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भोपाल में एक्ट्रेस ट्रविशा शर्मा के सुसाइड केस में एक नया मोड़ आया है। इस मामले में, पति पक्ष ने उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को गलत बताया है।
SUNDARAM EXPRESS NEWS
भोपाल में एक्ट्रेस ट्रविशा शर्मा के सुसाइड केस में एक नया मोड़ आया है। इस मामले में, पति पक्ष ने उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को गलत बताया है।
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- इंदौर के हीरा नगर थाना क्षेत्र में पति-पत्नी के बीच विवाद और कथित प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक मामला अब और सनसनीखेज हो गया है। मेघदूत नगर निवासी हल्के वीर पटेल (38) और उनकी पत्नी रोशनी पटेल (32) के शव उनके घर में पाए गए थे। प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया कि पति ने पहले अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या की और फिर खुद जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में खंडवा निवासी सतीश साहू का नाम लिखा था, जिसने अब खंडवा में आत्महत्या कर ली है। पुलिस की एक टीम उसे पकड़ने के लिए खंडवा रवाना हुई थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही सतीश साहू ने भी अपनी जान दे दी। पुलिस के अनुसार, सतीश साहू पीथमपुर में नौकरी करता था और पहले उसी मकान में किराए से रहता था जहां यह पति-पत्नी रहते थे। तभी से रोशनी और सतीश के बीच बातचीत होती थी, जिसको लेकर हल्के वीर पटेल और रोशनी पटेल के बीच लगातार विवाद चल रहा था। खंडवा की पालदाना पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, इंदौर पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम को जोड़कर विस्तृत जांच कर रही है। इंदौर के एडिशनल डीसीपी राम स्नेही मिश्रा ने बताया कि पत्नी के प्रेम प्रसंग के शक में यह पूरा परिवार उजड़ गया, और इस मामले से जुड़े तीसरे व्यक्ति ने भी अपनी जान दे दी।1
- इंदौर में एक कैब कंपनी पर कर्मचारियों और ड्राइवरों का भारी गुस्सा फूटा है, जिस पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, वेतन रोकने और भुगतान नहीं करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत ने भी कर्मचारियों और ड्राइवरों के समर्थन में आवाज़ उठाई है। इन आरोपों के चलते, कुल 90 ड्राइवरों, 70 वाहन मालिकों और निवेशकों ने एकजुट होकर लसूडिया थाना पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।1
- दसवीं और बारहवीं कक्षा के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को सराहते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र, पदक और पट्टिका देकर नवाजा गया।1
- इंदौर जिले के बिजवाड़ गाँव के पास बने एक नए बायपास को लेकर जनता ने सवाल उठाए हैं। लोग इस संबंध में स्पष्ट जवाब की माँग कर रहे हैं।1
- इंदौर कलेक्ट्रेट में 25 मई को वृद्धजनों के लिए एक विशेष शिविर आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करना और उन्हें एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराना था। यह शिविर जनसुनवाई के दौरान वृद्धजनों से लगातार प्राप्त हो रही समस्याओं, जिनमें पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण संबंधी प्रकरण, सामाजिक उपेक्षा, पेंशन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं प्रमुख थीं, के मद्देनजर आयोजित किया गया था। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने निर्देश दिए थे कि शिविर का आयोजन प्रभावी, सुव्यवस्थित और परिणाममूलक हो, ताकि अधिक से अधिक वृद्धजन इसका लाभ प्राप्त कर सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया था। शिविर में भरण-पोषण अधिनियम के तहत आने वाले मामलों का निराकरण किया गया और पारिवारिक विवादों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने की विशेष व्यवस्था की गई। प्रशासन का प्रयास था कि संबंधित परिवारजनों और बच्चों को भी बुलाया जाए, ताकि माता-पिता के सम्मान और सामाजिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जा सके। इसके अतिरिक्त, वृद्धजनों की पेंशन संबंधी समस्याओं के निराकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य परीक्षण हेतु एक हेल्थ कैंप भी लगाया गया। शिविर सुबह 11 बजे से प्रारंभ हुआ। प्रशासन का उद्देश्य है कि वृद्धजन एक ही छत के नीचे विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का लाभ ले सकें।1
- इंदौर के नेमावर रोड पर पानी संकट को लेकर रविवार को हुए चक्का जाम के मामले में भंवरकुआं थाना पुलिस ने कांग्रेस पार्षद समेत कई लोगों पर केस दर्ज किया है। पालदा नाका स्थित पालदा हनुमान मंदिर के पास हुए इस प्रदर्शन के कारण करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा, जिससे सड़क पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय रहवासियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पानी की समस्या के विरोध में यह प्रदर्शन किया था। इस दौरान वार्ड क्रमांक 75 के कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी अपने समर्थकों के साथ सड़क पर बैठ गए और चक्का जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क से नहीं हटे। इसके बाद थाना भंवरकुआं पुलिस ने बिना अनुमति भीड़ एकत्रित करने और लोक व्यवस्था बाधित करने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया। एफआईआर में राकेश सिलावट, पवन पुरी, तारा पटेल, कमल प्रजापत, दिनेश पटेल, दिलीप सुरागे, दिनेश कुशवाह, अजय झा, सतीश शिंदे, सुरेश सोलंकी और गौरव मराठा समेत कई लोगों के नाम आरोपी के तौर पर शामिल किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, सुनील मंडलोई, शुभम करोसिया और झमु चौहान सहित अन्य लोगों की पहचान घटनास्थल की वीडियोग्राफी के आधार पर की जा रही है, और इस मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ खुर्जा नगर क्षेत्र के कलंदरगढ़ी गाँव में एक युवक ने अपने पिता और पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात अवैध संबंधों के शक में की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी मोमिन ने अपने पिता रियाजुद्दीन की लाइसेंसी पिस्टल से इस हत्याकांड को अंजाम दिया। रियाजुद्दीन को दो गोलियाँ लगीं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल पत्नी सना को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। जाँच में पता चला है कि मोमिन को अपनी पत्नी और पिता के बीच अवैध संबंधों का संदेह था, और इसी बात को लेकर परिवार में पहले भी कई बार विवाद हो चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जाँच अभी जारी है।1
- इंदौर शहर में पानी की किल्लत को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसी कड़ी में पालदा चौराहे पर हुए एक प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने कांग्रेस पार्षद सहित कुल 18 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 75 के कांग्रेस पार्षद कुणाल चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी और कांग्रेस नेता पानी की समस्या को लेकर सड़क पर उतरे थे। इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मटके रखकर अपना विरोध जताया, वहीं पुलिस अधिकारियों के पैर पकड़कर पानी की मांग करने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। भंवरकुआ पुलिस ने बताया कि यह प्रदर्शन बिना किसी अनुमति के किया गया था, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की गई, लेकिन इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और झड़प भी हुई। इस मामले में पुलिस ने कुणाल चौधरी, राकेश पटेल, तारा पटेल और कमल पटेल सहित कुल 18 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने निगम अधिकारियों से चर्चा की, जिसके बाद उन्हें क्षेत्र में पानी के टैंकर भेजने और नर्मदा पाइपलाइन को अतिरिक्त समय तक चलाने का आश्वासन दिया गया।1