सोहागपुर में इको सेंसेटिव जोन के विरोध में आदिवासियों ने मार्च निकालकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम सौंपा ज्ञापन सोहागपुर में गुरुवार को आदिवासियों ने रेलवे गेट से लेकर एसडीएम कार्यालय तक मार्च निकालकर इको सेंसेटिव जोन के विरोध में राष्ट्रपति के नाम एसडीएम प्रियंका भल्लावी को ज्ञापन सोपा है ज्ञापन में जिक्र किया गया है कि भारत सरकार द्वारा ईको सेन्ससेटिव जोन जो जंगल क्षेत्र में लगाया जा रहा है, जिसमें आदिवासी एवं गैर आदिवासी समाज के लोग निवास करते है, इस जोन से आदिवासी गांवो में विस्तापन की नीतियों को समाप्त किया जावे, हम सभी आदिवासी क्षेत्र से विस्तापित नहीं होना चाहते है एवं ईको सेंसेटिव जोन का हम पुरजोर विरोध करते है। ज्ञापन के माध्यम से आदिवासियों ने राष्ट्रपति से निवेदन किया है कि वनविभाग द्वारा जो गरीब आदिवासियो के गांव में जाकर विस्थापन का दबाव बनाया जाता है. जबकि हकीयत यह है कि ये आदिवासियों की वास्तविक मंजूरी नही रहती और ये लोग गांव में ही रहना चाहते है। पिछले 40 वर्षों से आदिवासी समाज के किसान पट्टे की मांग कर रहे है। जो आज दिनांक तक उन्हे पट्टे नहीं दिए गए है, और उन पर वनविभाग द्वारा केस बना दिए गए है। ज्ञापन देने के दौरान सैकड़ो की संख्या में आदिवासी ग्रामीण उपस्थित रहे।
सोहागपुर में इको सेंसेटिव जोन के विरोध में आदिवासियों ने मार्च निकालकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम सौंपा ज्ञापन सोहागपुर में गुरुवार को आदिवासियों ने रेलवे गेट से लेकर एसडीएम कार्यालय तक मार्च निकालकर इको सेंसेटिव जोन के विरोध में राष्ट्रपति के नाम एसडीएम प्रियंका भल्लावी को ज्ञापन सोपा है ज्ञापन में जिक्र किया गया है कि भारत सरकार द्वारा ईको सेन्ससेटिव जोन जो जंगल क्षेत्र में लगाया जा रहा है, जिसमें आदिवासी एवं गैर आदिवासी समाज के लोग निवास करते है, इस जोन से आदिवासी गांवो में विस्तापन की नीतियों को समाप्त किया जावे, हम सभी आदिवासी क्षेत्र से विस्तापित नहीं होना चाहते है एवं ईको सेंसेटिव जोन का हम पुरजोर विरोध करते है। ज्ञापन के माध्यम से आदिवासियों ने राष्ट्रपति से निवेदन किया है कि वनविभाग द्वारा जो गरीब आदिवासियो के गांव में जाकर विस्थापन का दबाव बनाया जाता है. जबकि हकीयत यह है कि ये आदिवासियों की वास्तविक मंजूरी नही रहती और ये लोग गांव में ही रहना चाहते है। पिछले 40 वर्षों से आदिवासी समाज के किसान पट्टे की मांग कर रहे है। जो आज दिनांक तक उन्हे पट्टे नहीं दिए गए है, और उन पर वनविभाग द्वारा केस बना दिए गए है। ज्ञापन देने के दौरान सैकड़ो की संख्या में आदिवासी ग्रामीण उपस्थित रहे।
- ग्राम चीचली की पुलिया के पास आने नियंत्रित होकर पलटी बस, दो दर्जन से अधिक यात्री हुए घायल, 6 जिला अस्पताल रेफर सोहागपुर में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। पिपरिया से भोपाल की ओर जा रही कटियार ट्रेवल्स की बस अभी कुछ देर पहले ग्राम चीचली की पुलिया के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई। घटना के बाद बस में 35 से 40 यात्री सवार थे। जैसे ही बस सोहागपुर से निकली आगे चीचली की पुलिया के पास तेल रफ्तार के चलते अनियंत्रित होकर पलट गई। सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और घायल यात्रियों को सोहागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए पहुंचाया वही 6 यात्रियों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाकी अन्य घायलों का इलाज सोहागपुर समुदाय स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है।1
- नवांकुर संस्था भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास गोबिंदनगर ने ओल नदी इमलिया गाडरवारा खुर्द पर बनाया बोरी बंधान बनखेड़ी मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् की नवांकुर संस्था भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास गोबिंदनगर ने उमरधा सेक्टर के ग्राम इमलिया के पास ओल नदी पर 160 बोरियों का बोरी बंधान बनाया। भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास के ग्राम विकास प्रमुख ओमकार सिंह राजपूत के नेतृत्व में बनाये गये बोरी बंधान में आशीष बादल, बलवान गुर्जर बंटी यादव,पवन पटैल,दीपक बादल, अभिषेक बादल,सतीश सराठे वीरेंद्र पटैल रामकुमार गौतम, रूद्र प्रताप राजपूत महेंद्र सिंह राजपूत,पवन गौतम, कामता दुबे,हीरा लाल राजपूत, प्रेमनारायण राजपूत लोकेश राजपूत राजेश राजपूत जगदीश कहार, रामदयाल धानक लाल सिंह मेहरा मौजी हरिजन मुख्य रूप से उपस्थित रहें।1
- नर्मदापुरम जिले के बच्चों के लिए आज एक बड़ी खुशखबरी है। जिले के करीब 28 हजार बच्चों को एजुकेशनल डेस्क युक्त इनोवेटिव स्कूल बैग वितरित किए जाएंगे।यह पहल न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई को आसान बनाएगी बल्कि उनके स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगी। वीओ :वाटिका रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने बताया कि यह योजना भारत सरकार की गेल इंडिया लिमिटेड और अवंत फाउंडेशन के सहयोग से संचालित की जा रही है।आज एनएमबी कॉलेज नर्मदापुरम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह बच्चों को इन बैगों का वितरण करेंगे। वीओ 02 इस योजना के तहत शासकीय प्राथमिक विद्यालयों के 27,778 बच्चों को आईआईटी कानपुर द्वारा विकसित एजुकेशनल डेस्क युक्त स्कूल बैग दिए जाएंगे।इन बैगों में बैठने की सही मुद्रा के लिए विशेष व्यवस्था है, जिससे बच्चों की रीढ़, आंखों और मस्तिष्क का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।यह बैग स्कूल और घर दोनों जगह उपयोगी रहेगा और बच्चों के पढ़ने-लिखने के समय को बढ़ाने में मदद करेगा। वीओ 03 सही मुद्रा में बैठकर पढ़ाई की सुविधा रीढ़ और मांसपेशियों की समस्याओं से बचाव आंखों की थकान और तनाव में कमी सिर, गर्दन, कंधे और पीठ दर्द से राहत बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों में सुधार सांसद माया नारोलिया ने बताया कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और निपुण भारत कार्यक्रम 2023 के अंतर्गत संचालित हो रही है। वीओ 04 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के मार्गदर्शन में यह योजना नर्मदापुरम जिले तक पहुंच सकी है।इस तरह, नर्मदापुरम के बच्चों के लिए यह योजना न केवल शिक्षा में सुधार लाएगी, बल्कि उनके स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में भी मदद करेगी।28 हजार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में यह कदम निश्चित ही महत्वपूर्ण साबित होगा।1
- थाना हाथीखेड़ा में खुलेआम चल रहा सट्टा1
- Road complaint Nahin Hua Hai aur toll tax chalu condition dekh sakte hain Road ka kya hal hai1
- अपना कॉमेंट लिख1
- डिंडोरी माता के दरबार में आस्था की पुकार, नर्मदा परिक्रमा कर श्रद्धालुओं ने मांगा जीवन की समस्याओं से मुक्ति का आशीर्वाद डिंडोरी (मध्यप्रदेश)। मां नर्मदा स्वर्ण मंदिर, डेम घाट स्थित डिंडोरी माता मंदिर आस्था, विश्वास और मनोकामना पूर्ति के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां डिंडोरी माता के दरबार में की गई पूजा कभी निष्फल नहीं जाती। इसी गहरी आस्था के साथ नर्मदा परिक्रमा कर रहे श्रद्धालु श्री पी.डी. पंवार (चाचा जी) एवं चाची जी ने डिंडोरी माता के पावन स्थान पर विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने अपने भतीजे के जीवन में आ रही लगातार समस्याओं, बाधाओं और कष्टों से मुक्ति के लिए मां नर्मदा एवं डिंडोरी माता से विशेष प्रार्थना की। पूजन के समय दीप प्रज्वलन, आरती एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां के चरणों में मनोकामना अर्पित की गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि मां डिंडोरी माता का यह स्थान केवल मंदिर नहीं बल्कि संकटमोचक शक्ति का केंद्र है, जहाँ आने वाला हर भक्त मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा अनुभव करता है। डिंडोरी माता मंदिर का धार्मिक महत्व डिंडोरी माता मंदिर मां नर्मदा के तट पर स्थित एक प्राचीन और सिद्ध पीठ माना जाता है। कहा जाता है कि यहाँ की गई पूजा से— जीवन की समस्याओं से मुक्ति रोग, शोक और मानसिक तनाव का निवारण परिवार में सुख-शांति कार्यों में सफलता जैसी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। नर्मदा परिक्रमा के दौरान यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। स्थानीय पुजारियों और श्रद्धालुओं के अनुसार, मां नर्मदा और डिंडोरी माता की संयुक्त कृपा से भक्तों के जीवन में नई दिशा और ऊर्जा का संचार होता है। आस्था का संदेश आज के भागदौड़ भरे जीवन में जब व्यक्ति चारों ओर से समस्याओं से घिरा होता है, तब ऐसे पवित्र स्थल श्रद्धा, विश्वास और धैर्य का मार्ग दिखाते हैं। डिंडोरी माता का दरबार इसी विश्वास का जीवंत उदाहरण है। जय मां नर्मदा। जय डिंडोरी माता।4
- ग्राम सेमरी हरचंद की जिम में मोबाइल के गाने की आवाज बंद करने की बात को लेकर फरियादी से चार आरोपियों ने की मारपीट सोहागपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरी हरचंद में जिम करने गए युवक को मोबाइल में बज रहे गाने की आवाज बंद करने की कहना महंगा पड़ गया। इसी बात को लेकर चार युवकों ने एक युवक से मारपीट कर डाली। घटना रात 9:00 बजे की बताई जा रही है मामले को लेकर फरियादी उमेश पिता कन्हैयालाल अहिरवार 35 वर्ष निवासी आईसीआईसीआई बैंक के पास सेमरीहरचंद के द्वारा रामदास, दीपक, राजकुमार, पंकज एवं जयदेव अहिरवार सभी निवासी अंबेडकर वार्ड सेमरीहरचंद के खिलाफ पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई कि वह अंबेडकर वार्ड स्थित व्यायाम शाला गया हुआ था व्यायाम शाला में और भी लड़के लोग जिम कर रहे थे जयदेव अपने मोबाइल से तेज गाना बजा रहा था बाकी लड़कों ने मुझसे कहा कि भैया यह जयदेव का मोबाइल बंद करा दो तब मैंने जयदेव को बोला कि भैया मोबाइल बंद कर दो बाकी लोगों को आपत्ति हो रही है। इसी बात को लेकर जयदेव एवं उसके साथियों के द्वारा गंदी-गंदी गालियां देकर मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मारपीट एवं अन्य धाराओं का प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया हैl1