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वाराणसी के अधिवक्ताओं ने आज कचहरी परिसर के विस्तारीकरण की अपनी मांग को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका स्पष्ट कहना है कि कचहरी परिषद का विस्तार मौजूदा जगह पर ही किया जाए, और वे अपनी वर्तमान जगह छोड़कर कहीं और जाने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। दुर्गाकुंड पुलिस चौकी के बगल में हुए इस प्रदर्शन के दौरान, कुछ अधिवक्ताओं ने शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। यह धरना प्रदर्शन कचहरी विस्तारीकरण को लेकर अधिवक्ताओं के दृढ़ रुख को दर्शाता है।
अचूक रणनीति अख़बार
वाराणसी के अधिवक्ताओं ने आज कचहरी परिसर के विस्तारीकरण की अपनी मांग को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका स्पष्ट कहना है कि कचहरी परिषद का विस्तार मौजूदा जगह पर ही किया जाए, और वे अपनी वर्तमान जगह छोड़कर कहीं और जाने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। दुर्गाकुंड पुलिस चौकी के बगल में हुए इस प्रदर्शन के दौरान, कुछ अधिवक्ताओं ने शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। यह धरना प्रदर्शन कचहरी विस्तारीकरण को लेकर अधिवक्ताओं के दृढ़ रुख को दर्शाता है।
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- भारतवर्ष की यह एक विडंबना है जहाँ हर कोई उच्च शिखर पर बैठना चाहता है। इसी संदर्भ में, पटना से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता शिवचंद राम को MLC का टिकट नहीं मिलने के कारण वे अत्यंत दुःखी हैं और आंसू बहा रहे हैं।1
- वाराणसी में अखिल भारतीय सनातन न्यास द्वारा माँ बागेश्वरी देवी प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्री रामकथा के आठवें दिन महंत बालक देवाचार्य जी महाराज ने भरत चरित्र का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायी वर्णन प्रस्तुत किया। उनके प्रवचन को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विह्वल हो गए और उनकी आँखें नम हो गईं। महंत देवाचार्य ने अपने संबोधन में भरत को भारतीय संस्कृति में त्याग, समर्पण, भ्रातृप्रेम, धर्मनिष्ठा और आदर्श शासन का सर्वोच्च प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भरत का चरित्र हमें सिखाता है कि सत्ता और वैभव से बढ़कर मर्यादा, कर्तव्य और पारिवारिक प्रेम होता है। कथा के अनुसार, जब भरत को भगवान श्रीराम के वनवास और महाराज दशरथ के निधन का समाचार मिला, तब उन्होंने अपनी माता कैकेयी के अनुचित वरदानों का कठोर विरोध किया। स्वयं को इस घटना के लिए उत्तरदायी मानते हुए उन्होंने गहरा दुःख व्यक्त किया, अयोध्या का राज सिंहासन स्वीकार करने से इंकार किया और चित्रकूट जाकर प्रभु श्रीराम से राजगद्दी संभालने का आग्रह किया। कथा व्यास ने इस प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भरत ने श्रीराम की चरण पादुकाओं को अयोध्या के सिंहासन पर स्थापित कर स्वयं एक सेवक के रूप में नंदीग्राम में रहकर राज्य का संचालन किया, जो विश्व इतिहास में दुर्लभ त्याग, निष्ठा और समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने वर्तमान सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन में भरत के आदर्शों की प्रासंगिकता पर बल देते हुए कहा कि यदि व्यक्ति उनके चरित्र से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का पालन करे, तो परिवार, समाज और राष्ट्र में सुख, शांति एवं सद्भाव का वातावरण स्थापित हो सकता है। इस कार्यक्रम में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' की भी गरिमामयी उपस्थिति रही और उन्होंने व्यास पीठ की आरती उतारी। मंच का संचालन प्रधान सचिव राजेश सेठ ने किया। कथा की समाप्ति पर डॉ. अजय जायसवाल, रविशंकर सिंह, जयशंकर गुप्ता, प्रमोद यादव मुन्ना, वतन कुशवाहा, किशोर सेठ, विजय कुमार, राजेश गुप्ता, मुन्नू लाल, संजय महाराज, मंगल सेठ, रवि झुनझुनवाला, श्री प्रकाश, विपुल गुप्ता, विष्णु गुप्ता, डॉ. पुष्पा जायसवाल, रोशनी जी और अनामिका जी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, गणमान्य नागरिकों और धर्मप्रेमियों ने श्रीराम नाम संकीर्तन एवं आरती में सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।1
- वाराणसी में 2026 की उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए चेतगंज पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। परीक्षा के मद्देनजर, चेतगंज थाना प्रभारी वी.के. शुक्ला ने अपनी टीम के साथ क्षेत्र के सभी परीक्षा केंद्रों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और लगातार गश्त के लिए आवश्यक निर्देश दिए। परीक्षा केंद्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है और लगातार पेट्रोलिंग के माध्यम से माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखा गया है। अभ्यर्थियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उन्होंने अभ्यर्थियों से बिना घबराए शांति से परीक्षा देने की अपील की। चेतगंज पुलिस इस यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- वाराणसी में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 2026 को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए चेतगंज पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। चेतगंज थाना प्रभारी वी.के. शुक्ला ने अपनी टीम के साथ क्षेत्र के सभी परीक्षा केंद्रों का गहन निरीक्षण किया, जिसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना था। निरीक्षण के दौरान, थाना प्रभारी ने केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और लगातार गश्त करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर विशेष नजर रखी जा सके। लगातार पेट्रोलिंग से क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा गया है और अभ्यर्थियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। थाना प्रभारी शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे बिना घबराए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी परीक्षा दें।1
- वाराणसी जिले के सरौली स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर स्टाफ की भारी कमी है। इस स्थिति के कारण स्थानीय ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए लगभग तीन किलोमीटर दूर तक जाने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।1
- प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र स्थित सरसौली वार्ड में, मकान नंबर एस-25/250 के पास, कई सीवर चैंबर भरे हुए हैं और उनका गंदा पानी सड़क पर फैला हुआ है। कुछ दिन पहले जब नगर निगम कर्मचारियों और उनके हेल्पलाइन नंबर पर सफाई के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने तुरंत सफाई का आश्वासन दिया। हालांकि, मौके पर आए कर्मचारियों ने प्रति चैंबर ₹400 की मांग की और कहा कि पैसा दिए बिना सफाई नहीं की जाएगी। इस मामले में, नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारी मनीष वर्मा (मोबाइल नंबर 9151803279) से संपर्क करने पर, उन्होंने स्थानीय सुपरवाइजर विकास (मोबाइल 9305029522) को दो कर्मचारियों के साथ घटनास्थल पर भेजा। वहाँ भी कर्मचारियों ने एक चैंबर साफ करने के लिए ₹400 की मांग की। पैसा न देने और कुछ कम करने की बात करने पर, सफाईकर्मी बिना सीवर चैंबर साफ किए ही नाराज़ होकर वापस चले गए। बार-बार शिकायत के बावजूद, गंदा पानी अभी भी सड़क पर भरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। आने-जाने वाले यात्रियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और बदबू के कारण आसपास के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। इस गंदगी से गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। यदि कोई इस वजह से गंभीर रूप से बीमार होता है, तो इसके लिए जलकल विभाग, नगर निगम विभाग और उनके स्थानीय कर्मचारी जिम्मेदार होंगे। यह स्थिति तब है जब एक तरफ सरकार जनता के हित में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारी बिना घूस या पैसा लिए कोई काम करने को तैयार नहीं हैं। इससे सरकार की कथनी और करनी के बीच का अंतर स्पष्ट होता है। अब यह देखना है कि विभाग इन कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है, या आम जनता इसी तरह परेशान रहेगी और कर्मचारी घूसखोरी कर अपनी जेब भरते रहेंगे, या स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी और कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।1
- वाराणसी के कैन्ट थाना क्षेत्र के नदेशर निवासी एक परिवार ने स्थानीय पुलिस पर अपनी शिकायत पर सुनवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में, परिवार ने एडीजी वाराणसी जोन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता राजकुमारी देवी के अनुसार, संपत्ति विवाद से जुड़े एक मामले में बीते 7 जून को संतोष सेठ उनके मकान में घुस आए थे और उन्होंने कई कमरों में ताला लगा दिया था। परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद चौकी पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद स्थानीय पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की इस कथित निष्क्रियता के बाद, परिवार के कुल 25 सदस्यों के साथ वे पहले एडीजी कार्यालय पहुंचे। इसके उपरांत, उन्होंने कमिश्नर वाराणसी के पास जाकर इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। अब इस मामले को जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है, क्योंकि नदेशर का यह परिवार न्याय की गुहार लेकर उच्च अधिकारियों तक पहुंचा है।1
- यह कहावत है कि व्यक्ति की कड़ी मेहनत का परिणाम और उसकी समस्याओं का समाधान, भले ही कुछ समय बाद मिले, लेकिन निश्चित रूप से प्राप्त होता है।1