जनपद चंपावत में लगातार हो रही बारिश का असर अब आम लोगों के जनजीवन पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। मौसम की बेरुखी के कारण जहाँ लोग घरों तक सीमित हो गए हैं, वहीं पर्यटन और यात्रियों पर निर्भर स्थानीय व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिले के प्रमुख बाजार जैसे चंपावत, लोहाघाट और पाटी में सामान्य दिनों की तुलना में सन्नाटा पसरा हुआ है। बाहरी पर्यटकों और यात्रियों की आवाजाही में भारी कमी आने से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। होटल, ढाबे, चाय की दुकानें, फल एवं सब्जी विक्रेता, रेडी-पटरी व्यवसायी और अन्य छोटे व्यापारी ग्राहकों का इंतज़ार करते नज़र आ रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी दैनिक दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है, जिन्हें कई दिनों से पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके सामने रोजमर्रा के खर्चों का संकट खड़ा हो गया है। राहत की बात यह है कि जिले की सभी प्रमुख सड़कें फिलहाल यातायात के लिए खुली हैं और किसी बड़े मार्ग के बंद होने की सूचना नहीं है। इसके बावजूद, खराब मौसम और लगातार वर्षा के कारण लोग अनावश्यक यात्रा से बच रहे हैं, जिससे बाजारों की रौनक लगभग समाप्त हो गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के चलते, जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जनपद के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है, जिससे बच्चों की आवाजाही भी थम गई है और बाजारों में सामान्य से कम गतिविधियां दिख रही हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पर्यटन सीज़न में इस तरह का खराब मौसम उनके कारोबार को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है; यदि बारिश का यह सिलसिला लंबा चला तो छोटे व्यापारियों और दिहाड़ी मजदूरों की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी विभागीय एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। फिलहाल, पूरे जनपद में जनजीवन बारिश की रफ्तार के साथ धीमा पड़ गया है और लोग मौसम सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
जनपद चंपावत में लगातार हो रही बारिश का असर अब आम लोगों के जनजीवन पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। मौसम की बेरुखी के कारण जहाँ लोग घरों तक सीमित हो गए हैं, वहीं पर्यटन और यात्रियों पर निर्भर स्थानीय व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिले के प्रमुख बाजार जैसे चंपावत, लोहाघाट और पाटी में सामान्य दिनों की तुलना में सन्नाटा पसरा हुआ है। बाहरी पर्यटकों और यात्रियों की आवाजाही में भारी कमी आने से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। होटल, ढाबे, चाय की दुकानें, फल एवं सब्जी विक्रेता, रेडी-पटरी व्यवसायी और अन्य छोटे व्यापारी ग्राहकों का इंतज़ार करते नज़र आ रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी दैनिक दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है, जिन्हें कई दिनों से पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके सामने रोजमर्रा के खर्चों का संकट खड़ा हो गया है। राहत की बात यह है कि जिले की सभी प्रमुख सड़कें फिलहाल यातायात के लिए खुली हैं और किसी बड़े मार्ग के बंद होने की सूचना नहीं है। इसके बावजूद, खराब मौसम और लगातार वर्षा के कारण लोग अनावश्यक यात्रा से बच रहे हैं, जिससे बाजारों की रौनक लगभग समाप्त हो गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के चलते, जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जनपद के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है, जिससे बच्चों की आवाजाही भी थम गई है और बाजारों में सामान्य से कम गतिविधियां दिख रही हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पर्यटन सीज़न में इस तरह का खराब मौसम उनके कारोबार को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है; यदि बारिश का यह सिलसिला लंबा चला तो छोटे व्यापारियों और दिहाड़ी मजदूरों की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी विभागीय एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। फिलहाल, पूरे जनपद में जनजीवन बारिश की रफ्तार के साथ धीमा पड़ गया है और लोग मौसम सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
- अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट विकासखंड स्थित जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छानागोलू परिसर में 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के तहत शुक्रवार को एक बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अंशुल सिंह की उपस्थिति में आयोजित इस शिविर में 1150 से अधिक लोगों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। आधार सेवा केंद्र, श्रम विभाग और अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आधार नामांकन, श्रम कार्ड बनाने और अन्य जनोपयोगी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर के दौरान पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा तीन लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट, डेयरी विकास विभाग द्वारा छह पशुपालकों को स्वच्छ दुग्ध उत्पादन किट और मत्स्य विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को मत्स्य तालाब निर्माण व सुधार कार्यों के लिए एक लाख रुपये से अधिक की स्वीकृति के चेक वितरित किए गए। बागवानी विकास परिषद के उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ढेला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित इस अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लाभकारी बताया। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने शिविर में प्राप्त 96 शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अधिकांश शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष को संबंधित विभागों को भेजा गया है। इस अवसर पर उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल सिंह साही, उपजिलाधिकारी सुनील कुमार राज, परियोजना निदेशक डीआरडीए के.एन. तिवारी और खंड विकास अधिकारी निवेदिता खुल्बे सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।1
- नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत हल्द्वानी पुलिस ने दो अलग-अलग चोरी के मामलों का सफल अनावरण किया है। पहली घटना 8 जुलाई 2026 को देवलचौड़ निवासी हेमंत सिंह के घर में हुई, जहाँ अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर Dell लैपटॉप, 42 इंच एलईडी टीवी, सोनी मोबाइल, हैवेल्स सीलिंग फैन, पीली धातु की मूर्तियां, तांबे की आचविन और अन्य सामान चुरा लिया था। इस संबंध में कोतवाली हल्द्वानी में मुकदमा संख्या 224/2026 दर्ज किया गया था। दूसरी घटना भी 8 जुलाई 2026 को ही सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय में घटित हुई, जहाँ अस्पताल परिसर से स्प्लिट एसी के आउटडोर कॉपर पाइप चोरी हो गए। इसके लिए डॉ. खड़क सिंह दलाल की तहरीर पर मुकदमा संख्या 227/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल साक्ष्यों की मदद से इन दोनों मामलों का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों, रितिक बिष्ट (25 वर्ष) और ऋषभ अग्रवाल (30 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। रितिक बिष्ट का पुराना आपराधिक इतिहास भी है, जिसमें अल्मोड़ा और हल्द्वानी थानों में एनडीपीएस एक्ट और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत चार मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी हुआ लैपटॉप, टीवी, मोबाइल, मंदिर की मूर्तियां, तांबे की वस्तुएं और एसी के कॉपर पाइप बरामद कर लिए हैं। इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की सराहना करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने टीम को 1500 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।2
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यों को गति देते हुए कुल 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के दायरे में सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सिंचाई और रोजगार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प दोहराया। उन्होंने 64 हजार एकड़ अवैध कब्जे वाली जमीन को मुक्त कराने और एंटी-भूमाफिया पोर्टल के उपयोग पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने विकसित भारत 2047, बुंदेलखंड विकास और चित्रकूट के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, रोजगार के अवसर और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने से संबंधित विषयों पर भी महत्वपूर्ण बयान दिए।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया में एक मासूम की हत्या के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। इस जघन्य वारदात की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई थी, जिसमें दरिंदगी साफ तौर पर कैद हो गई थी। अदालत ने साक्ष्यों और सीसीटीवी में कैद हुए दृश्यों के आधार पर यह कठोर निर्णय लिया है।1
- उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट नगर में 'कालसन बाबा स्वयं सहायता समूह' की महिलाओं ने 'वान्या लाइब्रेरी' की स्थापना कर आत्मनिर्भरता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से शुरू की गई यह पहल क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन गई है और महिलाओं की आर्थिक प्रगति का आधार भी बनी है। इस परियोजना को कुल 10 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसमें ग्रामोत्थान परियोजना ने 6 लाख रुपये का वित्तीय सहयोग दिया है, जबकि समूह की महिलाओं ने 3 लाख रुपये का बैंक ऋण लिया और 1 लाख रुपये अपने अंशदान के रूप में जुटाए। वर्तमान में यह लाइब्रेरी 24×7 संचालित होती है और सभी खर्च निकालने के बाद समूह को प्रतिमाह 60 से 65 हजार रुपये की शुद्ध आय हो रही है। लाइब्रेरी में छात्रों के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, लॉकर सुविधा और एक कैंटीन की व्यवस्था की गई है, साथ ही सुरक्षा के लिए इसे सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। वर्तमान में यहाँ 131 छात्र-छात्राएं पंजीकृत होकर अध्ययन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा महिला सशक्तिकरण को दिए जा रहे प्रोत्साहन का परिणाम है कि चंपावत की महिलाएं अब न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि राज्य के अन्य समूहों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बनी हैं।3
- नैनीताल से मनोरा जाने वाले मुख्य पैदल मार्ग पर एक सीवर टैंक के पिछले कई दिनों से लगातार लीक होने के कारण स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस लीकेज की वजह से पूरा रास्ता कीचड़ और गंदगी से पट गया है, जिससे क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है और लोगों के लिए आवाजाही करना दूभर हो गया है। खुले में बह रहे सीवर के पानी के चलते स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है और वे संक्रामक बीमारियों के फैलने के खतरे को लेकर चिंतित हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए ग्राम प्रधान डॉ. बबीता मनराल ने सक्रियता दिखाई और जल संस्थान नैनीताल के सहायक अभियंता से संपर्क कर मामले की शिकायत की। ग्राम प्रधान की इस त्वरित पहल का संज्ञान लेते हुए एई ओझा ने आश्वासन दिया है कि विभाग द्वारा आज ही इस लीकेज को पूरी तरह ठीक कर दिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिल सकेगी।1
- चंपावत के टनकपुर में आगामी त्योहारों को देखते हुए मिठाई और खाने-पीने की विभिन्न दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से दुकानों से नमूनों को एकत्र किया गया और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।1