झंझारपुर अनुमंडल के अंधराठाढ़ी प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय कसमा गौड़ में बुधवार को मध्याह्न भोजन बनाते समय गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई, जिससे विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। घटना के समय स्कूल में 48 बच्चे मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, जब रसोइया दोपहर का भोजन तैयार कर रही थी, तभी अचानक गैस भट्टी के नॉब में आग लग गई। उस कमरे में चार बच्चे भी बैठे थे, जो रसोइया और शिक्षकों के साथ जान बचाकर बाहर भागे। ग्रामीणों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर भीगे जूट (सुतरी) के बोरे से सिलेंडर को ढंककर आग पर काबू पाया। डायल 112 पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने आग पूरी तरह बुझा दी थी। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इस घटना ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय लापरवाही को उजागर किया है। नियमों के विरुद्ध कमर्शियल की जगह घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग हो रहा था, और स्कूल में रखा आग बुझाने वाला संयंत्र (फायर एक्स्टिंग्विशर) भी एक्सपायर होने के कारण काम नहीं आया। प्रभारी प्रधानाध्यापक पूनम देवी ने बताया कि गैस एजेंसी द्वारा कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध न कराने के कारण घरेलू सिलेंडर का उपयोग करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि गैस एजेंसी कभी भी गैस, भट्टी या रेगुलेटर की तकनीकी जांच नहीं करती। प्रधानाध्यापक ने यह भी बताया कि विद्यालय में केवल दो कमरे हैं, जहाँ कक्षा 1 से 5 तक के कुल 54 नामांकित बच्चों की पढ़ाई और भोजन निर्माण साथ-साथ होता है। विद्यालय परिसर में रसोई घर का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है, क्योंकि संवेदक काम अधूरा छोड़कर चला गया। इस वजह से मजबूरन कक्षाओं के पास असुरक्षित ढंग से भोजन बनाना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अधूरे रसोई घर का निर्माण जल्द पूरा कराने और दोषी संवेदक पर कार्रवाई करने की मांग की है।
झंझारपुर अनुमंडल के अंधराठाढ़ी प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय कसमा गौड़ में बुधवार को मध्याह्न भोजन बनाते समय गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई, जिससे विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। घटना के समय स्कूल में 48 बच्चे मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, जब रसोइया दोपहर का भोजन तैयार कर रही थी, तभी अचानक गैस भट्टी के नॉब में आग लग गई। उस कमरे में
चार बच्चे भी बैठे थे, जो रसोइया और शिक्षकों के साथ जान बचाकर बाहर भागे। ग्रामीणों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर भीगे जूट (सुतरी) के बोरे से सिलेंडर को ढंककर आग पर काबू पाया। डायल 112 पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने आग पूरी तरह बुझा दी थी। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इस घटना ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय लापरवाही को उजागर किया है। नियमों के
विरुद्ध कमर्शियल की जगह घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग हो रहा था, और स्कूल में रखा आग बुझाने वाला संयंत्र (फायर एक्स्टिंग्विशर) भी एक्सपायर होने के कारण काम नहीं आया। प्रभारी प्रधानाध्यापक पूनम देवी ने बताया कि गैस एजेंसी द्वारा कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध न कराने के कारण घरेलू सिलेंडर का उपयोग करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि गैस एजेंसी कभी भी गैस, भट्टी या रेगुलेटर की तकनीकी जांच नहीं करती। प्रधानाध्यापक ने यह भी बताया कि विद्यालय में केवल दो कमरे हैं,
जहाँ कक्षा 1 से 5 तक के कुल 54 नामांकित बच्चों की पढ़ाई और भोजन निर्माण साथ-साथ होता है। विद्यालय परिसर में रसोई घर का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है, क्योंकि संवेदक काम अधूरा छोड़कर चला गया। इस वजह से मजबूरन कक्षाओं के पास असुरक्षित ढंग से भोजन बनाना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अधूरे रसोई घर का निर्माण जल्द पूरा कराने और दोषी संवेदक पर कार्रवाई करने की मांग की है।
- झंझारपुर के डीएसपी सुबोध कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अंधराठाढ़ी, रुद्रपुर, भैरवस्थान और आरएस ओपी सहित कुल नौ थानों के थानाध्यक्ष तथा सर्किल इंस्पेक्टर मौजूद रहे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दिनों में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना, किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और सभी पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। यह कदम मधुबनी जिले में आगामी श्रावणी मेला, पंचायत चुनाव, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े आयोजनों को देखते हुए उठाया गया है, जिसके कारण पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।1
- आज महथौर पंचायत के मुखिया के पुत्र श्री राम जतन दास ने यह जानकारी दी है कि उनके साथ मारपीट हुई है। उन्होंने बताया कि इस घटना के संबंध में उनकी शिकायत पुलिस थाना द्वारा दर्ज नहीं की जा रही है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राम जतन दास ने अपनी यह बात जनता तक पहुँचाने का अनुरोध किया है। इस मामले में उनका पूरा पक्ष एक वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। जनता से अपील की गई है कि वे इस वीडियो को देखें, अपनी राय दें और अधिक से अधिक साझा करें ताकि उनकी आवाज़ लोगों तक पहुँच सके और न्याय की गुहार लगाई जा सके। यह स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तुत वीडियो श्री राम जतन दास द्वारा किए गए दावों और उनके व्यक्तिगत पक्ष को दर्शाता है। इस मामले की सत्यता और कानूनी जांच का दायित्व संबंधित एजेंसियों के अधीन है।1
- मधुबनी शहर में एमएमसीएच (MMCH) के पास 'दिल्ली दस्तरख्वान' रेस्टोरेंट का शानदार उद्घाटन हुआ है। यह नया प्रतिष्ठान अपने स्वादिष्ट, लज़ीज़ और जायकेदार व्यंजनों के लिए जाना जाएगा, जहाँ विशेष रूप से मांसाहारी पकवानों जैसे चिकन और मटन की बेहतरीन डिशेज़ उपलब्ध होंगी। सभी भोजन प्रेमियों से एक बार ज़रूर पधारकर इन व्यंजनों का अनुभव करने का आग्रह किया गया है।1
- मधुबनी जिला परिषद अध्यक्ष बिंदु गुलाब यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 30वें स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।1
- मधुबनी शहर की स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने मधुबनी नगर निगम में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) और कम्पोस्ट पिट के निर्माण के लिए ₹2,33,60,000 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना को मधुबनी शहर के लिए लंबे समय से अपेक्षित एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह जानकारी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने समाहरणालय सभाकक्ष में नगर निगम, मधुबनी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए दी, जहाँ मेयर अरुण राय, नगर आयुक्त उमेश कुमार और अपर समाहर्ता मुकेश राजन झा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के सतत प्रयासों, निरंतर अनुश्रवण, विभागीय समन्वय और लगातार किए गए पत्राचार का परिणाम है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना साकार हो सकी है। जिलाधिकारी ने बताया कि मधुबनी को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी। उन्होंने स्वयं समय-समय पर इसकी समीक्षा की, संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया तथा नियमित पत्राचार के माध्यम से इसकी स्वीकृति सुनिश्चित कराई। जिलाधिकारी ने इस स्वीकृति को केवल एक वित्तीय मंजूरी नहीं, बल्कि मधुबनी के सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। परियोजना के पूर्ण होने पर शहर में निकलने वाले सूखे एवं गीले कचरे का वैज्ञानिक पृथक्करण, पुनर्चक्रण तथा जैविक कचरे से कम्पोस्ट निर्माण की आधुनिक व्यवस्था विकसित होगी। इससे वैज्ञानिक कचरा निष्पादन, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण एवं स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के उद्देश्यों को प्रभावी गति मिलेगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि परियोजना के लिए लगभग 08 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, और मधुबनी जिले के छह नगर निकायों के लिए MRF एवं कम्पोस्ट पिट निर्माण का कार्य दो क्लस्टरों में होगा, जिसमें मधुबनी नगर निगम को बेनीपट्टी एवं जयनगर नगर निकायों के साथ प्रथम क्लस्टर में शामिल किया गया है। जिला प्रशासन इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके पूर्ण होने के बाद मधुबनी शहर की स्वच्छता व्यवस्था आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगी और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की एक नई मिसाल स्थापित होगी, जिससे शहर स्वच्छ, हरित और सतत विकास के क्षेत्र में बिहार के अग्रणी नगरों में अपनी सशक्त पहचान बनाएगा। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग, नगर निगम, मधुबनी तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मियों के सहयोग की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता से मधुबनी एक स्वच्छ एवं आदर्श शहर के रूप में नई पहचान बनाएगा।1
- मधुबनी नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नगरवासियों के लिए होल्डिंग टैक्स का भुगतान घर बैठे ऑनलाइन करने की सुविधा शुरू की है। यह कदम नागरिकों को घर बैठे ही अपने टैक्स संबंधी कार्यों को पूरा करने में सहायता करेगा। मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस नई ऑनलाइन टैक्स भुगतान व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी नागरिकों से इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाने की अपील की। इस व्यवस्था को आसान प्रक्रिया, समय की बचत और एक पारदर्शी प्रणाली के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, जो मधुबनी को डिजिटल बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।1
- घाटमपुर से लौटते समय ट्रक चालक मनीष ने एक वर्दीधारी दरोगा को लिफ्ट दी। आरोप है कि रास्ते में दरोगा ने ट्रक की केबिन से ₹20,000 निकाल कर अपनी वर्दी में छिपा लिए। इस घटना को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रक चालक का यह कदम सही था या गलत, और ऐसी स्थिति में लोगों की क्या प्रतिक्रिया होती।1
- मधुबनी जिले के झंझारपुर में, कन्हौली के पास स्थित नेशनल हाईवे (एनएच) 27 के अंडरपास से गुजरने वाली सर्विस रोड की हालत बेहद दयनीय हो गई है, जहाँ बड़े-बड़े गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। मानसून की पहली बारिश ने इस महत्वपूर्ण सड़क की स्थिति को और भी खस्ताहाल कर दिया है, जिससे जगह-जगह जलजमाव हो गया है और पूरी सड़क तालाब में बदल गई है। पानी से लबालब भरे गड्ढे दिखाई न देने के कारण, इस मार्ग से गुजरने वाले हर वाहन चालक को दुर्घटना के साए में सफर करना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था का सर्वाधिक खामियाजा दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है, जहाँ पानी और कीचड़ के कारण संतुलन बिगड़ने से आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कन्हौली स्थित इस अंडरपास का उपयोग प्रतिदिन हजारों लोग मुख्य बाजार और राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुँचने के लिए करते हैं, लेकिन वर्तमान में यह रास्ता एक बड़ी मुसीबत बन गया है। स्थानीय लोगों में इस प्रशासनिक उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है, उनका कहना है कि झंझारपुर क्षेत्र से सरकार में मंत्री का प्रतिनिधित्व होने के बावजूद, एक प्रमुख सर्विस रोड की ऐसी दुर्दशा बेहद चिंताजनक है। वे आरोप लगाते हैं कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दावे जमीनी हकीकत से परे हैं और लोग अभी भी बुनियादी सड़क तथा जल निकासी की समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों, ग्रामीणों और राहगीरों ने जिला प्रशासन के साथ-साथ संबंधित एनएचएआई विभाग से पुरजोर माँग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना इस सर्विस रोड की मरम्मत अविलंब कराई जाए। इसके अतिरिक्त, अंडरपास के समीप जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।3