इलाज का झांसा देकर के 12 लाख रुपए की ठगी,3 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार अनूपपुर। बीमारी ठीक करने और घर से गड़ा धन निकालने के नाम पर ग्रामीणों को ठगने वाले शातिर गिरोह का रामनगर पुलिस ने शुक्रवार को भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने झाड़-फूंक के बहाने लोगों से ठगी कर करीब 7.5 लाख के जेवरात और 3.61 लाख की नगदी लूटने वाले पति-पत्नी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से तंत्र-मंत्र की किताबें और एक मृत जानवर की खोपड़ी भी मिली है। थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने बताया कि मामला ग्राम बरतराई का है। फरियादी लक्ष्मण सिंह पोरते के पिता को लकवा मार गया था। इसका फायदा उठाते हुए आरोपी सत्या नाई ने उनका परिचय तांत्रिक विश्वनाथ गिरी से कराया। तांत्रिक और उसकी पत्नी लीला गिरी ने घर में टोना-टोटका होने का डर दिखाया। 25 दिसंबर को तंत्र-मंत्र का नाटक कर आरोपियों ने उपचार के नाम पर 1.51 लाख रुपए ऐंठ लिए। आरोपियों का लालच यहीं खत्म नहीं हुआ 8 जनवरी को वे दोबारा लक्ष्मण के घर पहुंचे और परिवार को डराया कि यदि उन्होंने सारा सोना-चांदी और नगद उनके हवाले नहीं किया, तो तांत्रिक क्रिया से सबको जान से मार देंगे और दोबारा लकवा मार जाएगा। मौत के डर से महिलाओं ने अपने मंगलसूत्र, पायल, करधन और चाबी छल्ला सहित 2.50 लाख नगद आरोपियों को सौंप दिए। हड़बड़ी में गहनों की गठरी के साथ बैंक पासबुक और आधार कार्ड भी चले गए। जिसके बाद परिजनों की शिकायत पर विशेष टीम ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों से 15 सोने के लॉकेट (कीमत 5 लाख), 1 किलो चांदी (कीमत 2.50 लाख), 3.61 लाख नगद और वारदात में इस्तेमाल बाइक जब्त की है। पुलिस ने सत्या नाई निवाशी भालूमाड़ा, सुखनाथ उर्फ विश्वनाथ गिरी और उसकी पत्नी लीला गिरी निवासी सरगुजा, छग को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
इलाज का झांसा देकर के 12 लाख रुपए की ठगी,3 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार अनूपपुर। बीमारी ठीक करने और घर से गड़ा धन निकालने के नाम पर ग्रामीणों को ठगने वाले शातिर गिरोह का रामनगर पुलिस ने शुक्रवार को भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने झाड़-फूंक के बहाने लोगों से ठगी कर करीब 7.5 लाख के जेवरात और 3.61 लाख की नगदी लूटने वाले पति-पत्नी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से तंत्र-मंत्र की किताबें और एक मृत जानवर की खोपड़ी भी मिली है। थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने बताया कि मामला ग्राम बरतराई का है। फरियादी लक्ष्मण सिंह पोरते के पिता को लकवा मार गया था। इसका फायदा उठाते हुए आरोपी सत्या नाई ने उनका परिचय तांत्रिक विश्वनाथ गिरी से कराया। तांत्रिक और उसकी पत्नी लीला गिरी ने घर में टोना-टोटका होने का डर दिखाया। 25 दिसंबर को तंत्र-मंत्र का नाटक कर आरोपियों ने उपचार के नाम पर 1.51 लाख रुपए ऐंठ लिए।
आरोपियों का लालच यहीं खत्म नहीं हुआ 8 जनवरी को वे दोबारा लक्ष्मण के घर पहुंचे और परिवार को डराया कि यदि उन्होंने सारा सोना-चांदी और नगद उनके हवाले नहीं किया, तो तांत्रिक क्रिया से सबको जान से मार देंगे और दोबारा लकवा मार जाएगा। मौत के डर से महिलाओं ने अपने मंगलसूत्र, पायल, करधन और चाबी छल्ला सहित 2.50 लाख नगद आरोपियों को सौंप दिए। हड़बड़ी में गहनों की गठरी के साथ बैंक पासबुक और आधार कार्ड भी चले गए। जिसके बाद परिजनों की शिकायत पर विशेष टीम ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों से 15 सोने के लॉकेट (कीमत 5 लाख), 1 किलो चांदी (कीमत 2.50 लाख), 3.61 लाख नगद और वारदात में इस्तेमाल बाइक जब्त की है। पुलिस ने सत्या नाई निवाशी भालूमाड़ा, सुखनाथ उर्फ विश्वनाथ गिरी और उसकी पत्नी लीला गिरी निवासी सरगुजा, छग को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
- शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता4
- Sidhi jile mein dindahaade khela ja raha hai Satta Sidhi ki parking mein bahut badi parking Hai vahan per yah video bhi post Hui Hai dekh lijiye aap bhi aur abhi turant kaarvayi ki jaaye satte khelne walon ke juban din Raat macha2
- मोहगांव बड़ चौराहा में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू घुघरी (जिला मंडला) – विकासखंड मोहगांव के बड़ चौराहा में आज से क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन प्रारंभ हो गया है। क्षेत्रवासियों द्वारा लंबे समय से लंबित मांगों और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर यह आंदोलन शुरू किया गया है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आयोजकों ने समस्त क्षेत्रवासियों से अपील की है कि धरना प्रदर्शन को सफल बनाने एवं क्षेत्र के विकास के लिए अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपना समर्थन दें। प्रशासन की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है।1
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- Post by Pankaj Jhariya1
- *जिले में प्रवेश की धर्मपुरी महाराज की अधोमुखी पैदल यात्रा* *मोहगांव पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने किया स्वागत* मंडला। धर्मपुरी महाराज मां नर्मदा की 3500 किलोमीटर लंबी यात्रा कर रहे है। महाराज जी की यह यात्रा बीते 11 दिसंबर को मां नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक से प्रारंभ की गई है। इस बीच धर्मपुरी महाराज प्रतिरोज तीन से चार किलोमीटर पैदल हाथों के बल यात्रा कर रहे है। इनके साथ उनके नर्मदा परिक्रमा के दौरान धर्मपूरी महाराज अनुयायी भी शामिल है। इसी दौरान नर्मदे हर के जयकारों के बीच (अनन्य) संकल्पित लेकर निकले *संत धर्मपुरी महाराज विगत बुधवार को डिंडोरी जिले की सीमा समाप्त कर मंडला जिले में प्रवेश कर गए है।* *बचपन से साधु-संतों का संग* धर्मपुरी महाराज सात वर्ष की आयु से ही साधु-संतों के साथ रहने लगे थे। यह उनकी चौथी नर्मदा परिक्रमा है. लेकिन पहली बार वे हाथों के बल अधोमुखी परिक्रमा कर रहे हैं। उनकी इस असाधारण साधना को देखकर लोग आश्चर्यचकित होने के साथ प्रेरित भी हो रहे हैं। धर्मपुरी महाराज की उनके प्रथम आगमन पर विकासखंड मोहगांव अंतर्गत ग्राम आडियामाल में ग्रामीणों ने विधि-विधान से स्वागत, वंदन और पूजन-अर्चन किया यह अधोमुखी परिक्रमा यात्रा आमजन के लिए आस्था, समर्पण और दृढ़ संकल्प का अनूठा उदाहरण बन गई है। उनकी इस कठिन साधना ने मां नर्मदा के करोड़ों भक्तों के बीच गहरा प्रभाव छोड़ा है। डिंडोरी से मंडला मार्ग पर भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है। आगे महाराज की परिक्रमा यात्रा चाबी के लिए निकल गई। उनकी इस अनूठी और कठिन साधना को देखने व दर्शन करने के लिए मार्ग में बसे गांवों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। जानकारी के अनुसार डिंडोरी जिले के करजिया विकासखंड के निवासी धर्मपुरी महाराज इन दिनों मां नर्मदा की 3500 किलोमीटर लंबी यात्रा कर रहे है। हाथों के बल यात्रा कर रहे है। आडियामाल गांव में पहुंचते ही यहां के ग्रामीणों ने अद्भुत तरीके से उनकी आगुवाई की। उन्होंने (बंबुलिया) भजन के साथ परिक्रमा पथ पर पुष्पवर्षों के साथ महाराज की परिक्रमा यात्रा का गर्मजोशी स्वागत किया गया। स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि (बंबुलिया) भजन बुदेलखंडी लोकगीत से संबंध रखता है, इसे नर्मदाचंल क्षेत्रों में पारंपारिक रूप से मां नर्मदा की महिमा का बखान करते हुए तीर्थयार्थियों के लिए गाया जाता हैं। है। गुरुवार गुरुवार को द्वितीय दिवस यह यात्रा ग्राम चाबी स्थित उपकेश्वरी केश्वरी नर्मदा कुंड राधा कृष्ण मंदिर में विश्राम की है। शुक्रवार को मोहगांव के लिए चल पड़ेगी। जैसे-जैसे यह यात्रा मंडला की ओर बढ़ रही है। वैसे ही ग्रामीण उनके दर्शन के लिए सड़क किनारे एकत्रित हो रहे है। कई गांवों में लोग घंटों पहले से सड़क पर बैठकर उनके आगमन की प्रतीक्षा करते देखे गए है।1
- शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता व्यवहारी नगर परिषद अंतर्गत जगह-जगह कचरे का अंबार लगा रहता है नगर परिषद द्वारा कोई साफ सफाई नहीं की जा रही है1
- जर्जर भवनों में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, 200 से अधिक स्कूलों की हालत खराब घुघरी (मंडला)। विकासखंड घुघरी के अंतर्गत आने वाली प्राथमिक शाला खुड़िया का भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। दीवारों में दरारें, छत से झड़ता प्लास्टर और कमजोर ढांचा बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। ऐसे हालात में मासूम छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि ने बताया कि घुघरी ब्लॉक में एक-दो नहीं बल्कि 200 से अधिक स्कूल भवन जर्जर स्थिति में हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार शासन स्तर पर जर्जर भवनों के सुधार और नवनिर्माण की मांग उठाई जा चुकी है। इस बार भी विधानसभा के बजट सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत कर सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया है। सालों से खस्ताहाल स्कूल भवनों की समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे अभिभावकों में चिंता और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब इन जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण होगा। ग्रामीणों और अभिभावकों ने शासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सर्वे कराकर जर्जर स्कूल भवनों का सुधार व नवनिर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।1
- बिलासपुर नगर निगम की सामान्य सभा में लिंगियाडीह से 175 से अधिक बेजा कब्जा हटाने का मुद्दा गरमा गया। लखीराम ऑडिटोरियम के बाहर बड़ी संख्या में प्रभावित लोगों ने घेराव किया। वार्ड 47 के नागरिक 84 दिनों से धरने पर बैठे हैं और हटाए गए स्थान पर पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। पार्षद दिलीप पाटिल द्वारा मुद्दा उठाने पर सत्ता पक्ष ने विरोध किया, जिससे भारी हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी।1