Shuru
Apke Nagar Ki App…
सोशल मीडिया पर वायरल रूरा निवासनीय शुभि ने क्या कहा आइये जानते हैं
उजागर लाल कटियार
सोशल मीडिया पर वायरल रूरा निवासनीय शुभि ने क्या कहा आइये जानते हैं
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- *कान्हा इंटरनेशनल स्कूल पर मनमानी फीस और बस में ठूंस-ठूंस कर बच्चे भरने का आरोप *अजीतमल, औरैया।* कस्बा अजीतमल के *कान्हा इंटरनेशनल एकेडमी* स्कूल के खिलाफ *जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी* को शिकायती पत्र दिया गया है। *विहिप बजरंग दल के विभाग संयोजक दीपक वर्मा* ने पत्र में आरोप लगाया है कि स्कूल बसों में सीट क्षमता से अधिक बच्चों को भरा जा रहा है। कुछ बच्चे खड़े होकर जाते हैं तो कुछ को बोनट पर बैठाया जाता है, जिससे कभी भी अप्रिय हादसा हो सकता है। पूरी फीस और बस किराया लेने के बाद भी बच्चों को बैठने की जगह नहीं मिलती। प्रधानाचार्य से शिकायत पर पर्याप्त साधन होने और कोई बच्चा खड़ा न होने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन चेक करने पर स्थिति में कोई सुधार नहीं मिला। *शिकायत में दो मुख्य बिंदु -* 1. एक ही निश्चित दुकान से मनमाने दामों पर कोर्स की किताबें बिकवाना। 2. प्रति बच्चे पूरी फीस लेकर भी एक बस में दो बसों के बराबर बच्चों को ले जाना। प्रार्थी ने मामले को संज्ञान में लेकर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसकी प्रतिलिपि *RTO औरैया, जिला शुल्क नियामक समिति और DIOS औरैया* को भी भेजी गई है।3
- झींझक नगर पालिका कानपुर देहात टाउन में अभी बहुत दिखते हैं झींझक कानपुर देहात झींझक से मंगलपुर मार्ग सीएनजी पंप के सामने सड़क पर गड्ढे हो गए हैं जो की आम पब्लिक को दिक्कत मिलती है यहां से रसूलाबाद ऑटो चलते हैं तथा तथा सवारियों को कोई भी गाड़ी आती है तो चिपक के चली जाती है झींझक नगर पालिका कानपुर देहात झींझक नहर से रसूलाबाद की ओर बहुत ही काफी गड्ढे हैं यह रोड रसूलाबाद से झींझक तक सर उखड़ा पड़ा है और इसकी कोई भी सनी नहीं होती है नाही सड़क परिवहन निगम से कोई भी इसकी सनी नहीं है हम यह चाहते हैं कि इसमें कोई ना कोई सड़क परिवहन निगम इस विषय में कोई भी बात सुन नहीं रही है यहां बहुत दिक्कत होती है झींझक से मंडा कुआं और मंडा कुआं से रसूलाबाद पूरी सड़क उखड़ी पड़ी है हम लोग यह मानते हैं कि सड़क परिवहन निगम इस विषय में अवश्य ही कोई ना कोई समाधान निकाले सड़क परिवहन निगम इस समय कान में उंगली डाले हुए बैठे हैं झींझक नगर पालिका कानपुर देहात और तो और कंचौसी रोड बहुत ज्यादा उखड़ा हुआ है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए काफी गड्ढे हैं मरीज को ले जाएं अगर तो उसका बच्चा गाड़ी में ही हो सकता है इसलिए हमारी यह गुजारिश है की कोई ना कोई समस्या का समाधान निकलेगा आने जाने वालों को बहुत दिक्कत मिलती है ब्लॉक से लेकर पंचवटी तक सड़क खराब है अस्पताल ले जाया जाए अगर डिलीवरी होनी हो तो उसका बच्चा गाड़ी पर ही जन्म ले लेता है इतनी ज्यादा रास्ता खराब है जो बहुत ही समय से यह रास्ता उखड़ी पड़ी है इसका कोई भी परिणाम नहीं निकल रहा है पैदल चलने वालों तक को बहुत दिक्कत मिलती है1
- सड़क पर बेसहारा पशु राहगीरो के लिए बने आफत याए दिन होती दुर्घटना1
- प्राथमिक विद्यालय की बदहाल सड़क से बच्चों की बढ़ी मुसीबत, पुनर्निर्माण की मांग सरदारपुर में स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता लंबे समय से खराब, कई बच्चे गिरकर हो चुके घायल प्राथमिक विद्यालय की बदहाल सड़क से बच्चों की बढ़ी मुसीबत, पुनर्निर्माण की मांग सरदारपुर में स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता लंबे समय से खराब, कई बच्चे गिरकर हो चुके घायल डेरापुर। ग्राम सरदारपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय तक जाने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल पड़ी होने के कारण विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खराब और ऊबड़-खाबड़ रास्ते के चलते कई बच्चे गिरकर हाथ-पैर में चोटिल हो चुके हैं। ग्रामीणों में इस समस्या को लेकर नाराजगी है। विद्यालय तक पहुंचने के लिए बनी सड़क की हालत काफी खराब हो गई है। जगह-जगह रास्ता उबड़-खाबड़ होने के साथ ही साफ-सफाई का भी अभाव है। बारिश के दिनों में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को विद्यालय पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। ग्राम सरदारपुर प्रमोद नायक ने इस संबंध में खंड विकास अधिकारी डेरापुर को पत्र सौंपकर सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की है। उन्होंने पत्र में बताया कि खराब रास्ते के कारण विद्यालय आने-जाने वाले कई बच्चे गिरकर घायल हो चुके हैं। सड़क की स्थिति में सुधार न होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने खंड विकास अधिकारी से मांग की है कि प्राथमिक विद्यालय तक जाने वाले रास्ते का स्थलीय निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि विद्यालय के बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल सके। प्रमोद नायक ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी इस समस्या का शीघ्र समाधान होना बेहद जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभाग से प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण कराने की मांग की है।1
- जालौन के गायर गांव में देर रात मजदूर के भूसा और भैंसों के बाड़े में अचानक आग लग गई, l जालौन के गायर गांव में देर रात मजदूर के भूसा और भैंसों के बाड़े में अचानक आग लग गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आग की लपटें देखकर परिवार में मची अफरा-तफरी, ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। आग इतनी तेजी से फैली कि बाड़े में रखा करीब 15 कुंतल भूसा, कंडा, खरी, लालच समेत अन्य सामान जलकर राख हो गया। आग से मजदूर रामप्रकाश को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। साथ ही पशुओं के चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। पीड़ित ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन और नियमानुसार आर्थिक सहायता देने की मांग की है1
- सिकंदरा कस्बे के मुगल मार्ग पर गड्ढों में भरा बारिश का पानी, जलभराव और कीचड़ से ग्रामीणों व राहगीरों की बढ़ी परेशानी सिकंदरा कस्बे के मुगल मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण बारिश का पानी भर जाने से ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के चलते सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। मार्ग पर जलभराव के साथ कीचड़ होने से पैदल चलने वाले लोगों के साथ ही वाहन चालकों को भी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। गुरुवार को सुबह करीब 10 बजे बारिश शुरू हुई, जो रुक-रुककर करीब ढाई बजे तक जारी रही। बारिश के दौरान मुगल मार्ग पर जगह-जगह पानी भर गया। इसी दौरान स्कूलों की छुट्टी होने पर घर लौट रहे छात्र-छात्राओं को भी जलभराव और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ा। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भरने से राहगीरों को यह पता लगाना भी मुश्किल हो रहा है कि गड्ढे कितने गहरे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुगल मार्ग की लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है। बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो गई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की जल्द मरम्मत और गड्ढों को दुरुस्त कर जलभराव की समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग की है।1
- राममंदिर से कृष्ण जन्माष्टमी के लिए भेजी गई मंगल सामग्री । मंदिर से मंदिर को जोड़ने की पहल के तहत पहली बार श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए मंगल सामग्री मथुरा भेजी गई। पूजित पुष्प, वस्त्र, मेवा-मिष्ठान्न, श्रृंगार सामग्री, मोरपंखी और बांसुरी समेत अन्य पूजन सामग्री दो वाहनों से भेजी गई। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने बताया कि 25 कार्यकर्ताओं का दल धनंजय पाठक के नेतृत्व में मंगल सामग्री लेकर अयोध्या से मथुरा के लिए रवाना हुआ। विहिप उपाध्यक्ष चंपतराय और राजेंद्र सिंह पंकज ने दल को आशीर्वचन देकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि मंदिरों और विभिन्न उपासना पद्धतियों को परस्पर जोड़ने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अन्य धार्मिक आयोजनों में भी इसी प्रकार मंगल सामग्री भेजी जाएगी।1
- जालौन स्वाइन फ्लू को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में अलर्ट l जालौन स्वाइन फ्लू को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में अलर्ट राजकीय मेडिकल कॉलेज में OPD में हेल्प डेस्क की गई शुरू मरीजों के लिए 28 से 30 बेड का वार्ड किया गया तैयार स्वाइन फ्लू से ग्रसित संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेने की प्रक्रिया हुई शुरू जरूरत के अनुसार वैक्सीनेशन की व्यवस्था की गई शुरू वार्ड में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों का भी वैक्सीनेशन कराया गया मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने कहा-घबराने की जरूरत नहीं स्थिति नियंत्रण में लक्षण दिखाई देने पर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जांच और उपचार कराने की करी गयी अपील2
- कानपुर देहात के मूसानगर में बारिश का कहर: कच्ची छत गिरी,दो मासूम बच्चों की मौत पत्रकार आशू श्रीवास्तव कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र के जरसेन गांव में बुद्धवार रात मुकेश के कच्चे घर की दीवार गिर गई घर के अंदर मुकेश उसकी पत्नी और दो मासूम बच्चे थे 7 साल की बेटी 3 साल का बेटा दोनों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि मुकेश गंभीर रूप से घायल है उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, घटना के बाद से मां की मानसिक स्थिति बिगड़ गई है मुंह से आवाज़ नहीं निकल रही पिता कह रहे हम भी मर जाते बिना बच्चों के क्या जीवन, मुकेश का आरोप है कि कई बार प्रधान और अधिकारियों से आवास के लिए कहा लेकिन किसी के सुनवाई नहीं की प्रधान पैसे मांगता रहा मुकेश मजदूरी करते है जमीन का इक टुकड़ा उनके पास नहीं है मेहनत मजदूरी कर परिवार पालते थे मुकेश बोले अब घर मिलता भी है तो कोई फायदा नहीं हैरानी को बात ये है कि जिले के विकास के मुखिया सीडीओ विधान जायसवाल कह रहे मेरी कोई जवाबदेही नहीं है ये दैवी आपदा है उसमें क्या किया जा सकता है, गजब का सिस्टम है गज़ब की सरकार है गजब के सरकार के नुमाइंदे है खुद तो चार चार ऐसी लगा कर शानदार दफ्तरों में बैठे है और किसान मजदूर वो दब कुचल कर मर रहा है लेकिन किसी को कोई मतलब नहीं कागज़ी खानापूर्ति में भरोसा रखने वाले अफसर शायद ये भूल रहे है कि इन्हीं गरीबों की जब हाय लगती है तो बहुत बुरा होता है परिवार सभी के है और कोई भी अजय नहीं है2