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उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक मासूम बच्चा अकेले ही पुलिस स्टेशन पहुंच गया। बच्चे को थाने में अकेला देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए और उसकी जानकारी जुटा रहे हैं।
Himanshu mishra
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक मासूम बच्चा अकेले ही पुलिस स्टेशन पहुंच गया। बच्चे को थाने में अकेला देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए और उसकी जानकारी जुटा रहे हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह लोधी ने यह विश्वास व्यक्त किया है कि वर्ष 2027 में पार्टी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।1
- फतेहपुर शहर के आईटीआई रोड पर दशकों से वीरान पड़े यूसुफ क्लब के जीर्णोद्धार और उसे एक सुंदर प्रकृतिमय पार्क में बदलने की मांग उठाई गई है। ताइक्वांडो एसोसिएशन ऑफ फतेहपुर ने इस संबंध में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा के अनुसार, रखरखाव के अभाव में यह क्लब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है और इसकी हालत टूटी-फूटी है। ज्ञापन में यह मांग की गई है कि इस खाली मैदान में वृक्षारोपण किया जाए, ताकि यह बुजुर्गों के टहलने और बच्चों के खेलने के लिए एक पार्क के रूप में विकसित हो सके। एसोसिएशन का मानना है कि इससे योगा और मार्शल आर्ट जैसे खेलों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे 'ग्रीन फतेहपुर, क्लीन फतेहपुर' अभियान को भी मजबूती मिलेगी।1
- कूरा कल्लू खागा4
- देश के विभिन्न हिस्सों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशनों का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। इस बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क से लंबी दूरी की यात्राएं अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है और यह इलेक्ट्रिक वाहनों को व्यापक रूप से अपनाने में भी सहायता कर सकता है। विशेषज्ञ इस पहल को स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।1
- फतेहपुर में आशूरा यानी दशमी मोहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस पूरी अकीदत और श्रद्धा के साथ निकाला गया। यह जुलूस कबाड़ी मार्केट से शुरू होकर पीरनपुर बांदा सागर रोड, कटरा अब्दुल गनी होते हुए चौक पहुंचा। चौक पर चंदू मियां के नेतृत्व में सभी ताजियों का मिलन हुआ, जिसके बाद यह जुलूस पीलू तले चौराहा, लाल बाजार, कूड़ तालाब और मुरैन टोला तक पहुंचा, जहां सारे ताजिए एकत्रित हुए। तारों और फूलों से सजे ये ताजिए लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इस पूरे रूट पर पुलिस और प्रशासन की टीम मुस्तैद रही, जिसने व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोगों ने भी इस मौके पर बड़ी अकीदत के साथ जगह-जगह लंगर बांटा और फातिहा पढ़ी, जिसमें आसपास के इलाकों से भी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इमाम हुसैन की याद में कई लोगों ने रोजा रखकर इबादत की और उनकी शहादत को याद किया। यह दिन कर्बला के शहीदों की कुर्बानी की याद दिलाता है। फतेहपुर के लोगों ने इस पवित्र दिन को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया, जो इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा।1
- बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव ने साहू जी महाराज की जयंती के शुभ अवसर पर एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान चक्रवर्ती सम्राट अशोक मौर्य की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण किया गया। इस मौके पर 'जय मूल निवासी', 'जय भारत', 'जय भीम' और 'जय संविधान' के नारे लगाए गए।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में डीजे मशीन चोरी करने वाले एक अभियुक्त को अवैध तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया है।1
- चित्रकूट जनपद के रैपुरा थाना क्षेत्र के बांधी गाँव में एक 32 वर्षीय महिला की कथित तौर पर झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद मौत हो गई। मृतका की पहचान जबीना के रूप में हुई है, जो जाहिद की पत्नी और नटो का डेरा, थाना रैपुरा की निवासी थी। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर जिला मुख्यालय में पोस्टमार्टम कराया है। परिजनों ने बताया कि जबीना पथरी के दर्द से जूझ रही थी। बीते बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे उसके पेट में असहनीय दर्द उठा। परिवार के सदस्य उसे गाँव में मौजूद केशवानी मेडिकल स्टोर ले गए, जहाँ डॉक्टर ने जबीना को तीन इंजेक्शन लगाए और घर वापस भेज दिया। घर लौटने के कुछ ही देर बाद जबीना की हालत और बिगड़ गई। परिजन उसे दोबारा उसी मेडिकल स्टोर पर ले गए, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें वहाँ से भगा दिया। जबीना की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी, जिसे देखते हुए परिजन उसे जानकी कुंड हॉस्पिटल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लिया और आज गुरुवार दोपहर लगभग 12:30 बजे जिला मुख्यालय में उसका पोस्टमार्टम कराया। परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।1
- चित्रकूट जिले के कर्वी, सीतापुर और चितरा गोकुलपुर क्षेत्रों में मुहर्रम का पर्व अकीदत और गमगीन माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला में हुई शहादत को याद किया। मुस्लिम भाइयों ने शुक्रवार सुबह 9 बजे जानकारी देते हुए बताया कि मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना होने के साथ-साथ पैगंबर मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला शोक का पर्व है। यह किसी उत्सव या खुशी का अवसर नहीं माना जाता, बल्कि सत्य, न्याय और इंसाफ की रक्षा के लिए दिए गए महान बलिदान को याद करने और उससे प्रेरणा लेने का दिन है। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से हजरत इमाम हुसैन के बलिदान को मानवता, सत्य और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक बताया। समुदाय के सदस्यों ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में गम और अकीदत का माहौल देखने को मिला।3