शनिवार को वृंदावन परिक्रमा मार्ग से सटे कुंभ मेला क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाते हुए लगभग आधा दर्जन झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए नगर निगम की टीम पुलिस बल और ईटीएफ के साथ मौके पर पहुंची, जहाँ जेसीबी की मदद से अतिक्रमणों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों ने इसका विरोध भी जताया, लेकिन पुलिस बल और ईटीएफ की मौजूदगी के कारण उनका विरोध प्रभावी नहीं हो सका। प्रभावित लोगों ने प्रशासन पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जहाँ गरीबों की झोपड़ियों को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं मेला क्षेत्र में बने पक्के अतिक्रमणों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। गजेंद्र नामक व्यक्ति ने इस भेदभाव को उजागर करते हुए प्रशासन से सभी अतिक्रमणों पर समान रूप से कार्रवाई करने की माँग की। वहीं, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे आर.के. सिंह ने बताया कि यह क्षेत्र पहले भी अतिक्रमणमुक्त कराया जा चुका है, बावजूद इसके कुछ लोग दोबारा झोपड़ियां बनाकर कब्जा कर लेते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दोबारा की गई है और भविष्य में भी सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी दोहराया कि कुंभ मेला क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त रखने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
शनिवार को वृंदावन परिक्रमा मार्ग से सटे कुंभ मेला क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाते हुए लगभग आधा दर्जन झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए नगर निगम की टीम पुलिस बल और ईटीएफ के साथ मौके पर पहुंची, जहाँ जेसीबी की मदद से अतिक्रमणों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रभावित
परिवारों ने इसका विरोध भी जताया, लेकिन पुलिस बल और ईटीएफ की मौजूदगी के कारण उनका विरोध प्रभावी नहीं हो सका। प्रभावित लोगों ने प्रशासन पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जहाँ गरीबों की झोपड़ियों को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं मेला क्षेत्र में बने पक्के अतिक्रमणों पर कोई कार्रवाई नहीं की
जाती। गजेंद्र नामक व्यक्ति ने इस भेदभाव को उजागर करते हुए प्रशासन से सभी अतिक्रमणों पर समान रूप से कार्रवाई करने की माँग की। वहीं, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे आर.के. सिंह ने बताया कि यह क्षेत्र पहले भी अतिक्रमणमुक्त कराया जा चुका है, बावजूद इसके कुछ लोग दोबारा झोपड़ियां बनाकर कब्जा कर लेते
हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दोबारा की गई है और भविष्य में भी सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी दोहराया कि कुंभ मेला क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त रखने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
- मथुरा की सदर तहसील में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सदर उप जिलाधिकारी आदेश कुमार ने की। इस अवसर पर विद्युत, राजस्व और चकबंदी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में शिकायतकर्ता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे, जिनमें लंबित मामलों के निस्तारण और पहली बार दर्ज कराई गई शिकायतें दोनों शामिल थीं। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों को शिकायतों की जांच और उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। इस समाधान दिवस के दौरान, कुल करीब 42 शिकायतों में से 3 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।4
- मथुरा में यमुना मैया में लगातार गिर रहे गंदे नाले कभी भी बंद नहीं होंगे, इस बात पर जोर दिया गया है।2
- कस्बा महावन के बंदी दरवाजा निवासी लक्ष्मण पाराशर ने एक ज्वेलर्स को अपनी पुरानी ज्वेलरी नई ज्वेलरी बनवाने के लिए दी थी, जिसका उद्देश्य शादी के लिए नई ज्वेलरी बनवाना था। पीड़ित का आरोप है कि ज्वेलर्स ने नई ज्वेलरी देने से मना कर दिया और ज्वेलरी देने से ही मुकर गया। पाराशर को लगता है कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और वह सरकारी तंत्र के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने भी उनकी शिकायत नहीं सुनी और सबूत न होने की बात कही। इसके बाद, पीड़ित ने सभी अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई और तहसील दिवस में भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है।1
- मथुरा में ब्रज प्रेस क्लब द्वारा 34वां पत्रकारिता दिवस समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में ब्रज प्रेस क्लब द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण आयोजन था।4
- छाता मथुरा1
- 6397919230 8755334024 9756002593 6397919230 8745258855 97560025934
- मथुरा जिले के गोवर्धन तहसील अंतर्गत आशा नगला गाँव में, जो ग्राम पंचायत सौंख का हिस्सा है, आज सैकड़ों जाटव समाज के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी और कानूनगो गोवर्धन यह जानकारी दे रहे हैं कि अंबेडकर पार्क पर पट्टे आवंटित हैं, जिसे वे पूरी तरह से निराधार और असत्य बताते हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में अपनी समाज से जुड़े इतिहास का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 1968 में ग्राम प्रधान सौंख देहात, विजेंद्र सिंह ने उनके समाज के आठ व्यक्तियों के नाम पर पट्टे काटकर अंबेडकर पार्क, मंदिर और धर्मशाला आदि के लिए भूमि आवंटित की थी। इसी आवंटित स्थान पर वर्ष 1980 में धर्मशाला का निर्माण हुआ था, जिसके बाद वर्ष 1985 में अंबेडकर प्रतिमा स्थापित की गई। इस प्रतिमा का उद्घाटन तत्कालीन सांसद मानवेंद्र सिंह के कर कमलों द्वारा विधायक बलजीत सिंह की उपस्थिति में किया गया था। इसके अतिरिक्त, वर्ष 1987 में ग्राम समाज द्वारा गुप्तेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना भी की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि जिन पट्टेधारियों के पट्टों को पार्क से जोड़ा जा रहा है, उनके वास्तविक पट्टे वर्ष 1987 से नगला आशा मोड़ पर स्थित हैं, जो उन्हें नसबंदी के एवज में प्राप्त हुए थे। इसलिए, उन्होंने प्रशासन से पुरज़ोर अनुरोध किया है कि वे उनके अंबेडकर पार्क में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न करें। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ऐसा करता है, तो उत्पन्न होने वाली अशांति और आंदोलन की पूरी ज़िम्मेदारी प्रशासन और शासन की स्वयं होगी।4
- मथुरा के होटल बृजवासी रॉयल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव और मीडिया क्षेत्र पर इसके संभावित असर को लेकर पत्रकारों की एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले और आसपास के क्षेत्रों से आए अनेक पत्रकारों ने भाग लिया, जहाँ उन्होंने एआई तकनीक से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपनी गंभीर चिंताएँ व्यक्त कीं। गोष्ठी के दौरान, वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि एआई के तेज़ी से बढ़ते उपयोग के कारण पत्रकारिता के स्वरूप में बड़े बदलाव आ रहे हैं। इस चर्चा में समाचारों की विश्वसनीयता, फेक न्यूज़ का प्रसार, रोज़गार के अवसरों में संभावित कमी और मीडिया की निष्पक्षता जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित पत्रकारों ने यह स्वीकार किया कि एआई एक उपयोगी तकनीक हो सकती है, लेकिन इसके अनियंत्रित उपयोग से पत्रकारिता की मूल भावना और सिद्धांतों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडे मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने पत्रकारों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं को गंभीरता से सुना और कहा कि तकनीक का उपयोग समाज तथा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए। मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि एआई के लाभों के साथ-साथ इसके संभावित दुष्प्रभावों पर भी गंभीरता से विचार करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि मीडिया की विश्वसनीयता बनी रहे और लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मज़बूत बना रहे। कार्यक्रम के समापन पर, पत्रकारों ने एआई के उपयोग के संबंध में स्पष्ट नीतियाँ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने मीडिया कर्मियों को समय-समय पर एआई के प्रभावी और नैतिक उपयोग के लिए आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की भी मांग की।3
- मथुरा पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के अंतर्गत, कोसीकलां पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 10 पेटी अवैध देशी शराब बरामद की, जिसमें कुल 504 पव्वा अवैध शराब शामिल थी।1