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चित्रकूट के मानिकपुर काली घाटी के पास। से मक्के के दाने से लदे ट्रक की ब्रेक फेल हो जाने के कारण पलट गया । ट्रक चालक सुरक्षित चौकी सरैया पुलिस मौके पर मौजूद
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चित्रकूट के मानिकपुर काली घाटी के पास। से मक्के के दाने से लदे ट्रक की ब्रेक फेल हो जाने के कारण पलट गया । ट्रक चालक सुरक्षित चौकी सरैया पुलिस मौके पर मौजूद
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- Sant Rampal Ji1
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना अन्तर्गत प्रसिद्ध पुर गांव के पास नशे की हालत में ई रिक्शा चालक ने पलटाया रिक्शा,जिसमें से एक वृद्ध की हुई दर्दनाक मौत, परिजनों ने जिन्होंने लगाया आरोप, पुलिस मौके पर मौजूद पीएम हेतु शव को भेजा जा रहा है @Uppolice @chitrakootpol1
- नाबालिग की अस्मत पर हमला, कौशाम्बी पुलिस का करारा वार सराय अकिल में दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, POCSO के तहत जेल की राह कौशाम्बी। सराय अकिल थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपी को कौशाम्बी पुलिस ने महज़ 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर यह साफ कर दिया है कि बेटियों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा। 18 जनवरी को पीड़िता की मां ने थाना सराय अकिल में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर और पैसों का लालच देकर उसके साथ गलत कृत्य किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना देर किए मुकदमा दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। 20 जनवरी को मुखबिर की सटीक सूचना पर थाना सराय अकिल पुलिस टीम ने आदित्य कुमार उर्फ दीपू (निवासी—जुगराजपुर) को दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं के साथ POCSO एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया गया है। यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन अपराधियों के लिए खुली चेतावनी है जो नाबालिगों को आसान शिकार समझते हैं। कौशाम्बी पुलिस का यह सख़्त संदेश साफ है— अपराध चाहे कितना भी छिपा हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।1
- जनपद कौशाम्बी जिले के थाना कोखराज क्षेत्र अन्तर्गत भरवारी चौकी हल्का मोहम्मदपुर असवा गांव से हो कर गई हुई हाइवे में बन रहे डिवाइडर को गांव के लोगो ने मिल कर गिरा दिया क्यों कि गांव के लोगो का कहना है कि आने जाने में बहुत ही दिक्कत का सामना करना पड़ेगा और गांव के लोगो का कहना है कि किसी को चरवा जाना होगा तो तेलैय्या टीकुर से हो कर जाना पड़ेगा1
- जिला अस्पताल में दो स्टेफन की हुई पिटाई1
- प्रयागराज पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अफसरों ने सवाल लिए बिना एकतरफ़ा बयान दिया और उठकर चले गए। रिपोर्टर्स ने इसका कड़ा विरोध किया। कुछ देर बाद विरोध के दबाव में अफसरों को फिर से अपनी सीटों पर लौटना पड़ा। #PrayagrajPolice #PressConference #MediaProtest #Journalism #UPPolice #BreakingNews #GroundReport #ReporterVoice1
- #प्रयागराज 👉🏾 अधिकारियों ने शंकराचार्य मामले में प्रेसवार्ता बुलाई, पत्रकार साथियों के सवाल शुरू होते ही DM कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर जाने लगे। 👉🏾 पत्रकारों ने कहा सवालों के जवाब दीजिये भाग कहां रहे हैं, आवाज उठते ही सभी अधिकारियों को वापस आना पड़ा।1
- विंध्य शिरोमणि पं. श्रीनिवास तिवारी दादा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि1
- कौशांबी | **यमुना की छाती पर पोकलेन का वार, एनजीटी के आदेश बेअसर बालू माफिया के आगे बेबस खनन विभाग, ज़िला खनन अधिकारी पर गंभीर सवाल** कौशांबी जनपद में अवैध बालू खनन अब चोरी नहीं, बल्कि सरेआम तांडव बन चुका है। यमुना नदी के प्रतिबंधित क्षेत्रों में दिन–रात बड़ी-बड़ी पोकलेन मशीनों से यमुना का सीना चीरा जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के स्पष्ट आदेश भी यहां काग़ज़ों तक सिमट कर रह गए हैं। सूत्रों की मानें तो जिले में अपने-अपने खंडों की सीमाएं तोड़कर बालू कारोबारी खुलेआम खनन कर रहे हैं। रात के अंधेरे में मशीनों की गड़गड़ाहट और ट्रकों की कतारें इस बात की गवाह हैं कि करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार बिना किसी भय के फल-फूल रहा है। खनन अधिकारी ने टेके घुटने? सबसे गंभीर सवाल कौशांबी के जिला खनन अधिकारी की भूमिका को लेकर उठ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि अवैध खनन की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही, और जो भी कार्रवाई दिखाई जाती है वह केवल “खाना-पूर्ति” तक सीमित रहती है। न घाट सीज हो रहे हैं, न मशीनें जब्त हो रही हैं, न ही बड़े बालू माफियाओं पर कोई ठोस प्रहार। ऐसे में सवाल उठता है— 👉 क्या खनन अधिकारी बालू माफियाओं के सामने बेबस हैं या मौन सहमति है? अंतरराज्यीय ‘रवाना खेल’ का खुला राज सूत्रों का दावा है कि अवैध बालू की ढुलाई में अलग-अलग राज्यों की गाड़ियां खुलेआम इस्तेमाल हो रही हैं— पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश तक की नंबर प्लेट वाली गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही हैं। खास बात यह कि 90/95/96 और 70/72/73 सीरीज के नंबरों वाली गाड़ियों में रवाना (ट्रांजिट पास) का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। यह सवाल भी लाज़िमी है कि— 👉 इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियां बिना विभागीय मिलीभगत के कैसे चल सकती हैं? पर्यावरण पर सीधा हमला अवैध खनन से यमुना का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है नदी के किनारे कटाव बढ़ रहा है भूजल स्तर पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है लेकिन पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाला विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। जनपद में अब निगाहें टिकी हैं— जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और शासन स्तर के अधिकारियों पर। 👉 क्या अवैध घाटों को सीज किया जाएगा? 👉 क्या पोकलेन मशीनें जब्त होंगी? 👉 या फिर कार्रवाई फाइलों और नोटिसों तक ही सिमट कर रह जाएगी? कौशांबी की यमुना कराह रही है, और सवाल पूछ रही है— क्या कानून बालू माफियाओं के आगे हार मान चुका है?1