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बाली उपखण्ड के बीजापुर में स्थित 1700 वर्ष प्राचीन राता महावीर स्वामी जैन तीर्थ—इतिहास, आस्था और अद्भुत स्थापत्य का संगम बाली उपखण्ड के बीजापुर क्षेत्र में अरावली पर्वतमाला की तलहटी में स्थित श्री हथुण्डी राता महावीर स्वामी जैन मंदिर अपनी प्राचीनता, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक गौरव के लिए विशेष पहचान रखता है। यह पवित्र तीर्थ बीजापुर से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित है और करीब 1700 वर्ष पुराना माना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार, प्राचीन काल में यहां हस्तिकुण्डी नामक समृद्ध नगरी थी, जो राष्ट्रकूट वंश की राजधानी रही। सोहनलाल पटनी द्वारा लिखित “हस्तिकुण्डी का इतिहास” के अनुसार विक्रम संवत 1080 में मुहम्मद गजनवी ने सोमनाथ जाते समय नाडोल के शासक रामपाल चौहान और बाद में हस्तिकुण्डी के शासक दत्तवर्मा राठौड़ से युद्ध किया। इस दौरान इस समृद्ध नगरी को लूटा गया और मंदिरों व देव प्रतिमाओं को क्षति पहुंचाई गई। राता महावीर तीर्थ भी इस आक्रमण से अछूता नहीं रहा, लेकिन जैन धर्मावलंबियों ने समय-समय पर इसका जीर्णोद्धार करवाकर इसकी गरिमा को पुनः स्थापित किया। राजस्थान के प्रसिद्ध इतिहासकार मुनि जिन विजय जी के अनुसार, यह मंदिर राज्य के 556 जैन मंदिरों में सबसे प्राचीन माना जाता है। मंदिर का निर्माण विक्रम संवत 621 में आचार्य सिद्धी सूरीश्वर के उपदेश से वीर देव द्वारा करवाया गया था। हस्तिकुण्डी नाम के पीछे भी रोचक मान्यता जुड़ी है। कहा जाता है कि राष्ट्रकूटों के साम्राज्य का विस्तार दूर-दूर तक था और यहां हाथियों का विशेष महत्व रहा। यही कारण है कि राता महावीर स्वामी की प्रतिमा के नीचे अंकित सिंह के लांछन का मुख हाथी के समान दिखाई देता है, जिससे इस नगरी का नाम हस्तिकुण्डी या हथुण्डी पड़ा। “आठ कुआ नव बावड़ी, सोलह सौ पणिहारिन” जैसे प्रचलित स्लोगन से भी इस नगरी के वैभव और समृद्धि का अनुमान लगाया जाता है। मंदिर का जीर्णोद्धार विक्रम संवत 2001 में प्रारंभ होकर संवत 2006 में पूर्ण हुआ, जिसकी प्रतिष्ठा आचार्य श्री विजय वल्लभ सूरीश्वर जी द्वारा की गई। मंदिर के मुख्य द्वार के सामने महावीर यक्ष का छोटा मंदिर स्थित है, वहीं मुख्य मंदिर में 24 देव कुलिकाएं स्थापित हैं। प्रवेश करते ही भव्य रंगमंडप दिखाई देता है, जिसमें मांतग यक्ष और सिद्धायिका देवी की कलात्मक प्रतिमाएं स्थापित हैं। मंदिर के गर्भगृह में मूलनायक भगवान महावीर की अद्वितीय प्रतिमा विराजमान है, जिस पर लाल विलेप चढ़ा हुआ है। यह प्रतिमा ईंट, चूना और मिट्टी से निर्मित होने के कारण विशेष महत्व रखती है। इसके प्रभामंडल के दोनों ओर सिंह तथा मध्य में हाथी का मुख अंकित है, जो इसे विशिष्ट बनाता है। मंदिर परिसर में एक भूमिगत मंदिर भी स्थित है, जहां विशाल लाल वर्ण की भगवान महावीर की प्रतिमा स्थापित है। प्रदक्षिणा पथ में यक्षों की प्रतिमाएं और एक कक्ष में यशोभद्र सूरीश्वर, बालिभद्राचार्य सहित अन्य आचार्यों की प्रतिमाएं अंकित हैं। श्री अरुण विजय की प्रेरणा से यहां “श्री महावीर वाणी समवसरण जैन मंदिर” का निर्माण भी किया गया है, जो पूरे राजस्थान में अद्वितीय माना जाता है। मंदिर परिसर में धर्मशाला, यात्री भवन, आयम्बिल भवन, पुस्तकालय, भोजनशाला, जैन पेढ़ी, गौशाला और कबूतर चबूतरा जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यहां हर वर्ष चैत्र शुक्ल दशमी को भव्य मेला आयोजित होता था, जिसमें विशेष रूप से आदिवासी समुदाय की भागीदारी रहती थी। हालांकि, वर्तमान समय में यह परंपरागत मेला धीरे-धीरे लुप्त होने की कगार पर पहुंचता जा रहा है।

6 hrs ago
user_Nagendra Agarwal
Nagendra Agarwal
बाली, पाली, राजस्थान•
6 hrs ago
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बाली उपखण्ड के बीजापुर में स्थित 1700 वर्ष प्राचीन राता महावीर स्वामी जैन तीर्थ—इतिहास, आस्था और अद्भुत स्थापत्य का संगम बाली उपखण्ड के बीजापुर क्षेत्र में अरावली पर्वतमाला की तलहटी में स्थित श्री हथुण्डी राता महावीर स्वामी जैन मंदिर अपनी प्राचीनता, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक गौरव के लिए विशेष पहचान रखता है। यह पवित्र तीर्थ बीजापुर से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित है और करीब 1700 वर्ष पुराना माना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार, प्राचीन काल में यहां हस्तिकुण्डी नामक समृद्ध नगरी थी, जो राष्ट्रकूट वंश की राजधानी रही। सोहनलाल पटनी द्वारा लिखित “हस्तिकुण्डी का इतिहास” के अनुसार विक्रम संवत 1080 में मुहम्मद गजनवी ने सोमनाथ जाते समय नाडोल के शासक रामपाल चौहान और बाद में हस्तिकुण्डी के शासक दत्तवर्मा राठौड़ से युद्ध किया। इस दौरान इस समृद्ध नगरी को लूटा गया और मंदिरों व देव प्रतिमाओं को क्षति पहुंचाई गई। राता महावीर तीर्थ भी इस आक्रमण से अछूता नहीं रहा, लेकिन जैन धर्मावलंबियों ने समय-समय पर इसका जीर्णोद्धार करवाकर इसकी गरिमा को पुनः स्थापित किया। राजस्थान के प्रसिद्ध इतिहासकार मुनि जिन विजय जी के अनुसार, यह मंदिर राज्य के 556 जैन मंदिरों में सबसे प्राचीन माना जाता है। मंदिर का निर्माण विक्रम संवत 621 में आचार्य सिद्धी सूरीश्वर के उपदेश से वीर देव द्वारा करवाया गया था। हस्तिकुण्डी नाम के पीछे भी रोचक मान्यता जुड़ी है। कहा जाता है कि राष्ट्रकूटों के साम्राज्य का विस्तार दूर-दूर तक था और यहां हाथियों का विशेष महत्व रहा। यही कारण है कि राता महावीर स्वामी की प्रतिमा के नीचे अंकित सिंह के लांछन का मुख हाथी के समान दिखाई देता है, जिससे इस नगरी का नाम हस्तिकुण्डी या हथुण्डी पड़ा। “आठ

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कुआ नव बावड़ी, सोलह सौ पणिहारिन” जैसे प्रचलित स्लोगन से भी इस नगरी के वैभव और समृद्धि का अनुमान लगाया जाता है। मंदिर का जीर्णोद्धार विक्रम संवत 2001 में प्रारंभ होकर संवत 2006 में पूर्ण हुआ, जिसकी प्रतिष्ठा आचार्य श्री विजय वल्लभ सूरीश्वर जी द्वारा की गई। मंदिर के मुख्य द्वार के सामने महावीर यक्ष का छोटा मंदिर स्थित है, वहीं मुख्य मंदिर में 24 देव कुलिकाएं स्थापित हैं। प्रवेश करते ही भव्य रंगमंडप दिखाई देता है, जिसमें मांतग यक्ष और सिद्धायिका देवी की कलात्मक प्रतिमाएं स्थापित हैं। मंदिर के गर्भगृह में मूलनायक भगवान महावीर की अद्वितीय प्रतिमा विराजमान है, जिस पर लाल विलेप चढ़ा हुआ है। यह प्रतिमा ईंट, चूना और मिट्टी से निर्मित होने के कारण विशेष महत्व रखती है। इसके प्रभामंडल के दोनों ओर सिंह तथा मध्य में हाथी का मुख अंकित है, जो इसे विशिष्ट बनाता है। मंदिर परिसर में एक भूमिगत मंदिर भी स्थित है, जहां विशाल लाल वर्ण की भगवान महावीर की प्रतिमा स्थापित है। प्रदक्षिणा पथ में यक्षों की प्रतिमाएं और एक कक्ष में यशोभद्र सूरीश्वर, बालिभद्राचार्य सहित अन्य आचार्यों की प्रतिमाएं अंकित हैं। श्री अरुण विजय की प्रेरणा से यहां “श्री महावीर वाणी समवसरण जैन मंदिर” का निर्माण भी किया गया है, जो पूरे राजस्थान में अद्वितीय माना जाता है। मंदिर परिसर में धर्मशाला, यात्री भवन, आयम्बिल भवन, पुस्तकालय, भोजनशाला, जैन पेढ़ी, गौशाला और कबूतर चबूतरा जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यहां हर वर्ष चैत्र शुक्ल दशमी को भव्य मेला आयोजित होता था, जिसमें विशेष रूप से आदिवासी समुदाय की भागीदारी रहती थी। हालांकि, वर्तमान समय में यह परंपरागत मेला धीरे-धीरे लुप्त होने की कगार पर पहुंचता जा रहा है।

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  • https://x.com/GurudeenVe26431/status/2038689217677828323?t=mXXtHZeU0ss52fUbZIzSpg&s=19 इस link पर सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव को बढ़ावा देने वाला यह वीडियो जरूर देखें और मेरे इस X पेज को जरूर फ़ॉलो करें
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    user_गुरुदीन वर्मा
    गुरुदीन वर्मा
    पिंडवाड़ा, सिरोही, राजस्थान•
    1 hr ago
  • Pali: मृत गोवंश के अवशेष मिलने से लोगों में फैला आक्रोश मौके पर जमा हुए हिन्दू संगठन के लोग, पुलिस में अवशेष इकट्ठा कर भेजे पोस्टमार्टम के लिए, पुलिस उप अधीक्षक मदन सिंह, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी निरमा बिश्नोई पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद, मौजूद हिंदू संगठन के लोग गोवंश की हत्या का लगा रहे आरोप, आक्रोशित लोगों ने चादर वाले बालाजी के निकट रास्ते पर जाम लगाकर धरना किया प्रारंभ
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    Pali: मृत गोवंश के अवशेष मिलने से लोगों में फैला आक्रोश
मौके पर जमा हुए हिन्दू संगठन के लोग, पुलिस में अवशेष इकट्ठा कर भेजे पोस्टमार्टम के लिए, पुलिस उप अधीक्षक मदन सिंह, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी निरमा बिश्नोई पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद, मौजूद हिंदू संगठन के लोग गोवंश की हत्या का लगा रहे आरोप, आक्रोशित लोगों ने चादर वाले बालाजी के निकट रास्ते पर जाम लगाकर धरना किया प्रारंभ
    user_PAVAN PANDE PRESS
    PAVAN PANDE PRESS
    पब्लिक ऐप पत्रकार पाली, पाली, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • ​पाली,मनीष राठौड़ | भगवान महावीर के 2625 वें जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में पूरा पाली शहर भक्तिमय हो गया है। सोमवार सुबह अणुव्रत नगर में आयोजित सामूहिक नवकार महामंत्र जाप में करीब तीन हजार जैन समाजबंधुओं की उपस्थिति ने आध्यात्मिक माहौल बना दिया। इस दौरान 108 लक्की ड्रॉ के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। ​कार्यक्रम में पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, जैन युवा संगठन अध्यक्ष कल्पेश लोढ़ा सहित समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। *​कल सजेगी भव्य शोभायात्रा* महोत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में 31 मार्च सुबह 7:30 बजे बागर मोहल्ला स्थित श्री संघ सभा भवन से गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा रवाना होगी। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों जैसे गोल निम्बड़ा, सर्राफा बाजार, धानमंडी और पुरानी सब्जी मंडी से होते हुए अणुव्रत नगर पहुंचेगी। *​शोभायात्रा की मुख्य विशेषताएं* ​35 जीवंत झांकियां: भगवान महावीर के जीवन चरित्र का दर्शन कराएंगी। ​बैंड और भजन: भठिंडा के बैंड सहित 10 तरह के बैंड और 6 भजन मंडलियां प्रभु का गुणगान करेंगी। ​लवाजमा: शोभायात्रा में 3 बग्गी, 4 घोड़े और 2 डीजे शामिल होंगे। ​सामाजिक समरसता का संदेश: 10 हजार लोग एक साथ करेंगे भोजन शोभायात्रा के समापन पर अणुव्रत नगर में विशाल महाप्रसादी का आयोजन होगा। इसके लिए दो बड़े डोम तैयार किए गए हैं, जहाँ 10 हजार समाजबंधु एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण करेंगे। आयोजन स्थल पर महिलाओं और पुरुषों के बैठने की अलग-अलग और भव्य व्यवस्था की गई है।
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    ​पाली,मनीष राठौड़ | भगवान महावीर के 2625 वें जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में पूरा पाली शहर भक्तिमय हो गया है। सोमवार सुबह अणुव्रत नगर में आयोजित सामूहिक नवकार महामंत्र जाप में करीब तीन हजार जैन समाजबंधुओं की उपस्थिति ने आध्यात्मिक माहौल बना दिया। इस दौरान 108 लक्की ड्रॉ के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। ​कार्यक्रम में पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, जैन युवा संगठन अध्यक्ष कल्पेश लोढ़ा सहित समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
*​कल सजेगी भव्य शोभायात्रा*
महोत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में 31 मार्च सुबह 7:30 बजे बागर मोहल्ला स्थित श्री संघ सभा भवन से गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा रवाना होगी। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों जैसे गोल निम्बड़ा, सर्राफा बाजार, धानमंडी और पुरानी सब्जी मंडी से होते हुए अणुव्रत नगर पहुंचेगी।
*​शोभायात्रा की मुख्य विशेषताएं*
​35 जीवंत झांकियां: भगवान महावीर के जीवन चरित्र का दर्शन कराएंगी।
​बैंड और भजन: भठिंडा के बैंड सहित 10 तरह के बैंड और 6 भजन मंडलियां प्रभु का गुणगान करेंगी।
​लवाजमा: शोभायात्रा में 3 बग्गी, 4 घोड़े और 2 डीजे शामिल होंगे।
​सामाजिक समरसता का संदेश: 10 हजार लोग एक साथ करेंगे भोजन
शोभायात्रा के समापन पर अणुव्रत नगर में विशाल महाप्रसादी का आयोजन होगा। इसके लिए दो बड़े डोम  तैयार किए गए हैं, जहाँ 10 हजार समाजबंधु एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण करेंगे। आयोजन स्थल पर महिलाओं और पुरुषों के बैठने की अलग-अलग और भव्य व्यवस्था की गई है।
    user_Manish Rathore
    Manish Rathore
    Newspaper publisher Pali, Rajasthan•
    4 hrs ago
  • Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
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    Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
    Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by District.reporter.babulaljogaw
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    Post by District.reporter.babulaljogaw
    user_District.reporter.babulaljogaw
    District.reporter.babulaljogaw
    Plumber पाली, पाली, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड मुख्यालय पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल यूनिट ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय में कार्यरत भू-अभिलेख निरीक्षक (रेवेन्यू इंस्पेक्टर) देवेन्द्र सिंह राणावत को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
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    उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड मुख्यालय पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल यूनिट ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय में कार्यरत भू-अभिलेख निरीक्षक (रेवेन्यू इंस्पेक्टर) देवेन्द्र सिंह राणावत को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
    user_Local Tv News Channel
    Local Tv News Channel
    वल्लभनगर, उदयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • राज्यसरकार द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु हो रहे विशेष प्रयासो के तहत बालिकाओं को साइकिल वितरित की गई। उच्च माध्यमिक विद्यालय उमरनी भीलवास में नवमी कक्षा की बालिकाओं को राजस्थान सरकार द्वारा साइकिल वितरण किंया गया। इस दौरान आबूरोड़ भाजपा ग्रामीण गिरवर मण्डल अध्यक्ष गणेश बंजारा, उमरनी प्रशाशक/सरपंच बबिता देवी ग्रासिया, उपसरपंच संगीता बंजारा, भाजपा महामंत्री पुखराज सीरवी ,वरिस्ट भाजपा नेता भगवती शर्मा, श्रवण कुमार महिखेड़ा, पूर्व उपसरपंच अरविंद कुमार, पूर्व सरपंच भगाराम ग्रासिया, पूर्व सरपंच चम्पादेवी ग्रासिया, प्रधानाचार्य शंभूलाल पुरोहित, सुनीता कुमारी, शांतिलाल, मोहनलाल ग्रासिया व बच्चो के अभिभावक उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों द्वारा बच्चियों को साइकिल की चाबी सौप कर बधाई व शुभकामनाएं दी गयी।
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    राज्यसरकार द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु हो रहे विशेष प्रयासो के तहत बालिकाओं को साइकिल वितरित की गई।
उच्च माध्यमिक विद्यालय उमरनी भीलवास में नवमी कक्षा की बालिकाओं को राजस्थान सरकार द्वारा साइकिल वितरण किंया गया।
इस दौरान आबूरोड़ भाजपा ग्रामीण गिरवर मण्डल अध्यक्ष गणेश बंजारा, उमरनी प्रशाशक/सरपंच बबिता देवी ग्रासिया, उपसरपंच संगीता बंजारा, भाजपा महामंत्री पुखराज सीरवी ,वरिस्ट भाजपा नेता भगवती शर्मा, श्रवण कुमार महिखेड़ा, पूर्व उपसरपंच अरविंद कुमार, पूर्व सरपंच भगाराम ग्रासिया, पूर्व सरपंच चम्पादेवी ग्रासिया, प्रधानाचार्य शंभूलाल पुरोहित, सुनीता कुमारी, शांतिलाल, मोहनलाल ग्रासिया व बच्चो के अभिभावक उपस्थित रहे।
जनप्रतिनिधियों द्वारा बच्चियों को साइकिल की चाबी सौप कर बधाई व शुभकामनाएं दी गयी।
    user_Lokesh Soni
    Lokesh Soni
    आबू रोड, सिरोही, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • https://youtu.be/qitgRIpqcJg?si=B5w_zNGaK4dzKgTg क्योंकि अभी पूरे राजस्थान में प्रवेशोत्सव चल रहा है। इसलिए सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव मेरे द्वारा स्वरचित यह गीत जरूर सुनें और इसका प्रचार-प्रसार भी करें।
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    https://youtu.be/qitgRIpqcJg?si=B5w_zNGaK4dzKgTg क्योंकि अभी पूरे राजस्थान में प्रवेशोत्सव चल रहा है। इसलिए सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव मेरे द्वारा स्वरचित यह गीत जरूर  सुनें और इसका प्रचार-प्रसार भी करें।
    user_गुरुदीन वर्मा
    गुरुदीन वर्मा
    पिंडवाड़ा, सिरोही, राजस्थान•
    4 hrs ago
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