आवारा पशुओं का आतंक, किसानों की फसलें तबाह। आवारा पशुओं का झुंड फसलों को कर रहा बर्बाद किसान परेशान। संवाददाता पंकज कुमार आलापुर अम्बेडकर नगर। अम्बेडकर नगर जनपद के विकास खंड जहांगीरगंज अंतर्गत गांव कमालपुर पिकार एवं मुबारकपुर पिकार में आवारा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आपको बता दें कि गांव के किसानों के अनुसार एक साथ लगभग 100 से अधिक आवारा पशु खेतों में घुसकर गेहूं, सरसों, चना, आलू और मटर जैसी हरी-भरी फसलों को चरकर पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि ये आवारा पशु झुंड के रूप में खेतों में पहुंचते हैं और कुछ ही समय में मेहनत से तैयार की गई फसल को बर्बाद कर देते हैं। फसल नष्ट होने से किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ रहा है और उनमें भारी चिंता व्याप्त है।ग्रामीण किसानों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। किसानों की मांग है कि आवारा पशुओं को शीघ्र पकड़वाकर पशु आश्रय स्थलों में भेजा जाए अथवा किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, ताकि उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें। किसानों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी इस समस्या पर मौन साधे हुए हैं, जिससे किसानों की परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यदि जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए गए तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।ग्रामीणों ने आवारा पशुओं का आतंक, रातभर रखवाली करने के बाद भी नहीं बच रही फसल प्रशासन मौन,जिला प्रशासन एवं विकास खण्ड़़ जहांगीरगंज खंड विकास अधिकारी आलाधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है, जिससे किसानों की मेहनत और आजीविका बचाई जा सके।
आवारा पशुओं का आतंक, किसानों की फसलें तबाह। आवारा पशुओं का झुंड फसलों को कर रहा बर्बाद किसान परेशान। संवाददाता पंकज कुमार आलापुर अम्बेडकर नगर। अम्बेडकर नगर जनपद के विकास खंड जहांगीरगंज अंतर्गत गांव कमालपुर पिकार एवं मुबारकपुर पिकार में आवारा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आपको बता दें कि गांव के किसानों के अनुसार एक साथ लगभग 100 से अधिक आवारा पशु खेतों में घुसकर गेहूं, सरसों, चना, आलू
और मटर जैसी हरी-भरी फसलों को चरकर पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि ये आवारा पशु झुंड के रूप में खेतों में पहुंचते हैं और कुछ ही समय में मेहनत से तैयार की गई फसल को बर्बाद कर देते हैं। फसल नष्ट होने से किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ रहा है और उनमें भारी चिंता व्याप्त है।ग्रामीण किसानों ने बताया कि इस गंभीर समस्या
को लेकर कई बार प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। किसानों की मांग है कि आवारा पशुओं को शीघ्र पकड़वाकर पशु आश्रय स्थलों में भेजा जाए अथवा किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, ताकि उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें। किसानों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी इस समस्या पर मौन साधे हुए हैं, जिससे किसानों की परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही
है। यदि जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए गए तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।ग्रामीणों ने आवारा पशुओं का आतंक, रातभर रखवाली करने के बाद भी नहीं बच रही फसल प्रशासन मौन,जिला प्रशासन एवं विकास खण्ड़़ जहांगीरगंज खंड विकास अधिकारी आलाधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है, जिससे किसानों की मेहनत और आजीविका बचाई जा सके।
- घर में वज़न घटाने के लिए एक्सरसाइज कर रहे एक शख़्स का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। शुरुआत में वीडियो मज़ेदार लगता है, लेकिन अचानक फर्श टूटने से वह व्यक्ति नीचे वाली मंज़िल में गिर जाता है। यह हादसा देखते ही लोगों की हँसी चिंता में बदल गई। वीडियो फिटनेस के साथ-साथ घर की सुरक्षा को लेकर भी चेतावनी देता है। #WeightLossGoneWrong #ViralVideo #WorkoutFail #FitnessReality #ExerciseFail #ShockingVideo #TrendingReels #GymAtHome #RealityCheck1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | अंबेडकर नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर में एनएचएम कर्मचारियों का वेतन संकट, ज्ञापन सौंप जताया रोष अंबेडकर नगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर में कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों का वेतन पिछले कई महीनों से लंबित होने के कारण गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि जहां कुछ कर्मचारियों का वेतन बीते दो से तीन माह से रुका हुआ है, वहीं कई कर्मचारियों को पिछले छह माह से वेतन नहीं मिल पाया है, जिससे उनके सामने गहरा आर्थिक और मानसिक संकट खड़ा हो गया है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों के परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च, किराया, बिजली-पानी के बिल और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के इस दौर में बिना वेतन काम करना अत्यंत पीड़ादायक है। इस गंभीर समस्या को लेकर एनएचएम कर्मचारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर के अधीक्षक को एक लिखित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग की है कि लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान कराया जाए तथा भविष्य में वेतन समय से दिया जाए। साथ ही कर्मचारियों ने यह भी मांग रखी कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए उनके वेतन में वृद्धि की जाए, क्योंकि वर्तमान वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तीन दिन के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे मजबूरन धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी। गौरतलब है कि एनएचएम कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाते हैं और दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं। इसके बावजूद समय पर वेतन न मिलना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी शीघ्रता से संज्ञान लेकर कर्मचारियों को राहत देता है।1
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- सरयू नदी में मिली एक अज्ञात युवक की लाश - मचा हड़कंप - मौके पर पहुंची पुलिस #ambedkarnagar_news1
- आम के बाग में स्थानीय लोगों ने एक पेड़ से फंदे पर लटके युवक का देखा शव रिपोर्ट-अनन्त कुशवाहा अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र में एक आम के बाग में युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार अकबरपुर थाना क्षेत्र के अरिया गांव के पास स्थित एक आम के बाग में स्थानीय लोगों ने एक पेड़ से फंदे पर लटके युवक का शव देखा। शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान 20 वर्षीय मोहम्मद जैद पुत्र तफसीर हुसैन, निवासी अरिया के रूप में की।1
- कंबल को रस्सी बनाकर जेल से कैदी फरार सवाल जेल प्रशासन पर भी हैं |1
- रुद्र महायज्ञ के पंचम दिवस वृंदावन की रास मंडली ने किया श्रीराम जन्म का मनमोहक मंचन अश्विनी कुमार पाण्डेय नाथनगर। नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के काली जगदीशपुर में विगत पाँच दिनों से चल रहे रुद्र महायज्ञ के पंचम दिवस बुधवार को श्रीधाम वृंदावन से पधारी रास मंडली द्वारा श्रीराम जन्म का भावपूर्ण एवं मनमोहक मंचन प्रस्तुत किया गया। मंचन को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से पंडाल गूंजता रहा। इस अवसर पर कथावाचक हलचल बाबा ने श्रीराम कथा का रसपान कराते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों पर प्रकाश डाला। कथा और मंचन के समन्वय ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में प्रधान संघ अध्यक्ष गणेश पांडेय, प्रधान प्रतिनिधि गणेश उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंच संचालन नागेंद्र दुबे द्वारा किया गया। वहीं प्रधान प्रतिनिधि अंकित चौधरी द्वारा रुद्र महायज्ञ में की जा रही सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग को सभी ने सराहा। आयोजकों ने बताया कि समस्त ग्रामवासी बढ़-चढ़कर यज्ञ में सहभागिता निभा रहे हैं। आगामी 11 जनवरी को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यज्ञ को सफल बनाने में गांव व क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोगों का सहयोग सराहनीय रहा। इस अवसर पर कल्लू चौधरी, श्याम चौधरी, प्रधान प्रतिनिधि अंकित चौधरी, राम चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।2
- ब्रेकिंग न्यूज़ | अंबेडकर नगर कड़ाके की ठंड में जहां स्कूल-कॉलेज बंद, वहीं रामनगर सीएचसी में मरीज और तीमारदार बेहाल अलाव व बैठने की व्यवस्था नदारद, 24 घंटे इमरजेंसी सेवा पर भी उठे सवाल अंबेडकर नगर। जनपद में कड़ाके की ठंड को देखते हुए जहां प्रशासन ने बच्चों को राहत देते हुए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए हैं, वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रामनगर में इलाज कराने आने वाले मरीज और उनके परिजन भीषण ठंड में परेशान नजर आ रहे हैं। सीएचसी रामनगर में ठंड से बचाव के लिए अलाव की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही है। दूर-दराज के गांवों से इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों को रात के समय ठंड से बचने के लिए मजबूरन अस्पताल परिसर में लगे हरे पेड़ों की डालियां तोड़कर अलाव जलाना पड़ रहा है, जो न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है बल्कि प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर करता है। डिलीवरी कराने आए परिजन खुले आसमान के नीचे अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई महिलाओं के परिजनों के बैठने या ठहरने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इस भीषण ठंड में उन्हें पूरी रात खुले में बितानी पड़ती है। परिजनों का कहना है कि वे मरीज की सेवा के लिए अस्पताल आते हैं, लेकिन यहां खुद बीमार पड़ने की नौबत आ जाती है। ठंड के कारण कई तीमारदार सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। 24 घंटे इमरजेंसी सेवा सिर्फ बोर्ड तक सीमित? अस्पताल आए कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि रात करीब 9:30 बजे अस्पताल का गेट बंद कर दिया जाता है, जबकि अस्पताल परिसर में साफ-साफ लिखा है कि इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक हंगामा या शोर न किया जाए, तब तक इलाज शुरू नहीं होता, और यदि कोई आवाज नहीं उठाए तो मरीज को नजरअंदाज कर दिया जाता है। डॉक्टर का दावा बनाम जमीनी हकीकत वहीं अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने दावा किया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था की गई है और उसे जलाया भी गया है। लेकिन मौके पर मौजूद मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अलाव कहीं नजर नहीं आता, और ठंड से बचने के लिए वे खुद पेड़ों की डालियां तोड़कर आग जलाने को मजबूर हैं। सवालों के घेरे में स्वास्थ्य व्यवस्था अब बड़ा सवाल यह है कि डॉक्टर का दावा सही है या मौके पर मौजूद लोगों के प्रत्यक्ष साक्ष्य? अगर अलाव और अन्य सुविधाएं वास्तव में मौजूद हैं, तो फिर मरीजों और उनके परिजनों को इस अमानवीय स्थिति का सामना क्यों करना पड़ रहा है? कुल मिलाकर, ठंड के इस प्रकोप में जहां एक ओर सरकार बच्चों की सेहत को लेकर सतर्क है, वहीं दूसरी ओर रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज और उनके परिजन बदहाली झेलने को मजबूर हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।1