भोजपुर के चरपोखरी प्रखंड में शारदीय खरीफ महा अभियान की शुरुआत तो बड़े धूमधाम से की गई, लेकिन इसके आयोजन की जमीनी हकीकत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार दोपहर लगभग 1:00 बजे प्रखंड विकास पदाधिकारी मोनिका कुमारी, पूर्व उप प्रमुख पप्पू कुमार शाह, बीस सूत्री अध्यक्ष अशोक पांडे उर्फ़ चिंटू बाबा और उपाध्यक्ष विकास कुमार विकी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया था। इस दौरान जिले से आए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को धान के उन्नत किस्म के बीज और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। हालांकि, सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इतने महत्वपूर्ण अभियान में किसानों की उपस्थिति बेहद कम रही। प्रचार-प्रसार के अभाव के कारण गिने-चुने किसान ही कार्यक्रम स्थल तक पहुँच पाए, जिससे पूरे आयोजन की गंभीरता और उसके उद्देश्य पर ही प्रश्नचिह्न लग गया। इसी गंभीर स्थिति के बीच, पूर्व उप प्रमुख पप्पू कुमार शाह ने BTM विजय कुमार पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चरपोखरी में खरीफ महा अभियान महज एक "खानापूर्ति" बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले इस अभियान की जानकारी जानबूझकर जनप्रतिनिधियों को नहीं दी जाती है, ताकि जिले से आने वाली राशि में "लूट-खसोट" की जा सके। शाह ने आगे कहा कि इस अभियान को कुछ चुनिंदा लोगों के दरवाजे तक ही सीमित रखा जाता है, जहाँ केवल फोटो खिंचवाकर कागजी खानापूर्ति कर ली जाती है। इसके परिणामस्वरूप किसानों को सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसका सीधा खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। इस पूरे मामले को लेकर किसानों में भी गहरी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि ऐसी ही स्थिति बनी रही, तो कृषि विभाग की सभी योजनाएँ सिर्फ कागजों तक ही सिमटकर रह जाएँगी। इस अवसर पर पूर्व शिक्षक अवधेश सिंह, देवी दयाल सिंह, मंटू कुमार, कृषि समन्वयक रंजीत कुमार, राजीव रंजन सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या चरपोखरी में कृषि योजनाएं वास्तव में किसानों के लिए हैं, या फिर सिर्फ 'फोटो और फाइलों' तक ही सीमित रह गई हैं।
भोजपुर के चरपोखरी प्रखंड में शारदीय खरीफ महा अभियान की शुरुआत तो बड़े धूमधाम से की गई, लेकिन इसके आयोजन की जमीनी हकीकत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार दोपहर लगभग 1:00 बजे प्रखंड विकास पदाधिकारी मोनिका कुमारी, पूर्व उप प्रमुख पप्पू कुमार शाह, बीस सूत्री अध्यक्ष अशोक पांडे उर्फ़ चिंटू बाबा और उपाध्यक्ष विकास कुमार विकी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया था। इस दौरान जिले से आए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को धान के उन्नत किस्म के बीज और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। हालांकि, सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इतने महत्वपूर्ण अभियान में किसानों की उपस्थिति बेहद कम रही। प्रचार-प्रसार के अभाव के कारण गिने-चुने किसान ही कार्यक्रम स्थल तक पहुँच पाए, जिससे पूरे आयोजन की गंभीरता और उसके उद्देश्य पर ही प्रश्नचिह्न लग गया। इसी गंभीर स्थिति के बीच, पूर्व उप प्रमुख पप्पू कुमार शाह ने BTM विजय कुमार पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चरपोखरी में खरीफ महा अभियान महज एक "खानापूर्ति" बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले इस अभियान की जानकारी जानबूझकर जनप्रतिनिधियों को नहीं दी जाती है, ताकि जिले से आने वाली राशि में "लूट-खसोट" की जा सके। शाह ने आगे कहा कि इस अभियान को कुछ चुनिंदा लोगों के दरवाजे तक ही सीमित रखा जाता है, जहाँ केवल फोटो खिंचवाकर कागजी खानापूर्ति कर ली जाती है। इसके परिणामस्वरूप किसानों को सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसका सीधा खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। इस पूरे मामले को लेकर किसानों में भी गहरी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि ऐसी ही स्थिति बनी रही, तो कृषि विभाग की सभी योजनाएँ सिर्फ कागजों तक ही सिमटकर रह जाएँगी। इस अवसर पर पूर्व शिक्षक अवधेश सिंह, देवी दयाल सिंह, मंटू कुमार, कृषि समन्वयक रंजीत कुमार, राजीव रंजन सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या चरपोखरी में कृषि योजनाएं वास्तव में किसानों के लिए हैं, या फिर सिर्फ 'फोटो और फाइलों' तक ही सीमित रह गई हैं।
- भोजपुर के दलीपपुर में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर में जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का निपटारा 30 दिनों के भीतर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के अंदर आवेदनों का निपटारा करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा।1
- Post by अजय कुमार1
- भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में कल पुलिस द्वारा गोली मारे जाने के बाद एक युवक भरत तिवारी की पटना पीएमसीएच में मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने भरत तिवारी के शव के साथ बिलौटी स्थित आरा-बक्सर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। यह प्रदर्शन पुलिस की गोलीबारी में हुई मौत के विरोध में किया गया, जिससे सड़क पर यातायात बाधित हो गया।2
- मोदी सरकार ने अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ बातचीत की है, जिसमें प्राणियों को सुविधाएँ प्रदान करने पर मुख्य रूप से चर्चा हुई। यह बातचीत काफी सकारात्मक रही और इसमें अच्छे से काम करने को लेकर भी बात हुई।1
- अभिषेक कुमार ई-मीडिया द्वारा एक वीडियो में यह जानकारी दी गई है कि यदि कोई ब्लैक होल में गिर जाए तो उसके साथ क्या हो सकता है।1
- अभिषेक कुमार ईमीडिया द्वारा एक वीडियो में यह महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया है कि क्या बैंक का लोन नहीं चुकाने की स्थिति में घर की नीलामी हो सकती है। इस विषय पर विस्तृत जानकारी और उत्तर जानने के लिए दर्शकों को वीडियो देखने के लिए कहा गया है।1
- औरंगाबाद के हसपुरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत सहयोग सह जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जनकल्याण से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया।1
- औरंगाबाद के गोह प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित प्रखंड सहयोग सह जन कल्याण शिविर में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। इस विशेष शिविर के दौरान, पिछले तीन दिनों में विभिन्न विभागों से कुल 59 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों में से, प्रशासनिक तत्परता दिखाते हुए, 24 मामलों का मौके पर ही त्वरित निष्पादन कर दिया गया है।1
- यह पोस्ट आम जनता की कड़ी आलोचना करती है, जिसमें सवाल उठाया गया है कि लोग अपने दिमाग का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे हैं और वे कब सुधरेंगे। इसमें कहा गया है कि नेता भले ही लोगों को बेवकूफ बना रहे हों, लेकिन यह समझ से परे है कि लोग बिना सोचे-समझे इतनी आसानी से मूर्ख क्यों बन जाते हैं। पोस्ट में बिहार में 'जीरो सिविक सेंस' होने का दृढ़ता से दावा किया गया है, जो लोगों के मौजूदा व्यवहार पर गहरी निराशा और भ्रम व्यक्त करता है।1