एनएसयूआई का अल्टीमेटम- कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन तय.... बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में इन दिनों हालात गरमाए हुए हैं। छात्र संगठन एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कुलपति को नारियल भेंट कर कुलसचिव को पद से हटाने की जोरदार मांग की है।एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए कुलसचिव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में लगातार अव्यवस्था बढ़ रही है, छात्रहितों की अनदेखी हो रही है और प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।छात्रों ने 4 मई को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि कार्यक्रम के दौरान चाकूबाजी और मारपीट जैसी गंभीर घटना हुई, जिसमें एक कर्मचारी घायल हुआ और उसे 14 टांके लगाने पड़े। आरोप है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद प्रशासन ने पुलिस को सूचना तक नहीं दी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।इसके साथ ही रिजल्ट में गड़बड़ी, दस्तावेजों में देरी और शिकायतों के निराकरण में लापरवाही को लेकर भी छात्रों ने नाराजगी जताई।एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। बाइट:- रंजेश सिंह (प्रदेश सचिव एनएसयूआई) बाइट:- पुष्पराज साहू (छात्र नेता)
एनएसयूआई का अल्टीमेटम- कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन तय.... बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में इन दिनों हालात गरमाए हुए हैं। छात्र संगठन एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कुलपति को नारियल भेंट कर कुलसचिव को पद से हटाने की जोरदार मांग की है।एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के
नेतृत्व में छात्र नेताओं ने कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए कुलसचिव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में लगातार अव्यवस्था बढ़ रही है, छात्रहितों की अनदेखी हो रही है और प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।छात्रों ने 4 मई को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि
कार्यक्रम के दौरान चाकूबाजी और मारपीट जैसी गंभीर घटना हुई, जिसमें एक कर्मचारी घायल हुआ और उसे 14 टांके लगाने पड़े। आरोप है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद प्रशासन ने पुलिस को सूचना तक नहीं दी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।इसके साथ ही रिजल्ट में गड़बड़ी, दस्तावेजों
में देरी और शिकायतों के निराकरण में लापरवाही को लेकर भी छात्रों ने नाराजगी जताई।एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। बाइट:- रंजेश सिंह (प्रदेश सचिव एनएसयूआई) बाइट:- पुष्पराज साहू (छात्र नेता)
- कोरबा के वार्ड 19 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने कई मकान छत ढलाई तक पूरे हो चुके हैं, लेकिन लाभार्थियों को अब तक राशि नहीं मिली है। पैसे की कमी के कारण ये मकान अधूरे पड़े हैं और खराब होने की कगार पर हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। बार-बार शिकायत के बावजूद सुनवाई न होने से स्थानीय लोग आक्रोशित हैं।1
- छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदूपत्ता संग्रहण ग्रामीणों के लिए 'हरा सोना' साबित हो रहा है। यह वनोपज हजारों संग्राहकों की आजीविका का मुख्य आधार बनकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहा है।1
- वाहनों को धीरे चलाकर आप सड़क पर बेजुबान जानवरों की जान बचा सकते हैं। अक्सर तेज रफ्तार के कारण घायल होने पर उन्हें संभालने या इलाज के लिए कोई आगे नहीं आता। सुरक्षित और संवेदनशील बनकर ही हम सच्ची इंसानियत दिखा सकते हैं।1
- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा डभरा में एक ट्रेलर और कैप्सूल ट्रक की आमने-सामने टक्कर हुई। इस भीषण हादसे के कारण इलाके में अफरा-तफरी मच गई और यातायात बाधित हो गया।1
- कोटा में शराब दुकान के बाहर अवैध बिक्री का खेल! वायरल वीडियो से मचा हड़कंप बिलासपुर के कोटा क्षेत्र में शराब दुकान के बाहर अवैध शराब बिक्री का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो में चखना सेंटर के सामने खुलेआम ग्राहकों को देशी शराब बेचते देखा गया। आरोप है कि एक पाव देशी शराब 200 रुपये में निर्धारित कीमत से ज्यादा दाम पर बेची जा रही है। पिछले कई दिनों से दुकानों में देशी शराब की कमी बताकर ग्राहकों को बाहर से शराब उपलब्ध कराई जा रही है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यह अवैध सप्लाई किसके संरक्षण में चल रही है और जिम्मेदार कार्रवाई कब होगी।1
- बिलासपुर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में तीन दिनों से बिजली और पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। बिजली गुल होने से पूरी कॉलोनी अंधेरे में है, जबकि पानी की किल्लत से स्थानीय रहवासी बुरी तरह प्रभावित हैं और परेशान हैं।1
- कोरबा के पावर हाउस रोड पर चार पहिया गाड़ियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नारद मुनि न्यूज़ ने सवाल उठाया है कि जब वहां पार्किंग की व्यवस्था है, तो वाहनों पर रोक क्यों लगाई गई है।1
- जंजीर-चांपा जिले के पामगढ़ में एक ग्रामीण सड़क का निर्माण पिछले 15 सालों से अटका हुआ है। इस वजह से स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं।2
- बिलासपुर जिले की पारसी ग्राम पंचायत में वर्षों से चली आ रही सैला नृत्य की अद्भुत परंपरा देखने को मिली। यह पारंपरिक नृत्य इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे ग्रामीण बड़े उत्साह से मनाते हैं।1