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कोटा में डब्ल्यूएचओ मानक से बहुत ज्यादा सिजेरियन डिलीवरी कोटा। कोटा मेडिकल कॉलेज में हाल में सिजेरियन प्रसूता मामले में मौत के बाद चर्चा आम हो गई कि नार्मल डिलीवरी की जगह सिजेरियन डिलीवरी क्यों?वह भी तब जब कि डब्ल्यूएचओ मानक 10-15%की इजाजत देता है और कोटा शहर में 42 से 45%सिजेरियन डिलीवरी हो रही हैं।
Journalist Harish Yadav
कोटा में डब्ल्यूएचओ मानक से बहुत ज्यादा सिजेरियन डिलीवरी कोटा। कोटा मेडिकल कॉलेज में हाल में सिजेरियन प्रसूता मामले में मौत के बाद चर्चा आम हो गई कि नार्मल डिलीवरी की जगह सिजेरियन डिलीवरी क्यों?वह भी तब जब कि डब्ल्यूएचओ मानक 10-15%की इजाजत देता है और कोटा शहर में 42 से 45%सिजेरियन डिलीवरी हो रही हैं।
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- न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाद जेके लोन अस्पताल में प्रसूता की मौत सिजेरियन के कुछ घंटे बाद बिगड़ी थी 3 प्रसूताओं की तबीयत 2 प्रसूताओं की किडनी फेलियर की है संभावना सरकारी अस्पतालों में भर्ती 200 से अधिक प्रसूताओं में डर का माहौल लगातार बिगड़ प्रसुताओं की तबियत के बाद खड़े हुए कई सवाल एंकर : कोटा संभाग के सबसे बड़े जेके अस्पताल में एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। महिला की कुछ घंटे पहले ही सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई वही सिजेरियन डिलीवरी के बाद दो महिलाओं की किडनी भी फेल हो गई है। अभी तक जानकारी में सामने आया है कि बूंदी जिला निवासी प्रिया को 8 मई को अस्पताल में भर्ती करवाया था। 9 मई को उसकी सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के कुछ घंटे बाद ही देर रात को उसकी मौत हो गई। हालांकि अस्पताल की अधीक्षक डॉक्टर निर्मला शर्मा ने बताया कि जिस महिला की मौत हुई है उसे हार्ट संबंधी प्रॉब्लम थी। जिसका दूसरे डॉक्टर्स से उपचार भी करवाया था लेकिन उसको बचाया नहीं जा सका। वही अधीक्षक का यह भी कहना है कि यह हमारे लिए भी चिंता का विषय बन गया है कि आखिर सिजेरियन के बाद महिलाओं की तबीयत क्यों खराब हो रही है? यह रिसर्च के बाद ही पता लग सकेगा। बाइट : डॉ निर्मला शर्मा, अधीक्षक, जेके लोन अस्पताल1
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- *मैं IPS अजय पाल शर्मा से बिना शर्त माफी मांगता हूं।* मुझे मेरी पार्टी TMC ने प्रवक्ता पद से हटा दिया है, जबकि पार्टी के कहने पर ही मैंने वीडियो बनाया था। : रिजु दत्ता, एक्स TMC नेता1
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