सतना: उचेहरा SBI में 'तालाबंदी', कार्य समय के दौरान ही ग्राहकों के लिए बंद हुए दरवाजे *सतना: उचेहरा SBI में 'तालाबंदी', कार्य समय के दौरान ही ग्राहकों के लिए बंद हुए दरवाजे* सतना। जिले के उचेहरा स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा से तानाशाही और लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। बैंक प्रबंधन ने निर्धारित वर्किंग आवर्स (कार्य समय) खत्म होने से पहले ही मुख्य गेट पर ताला लटका दिया, जिससे दूर-दराज से आए ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। *समय से पहले लगा ताला* जानकारी के अनुसार, दोपहर लगभग 3:45 बजे जब ग्राहक बैंक के काम से पहुंचे, तो उन्हें गेट पर ताला लटका मिला। जबकि नियमानुसार बैंक के लेनदेन का समय शाम 4:00 बजे तक होता है। बैंक के अंदर कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन बाहर खड़े ग्राहकों की गुहार सुनने वाला कोई नहीं था। *ग्राहकों में भारी आक्रोश* बैंक के इस रवैये से नाराज ग्राहकों ने मौके पर ही वीडियो बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्राहकों का कहना है कि वे अपने जरूरी कामों के लिए समय निकालकर बैंक आए थे, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही गेट बंद कर दिए जाने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कई बुजुर्ग और किसान भी इस भीषण गर्मी में परेशान होते नजर आए। *प्रबंधन पर उठे सवाल* यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकारी बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हों, लेकिन उचेहरा SBI की इस 'तालाबंदी' ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। आखिर किसके आदेश पर समय से पहले गेट बंद किया गया? क्या बैंक प्रबंधन को आम जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है? परेशान ग्राहकों ने उच्च अधिकारियों से इस मामले की जांच करने और दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की मनमानी पर लगाम लगाई जा सके। *रिपोर्ट: उचेहरा न्यूज़*
सतना: उचेहरा SBI में 'तालाबंदी', कार्य समय के दौरान ही ग्राहकों के लिए बंद हुए दरवाजे *सतना: उचेहरा SBI में 'तालाबंदी', कार्य समय के दौरान ही ग्राहकों के लिए बंद हुए दरवाजे* सतना। जिले के उचेहरा स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा से तानाशाही और लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। बैंक प्रबंधन ने निर्धारित वर्किंग आवर्स (कार्य समय) खत्म होने से पहले ही मुख्य गेट पर ताला लटका दिया, जिससे दूर-दराज से आए ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। *समय से पहले लगा ताला* जानकारी के अनुसार, दोपहर लगभग 3:45 बजे जब ग्राहक बैंक के काम से पहुंचे, तो उन्हें गेट पर ताला लटका मिला। जबकि नियमानुसार बैंक के लेनदेन का समय शाम 4:00 बजे तक होता है। बैंक के अंदर कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन बाहर खड़े ग्राहकों की गुहार सुनने वाला कोई नहीं था। *ग्राहकों में भारी आक्रोश* बैंक के इस रवैये से नाराज ग्राहकों ने मौके पर ही वीडियो बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्राहकों का कहना है कि वे अपने जरूरी कामों के लिए समय निकालकर बैंक आए थे, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही गेट बंद कर दिए जाने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कई बुजुर्ग और किसान भी इस भीषण गर्मी में परेशान होते नजर आए। *प्रबंधन पर उठे सवाल* यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकारी बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हों, लेकिन उचेहरा SBI की इस 'तालाबंदी' ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। आखिर किसके आदेश पर समय से पहले गेट बंद किया गया? क्या बैंक प्रबंधन को आम जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है? परेशान ग्राहकों ने उच्च अधिकारियों से इस मामले की जांच करने और दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की मनमानी पर लगाम लगाई जा सके। *रिपोर्ट: उचेहरा न्यूज़*
- Post by Neeraj Ravi1
- Post by Sharda Shrivastava1
- “मंडी में माप या माफिया? तौल का सच क्या—नियम या भ्रष्टाचार?”1
- *#सेमराधनाथ #विजयतेतराम* #भदोही के सरकार *सेमराधनाथ धाम* के *परम पूज्य गुरुदेव पं श्री रामप्रसाद पाण्डेय जी* सभी भक्तजनों का हार्दिक स्वागत करते हैं # *प्रधान पुजारी पण्डित श्री सूर्यकान्त पाण्डेय जी* #सेमराधनाथ धाम में दिव्य श्रृंगार व आरती #24/04/2026 #अन्नदाता सुखीनो भवः *#सेमराधनाथ धाम पालकी सेवा समिति* के अध्यक्ष -योगेश सिंह 94997181031
- Post by Kallu1
- Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्1
- *नरवाई की आग ने मचाया तांडव: बरदहा में कई घर स्वाहा, मवेशी जले* *कारीगोही में 1500 यूकेलिप्टस पेड़ झुलसे* सतना। जिले में नरवाई में आग लगाने का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। शुक्रवार को नरवाई की आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। प्रशासन के सख्त प्रतिबंध के बावजूद खेतों में आग लगाने की घटनाएं थम नहीं रही हैं, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भारी नुकसान के रूप में भुगतना पड़ रहा है। रामपुर बघेलान ब्लॉक के लामी करही पंचायत अंतर्गत बरदहा गांव में नरवाई की आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। बताया गया कि खेत में लगाई गई आग तेज हवा के कारण अचानक बस्ती की ओर बढ़ गई। देखते ही देखते आग ने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में आदिवासी परिवारों सहित कई ग्रामीणों के आशियाने जलकर खाक हो गए। घरों में रखा पूरा गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। आग की चपेट में आने से कई मवेशी भी जिंदा जल गए, जिससे ग्रामीणों को दोहरी मार झेलनी पड़ी है। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक लक्ष्मीनारायण पांडेय, शंकर प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, रामनिवास, संतोष और गोमती पांडेय सहित कई परिवारों को भारी नुकसान हो चुका था। फिलहाल राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है और प्रभावितों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गांव में घटना के बाद अफरा-तफरी और दुख का माहौल बना हुआ है। उधर, बिरसिंहपुर क्षेत्र के कारीगोही गांव में भी नरवाई की आग ने कहर बरपाया। यहां किसान आशीष पयासी के खेत तक आग पहुंच गई, जिससे उनके खेत में लगे लगभग 1500 यूकेलिप्टस के पेड़ बुरी तरह झुलस गए। इस नुकसान से किसान को लाखों रुपये की क्षति होने का अनुमान है। लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाएं प्रशासनिक आदेशों के पालन और जागरूकता की कमी पर सवाल खड़े कर रही हैं।1
- Post by Neeraj Ravi1
- मानवता शर्मसार ? क्या KJS1