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केरल के तिरुवनंतपुरम में पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर लाठी-पत्थरों से हमला किया गया। समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों को घेरा, इस दौरान उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और एक गाड़ी को भी नुकसान पहुँचाया गया। हालांकि, इस हमले के बावजूद ED के अधिकारी सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। यह घटना ED द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के घर और कुल 12 अन्य स्थानों पर की जा रही छापेमारी के दौरान हुई। ED की यह कार्रवाई उनकी बेटी से जुड़े कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) मामले से संबंधित है। केरल में 10 जगहों पर तलाशी अभियान के दौरान, CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों के वाहन पर हमला किया।
Shiv Singh rajput dahiya journ
केरल के तिरुवनंतपुरम में पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर लाठी-पत्थरों से हमला किया गया। समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों को घेरा, इस दौरान उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और एक गाड़ी को भी नुकसान पहुँचाया गया। हालांकि, इस हमले के बावजूद ED के अधिकारी सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। यह घटना ED द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के घर और कुल 12 अन्य स्थानों पर की जा रही छापेमारी के दौरान हुई। ED की यह कार्रवाई उनकी बेटी से जुड़े कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) मामले से संबंधित है। केरल में 10 जगहों पर तलाशी अभियान के दौरान, CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों के वाहन पर हमला किया।
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- अनूपपुर कोतमा के मुख्य बाजार में एक ट्रक चालक ने भारी कोहराम मचा दिया। इस घटना के कारण व्यापारियों को अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा। ट्रक की चपेट में आने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद, ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।1
- मैहर सिविल अस्पताल में प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह पूछा गया है कि क्या मरीजों को समय पर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएँ मिल पा रही हैं। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन से यह भी जानने की मांग की गई है कि क्या वे इन आरोपों की जांच करेंगे और व्यवस्थाओं में सुधार लाएंगे। इन सवालों के माध्यम से नेताओं से जवाबदेही और जन सुनवाई की पुरजोर मांग की गई है।1
- भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने और बेहतर सेवाएं देने का दावा करता है, लेकिन मैहर जिले का घुनवारा रेलवे स्टेशन इन दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रहा है। यहाँ यात्रियों को टिकट तो आसानी से मिल रहे हैं, मगर सुविधाओं के नाम पर स्थिति बेहद चिंताजनक है, जिससे यात्रियों को भारी बदहाली का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में स्टेशन पर पीने के पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे यात्रियों को प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 और 2 की हालत भी खराब है, जहाँ जगह-जगह 2 से 3 फीट तक ऊँची घास उग आई है, जो साफ-सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। वीडियो और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि स्टेशन परिसर लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। रेलवे नियमों के अनुसार स्वच्छ पेयजल, साफ और सुरक्षित प्लेटफॉर्म, बैठने की समुचित व्यवस्था, साफ-सुथरे शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, समय पर अनाउंसमेंट और दिव्यांग व बुजुर्ग यात्रियों के लिए सहायता जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना अनिवार्य है। लेकिन घुनवारा स्टेशन पर इन सभी आवश्यक सुविधाओं का घोर अभाव यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे प्रशासन केवल टिकट बिक्री तक ही सीमित दिखाई दे रहा है और यात्रियों की सुविधा तथा सुरक्षा पर गंभीर ध्यान नहीं दे रहा है। क्षेत्रीय नागरिकों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से स्टेशन पर तत्काल साफ-सफाई अभियान चलाने, पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त करने और यात्रियों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे या स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है। अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर यात्रियों से किराया वसूलने वाला रेलवे विभाग सुविधाओं के मामले में कब अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।1
- सतना जिले की ग्राम पंचायत झिरिया कोठार में कोरोना काल से लगातार चल रहे संकीर्तन कार्यक्रम से जुड़े भक्तों और संचालकों का समाजसेवियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम मैहर में आयोजित हुआ, जहाँ समाजसेवियों ने संकीर्तन से जुड़े लोगों को फूल, अंग वस्त्र और बिरसा मुंडा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह में जनपद सदस्य प्रजेश द्विवेदी, अमरपाटन सभापति शिव शंकर गोटिया, वरिष्ठ समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक ध्रुव सिंह, युवा समाजसेवी संदीप वर्मा, पत्रकार राम प्रसाद साहू, राजा द्विवेदी और रामनरेश पटेल सहित कई स्थानीय समाजसेवी मौजूद रहे। संकीर्तन का संचालन कर रहे शारदा प्रसाद पाठक जी, बैजनाथ पटेल जी, फूलचंद पटेल जी, कोदू लाल पटेल जी और राम उजागर पटेल जी ने बताया कि इस कार्यक्रम के कारण गाँव में सकारात्मक माहौल बना हुआ है, सभी लोग स्वस्थ हैं और रोज़मर्रा के कामों में कोई दिक्कत नहीं होती। उनके अनुसार, सुबह-शाम भगवान के संकीर्तन से उनका जीवन धन्य हो गया है। समाजसेवियों द्वारा किए गए इस सम्मान पर संकीर्तन कमेटी ने आभार व्यक्त किया। इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन राम प्रसाद साहू जी द्वारा किया गया था।4
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के तिवनी गांव में एक बंद कमरे के अंदर पति-पत्नी का शव मिला है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर जांच करने पहुंची। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह मामला हत्या के बाद आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, जिसमें पति फंदे पर लटका हुआ मिला है। इस प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए जिला मुख्यालय से FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया है।1
- मैहर के सिविल अस्पताल में शराब के नशे में पहुंचे एक युवक ने कुछ देर के लिए अस्पताल का माहौल बिगाड़ दिया। युवक लगातार गाली-गलौज और अभद्रता कर रहा था, लेकिन डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने स्थिति को धैर्य और जिम्मेदारी के साथ संभाला और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नशे की हालत में अस्पताल पहुंचा युवक डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से बदसलूकी करने लगा। अस्पताल कर्मियों ने उसे शांत करने और नशा उतरने के बाद आने की सलाह दी, परंतु वह विवाद करता रहा। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने पेशेवर जिम्मेदारी निभाते हुए न केवल स्थिति को नियंत्रित किया, बल्कि अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा। घटना के बाद अस्पताल कर्मियों के समर्थन में लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिन्होंने दिन-रात मरीजों की सेवा करने वाले डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ इस तरह की अभद्रता को बर्दाश्त न किए जाने की बात कही। स्थानीय नागरिकों ने अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त किए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई हो सके और अस्पताल कर्मचारियों के शालीनता व साहस भरे जवाब की सराहना की।1
- तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या के संवेदनशील मामले पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दर्दनाक घटना से संबंधित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंसने और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करने के आरोप में वेस्ट जोन की आईजी आर.वी. रम्या भारती सहित दो डीआईजी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दरअसल, इन अधिकारियों का हंसते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद जनता में भारी आक्रोश देखने को मिला। इसी जन आक्रोश और अधिकारियों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को देखते हुए, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय जोसेफ ने यह सख्त कदम उठाया है।1
- रमना टोला के वार्ड नंबर 36 में असामाजिक तत्वों ने एक महत्वपूर्ण पाइपलाइन को काट दिया है। इस घटना में करीब 200 फीट लंबी पाइपलाइन को नुकसान पहुँचाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र के निवासियों को अब गंभीर पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है।1
- रीवा के थाना चोरहटा क्षेत्र के ग्राम रंगोली में देर रात एक घर में घुसने की कोशिश का आरोप लगा है, जिसके बाद पुलिस पर समय पर कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित रामाश्रय साकेत ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक, रीवा को एक लिखित शिकायत दी है। शिकायत के अनुसार, 23 मई 2026 की रात लगभग 1:50 बजे आरोपी राजा साकेत, जो शिवलाल साकेत का पुत्र है, नशे की हालत में रामाश्रय साकेत के घर का दरवाजा गलत नियत से खोलने की कोशिश कर रहा था। उस समय रामाश्रय साकेत अपनी बीमार बेटी के साथ संजय गांधी अस्पताल, रीवा में भर्ती थे। घर पर उनके बेटे छोटू साकेत, बहू और तीन नाबालिग बेटियाँ मौजूद थीं। आहट सुनकर छोटू साकेत बाहर निकले तो आरोपी हाथ में धारदार हथियार लिए खड़ा मिला। दरवाजा खुलते ही आरोपी भागा, पास की सड़क पर गिरकर फिर फरार हो गया। शोर सुनकर पड़ोसी रामबक्स साकेत मौके पर पहुंचे और परिवार को सुबह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी। पीड़ित का आरोप है कि जब वह 25 मई को थाना चोरहटा में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे, तो पुलिस ने कहा कि टीआई साहब मौजूद नहीं हैं और उनके आने पर ही कार्रवाई होगी। 26 मई को दोबारा जाने पर भी उन्हें यही जवाब मिला। इसी बीच पीड़ित परिवार को पता चला कि आरोपी ने रात में गिरने से लगी अपनी चोट का फायदा उठाकर छोटू साकेत के खिलाफ एक झूठी शिकायत दर्ज करा दी है। रामाश्रय साकेत ने पुलिस अधीक्षक से आरोपी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने और उनके परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।3