वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत चोलापुर विकास खंड की ग्राम सभा कौवापुर और कादीपुर स्टेशन बस्ती में सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर-घर-जल' योजना पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। पिछले कई हफ्तों से नलों में पानी नहीं पहुंचने के कारण स्थानीय लोग गंगा के बढ़े जलस्तर और हैंडपंप का बालू युक्त गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी टंकी, पाइपलाइन और अन्य उपकरण केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं, जबकि धरातल पर योजना ठप पड़ी है। योजना में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। बारिश और ठंड के मौसम में सोलर पैनल काम नहीं कर रहे हैं और बैकअप के लिए ट्रांसफार्मर या जनरेटर की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पानी की टंकी के चारों तरफ मिट्टी भराई और बाउंड्री तक का निर्माण अधूरा है। गर्मियों के दौरान 4 इंच की जगह ढाई इंच की पाइपलाइन बिछाई गई थी, जो ओवरब्रिज निर्माण के समय भारी वाहनों के गुजरने से दब गई। इसके अलावा, टंकी पर कोई ऑपरेटर तैनात नहीं रहता और मौसम का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा जा रहा है। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी चोलापुर शिवनारायण सिंह और अजगरा विधायक त्रिभुवन राम को कई बार अवगत कराया, लेकिन केवल देखवाने का आश्वासन ही मिला। वहीं जलनिगम के ठेकेदार ने दूरी का हवाला देकर बात टाल दी। महीनों बीत जाने के बाद भी समाधान न होने से कौवापुर और कादीपुर स्टेशन बस्ती के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामवासियों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि योजना की जमीनी जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत चोलापुर विकास खंड की ग्राम सभा कौवापुर और कादीपुर स्टेशन बस्ती में सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर-घर-जल' योजना पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। पिछले कई हफ्तों से नलों में पानी नहीं पहुंचने के कारण स्थानीय लोग गंगा के बढ़े जलस्तर और हैंडपंप का बालू युक्त गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी टंकी, पाइपलाइन और अन्य उपकरण केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं, जबकि धरातल पर योजना ठप पड़ी है। योजना में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। बारिश और ठंड के मौसम में सोलर पैनल काम नहीं कर रहे हैं और बैकअप के लिए ट्रांसफार्मर या जनरेटर की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पानी की टंकी के चारों तरफ मिट्टी भराई और बाउंड्री तक का निर्माण अधूरा है। गर्मियों के दौरान 4 इंच की जगह ढाई इंच की पाइपलाइन बिछाई गई थी, जो ओवरब्रिज निर्माण के समय भारी वाहनों के गुजरने से दब गई। इसके अलावा, टंकी पर कोई ऑपरेटर तैनात नहीं रहता और मौसम का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा जा रहा है। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी चोलापुर शिवनारायण सिंह और अजगरा विधायक त्रिभुवन राम को कई बार अवगत कराया, लेकिन केवल देखवाने का आश्वासन ही मिला। वहीं जलनिगम के ठेकेदार ने दूरी का हवाला देकर बात टाल दी। महीनों बीत जाने के बाद भी समाधान न होने से कौवापुर और कादीपुर स्टेशन बस्ती के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामवासियों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि योजना की जमीनी जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरने के मद्देनजर चहनियां स्थित मां खण्डवारी पीजी कॉलेज के पास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बलुआ थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह के नेतृत्व में कॉलेज के आसपास कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है। न्यूज़ टू इंडिया के संवाददाता और जिला चीफ ब्यूरो विनीत कुमार गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए यह पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत चोलापुर विकास खंड की ग्राम सभा कौवापुर और कादीपुर स्टेशन बस्ती में सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर-घर-जल' योजना पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। पिछले कई हफ्तों से नलों में पानी न पहुंचने के कारण स्थानीय लोग गंगा के बढ़े जलस्तर और हैंडपंप का बालू युक्त गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी, पाइपलाइन और अन्य उपकरण केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं, जबकि धरातल पर यह योजना पूरी तरह ठप पड़ी हुई है।1
- अयोध्या के प्रभारी मंत्री एवं कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गुरुवार को जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिला अस्पताल और श्रीराम अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पतालों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और इलाज के इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने खुद वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर फीडबैक लिया, जिस पर मरीजों ने मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं पर संतोष जताया। श्रीराम अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मंत्री ने जगह की कमी का संज्ञान लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीबी के मरीजों और बच्चों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है और सरकार बुजुर्गों तथा जरूरतमंदों के निःशुल्क इलाज के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में किसी भी मरीज को संसाधनों या सुविधाओं के अभाव में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश देते हुए मंत्री ने चेताया कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस औचक निरीक्षण के दौरान अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता और महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी भी मंत्री के साथ मौजूद रहे।4
- दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध अब बनारस में भी देखने को मिल रहा है। इस घटना के खिलाफ अधिवक्ता समाज बेहद आक्रोशित है और छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है। जंतर मंतर पर हुई लाठीचार्ज की कार्रवाई के विरोध में बनारस में अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है।1
- सरकारी योजना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बाद भी नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं। जलापूर्ति न होने के कारण लोग मजबूरी में हैंडपंप का गंदा पानी पीने को विवश हैं।1
- देश की बर्बादी के लिए हर वह इंसान जिम्मेदार है जिसे लगता है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार जैसे बुनियादी मुद्दों पर आवाज़ उठाने वाला व्यक्ति देशद्रोही है।1
- चंदौलीचकरा गांव में पेयजल पाइपलाइन फटने के कारण हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। पाइपलाइन टूटने से हो रहे पानी के भारी नुकसान को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ गया है और ग्रामीणों ने इसके विरोध में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। जनता न्यूज़ टीवी के ब्यूरो चीफ राजमणी पाण्डेय के मुताबिक, गांव में पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी लगातार व्यर्थ बह रहा है।1
- वाराणसी में साधना फाउंडेशन के 36 वर्षीय राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सौरभ मौर्य ने 23 जुलाई 2026 को अपना 232वाँ रक्तदान सफलतापूर्वक संपन्न कर मानवता की सेवा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। डॉ. मौर्य अब तक 55 बार संपूर्ण रक्तदान और 177 बार प्लेटलेट्स दान कर चुके हैं। उन्होंने इस कीर्तिमान को मानव सेवा और समाज के प्रति अपने आजीवन समर्पण का प्रतीक करार दिया है। इस अवसर पर डॉ. सौरभ मौर्य ने कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति को जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने युवाओं से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पूर्णतः सुरक्षित है और इससे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प ले, तो देश में रक्त की कमी से किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं होगी। साधना फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से देशभर में स्वैच्छिक रक्तदान जागरूकता अभियान, रक्तदान शिविरों के आयोजन और जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। डॉ. सौरभ मौर्य का यह 232वाँ रक्तदान पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए आगे आने का संदेश दे रहा है।1