कथा वाचक पंडित आचार्य विष्णु मिश्र जी महाराज ने बताया कि भक्ति मार्ग पर चलना जितना सरल दिखता है, उतना है नहीं बीकापुर। विकासखंड क्षेत्र के तोरोमाफी दराबगंज में आयोजित की जा रही सप्त दिवसीय संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा महापुराण के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित आचार्य विष्णु मिश्र जी महाराज ने बताया कि भक्ति मार्ग पर चलना जितना सरल दिखता है, उतना है नहीं। केवल वही इस मार्ग पर टिक पाता है, जिसमें सच्ची श्रद्धा और धैर्य होता है। भक्त प्रहलाद और बालक ध्रुव ने तमाम कष्ट सहा लेकिन उनकी भक्ति में कोई कमी नहीं आई। भगवान ने नरसिंह अवतार लेकर अपने भक्त की रक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रहलाद को गर्भ में ही ब्रह्मज्ञान प्राप्त हो गया था। प्रहलाद अपनी माता के माध्यम से संस्कारवान बने। कथा में ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि ध्रुव की मां सुनीती ने उसे भगवान की शरण में जाने की प्रेरणा दी। आज भी आकाश में चमकता ध्रुव तारा उनकी भक्ति और तपस्या का प्रतीक है। प्रकृति में भगवान का वास है। यहां नदियों को मां का दर्जा दिया गया है। वृक्षों में देवी-देवताओं का वास है। प्रत्येक कण में शिव का वास है। मनुष्य को हर अवसर पर उन्नति और समृद्धि के लिए दिव्य मार्गदर्शन मिलता है। कथा में मुख्य यजमान प्रभावती, आयोजक संजय पांडेय, दीपक पांडेय, राकेश पांडेय, शुभम, सत्यम, चंदन पाठक सहित तमाम श्रोता मौजूद रहे।
कथा वाचक पंडित आचार्य विष्णु मिश्र जी महाराज ने बताया कि भक्ति मार्ग पर चलना जितना सरल दिखता है, उतना है नहीं बीकापुर। विकासखंड क्षेत्र के तोरोमाफी दराबगंज में आयोजित की जा रही सप्त दिवसीय संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा महापुराण के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित आचार्य विष्णु मिश्र जी महाराज ने बताया कि भक्ति मार्ग पर चलना जितना सरल दिखता है, उतना है नहीं। केवल वही इस मार्ग पर टिक पाता है, जिसमें सच्ची श्रद्धा और धैर्य होता है। भक्त प्रहलाद और बालक ध्रुव ने तमाम कष्ट सहा लेकिन उनकी भक्ति में कोई कमी नहीं आई। भगवान ने नरसिंह अवतार लेकर अपने भक्त की रक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रहलाद को गर्भ में ही ब्रह्मज्ञान प्राप्त हो गया था। प्रहलाद अपनी माता के माध्यम से संस्कारवान बने। कथा में ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि ध्रुव की मां सुनीती ने उसे भगवान की शरण में जाने की प्रेरणा दी। आज भी आकाश में चमकता ध्रुव तारा उनकी भक्ति और तपस्या का प्रतीक है। प्रकृति में भगवान का वास है। यहां नदियों को मां का दर्जा दिया गया है। वृक्षों में देवी-देवताओं का वास है। प्रत्येक कण में शिव का वास है। मनुष्य को हर अवसर पर उन्नति और समृद्धि के लिए दिव्य मार्गदर्शन मिलता है। कथा में मुख्य यजमान प्रभावती, आयोजक संजय पांडेय, दीपक पांडेय, राकेश पांडेय, शुभम, सत्यम, चंदन पाठक सहित तमाम श्रोता मौजूद रहे।
- हरियाणा लाडवा में आयोजित दिव्य गीता सत्संग में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान केवल धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन को सही ढंग से जीने की प्रेरणा भी देता है। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हिंदू हाई स्कूल परिसर में पौधा भी लगाया। लाडवा के हिंदू हाई स्कूल परिसर में स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सानिध्य में दिव्य गीता सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी विशेष रूप से पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने स्कूल परिसर में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और स्वामी ज्ञानानंद महाराज से आशीर्वाद भी लिया। सुमन सैनी ने कहा कि जब हम गीता का ज्ञान सुनते हैं तो हमें केवल धर्म की शिक्षा ही नहीं मिलती, बल्कि जीवन को सही दिशा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने कहा कि गीता का सबसे बड़ा संदेश है कि मनुष्य अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी और निष्ठा के साथ करे और कर्म करते हुए फल की चिंता न करे। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग कई प्रकार के तनाव और चिंताओं से घिरे रहते हैं। ऐसे समय में गीता का ज्ञान मानसिक शांति देता है और सही निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अधिक से अधिक भाग लें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें। वहीं गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता मानव जीवन को सही दिशा देने वाला पवित्र ग्रंथ है। गीता हमें यह समझने में मदद करती है कि मन अशांत क्यों होता है और उसे शांति कैसे मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यदि गीता के संदेशों को जीवन में उतार लिया जाए तो व्यक्ति का आत्मविश्वास और मनोबल दोनों बढ़ते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने उपाध्यक्षा सुमन सैनी को पवित्र ग्रंथ गीता भेंट कर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर चेयरमैन डॉ. गणेश दत्त, नपा प्रधान साक्षी खुराना, बंतो कटारिया, मंडल अध्यक्ष शिव गुप्ता, विकास शर्मा, नरेंद्र दबखेड़ा, समिति प्रधान प्रदीप सहगल, प्राचार्या योगिता सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- Holi ke avsar par mahilao ne garbha khelkar holi manai surat bhestan ke vrindavan township1
- सैनिकों के परिवारों को शिक्षा में सहयोग, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज ने भारतीय सेना से किया समझौता अयोध्या ।टेस्ट प्रिपरेशन सेवाओं की अग्रणी संस्था आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने भारतीय सेना के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य सेना के सेवारत और पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को शैक्षणिक सहायता और कल्याणकारी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। समझौते के तहत देशभर में एईएसएल के सभी केंद्रों पर सेना से जुड़े विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और विशेष रियायतें दी जाएंगी। इसमें सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरता पुरस्कार विजेताओं, दिव्यांग कर्मियों और ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को लाभ मिलेगा।एमओयू पर भारतीय सेना की ओर से कर्नल, सेरेमोनियल एंड वेलफेयर 3&4 तथा एईएसएल की ओर से चीफ अकैडमिक एंड बिजनेस हेड (दिल्ली-एनसीआर) डॉ. यश पाल ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के बच्चों को रजिस्ट्रेशन फीस छोड़कर बाकी सभी फीस में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। 20 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले कर्मियों और वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के बच्चों की ट्यूशन फीस भी पूरी तरह माफ होगी। वहीं सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों को ट्यूशन फीस में 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।एईएसएल के एमडी और सीईओ चंद्र शेखर गरिसा रेड्डी ने कहा कि शिक्षा उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। भारतीय सेना के साथ यह साझेदारी सैनिकों के परिवारों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान विद्यार्थियों को शैक्षणिक व करियर से संबंधित मेंटरिंग और काउंसलिंग भी वर्चुअल तथा ऑफलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। एईएसएल देशभर में 415 से अधिक केंद्रों के माध्यम से मेडिकल (नीट) और इंजीनियरिंग (जेईई) सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराता है।1
- विश्व शांति के लिए तपस्वी छावनी से राम जन्मभूमि तक गूंजा ‘जय श्रीराम’, परमहंस आचार्य की पदयात्रा में रामराज्य का संकल्प1
- अयोध्या। खोजपुर में स्थित विद्युत विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुख्य मार्ग पर स्थित एक बिजली का पोल पूरी तरह जर्जर होकर झुक चुका है, जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोल के निचले हिस्से में भारी जंग लग चुकी है, जिससे यह कमजोर होकर ढहने की कगार पर है। जिससे स्थानीय लोगों के निवासियों में डर व्याप्त है स्थानीय लोगों का कहना है कि इस व्यस्त मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे और राहगीर गुजरते हैं। हल्की हवा चलने पर भी पोल हिलने लगता है। इस पूरे मामले में विद्युत विभाग की चुप्पी साधे हुए है स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद,भी बिजली विभाग ने अब तक इसे बदलने की जहमत नहीं उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए।4
- हाई कोर्ट में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश का चुनाव हाई कोर्ट में 5 दिवसीय शुरू होने जा रही है ,, कल लखनऊ में हाई कोर्ट में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश का चुनाव हाई कोर्ट में 5 दिवसीय शुरू होने जा रही है सभी अधिवक्ताओं से अनुरोध है कि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चुनाव में भाग ले सकते हैं ।।।1
- अयोध्या नगर निगम के अंतर्गत कौशलपुरी खोजनपुर वार्ड नंबर 8 खोजनपुर गांव में पुराना टूटा विद्युत पोल मौत को दावत दे रहा है कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है वार्ड वासियों ने कई बार शिकायत उच्च अधिकारियों से करने के बाद विद्युत का पोल बदल नहीं गया। वार्ड के नागरिकों द्वारा आज सब्र टूटने के बाद प्रदर्शन किया मांग की है तत्काल प्रभाव से इस पल को हटाकर नए पोल लगाने की मांग जोर शोर से की गई है3
- अयोध्या में इको होटल्स का नया होटल लॉन्च, आध्यात्मिक पर्यटन में बढ़ाएगा सुविधाएं अयोध्या। इको होटल्स एंड रेस्टोरेंट लिमिटेड (BSE: 514402) ने अयोध्या में अपने नए पूर्ण रूप से तैयार होटल की शुरुआत की है। कंपनी का यह कदम तेजी से बढ़ रहे धार्मिक पर्यटन बाजार में उसके रणनीतिक विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।भगवान श्रीराम की नगरी श्री राम जन्मभूमि मंदिर के कारण अयोध्या देश-विदेश के श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। यहां आने वाले भक्तों की संख्या 2023 में 5.75 करोड़ से बढ़कर 2024 में 16 करोड़ से अधिक हो गई, जबकि 2025 के पहले छह महीनों में ही 23 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं। कंपनी के नए होटल में 33 सुसज्जित कमरे, टॉप फ्लोर रेस्टोरेंट, लैंडस्केप्ड लॉन और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं हैं। होटल का रेस्टोरेंट सहर बैक टू द रूट्स सात्विक भोजन परोसता है, जिसमें बिना प्याज-लहसुन के व्यंजन और ग्लूटेन-फ्री नाश्ते की सुविधा भी उपलब्ध है। यह होटल मंदिर से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और हाईवे से अच्छी कनेक्टिविटी रखता है। इको होटल्स एंड रेस्टोरेंट के चेयरमैन विनोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे पर्यटन बाजारों में से एक है। यहां होटल लॉन्च करना कंपनी के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों में विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कंपनी के अनुसार नई प्रॉपर्टी तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बेहतर आवास सुविधा देने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल हॉस्पिटैलिटी को भी बढ़ावा देगी। इससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।1