जिंदा महिला को कागजों में मार डाला: पेंशन के लिए साल भर से भटक रही वृद्धा चकिया, चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से सरकारी सिस्टम की संवेदनशीलता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक जीवित बुजुर्ग महिला को सरकारी अभिलेखों में 'मृत' घोषित कर उसकी वृद्धावस्था पेंशन रोक दी गई। अब वह महिला खुद के जिंदा होने का सबूत लेकर अधिकारियों की चौखट पर न्याय की गुहार लगा रही है। क्या है पूरा मामला? चकिया विकास खंड के कुदरा गांव की निवासी मालती देवी को पिछले एक साल से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही थी। आर्थिक रूप से कमजोर मालती देवी के लिए यह पेंशन ही उनके भरण-पोषण का एकमात्र सहारा थी। जब महीनों तक बैंक खाते में राशि नहीं आई, तो उन्होंने ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काटने शुरू किए। काफी भागदौड़ के बाद जब मामले की आंतरिक जांच हुई, तो जो सच सामने आया उसने वृद्धा के पैरों तले जमीन खिसका दी। सरकारी पोर्टल पर मालती देवी के नाम के आगे 'मृतक' दर्ज कर दिया गया था, जिसके आधार पर उनकी पेंशन स्थायी रूप से बंद कर दी गई। भ्रष्टाचार और मिलीभगत का आरोप मालती देवी का सीधा आरोप है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक साजिश है। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) और ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों की मिलीभगत से उन्हें कागजों में मृत दिखाया गया है। "मैं पिछले एक साल से ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक दौड़ रही हूँ। अधिकारियों को देख रही हूँ, उनसे बात कर रही हूँ, फिर भी कागज कहते हैं कि मैं मर चुकी हूँ। मेरी सुध लेने वाला कोई नहीं है।" ""मालती देवी ""(पीड़ित)
जिंदा महिला को कागजों में मार डाला: पेंशन के लिए साल भर से भटक रही वृद्धा चकिया, चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से सरकारी सिस्टम की संवेदनशीलता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक जीवित बुजुर्ग महिला को सरकारी अभिलेखों में 'मृत' घोषित कर उसकी वृद्धावस्था पेंशन रोक दी गई। अब वह महिला खुद के जिंदा होने का सबूत लेकर अधिकारियों की चौखट पर न्याय की गुहार लगा रही है। क्या है पूरा मामला? चकिया विकास खंड के कुदरा गांव की निवासी मालती देवी को पिछले एक साल से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही थी। आर्थिक रूप से कमजोर मालती देवी के लिए यह पेंशन ही उनके भरण-पोषण का एकमात्र सहारा थी। जब महीनों तक बैंक खाते में राशि नहीं आई, तो उन्होंने ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काटने शुरू किए। काफी भागदौड़ के बाद जब मामले की आंतरिक जांच हुई, तो जो सच सामने आया उसने वृद्धा के पैरों तले जमीन खिसका दी। सरकारी पोर्टल पर मालती देवी के नाम के आगे 'मृतक' दर्ज कर दिया गया था, जिसके आधार पर उनकी पेंशन स्थायी रूप से बंद कर दी गई। भ्रष्टाचार और मिलीभगत का आरोप मालती देवी का सीधा आरोप है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक साजिश है। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) और ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों की मिलीभगत से उन्हें कागजों में मृत दिखाया गया है। "मैं पिछले एक साल से ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक दौड़ रही हूँ। अधिकारियों को देख रही हूँ, उनसे बात कर रही हूँ, फिर भी कागज कहते हैं कि मैं मर चुकी हूँ। मेरी सुध लेने वाला कोई नहीं है।" ""मालती देवी ""(पीड़ित)
- Post by Karishnabala Pandey1
- कानपुर जिले के नौबस्ता चौराहे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप है कि उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम वहां लोगों के साथ फोटो खिंचवाने में व्यस्त रहे, जबकि सड़क पर ट्रैफिक रुका रहा। लोग जाम खुलने का इंतजार करते दिखे, जिससे आम जनता को परेशानी हुई।1
- Post by Shrikant Sagar1
- वाराणसी में भेलूपुर शकुलधारा पोखरा रोड पर मिजाहन हॉस्पिटल डॉ. मिजहन हुसैन” — इंटरनेट पर इस नाम से स्पष्ट अस्पताल की जानकारी बहुत कम मिलती है।1
- Post by आजाद जमावादी1
- *वाराणसी* साध्वी गिताम्बा मा के शिष्य के साथ जमकर मारपीट.... वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र का है मामला... मारपीट प्रॉपर्टी के विवाद को लेकर बताया जा रहा है... घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल....1
- आज एक एसा वाक्या हुआ जब पुलिस के एक दारोगा ने सड़क पर गाड़ी चेक करते वक़्त एक कार रोका वाद विवाद मे मालूम हुआ की चालक किसान है नियम तो चालान काटने का था पर दारोगा बाबू ने अजीब बयान दिया की किसान को कार से नही बैलगाड़ी से चलना है। आप की क्या राय varanasi varanasi News varanasi breaking News1
- Post by Pradeep kumar1