बड़ा सवाल : इनामियां अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस सार्वजनिक क्यूँ नहीं करती ईनाम घोषित होने की तारीख?शाहाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, 50 हजार का इनामी लुटेरा गिरफ्तार शाहाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी 50 हजार का इनामी लुटेरा गिरफ्तार शाहाबाद (हरदोई) 29 मार्च। थाना शाहाबाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कान का झाला छीनने और लूट की घटनाओं में वांछित 50,000 रुपये के इनामी अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से 6,760 रुपये नगद भी बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, 18 फरवरी 2026 को वादी रंजन कुमार श्रीवास्तव निवासी पटियानीम, थाना पाली ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बाइक सवार दो बदमाशों ने उनकी पत्नी के कान का झाला छीनकर फरार हो गए। इस मामले में थाना शाहाबाद पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान आरोपी की पहचान रामप्रताप पुत्र रामपाल निवासी पल्हौरा कुर्रिया कला, थाना कांट, जनपद शाहजहांपुर के रूप में हुई। जांच में यह भी सामने आया कि अभियुक्त ने 24 नवंबर 2025 को थाना पिहानी क्षेत्र में भी छिनैती की वारदात को अंजाम दिया था। दोनों मामलों में आरोपी वांछित चल रहा था, जिस पर पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र द्वारा 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। थाना शाहाबाद पुलिस, स्वाट/एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से 6,760 रुपये नगद बरामद किए हैं। वहीं, इस मामले में एक अन्य आरोपी राजबाबू को पहले ही 3 मार्च 2026 को न्यायालय में पेश किया जा चुका है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी में थाना शाहाबाद पुलिस टीम के साथ स्वाट, एसओजी और सर्विलांस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सवालों के घेरे में “50 हजार का इनाम” शाहाबाद (हरदोई) 29 मार्च। सूत्र बताते हैं कि वांछित आरोपियों पर ईनाम कभी कभी हिरासत के बाद ही घोषित किया जाता है और यदि पहले से घोषित होता है तो हिरासत के बाद गिरफ्तारी दिखाने से पूर्व घोषित किया जाता है आखिर इसीलिए हर बार दबी ज़ुबान ही सही लेकिन जानकारों की ज़ुबान से सवाल उठते हैं कि ➤ इनाम घोषित होने की तारीख सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती ? ➤ अगर गिरफ्तार आरोपी पर इनाम था, तो इतनी देर तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी? ➤ क्या स्थानीय स्तर पर उसकी गतिविधियों की जानकारी पहले से नहीं थी? ➤ कहीं ऐसा तो नहीं कि कार्रवाई को प्रभावी दिखाने के लिए इनाम का प्रचार ज्यादा किया जा रहा हो? सवाल यह नहीं कि गिरफ्तारी हुई, सवाल यह है कि “इनाम” की हकीकत क्या है और सिस्टम कब से सक्रिय था? जानकार लोगों का कहना है कि जब भी किसी इनामियां आरोपी गिरफ्तार होते हैं तो पुलिस जारी प्रेस नोट में कभी ईनाम की तारीख घोषित क्यों नहीं करती।
बड़ा सवाल : इनामियां अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस सार्वजनिक क्यूँ नहीं करती ईनाम घोषित होने की तारीख?शाहाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, 50 हजार का इनामी लुटेरा गिरफ्तार शाहाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी 50 हजार का इनामी लुटेरा गिरफ्तार शाहाबाद (हरदोई) 29 मार्च। थाना शाहाबाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कान का झाला छीनने और लूट की घटनाओं में वांछित 50,000 रुपये के इनामी अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से 6,760 रुपये नगद भी बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, 18 फरवरी 2026 को वादी रंजन कुमार श्रीवास्तव निवासी पटियानीम, थाना पाली ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बाइक सवार दो बदमाशों ने उनकी पत्नी के कान का झाला छीनकर फरार हो गए। इस मामले में थाना शाहाबाद पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान आरोपी की पहचान रामप्रताप पुत्र रामपाल निवासी पल्हौरा कुर्रिया कला, थाना कांट, जनपद शाहजहांपुर के रूप में हुई। जांच में यह भी सामने आया कि अभियुक्त ने 24 नवंबर 2025 को थाना पिहानी क्षेत्र में भी छिनैती की वारदात को अंजाम दिया था। दोनों मामलों में आरोपी वांछित चल रहा था, जिस पर पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र द्वारा 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। थाना शाहाबाद पुलिस, स्वाट/एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से 6,760 रुपये नगद बरामद किए हैं। वहीं, इस मामले में एक अन्य आरोपी राजबाबू को पहले ही 3 मार्च 2026 को न्यायालय में पेश किया जा चुका है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी में थाना शाहाबाद पुलिस टीम के साथ स्वाट, एसओजी और सर्विलांस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सवालों के घेरे में “50 हजार का इनाम” शाहाबाद (हरदोई) 29 मार्च। सूत्र बताते हैं कि वांछित आरोपियों पर ईनाम कभी कभी हिरासत के बाद ही घोषित किया जाता है और यदि पहले से घोषित होता है तो हिरासत के बाद गिरफ्तारी दिखाने से पूर्व घोषित किया जाता है आखिर इसीलिए हर बार दबी ज़ुबान ही सही लेकिन जानकारों की ज़ुबान से सवाल उठते हैं कि ➤ इनाम घोषित होने की तारीख सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती ? ➤ अगर गिरफ्तार आरोपी पर इनाम था, तो इतनी देर तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी? ➤ क्या स्थानीय स्तर पर उसकी गतिविधियों की जानकारी पहले से नहीं थी? ➤ कहीं ऐसा तो नहीं कि कार्रवाई को प्रभावी दिखाने के लिए इनाम का प्रचार ज्यादा किया जा रहा हो? सवाल यह नहीं कि गिरफ्तारी हुई, सवाल यह है कि “इनाम” की हकीकत क्या है और सिस्टम कब से सक्रिय था? जानकार लोगों का कहना है कि जब भी किसी इनामियां आरोपी गिरफ्तार होते हैं तो पुलिस जारी प्रेस नोट में कभी ईनाम की तारीख घोषित क्यों नहीं करती।
- दिव्य दर्शन ✍️ सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’ ……………………………………… सुन्नी गांव, थाना बघौली, जनपद हरदोई में स्थित प्राचीन महिषासुर मर्दिनी मंदिर में आज प्रातःकाल भोले बाबा के श्रृंगार दर्शन का अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। मंदिर प्रांगण में भक्ति, श्रद्धा और आस्था की पावन धारा प्रवाहित हुई।1
- #हरदोई संडीला: कोतवाली क्षेत्र के बस अड्डा चौकी से महज 50 मीटर की दूरी से बन्ने मियां मेडिकल स्टोर के बाहर से बाइक चोरी,पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद, युवक ने बाइक चोरी की शिकायत पुलिस में की,पुलिस फुटेज के आधार पर जांच में जुटी।1
- Post by Pintu Raj1
- शाहाबाद (हरदोई) 29 मार्च। नगर में कानून एवं व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। खेड़ा तिराहा के पास स्थित खुशी ज्वेलर्स की दुकान का शटर तोड़कर चोर लाखों रुपये के जेवरात समेट ले गए। घटना ने न सिर्फ व्यापारियों में दहशत फैला दी, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे ज्यादा लापरवाही चौकी पुलिस की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। कोतवाली क्षेत्र में पहले भी दर्जनों ज्वेलर्स की दुकानों को चोर निशाना बना चुके हैं, लेकिन पुलिस आज तक किसी बड़े गिरोह का पर्दाफाश नहीं कर सकी। हर बार मुकदमा दर्ज कर औपचारिकता निभा दी जाती है और कुछ दिनों बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। इलाके में बंद मकानों और दुकानों में चोरी की घटनाएं वर्षों से लगातार हो रही हैं। आरोप है कि पुलिस केवल कागजी खानापूर्ति कर “फर्जी वर्कआउट” दिखाकर अपनी पीठ थपथपाती रही है, जबकि असली अपराधी बेखौफ घूमते रहे हैं। यही कारण है कि चोरी की घटनाओं पर कभी अंकुश नहीं लग पाया। घटना के बाद एक बार फिर वही पुराना क्रम दोहराया जा रहा है—मौके पर जांच, फॉरेंसिक टीम की औपचारिकता, और अधिकारियों के बयान कि “जल्द खुलासा किया जाएगा”। लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक यही स्क्रिप्ट दोहराई जाती रहेगी और आम जनता व व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करते रहेंगे? व्यापारियों में गहरा आक्रोश है और वे पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर खुलकर नाराजगी जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते एक बार ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो पुनः लगातार चोरियों का सिलसिला शुरू हो सकता है तथा और भी ज्यादा हालात और बिगड़ सकते हैं। इस सम्बन्ध में पुलिस सहित अपर पुलिस अधीक्षक /सीओ शाहाबाद आलोक राज नारायण का हर बार की तरह वही रटा रटाया बयान सामने आया कि “टीम गठित”, “जांच जारी” जल्द वर्क आउट किया जायगा।1
- सुकून की छाँव बनी काल की फाँस... माँ तो बस घर की दहलीज के पास बैठी थी!........ #HardoiNews #HardoiAccident #JusticeForShivrani #TadiyawanNews #HardoiMedicalCollege #UPPolice #HardoiPolice #UPGovernment #CMYogiAdityanath #RoadSafetyUP (Focusing on the Issue): #OverloadKills #RaftarKaKahar #YamdoothTraktor #InsaafDo #VillageLife #Maa #HeartbreakingNews #JusticeForMother1
- Post by SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू1
- ब्रेकिंग न्यूज हरदोई रिपोर्टर रजनीश शर्मा चन्दन हरदोई शाहाबाद में फिर चोरों का आतंक: खुशी ज्वैलर्स से लाखों के जेवर पार शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के खेड़ा तिराहा स्थित 'खुशी ज्वैलर्स' की दुकान को बीती रात अज्ञात चोरों ने अपना निशाना बनाया। चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए और मौके से फरार हो गए। पुलिस की भूमिका पर सवाल हैरानी की बात यह है कि पुलिस इस बड़ी चोरी की घटना को ही 'संदिग्ध' बता रही है। स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश है क्योंकि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों के बावजूद पुलिस अब तक किसी भी घटना का खुलासा नहीं कर पाई है। बार-बार हो रही वारदातों से दुकानदारों में खौफ का माहौल है।1
- #हरदोई शाहाबाद में चोरों का आतंक जारी,खेड़ा तिराहा स्थित खुशी ज्वैलर्स में बीती रात लाखों के सोने-चांदी के जेवर चोरी,दुकान का ताला तोड़कर फरार हुए चोर,पुलिस बता रही घटना को ‘संदिग्ध’व्यापारियों में भारी आक्रोश। लगातार हो रही चोरियों से दुकानदारों में दहशत का माहौल।1