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रायपुर कर्चुलियान तहसील में प्रशासनिक लापरवाही: 11:40 बजे तक नहीं खुला दफ्तर, किसान भटके
विंध्य वसुंधरा समाचार
रायपुर कर्चुलियान तहसील में प्रशासनिक लापरवाही: 11:40 बजे तक नहीं खुला दफ्तर, किसान भटके
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- रीवा (मध्य प्रदेश), 18 फरवरी 2026 – मध्य प्रदेश के रीवा जिले में जुलाई 2024 में हुई एक सनसनीखेज घटना का वीडियो एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। हिनौता कोठार गांव में जमीन विवाद के चलते दो महिलाओं को डंपर से मुरम (बजरी) डालकर जिंदा दफनाने की कोशिश की गई थी। पीड़ित महिलाओं ने चमत्कारिक रूप से जान बचाई, लेकिन यह घटना अब भी ग्रामीणों के दिलों में डर पैदा कर रही है। घटना 21 जुलाई 2024 को मनगवां थाना क्षेत्र के गगेव चौकी अंतर्गत हिनौता जोरौट गांव में घटी। पीड़ित ममता पांडेय और उनकी जेठानी आशा पांडेय परिवारिक जमीन पर सड़क बनाने के प्रयास का विरोध कर रही थीं। आरोप है कि विपक्षी पक्ष के दबंगों ने डंपर चालक को निर्देश देकर मुरम महिलाओं पर उंडेल दिया। ममता पांडेय कमर तक दब गईं, जबकि आशा पांडेय का गला तक मुरम से भर गया। स्थानीय ग्रामीणों ने फावड़ों से मुरम हटाकर दोनों को बचाया। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। ममता पांडेय ने बाद में बताया, "5 मिनट की और देरी होती तो हम मर जाते।" पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 के तहत हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया। आरोपी ट्रक ड्राइवर प्रदीप कोल को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी गोकरण पांडेय और विपिन पांडेय फरार हैं। रीवा एसपी विवेक सिंह ने बताया कि यह दो परिवारों के बीच निजी जमीन का विवाद था, और दोनों पक्ष एक ही समुदाय से हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में इसे दलित अत्याचार बताया गया, लेकिन फैक्ट-चेक में यह गलत पाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने भी जांच के आदेश दिए। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वत: संज्ञान लेते हुए 3 दिनों में रिपोर्ट मांगी। घटना के बाद आरोपी पक्ष द्वारा पीड़ित परिवार को धमकियां मिलने की शिकायतें भी सामने आईं। यह वीडियो फरवरी 2026 में फिर वायरल होने से सोशल मीडिया पर #RewaMuramKand जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन विवादों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ग्रामीण स्तर पर त्वरित न्याय व्यवस्था जरूरी है। पुलिस ने वर्तमान में कोई नया अपडेट जारी नहीं किया है, लेकिन वायरल वीडियो के मद्देनजर निगरानी बढ़ा दी गई है।1
- खबर मध्यप्रदेश के रीवा से है जहा आज अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने यूजीसी रोल बैक के नारे लगाते हुए रैली निकाली तथा यह जन आंदोलन एक विशाल जन आंदोलन है जो एक क्रांति के रूप में रीवा में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में देखने को मिलेगा1
- रीवा में बीच ओवरब्रिज गाड़ियां लगाकर लेट गए बदमाश, VIDEO: गैंगस्टर रील मेकर गैंग ने फैलाई दहशत, लोगों को धमकाया रीवा शहर के सिरमौर चौराहा ओवर ब्रिज पर एक खतरनाक घटना ने लोगों की रफ्तार रोक दी। जानकारी के मुताबिक, 7 से 8 युवकों की एक गैंग ने ओवर ब्रिज के बीच सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया और खुद गाड़ियों में लेटकर आराम फरमाया। इस दौरान उन्होंने अपने आप को 'गैंगस्टर' साबित करने के लिए वीडियो भी बनाया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। गैंगस्टर रील की इस करतूत ने राहगीरों में दहशत फैला दी। कुछ लोगों ने बताया कि जब उन्होंने सड़क रोकने का विरोध किया, तो युवकों ने अभद्रता की और धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया। इस पूरी घटना से आम लोग भयभीत नजर आए और वहां मौजूद वाहन चालक फंस गए। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद चालानी कार्यवाही की। थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि युवकों को वीडियो के सामने आने के बाद थाने लाया गया और उनकी बाइक जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। हालांकि, पुलिस की यह कार्रवाई आम लोगों के लिए राहत का कारण रही, लेकिन गैंगस्टर रील की इस निडर हरकत ने शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि कुछ युवा खुद को कानून से ऊपर समझते हैं और सड़क को अपनी 'गैंगस्टर' स्टाइल की रील शूटिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं। शहरवासियों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1
- Post by Tikar se desh duniya ki khabar1
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- नव विवाहिता की ससुराल में संदिग्ध मौत, मां बाप ने लगाया हत्या का आरोप मध्यप्रदेश के रीवा जिले में नव विवाहिता रीना साकेत की ससुराल में निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। मृतिका के पिता सुखेंद्र साकेत ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या उसके पति रावेन्द्र साकेत, ससुर राम कीर्तन साकेत, सास बतसिया, जेठानी शिवानी साकेत और जेठ अनिल साकेत ने मिलकर की है। रीना साकेत के पिता सुखेंद्र साकेत और माँ ललिता साकेत, ग्राम सुरसा कला के निवासी हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या ससुराल वालों ने दहेज के लिए या अन्य किसी कारण से की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है। इस घटना ने समाज में एक बार फिर से दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दे को उठाया है। स्थानीय लोगों ने इस घटना की निंदा की है और आरोपियों को सजा दिलाने की मांग की है।1
- रीवा/मऊगंज। विंध्य क्षेत्र के रीवा और नवगठित जिला मऊगंज इन दिनों कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध वसूली, शराब माफियाओं की सक्रियता और दबंग तत्वों के बढ़ते प्रभाव से आमजन भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं। कई लोगों ने मौजूदा हालात को ‘जंगलराज’ की संज्ञा दी है। चेकपोस्टों पर अवैध वसूली के आरोप फरवरी 2026 से जुड़े कुछ वीडियो और शिकायतें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें हनुमना, मऊगंज और सोहागी पहाड़ स्थित आरटीओ चेकपोस्टों पर कथित रूप से अवैध वसूली का आरोप लगाया गया है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि 24 घंटे ट्रकों और अन्य व्यावसायिक वाहनों से वसूली की जा रही है। परिवहन एवं आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि यदि संबंधित लोगों को “हिस्सा” नहीं मिलता, तो वाहन चालकों और कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतों ने प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। शराब माफिया और नशीले पदार्थों की समस्या क्षेत्र में अवैध शराब और नशीली सिरप की बिक्री को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई गांवों और कस्बों में खुलेआम अवैध शराब का कारोबार चल रहा है, जिससे युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो सामाजिक और आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। सरकार और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर उठे सवाल प्रदेश में गृह विभाग की जिम्मेदारी मोहन यादव के पास है। वहीं रीवा संभाग को प्रदेश स्तर पर उपमुख्यमंत्री का प्रतिनिधित्व भी प्राप्त है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर बढ़ती शिकायतों को लेकर सत्ता और विपक्ष—दोनों की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि प्रशासनिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई जाए तो चेकपोस्टों पर पारदर्शी व्यवस्था लागू कर अवैध वसूली पर रोक लगाई जा सकती है। सामाजिक प्रतिरोध की शुरुआत मनगवां क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों में कुछ सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर आवाज उठानी शुरू कर दी है। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि “जनप्रतिनिधि भले मौन हों, लेकिन समाज अब अन्याय के खिलाफ खड़ा होने की तैयारी कर रहा है।” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और स्थानीय समाचार माध्यमों—जिनमें ‘दैनिक आजतक 24’ जैसे प्रकाशन शामिल हैं—द्वारा समय-समय पर इन मुद्दों को उजागर किया जा रहा है। बड़ी घटना की आशंका विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते आरटीओ बैरियरों और कथित शराब माफियाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो आपसी टकराव किसी बड़ी हिंसक घटना का रूप ले सकता है। क्षेत्र की जनता ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और चेकपोस्टों पर सीसीटीवी निगरानी व पारदर्शी डिजिटल प्रणाली लागू करने की मांग की है, ताकि कानून का राज स्थापित हो सके और आमजन को राहत मिल सके। (नोट: समाचार में उल्लिखित आरोप स्थानीय स्रोतों और वायरल वीडियो पर आधारित हैं। प्रशासनिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।)2