अजमेर के श्रीरामपुरा (बोराड़ा) में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी सहित चार लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। 28 मई की सुबह बोराड़ा थाना क्षेत्र में एक जली हुई स्कॉर्पियो गाड़ी में चार कंकाल मिले थे, जिनकी पहचान रामसिंह चौधरी (45), उनकी मां पूसी देवी (79), दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी (40) और भांजी महिमा (32) के रूप में हुई थी। शुरुआत में इसे एक हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता (43), बेटी सरिता (18) और एक नाबालिग बेटे ने मिलकर पहले चारों का गला रेता और फिर ट्रैक्टर से डीजल निकालकर स्कॉर्पियो सहित लाशों को आग लगा दी थी। जांच में पता चला है कि आरोपी नाबालिग बेटा पिछले 5-6 महीने से हत्या की योजना बना रहा था। उसने पिता की हत्या के लिए ऑनलाइन शॉपिंग साइट अमेजन से 800 रुपए का एक धारदार चाकू मंगवाया और बोराड़ा के एक स्थानीय गैंगस्टर से भी पिस्तौल खरीदने की कोशिश की, लेकिन गैंगस्टर ने हथियार देने से इनकार कर दिया। नाबालिग के मोबाइल से डरावनी 'क्राइम' और 'मर्डर' से जुड़ी सर्च हिस्ट्री भी मिली है। हत्या के बाद उसने पुलिस को डिजिटल सबूत न मिलें, इसके लिए वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम सहित कई सोशल मीडिया ऐप्स डिलीट कर दिए थे। पुलिस के अनुसार, रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता को डर था कि रामसिंह अपनी करोड़ों की प्रॉपर्टी दूसरी पत्नी के नाम कर देगा, क्योंकि दूसरी शादी के बाद वह पहली पत्नी और उसके बच्चों को प्रताड़ित कर रहा था। इसी डर और नफरत के चलते मां ने बेटे के मन में पिता के खिलाफ जहर भर दिया, जिसके बाद मां-बेटे ने मिलकर यह खूनी साजिश रची। वारदात की रात नाबालिग बेटे ने पिता के गहरी नींद में सोने का इंतजार करते हुए सुबह 4 बजे तक इंस्टाग्राम रील्स देखी और फ्री फायर गेम खेला, जिसके बाद उसने हमला कर दिया। इस हत्याकांड की आरोपी बेटी सरिता सिंह चौधरी, जिसके 12वीं में 92 फीसदी नंबर आए थे, का सपना एक IAS अफसर बनने का था और वह कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रही थी। हत्या के बाद आरोपियों की बेरहमी साफ दिखी, जब मां, बेटी और बेटे ने चुपचाप घर लौटकर खून से सने कपड़े बदले, घर की सफाई की, रसोई में खाना बनाया, छाछ पी और ऐसे सो गए जैसे कुछ हुआ ही न हो। अगले दिन सुबह लोग जब रो रहे थे, तब पहली पत्नी सुनीता नाटक कर रही थी और नाबालिग बेटा बिना किसी शिकन के चाय पी रहा था। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार मां-बेटी से रिमांड पर पूछताछ कर रही है, जबकि नाबालिग बेटे के मोबाइल से मिले खुलासों ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है।
अजमेर के श्रीरामपुरा (बोराड़ा) में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी सहित चार लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। 28 मई की सुबह बोराड़ा थाना क्षेत्र में एक जली हुई स्कॉर्पियो गाड़ी में चार कंकाल मिले थे, जिनकी पहचान रामसिंह चौधरी (45), उनकी मां पूसी देवी (79), दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी (40) और भांजी महिमा (32) के रूप में हुई थी। शुरुआत में इसे एक हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता (43), बेटी सरिता (18) और एक नाबालिग बेटे ने मिलकर पहले चारों का गला रेता और फिर ट्रैक्टर से डीजल निकालकर स्कॉर्पियो सहित लाशों को आग लगा दी थी। जांच में पता चला है कि आरोपी नाबालिग बेटा पिछले 5-6 महीने से हत्या की योजना बना रहा था। उसने पिता की हत्या के लिए ऑनलाइन शॉपिंग साइट अमेजन से 800 रुपए का एक धारदार चाकू मंगवाया और बोराड़ा के एक स्थानीय गैंगस्टर से भी पिस्तौल खरीदने की कोशिश की, लेकिन गैंगस्टर ने हथियार देने से इनकार कर दिया। नाबालिग के मोबाइल से डरावनी 'क्राइम' और 'मर्डर' से जुड़ी सर्च हिस्ट्री भी मिली है। हत्या के बाद उसने पुलिस को डिजिटल सबूत न मिलें, इसके लिए वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम सहित कई सोशल मीडिया ऐप्स डिलीट कर दिए थे। पुलिस के अनुसार, रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता को डर था कि रामसिंह अपनी करोड़ों की प्रॉपर्टी दूसरी पत्नी के नाम कर देगा, क्योंकि दूसरी शादी के बाद वह पहली पत्नी और उसके बच्चों को प्रताड़ित कर रहा था। इसी डर और नफरत के चलते मां ने बेटे के मन में पिता के खिलाफ जहर भर दिया, जिसके बाद मां-बेटे ने मिलकर यह खूनी साजिश रची। वारदात की रात नाबालिग बेटे ने पिता के गहरी नींद में सोने का इंतजार करते हुए सुबह 4 बजे तक इंस्टाग्राम रील्स देखी और फ्री फायर गेम खेला, जिसके बाद उसने हमला कर दिया। इस हत्याकांड की आरोपी बेटी सरिता सिंह चौधरी, जिसके 12वीं में 92 फीसदी नंबर आए थे, का सपना एक IAS अफसर बनने का था और वह कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रही थी। हत्या के बाद आरोपियों की बेरहमी साफ दिखी, जब मां, बेटी और बेटे ने चुपचाप घर लौटकर खून से सने कपड़े बदले, घर की सफाई की, रसोई में खाना बनाया, छाछ पी और ऐसे सो गए जैसे कुछ हुआ ही न हो। अगले दिन सुबह लोग जब रो रहे थे, तब पहली पत्नी सुनीता नाटक कर रही थी और नाबालिग बेटा बिना किसी शिकन के चाय पी रहा था। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार मां-बेटी से रिमांड पर पूछताछ कर रही है, जबकि नाबालिग बेटे के मोबाइल से मिले खुलासों ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है।
- टोल प्लाजा पर एक सड़क दुर्घटना में ट्रक और एक ईको वाहन के बीच टक्कर हो गई, जिसके बाद लोग यह अनुमान लगा रहे थे कि गलती किसकी थी। कुछ का मानना था कि ट्रक चालक की गलती थी, जबकि अन्य ईको वाहन चालक को जिम्मेदार ठहरा रहे थे, लेकिन हादसे का असल कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस घटना में न तो ट्रक चालक की कोई गलती थी और न ही ईको चालक की। यह हादसा मुख्य रूप से टोल प्लाजा पर सभी सर्विस लाइनों के चालू न होने की वजह से हुआ। टोल पर मौजूद इस अव्यवस्था के कारण ट्रक चालक को अपनी गाड़ी को दूसरी तरफ मोड़ना पड़ा, जिसके चलते यह टक्कर हुई। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में शामिल सभी लोग भगवत कृपा से सुरक्षित हैं, और किसी के भी घायल होने की कोई सूचना नहीं है।1
- राजस्थान के कोटपुतली बहरोड़ जिले की बानसूर तहसील के चीपड़ी गांव, पोस्ट हरसौरा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, लगभग 11 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से, ठेकेदार के माध्यम से किए जा रहे पीसीसी (PCC) कार्य में गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। जब इस संबंध में ठेकेदार के कर्मचारियों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि "यह ऐसे ही चलेगा और हम इसी तरीके से काम करेंगे।" इस जवाब से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है, जिन्होंने इस मामले में समाधान और हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।4
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बेटी और चौमूं के चित्तवाडी की बहू अनु मीणा ने अपने घर में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आरोप है कि उनके पति गौतम मीणा उन्हें रोज़ प्रताड़ित करते थे, जिससे पति-पत्नी का रिश्ता शर्मसार हुआ है। यह घटना सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश है और अनु मीणा के लिए न्याय की मांग उठ रही है। इस मामले में सचिव कांग्रेस सेक्रेटरी शीशराम गुर्जर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि सरकार और प्रशासन ने इस विषय पर विचार करने के लिए दो दिन का समय मांगा है। गुर्जर ने स्पष्ट किया कि वे अनु मीणा को न्याय दिलाने के लिए किसी भी हद तक पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर न्याय नहीं मिला, तो वे शहीद स्मारक पर धरने पर बैठेंगे और प्रदर्शन करेंगे।1
- गृह मंत्रालय (MHA) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 500 रुपये के नोटों के संबंध में एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, बाजार में 500 रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोटों की एक बड़ी खेप का पता चला है। ये जाली नोट देखने में बिल्कुल असली जैसे ही प्रतीत होते हैं, जिससे इनकी पहचान करना काफी मुश्किल हो सकता है। इसी के मद्देनजर, MHA और RBI ने आम जनता को सलाह दी है कि वे किसी भी वित्तीय लेनदेन के दौरान 500 रुपये के नोटों के सुरक्षा फीचर्स की अच्छी तरह से जांच कर लें।1
- अब घरों के भीतर दुकानें खोली नहीं जा सकेंगी। इसके साथ ही, ई-मित्र सहित कुल 17 सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।1
- राजस्थान रोडवेज की एक बस नटनी का बारा के पास पलट गई। इस दुर्घटना में एक बहुत बड़ा हादसा टल गया और गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं।1