लागू होने के बावजूद नए यमुना पुल पर भारी ट्रक खुलेआम फर्राटा भरते नजर आए। नियमों को ठेंगा दिखाते इन ट्रकों की रफ्तार ऐसी थी मानो सड़क नहीं, मौत की पटरी हो — और उस पर आम लोग अपनी जान हथेली पर रखकर गुजरने को मजबूर हों। शहर के सबसे संवेदनशील मार्गों में गिने जाने वाले नए यमुना पुल पर नो एंट्री के बावजूद ट्रकों की आवाजाही ने साफ कर दिया है कि या तो नियम खत्म हो चुके है। लोगों का कहना है कि पुल पर हर समय भारी वाहन गुजरते रहते हैं, जिससे बाइक सवार,महिलाएं और छोटे वाहन चालक दहशत में रहते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब शहर के बीच, प्रशासन की निगरानी वाले इलाके में यह हालत है, तो नारीबारी, बारा, कौंधियारा, यमुनानगर और ग्रामीण सड़कों पर क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि वहां तो दिन-रात ओवरलोड ट्रक चलते हैं, कोई रोकने वाला नहीं, कोई देखने वाला नहीं — हादसा हो जाए तो फाइल बनती है, कार्रवाई नहीं। लोगों ने सवाल उठाए हैं — क्या नो एंट्री सिर्फ बोर्ड लगाने तक सीमित है? क्या नए यमुना पुल पर नियमों का कोई मतलब नहीं? किसके इशारे पर शहर में मौत बनकर दौड़ रहे हैं ट्रक? स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत सख्ती नहीं हुई तो नया यमुना पुल किसी दिन बड़े हादसे का गवाह बन सकता है, और तब जिम्मेदारी तय करना मुश्किल नहीं होगा। शहरवासियों ने मांग की है कि नए यमुना पुल पर तुरंत सख्त चेकिंग हो नो एंट्री का कड़ाई से पालन कराया जाए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और ओवरलोड व भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद की जाए लोगों का साफ कहना है —“नियम अगर लागू नहीं हो सकते, तो नो एंट्री के बोर्ड हटा दीजिए… कम से कम लोगों को झूठा भरोसा तो नहीं रहेगा।”
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- प्रयागराज -औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र अंतर्गत रज्जू भैया विश्वविद्यालय मे छात्रों को काफी मात्रा में फेल कर दिया गया है जिसको लेकर छात्र हुए आंदोलित।1
- *रमजान माह की अलविदा नमाज के दृष्टिगत आज दिनांक-13.03.2026 को पुलिस उपायुक्त नगर द्वारा पुलिस बल व RAF के साथ नगर जोन के मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों, चौराहों व भीड़-भाड़ वाले अन्य स्थानों पर भ्रमण कर शान्ति/कानून व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान RAF कमांडेंट/डिप्टी कमांडेंट व सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली व पुलिस तथा RAF के अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहे।*1
- Post by Afzal pathan patrakaar1
- प्रयागराज: करेली-रमज़ान के अलविदा जुमे की नमाज़ को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में एसीपी अतरसुइया राज कुमार मीना के नेतृत्व में थाना करेली क्षेत्र में पैदल मार्च किया गया। पैदल मार्च में थानाध्यक्ष करेली व उनकी पुलिस टीम ने क्षेत्र के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों में भ्रमण कर आम जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि अलविदा जुमे की नमाज़ के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान पुलिस ने बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और लोगों से सहयोग करने की अपील की, ताकि रमज़ान का पवित्र पर्व शांति और भाईचारे के साथ संपन्न हो सके।3
- श्रीमती रीता देवी, निवासी न्यू झुंसी, केवटाना वार्ड नं 85, आजाद नगर, प्रयागराज, 8 मार्च 2026 को घर से दवा लेने गई थीं और वापस नहीं लौटीं। उनका हुलिया: गोरा रंग, 5 फीट कद, 32 वर्ष उम्र, चिन के नीचे तिल का निशान, भूरे रंग की साड़ी पहने हुए। अगर किसी को उनकी कोई जानकारी मिले तो कृपया नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें: 9519783005, 7618961183, 9557031531, 8528785599।1
- Post by गुरु ज्ञान1
- Post by Mohd Sanif1
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1