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झालावाड़ जिले के खानपुर के सुमर मेन बस स्टैंड पर कुछ दिन पहले एक घटना घटी, जहाँ चिकली गांव के एक लड़के का पैर अचानक साइकिल में फँस गया। इस दुर्घटना से लड़के को चोटें आईं। इस घटना के बाद, सभी छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों से विशेष अनुरोध किया गया है कि वे साइकिल चलाते समय पूरी सावधानी बरतें। साथ ही, उन्हें यह भी सलाह दी गई है कि तेज़ गति से साइकिल न चलाएँ और सड़क के साथ-साथ अपने आसपास भी ध्यान रखें, ताकि सुरक्षित और सतर्क रहा जा सके।
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झालावाड़ जिले के खानपुर के सुमर मेन बस स्टैंड पर कुछ दिन पहले एक घटना घटी, जहाँ चिकली गांव के एक लड़के का पैर अचानक साइकिल में फँस गया। इस दुर्घटना से लड़के को चोटें आईं। इस घटना के बाद, सभी छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों से विशेष अनुरोध किया गया है कि वे साइकिल चलाते समय पूरी सावधानी बरतें। साथ ही, उन्हें यह भी सलाह दी गई है कि तेज़ गति से साइकिल न चलाएँ और सड़क के साथ-साथ अपने आसपास भी ध्यान रखें, ताकि सुरक्षित और सतर्क रहा जा सके।
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- ज़िला कलेक्टर श्री अजय सिंह राठौड़ को 'अपनी शान, अपनी पहचान' के रूप में संदर्भित किया गया है।1
- खंडी गांव में एक युवक की हत्या रास्ते के विवाद के कारण हुई थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- छिपाबड़ौद स्टेडियम में ताड़ासन और वृक्षासन का अभ्यास किया गया।2
- झालावाड़ जिला पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों से लगभग ₹50 लाख अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य की स्मैक और चरस बरामद की है। यह कार्रवाई जिले में अपराध नियंत्रण और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है। जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक के निर्देशन में कोतवाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने 7 जुलाई को दो अलग-अलग अभियान चलाए। पहले अभियान के तहत, एनएच-52 देवरीघटा क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से करीब 250 ग्राम स्मैक मिली, जिसकी अनुमानित कीमत ₹50 लाख बताई गई है। वहीं, दूसरी कार्रवाई में ईदगाह रोड क्षेत्र से एक अन्य आरोपी को 86 ग्राम 15 मिलीग्राम चरस के साथ पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नरेश गुर्जर, मोरसिंह गुर्जर और शाहरुख के रूप में की गई है। सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज कर उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और इस सक्रिय तस्करी नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- वन विभाग ने झालावाड़ जिले में वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध शिकार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान विभाग ने जीवित तीतर और तोते, शिकार में प्रयुक्त फंदे, पिंजरे, तथा एक मोटरसाइकिल जब्त की। संबंधित आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। उप वन संरक्षक सागर पवार के निर्देशानुसार, बुधवार सुबह सहायक वन संरक्षक मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक सिंह चारण की टीम, असनावर रेंज के वनकर्मियों और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। टीम ने झालावाड़ स्थित कालीसिंध नदी की पुलिया के समीप वनखण्ड फील्ड ट्रायल क्षेत्र में बनी कच्ची झोपड़ियों पर दबिश दी। इस दौरान, मौके से जीवित तीतर एवं तोते बरामद किए गए, साथ ही वन्यजीवों के अवैध शिकार और उन्हें पकड़ने में उपयोग होने वाले फंदे, पिंजरे और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। प्रारंभिक जांच में वन्यजीवों के अवैध शिकार, उन पर कब्जा करने और उनके व्यापार से संबंधित गतिविधियों के प्रमाण मिलने पर संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई। इसके उपरांत, आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों का शिकार करना, उन पर कब्जा करना, उन्हें संग्रहित करना, उनका परिवहन करना अथवा उनका व्यापार करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर कठोर दंड और जुर्माने का प्रावधान है। विभाग ने नागरिकों से यह भी आग्रह किया है कि यदि उन्हें वन्यजीवों के अवैध शिकार, कब्जे, परिवहन या व्यापार से संबंधित कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल इसकी सूचना निकटतम वन अधिकारी या वन विभाग को दें। विभाग ने यह आश्वासन भी दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई कर वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।1
- Post by Ajay Meghwal1
- एक वीडियो के माध्यम से यह दिखाया गया है कि प्रकृति के साथ खिलवाड़ कितना भारी पड़ सकता है। इसमें एक भयंकर भूस्खलन का दृश्य नजर आ रहा है, जहाँ लोग अपनी जान बचाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो प्रकृति से छेड़छाड़ के गंभीर परिणामों को उजागर करता है।1