एक ओर जहाँ देश में बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएँ लोगों की जान ले रही हैं, वहीं दूसरी ओर जर्जर दीवारें, इमारतें और मकान ढहने से भी मासूमों की मौत हो रही है। यदि प्राकृतिक आपदाओं को रोकना इंसानों के वश में नहीं है, तो जर्जर ढाँचों के ढहने का कारण केवल और केवल लापरवाही है, जिससे ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। सजग और सतर्क रहकर इन मौतों को टाला जा सकता है, लेकिन इस दिशा में कोई कोशिश नहीं की जाती। जर्जर मकान और इमारतें सालों तक वैसी ही खड़ी रहती हैं, उन्हें गिराने की ज़हमत तक नहीं उठाई जाती। न तो ऐसे ढाँचों को नोटिस दिया जाता है और न ही दिए गए नोटिस का पालन करवाया जाता है। विडंबना यह है कि कई बार तो ऐसे खतरनाक भवनों में शादी-ब्याह से लेकर अनेक धार्मिक आयोजन तक कर लिए जाते हैं, जिससे जान का जोखिम और बढ़ जाता है। सरकारी नियम स्पष्ट रूप से कहता है कि सभी कमजोर और जर्जर भवनों का नियमित रूप से पता लगाकर उन्हें तोड़ने की कार्रवाई स्थानीय प्रशासन या निकाय द्वारा की जानी चाहिए। हालाँकि, इस महत्वपूर्ण नियम का पालन ही नहीं हो पाता, जिसका खामियाज़ा लोगों को अपनी जान गँवाकर भुगतना पड़ता है।
एक ओर जहाँ देश में बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएँ लोगों की जान ले रही हैं, वहीं दूसरी ओर जर्जर दीवारें, इमारतें और मकान ढहने से भी मासूमों की मौत हो रही है। यदि प्राकृतिक आपदाओं को रोकना इंसानों के वश में नहीं है, तो जर्जर ढाँचों के ढहने का कारण केवल और केवल लापरवाही है, जिससे ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। सजग और सतर्क रहकर इन मौतों को टाला जा सकता है, लेकिन इस दिशा में कोई कोशिश नहीं की जाती। जर्जर मकान और इमारतें सालों तक वैसी ही खड़ी रहती हैं, उन्हें गिराने की ज़हमत तक नहीं उठाई जाती। न तो ऐसे ढाँचों को नोटिस दिया जाता है और न ही दिए गए नोटिस का पालन करवाया जाता है। विडंबना यह है कि कई बार तो ऐसे खतरनाक भवनों में शादी-ब्याह से लेकर अनेक धार्मिक आयोजन तक कर लिए जाते हैं, जिससे जान का जोखिम और बढ़ जाता है। सरकारी नियम स्पष्ट रूप से कहता है कि सभी कमजोर और जर्जर भवनों का नियमित रूप से पता लगाकर उन्हें तोड़ने की कार्रवाई स्थानीय प्रशासन या निकाय द्वारा की जानी चाहिए। हालाँकि, इस महत्वपूर्ण नियम का पालन ही नहीं हो पाता, जिसका खामियाज़ा लोगों को अपनी जान गँवाकर भुगतना पड़ता है।
- प्रयागराज में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भाजपा सांसद द्वारा सोशल मीडिया पर की गई 'गलत टिप्पणी' के खिलाफ आयोजित किया गया था। सपा कार्यकर्ता धूमनगंज थाने में निशिकांत दुबे के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे थे।2
- प्रयागराज में दमनकारी नीतियों के विरोध में 21 जुलाई को बीकेयू की एक ऐतिहासिक ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ किसान सम्मान महापंचायत का शंखनाद किया गया है। यह महापंचायत प्रयागराज में आयोजित की जाएगी, जहाँ बीकेयू दमनकारी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करेगी।1
- कौशाम्बी जिले में पुलिस अधीक्षक श्री सत्यनारायण ने संदीपनघाट थाने में अर्दली रूम का आयोजन किया, जिसमें थाना स्तर पर संचालित विभिन्न कार्यों और कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती अमिता सिंह भी मौजूद रहीं। पुलिस अधीक्षक ने सभी विवेचकों की लंबित विवेचनाओं, प्राप्त प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण, जनसुनवाई प्रकरणों और अपराध नियंत्रण संबंधी कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से महिला संबंधी अपराधों, साइबर अपराधों, वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी और जनशिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। इसके साथ ही, विवेचनाओं में गुणवत्ता बनाए रखने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, थाना अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव, बीट पुलिसिंग को प्रभावी बनाने, नियमित गश्त, अपराध एवं अपराधियों पर सतत निगरानी तथा आमजन के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर जनविश्वास को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने हेतु प्रेरित करते हुए जनसुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क एवं उत्तरदायी होकर कार्य करने का निर्देश दिया।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित जॉर्जटाउन थाने पर सपाइयों द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। सपाइयों का आरोप है कि अखिलेश यादव की छवि खराब करने और भाजपा नेताओं पर झूठी खबरें फैलाने के मामले में तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस ने अभी तक केस दर्ज नहीं किया है। उन्होंने थाने में तहरीर देकर इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है, और इसी मांग को लेकर वे धरने पर बैठे हैं।1
- प्रयागराज के रहीमापुर क्षेत्र में अपना दल के सभी पदाधिकारियों ने एक गेस्ट हाउस में एकजुट होकर बैठक की।1
- प्रयागराज में श्रीराम मंदिर के चंदा और चढ़ावा चोरी का मामला अब सियासी रंग ले चुका है। इसी मुद्दे के बहाने विपक्ष ने बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है और सियासी माहौल बनाने के लिए सड़क पर उतरने का दांव चला है। शहर कांग्रेस कमेटी की अगुवाई में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और दान में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में 'सद्बुद्धि यात्रा' निकाली गई। यह यात्रा सिविल लाइन्स सुभाष चौराहे से शुरू होकर हनुमान मंदिर तक गई, जिसके जरिए कांग्रेसियों ने चंदा चोरी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।2
- कौशाम्बी जिले के सैनी थाना क्षेत्र के ग्राम अटसराय स्थित हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। जानकारी के अनुसार, कानपुर की ओर जा रहे एक पिकअप वाहन का टायर पंचर हो जाने के बाद चालक और उसके सहयोगी उसे सड़क के किनारे खड़े होकर ठीक कर रहे थे। इसी दौरान, एक अज्ञात वाहन ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें गंभीर रूप से घायल हुए चार लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना के संबंध में परिजनों की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की जा रही है। सिराथू के क्षेत्राधिकारी श्री सत्येन्द्र कुमार तिवारी ने इस संबंध में एक वीडियो बाइट भी जारी की है।1
- कांग्रेस ने प्रयागराज में राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर 'सद्बुद्धि यात्रा' का आयोजन किया। इस यात्रा के दौरान, कांग्रेस ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।1
- केरल के वायनाड में एक भयावह और प्रलय जैसा भूस्खलन हुआ है, जिसे बहुत कम ही देखा गया होगा। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक चार लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। क़ुदरत का यह कहर ऐसा था कि मलबा बाढ़ की तरह तेजी से नीचे आया, जिससे लोगों को बड़ी मुश्किल से भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। इस घटना में कई वाहन मलबे में दब गए हैं और आशंका जताई जा रही है कि अभी भी कई लोग फंसे हुए हैं।1