₹100 के भंसार से नेपाल में कई नेताओं ने की निंदा, नेपाल सरकार को विचार करने की मांग जोगबनी से अजय प्रसाद की रिपोर्ट नेपाल सरकार के हालिया फैसले ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में रह रहे लोगों के बीच असंतोष की लहर पैदा कर दी है। नए नियम के तहत अब नेपाल में 100 रुपये तक के छोटे सामान पर भी कस्टम ड्यूटी देना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे सीमावर्ती इलाकों का जनजीवन सीधे प्रभावित हो रहा है। इस निर्णय के खिलाफ मधेस क्षेत्र से चुने गए सत्ताधारी दल के कई सांसदों ने खुलकर विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह फैसला आम जनता, खासकर सीमा पर रहने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। ये लोग रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भारत से लाकर अपना जीवनयापन करते हैं। सांसदों ने सरकार से इस फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका मानना है कि तस्करी पर रोक लगाना जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान करना उचित नहीं है। सिरहा-4 से सांसद तपेश्वर यादव ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मुलाकात की और सीमा क्षेत्र के लोगों को राहत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच ‘रोटी-बेटी’ का संबंध केवल एक कहावत नहीं, बल्कि सदियों पुराना सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। ऐसे में इस तरह की सख्ती दोनों देशों के आपसी रिश्तों और सीमावर्ती लोगों के दैनिक जीवन पर नकारात्मक असर डाल सकती है। जोगबनी सीमा के दोनों तरफ के स्थानीय लोगों का भी कहना है कि छोटे-छोटे सामान पर टैक्स लगने से उनकी रोजमर्रा की जरूरतें महंगी हो जाएंगी, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ेगा। अब सभी की नजरें नेपाल सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह इस फैसले में कोई राहत देती है या नहीं।
₹100 के भंसार से नेपाल में कई नेताओं ने की निंदा, नेपाल सरकार को विचार करने की मांग जोगबनी से अजय प्रसाद की रिपोर्ट नेपाल सरकार के हालिया फैसले ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में रह रहे लोगों के बीच असंतोष की लहर पैदा कर दी है। नए नियम के तहत अब नेपाल में 100 रुपये तक के छोटे सामान पर भी कस्टम ड्यूटी देना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे सीमावर्ती इलाकों का जनजीवन सीधे प्रभावित हो रहा है। इस निर्णय के खिलाफ मधेस क्षेत्र से चुने गए सत्ताधारी दल के कई सांसदों ने खुलकर विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह फैसला आम जनता, खासकर सीमा पर रहने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। ये लोग रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भारत से लाकर अपना जीवनयापन करते हैं। सांसदों ने सरकार से इस फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका मानना है कि तस्करी पर रोक लगाना जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान करना उचित नहीं है। सिरहा-4 से सांसद तपेश्वर यादव ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मुलाकात की और सीमा क्षेत्र के लोगों को राहत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच ‘रोटी-बेटी’ का संबंध केवल एक कहावत नहीं, बल्कि सदियों पुराना सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। ऐसे में इस तरह की सख्ती दोनों देशों के आपसी रिश्तों और सीमावर्ती लोगों के दैनिक जीवन पर नकारात्मक असर डाल सकती है। जोगबनी सीमा के दोनों तरफ के स्थानीय लोगों का भी कहना है कि छोटे-छोटे सामान पर टैक्स लगने से उनकी रोजमर्रा की जरूरतें महंगी हो जाएंगी, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ेगा। अब सभी की नजरें नेपाल सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह इस फैसले में कोई राहत देती है या नहीं।
- Post by Razi Anwar1
- Post by Araria News1
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- hello good morning my name md SANAULROY age21 wark job my cite bihar shahr arriya4
- Post by MOHAMMAD SADDAM Bijli1
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