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“पुराने तारों से लेकर Smart AI तक — Computer की कहानी” “जहाँ कभी कंप्यूटर पूरे कमरे में बसते थे, तारों और मशीनों के बीच इंसान उन्हें समझने की कोशिश करता था… वहीं आज वही तकनीक हमारी उंगलियों पर है — ये सिर्फ मशीनों का बदलाव नहीं, बल्कि इंसान की सोच, मेहनत और innovation की सबसे बड़ी क्रांति है।” 🔥
Aiwithdushyant
“पुराने तारों से लेकर Smart AI तक — Computer की कहानी” “जहाँ कभी कंप्यूटर पूरे कमरे में बसते थे, तारों और मशीनों के बीच इंसान उन्हें समझने की कोशिश करता था… वहीं आज वही तकनीक हमारी उंगलियों पर है — ये सिर्फ मशीनों का बदलाव नहीं, बल्कि इंसान की सोच, मेहनत और innovation की सबसे बड़ी क्रांति है।” 🔥
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- वृंदावन में हाल ही में हुई नाव हादसे में 16 की मौत के बाद जिला प्रशासन की नींद खुल गई है जिन्होंने सोमवार को मथुरा कैसी घाट और वृंदावन पर नाव चलाने वाले नाभिकों का रजिस्ट्रेशन करना प्रारंभ कर दिया है अब बिना रजिस्ट्रेशन के यमुना में कोई भी नाम नहीं चल पाएगा साथ ही साथ नव की क्षमता और लोगों को बिठाने की संख्या भी निर्धारित की गई है1
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- शहर में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर शहर में उपभोक्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। बिल जमा होने के बावजूद बिजली कटने के आरोपों से नाराज़ लोगों ने प्रदर्शन करते हुए रोड जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मसानी उपखंड कार्यालय पर बड़ी संख्या में पहुंचे उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिल जमा करने के बावजूद उनकी बिजली काट दी गई। लोगों का कहना है कि बिना किसी मैसेज या पूर्व सूचना के ही सप्लाई बंद कर दी गई, जिससे उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं के अनुसार, पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रही और वे लगातार बिजली घर के चक्कर काटते रहे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस दौरान गुस्साए स्थानीय लोगों और महिलाओं ने सोमवार के सुबह करीब 11:30 बजे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और कुछ समय के लिए जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची गोविंद नगर थाना पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया और हालात को नियंत्रण में किया। उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय खुला होने के बावजूद कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। केवल बिल जमा करने के काउंटर खुले थे, जबकि शिकायत सुनने के लिए कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं था। आरोप यह भी है कि जब लोग शिकायत करने पहुंचे तो कार्यालय में ताला लगाकर कर्मचारी चले गए, जिसे बाद में पुलिस ने खुलवाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था उनकी परेशानी बढ़ा रही है और उन्होंने पुराने मीटर दोबारा लगाने की मांग की है। हालांकि इन सभी आरोपों पर अभी तक बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल मामला गरमाया हुआ है और उपभोक्ता जल्द से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।4