#गांववासी_3_बच्चों_के_अप_हरण_का_मामला : भरतपुर जिले के वीरमपुरा गांव में पिछले 6 माह में तीन बच्चों का अपहरण होने के मामलों की वजह से गांव में डर का माहौल है हालांकि गनीमत रही कि तीनों बच्चे सुरक्षित हैं। बच्चों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है एवं परिवारों को बच्चों की सुरक्षा का चिंता दिन रात सताने लगी है साथ ही अब तक किसी तरह का कोई सुराग न मिलने के कारण ग्रामीण पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठा रहे हैं। तीनों बच्चों की लगभग एक जैसी कहानी है अपहरणकर्ता बच्चों को निशाना बनाने के लिए 'सम्मोहन' और 'धुआं छोड़ने वाली घड़ी' जैसे हाईटेक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पहली घटना में 6 अगस्त 2025 को 11वीं क्लास के स्टूडेंट अमन का अपहरण किया गया, दूसरी घटना में 21 फरवरी 2026 को पुनीत नाम के बालक का अपहरण किया गया तथा तीसरी घटना में 6 मार्च को 5वीं क्लास के स्टूडेंट पार्थ का अपहरण किया गया। ग्रामीणों के अनुसार वीरमपुरा में बड़ा मार्केट होने के कारण बाहरी लोगों की पहचान मुश्किल है और इसी के चलते इलाके के सदर थाना प्रभारी को कई बार पत्र लिखा है जिसमें प्रशासन से गांव में CCTV कैमरे लगवाने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इलाके से अपहरण के अब तक तीन मामले संज्ञान में आए हैं जिसकी जांच में पुलिस जुटी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार पहली घटना अमन के साथ हुई। अमन ने बताया 6 अगस्त 2025 की शाम को एक दुकान पर बुक खरीदने गया था कि तभी उसे बदमाशों ने रास्ता पूछने के बहाने बुलाया और रुमाल सुंघाकर बेहोश कर दिया। बदमाशो ने करीब 2 किमी दूर झील गांव के पास बने सरकारी स्कूल से उसे पकड़कर अपने साथ ले गए। देर रात अमन को होश आया तो उसने अपने आपको मथुरा रेलवे स्टेशन पर पाया। अमन ने जब लोगों से मदद मांगी तो किसी अजनबी ने उसकी मदद करते हुए फोन पर परिजनों से बता करवाई जिसके बाद आरपीएफ की मदद से उसे घर लाया गया। ग्रामीणों के अनुसार दूसरी घटना पुनीत के साथ हुई। पुनीत ने बताया कि 21 फरवरी 2026 को जब वह अपनी विज्ञान की परीक्षा देने के लिए घर से स्कूल जा रहा था कि तभी जैसे ही अपने गांव से बाहर पहुंचा तो बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे लात मारकर गड्ढे में गिरा दिया। बाइक से दो लोगों ने उतरकर अचानक उसे मुंह पर रुमाल सुंघाकर बेहोश करने की कोशिश की। बदमाशों ने उसके शरीर पर सुइयां (पेन) भी चुभाईं। गनीमत रही कि राहगीरों की आहट सुनकर बदमाश उसे वहीं छोड़कर भाग निकले। #गांववासी_3_बच्चों_के_अप_हरण_का_मामला : भरतपुर जिले के वीरमपुरा गांव में पिछले 6 माह में तीन बच्चों का अपहरण होने के मामलों की वजह से गांव में डर का माहौल है हालांकि गनीमत रही कि तीनों बच्चे सुरक्षित हैं। बच्चों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है एवं परिवारों को बच्चों की सुरक्षा का चिंता दिन रात सताने लगी है साथ ही अब तक किसी तरह का कोई सुराग न मिलने के कारण ग्रामीण पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठा रहे हैं। तीनों बच्चों की लगभग एक जैसी कहानी है अपहरणकर्ता बच्चों को निशाना बनाने के लिए 'सम्मोहन' और 'धुआं छोड़ने वाली घड़ी' जैसे हाईटेक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पहली घटना में 6 अगस्त 2025 को 11वीं क्लास के स्टूडेंट अमन का अपहरण किया गया, दूसरी घटना में 21 फरवरी 2026 को पुनीत नाम के बालक का अपहरण किया गया तथा तीसरी घटना में 6 मार्च को 5वीं क्लास के स्टूडेंट पार्थ का अपहरण किया गया। ग्रामीणों के अनुसार वीरमपुरा में बड़ा मार्केट होने के कारण बाहरी लोगों की पहचान मुश्किल है और इसी के चलते इलाके के सदर थाना प्रभारी को कई बार पत्र लिखा है जिसमें प्रशासन से गांव में CCTV कैमरे लगवाने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इलाके से अपहरण के अब तक तीन मामले संज्ञान में आए हैं जिसकी जांच में पुलिस जुटी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार पहली घटना अमन के साथ हुई। अमन ने बताया 6 अगस्त 2025 की शाम को एक दुकान पर बुक खरीदने गया था कि तभी उसे बदमाशों ने रास्ता पूछने के बहाने बुलाया और रुमाल सुंघाकर बेहोश कर दिया। बदमाशो ने करीब 2 किमी दूर झील गांव के पास बने सरकारी स्कूल से उसे पकड़कर अपने साथ ले गए। देर रात अमन को होश आया तो उसने अपने आपको मथुरा रेलवे स्टेशन पर पाया। अमन ने जब लोगों से मदद मांगी तो किसी अजनबी ने उसकी मदद करते हुए फोन पर परिजनों से बता करवाई जिसके बाद आरपीएफ की मदद से उसे घर लाया गया। ग्रामीणों के अनुसार दूसरी घटना पुनीत के साथ हुई। पुनीत ने बताया कि 21 फरवरी 2026 को जब वह अपनी विज्ञान की परीक्षा देने के लिए घर से स्कूल जा रहा था कि तभी जैसे ही अपने गांव से बाहर पहुंचा तो बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे लात मारकर गड्ढे में गिरा दिया। बाइक से दो लोगों ने उतरकर अचानक उसे मुंह पर रुमाल सुंघाकर बेहोश करने की कोशिश की। बदमाशों ने उसके शरीर पर सुइयां (पेन) भी चुभाईं। गनीमत रही कि राहगीरों की आहट सुनकर बदमाश उसे वहीं छोड़कर भाग निकले।
#गांववासी_3_बच्चों_के_अप_हरण_का_मामला : भरतपुर जिले के वीरमपुरा गांव में पिछले 6 माह में तीन बच्चों का अपहरण होने के मामलों की वजह से गांव में डर का माहौल है हालांकि गनीमत रही कि तीनों बच्चे सुरक्षित हैं। बच्चों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है एवं परिवारों को बच्चों की सुरक्षा का चिंता दिन रात सताने लगी है साथ ही अब तक किसी तरह का कोई सुराग न मिलने के कारण ग्रामीण पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठा रहे हैं। तीनों बच्चों की लगभग एक जैसी कहानी है अपहरणकर्ता बच्चों को निशाना बनाने के लिए 'सम्मोहन' और 'धुआं छोड़ने वाली घड़ी' जैसे हाईटेक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पहली घटना में 6 अगस्त 2025 को 11वीं क्लास के स्टूडेंट अमन का अपहरण किया गया, दूसरी घटना में 21 फरवरी 2026 को पुनीत नाम के बालक का अपहरण किया गया तथा तीसरी घटना में 6 मार्च को 5वीं क्लास के स्टूडेंट पार्थ का अपहरण किया गया। ग्रामीणों के अनुसार वीरमपुरा में बड़ा मार्केट होने के कारण बाहरी लोगों की पहचान मुश्किल है और इसी के चलते इलाके के सदर थाना प्रभारी को कई बार पत्र लिखा है जिसमें प्रशासन से गांव में CCTV कैमरे लगवाने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इलाके से अपहरण के अब तक तीन मामले संज्ञान में आए हैं जिसकी जांच में पुलिस जुटी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार पहली घटना अमन के साथ हुई। अमन ने बताया 6 अगस्त 2025 की शाम को एक दुकान पर बुक खरीदने गया था कि तभी उसे बदमाशों ने रास्ता पूछने के बहाने बुलाया और रुमाल सुंघाकर बेहोश कर दिया। बदमाशो ने करीब 2 किमी दूर झील गांव के पास बने सरकारी स्कूल से उसे पकड़कर अपने साथ ले गए। देर रात अमन को होश आया तो उसने अपने आपको मथुरा रेलवे स्टेशन पर पाया। अमन ने जब लोगों से मदद मांगी तो किसी अजनबी ने उसकी मदद करते हुए फोन पर परिजनों से बता करवाई जिसके बाद आरपीएफ की मदद से उसे घर लाया गया। ग्रामीणों के अनुसार दूसरी घटना पुनीत के साथ हुई। पुनीत ने बताया कि 21 फरवरी 2026 को जब वह अपनी विज्ञान की परीक्षा देने के लिए घर से स्कूल जा रहा था कि तभी जैसे ही अपने गांव से बाहर पहुंचा तो बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे लात मारकर गड्ढे में गिरा दिया। बाइक से दो लोगों ने उतरकर अचानक उसे मुंह पर रुमाल सुंघाकर बेहोश करने की कोशिश की। बदमाशों ने उसके शरीर पर सुइयां (पेन) भी चुभाईं। गनीमत रही कि राहगीरों की आहट सुनकर बदमाश उसे वहीं छोड़कर भाग निकले। #गांववासी_3_बच्चों_के_अप_हरण_का_मामला : भरतपुर जिले के वीरमपुरा गांव में पिछले 6 माह में तीन बच्चों का अपहरण होने के मामलों की वजह से गांव में डर का माहौल है हालांकि गनीमत रही कि तीनों बच्चे सुरक्षित हैं। बच्चों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है एवं परिवारों को बच्चों की सुरक्षा का चिंता दिन रात सताने लगी है साथ ही अब तक किसी तरह का कोई सुराग न मिलने के कारण ग्रामीण पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठा रहे हैं। तीनों बच्चों की लगभग एक जैसी कहानी है अपहरणकर्ता बच्चों को निशाना बनाने के लिए 'सम्मोहन' और 'धुआं छोड़ने वाली घड़ी' जैसे हाईटेक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पहली घटना में 6 अगस्त 2025 को 11वीं क्लास के स्टूडेंट अमन का अपहरण किया गया, दूसरी घटना में 21 फरवरी 2026 को पुनीत नाम के बालक का अपहरण किया गया तथा तीसरी घटना में 6 मार्च को 5वीं क्लास के स्टूडेंट पार्थ का अपहरण किया गया। ग्रामीणों के अनुसार वीरमपुरा में बड़ा मार्केट होने के कारण बाहरी लोगों की पहचान मुश्किल है और इसी के चलते इलाके के सदर थाना प्रभारी को कई बार पत्र लिखा है जिसमें प्रशासन से गांव में CCTV कैमरे लगवाने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इलाके से अपहरण के अब तक तीन मामले संज्ञान में आए हैं जिसकी जांच में पुलिस जुटी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार पहली घटना अमन के साथ हुई। अमन ने बताया 6 अगस्त 2025 की शाम को एक दुकान पर बुक खरीदने गया था कि तभी उसे बदमाशों ने रास्ता पूछने के बहाने बुलाया और रुमाल सुंघाकर बेहोश कर दिया। बदमाशो ने करीब 2 किमी दूर झील गांव के पास बने सरकारी स्कूल से उसे पकड़कर अपने साथ ले गए। देर रात अमन को होश आया तो उसने अपने आपको मथुरा रेलवे स्टेशन पर पाया। अमन ने जब लोगों से मदद मांगी तो किसी अजनबी ने उसकी मदद करते हुए फोन पर परिजनों से बता करवाई जिसके बाद आरपीएफ की मदद से उसे घर लाया गया। ग्रामीणों के अनुसार दूसरी घटना पुनीत के साथ हुई। पुनीत ने बताया कि 21 फरवरी 2026 को जब वह अपनी विज्ञान की परीक्षा देने के लिए घर से स्कूल जा रहा था कि तभी जैसे ही अपने गांव से बाहर पहुंचा तो बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे लात मारकर गड्ढे में गिरा दिया। बाइक से दो लोगों ने उतरकर अचानक उसे मुंह पर रुमाल सुंघाकर बेहोश करने की कोशिश की। बदमाशों ने उसके शरीर पर सुइयां (पेन) भी चुभाईं। गनीमत रही कि राहगीरों की आहट सुनकर बदमाश उसे वहीं छोड़कर भाग निकले।
- Post by ATV INDIA HD (Ajeet chauhan)1
- Post by Brajvir Singh1
- रारह की सरपंच कुसुम सिंह को “महिला बीकन लीडर” राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में राजस्थान से एकमात्र सरपंच को मिला सम्मान डीग नई दिल्ली के अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित सशक्त पंचायत नेत्री अभियान के अंतर्गत पंचायतों की निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में आदर्श ग्राम पंचायत रारह (जिला डीग, राजस्थान) की सरपंच श्रीमती कुसुम सिंह को “महिला बीकन लीडर” राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री माननीय श्री राजीव रंजन सिंह, राज्य मंत्री माननीय श्री एस. पी. सिंह बघेल तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अवार्ड प्रदान कर दिया गया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से लगभग 700 महिला सरपंचों एवं महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायतों में महिला नेतृत्व को सशक्त बनाना, उनके अनुभवों का आदान-प्रदान कराना तथा ग्रामीण विकास और सुशासन में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत बनाना रहा। सम्मेलन के दौरान पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला जनप्रतिनिधियों में से देश के प्रत्येक राज्य से एक-एक “महिला बीकन लीडर” का चयन कर उन्हें राष्ट्रीय अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में राजस्थान राज्य से एकमात्र आदर्श ग्राम पंचायत रारह की सरपंच श्रीमती कुसुम सिंह को यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ। श्रीमती कुसुम सिंह को यह सम्मान ग्राम पंचायत स्तर पर प्रभावी नेतृत्व, महिला सशक्तिकरण के प्रयास, जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने तथा ग्राम पंचायत रारह को महिला हितैषी ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया। सम्मेलन में विभिन्न सत्रों के माध्यम से पंचायत प्रशासन, ग्राम विकास, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण तथा ग्राम स्तर पर जनभागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। देशभर से आई महिला जनप्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए पंचायतों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व की संभावनाओं पर विचार व्यक्त किए। अपने उद्बोधन में सरपंच श्रीमती कुसुम सिंह ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि ग्राम पंचायत रारह की समस्त जनता, सहयोगियों और ग्रामवासियों के विश्वास एवं सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने से ग्रामीण विकास की गति और अधिक तेज हो सकती है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत रारह को महिला हितैषी ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए पंचायत द्वारा विशेष पहल की गई है। पंचायत में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, उन्हें स्वावलंबन के लिए प्रेरित करने तथा स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत रारह का सर्वांगीण विकास माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देशभर की महिला जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर इस प्रकार के प्रेरणादायक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने के लिए उनका हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। साथ ही राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी का भी विशेष रूप से धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया, जिनके मार्गदर्शन में प्रदेश में ग्रामीण विकास और पंचायत सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के सभी जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा ग्राम पंचायत रारह के विकास में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान उन्हें और अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है तथा भविष्य में भी ग्राम पंचायत रारह को महिला सशक्तिकरण और समग्र ग्रामीण विकास का एक आदर्श मॉडल बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। इस उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों तथा ग्रामवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए श्रीमती कुसुम सिंह को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। लोगों का कहना है कि यह सम्मान न केवल ग्राम पंचायत रारह बल्कि पूरे डीग- भरतपुर जिले और राजस्थान के लिए गर्व का विषय है।3
- पहाड़ी पुलिस के हाथ साइबर ठगों की गैंग बड़े सबूत लगे हाथ होंगे बड़े खुलसे1
- Post by Subhash Chand1
- Post by RPR NEWS TV1
- रुपबास कस्बे के रेलवे स्टेशन पर वर्षों पहले एक बड़ा पब्लिक टॉयलेट घर रेलवे प्रशासन द्वारा बनवाया तो गया लेकिन उसे आजतक चालू नहीं किया गया है । जिस कारण स्टेशन आने जाने वाले यात्रियों को खुले में टॉयलेट करने जाना पड़ रहा है । लोगों का कहना है कि रेलवे प्रशासन जल्द से जल्द आमजन की सुविधा के लिए बनवाया गया पब्लिक टॉयलेट की सुविधा को शुरू कराए ।1
- Post by ATV INDIA HD (Ajeet chauhan)1
- Post by Brijveer Jadoun Mathura India news 28 reporter1