नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के पत्रकार हितों के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत, बीते मंगलवार 7 जुलाई को कानपुर नगर के ससैया घाट पर एक विशाल पैदल मार्च का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकारों, कलमकारों और मीडियाकर्मियों ने अपनी सुरक्षा एवं सम्मान की मांग को लेकर जिलाधिकारी कानपुर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार को संबोधित एक 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। यह अभियान नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष/चेयरमैन एम. डी. शर्मा के निर्देशन में चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों और मीडियाकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पैदल मार्च के दौरान उन्होंने "पत्रकार एकता जिंदाबाद", "पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करो", "पत्रकारों को पेंशन दो", "फर्जी मुकदमे बंद करो" और "स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा लागू करो" जैसे नारे लगाए। उपस्थित वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में काम कर रहे पत्रकारों को सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ज्ञापन में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, स्वास्थ्य बीमा एवं विशेष पत्रकार स्वास्थ्य कार्ड, पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजना, जीवन एवं दुर्घटना बीमा, फर्जी मुकदमों एवं उत्पीड़न पर रोक, राष्ट्रीय मीडिया आयोग के गठन तथा सरकारी विज्ञापनों के समान एवं पारदर्शी वितरण सहित 7 प्रमुख मांगों को शामिल किया गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. डी. शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार पत्रकार हितों की इन संवैधानिक एवं न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है, तो नेशनल मीडिया प्रेस क्लब अपने देशव्यापी आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। उन्होंने कहा कि संगठन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार संघर्ष करता रहेगा। ज्ञापन के समय उपस्थित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पत्रकारों की इन संवैधानिक मांगों को सही बताते हुए कानूनी रूप से उनके साथ खड़े रहने और अधिकार दिलाने में पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया कि उक्त मांगों को नियमानुसार भारत सरकार तक प्रेषित किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन सभी पत्रकारों और पदाधिकारियों द्वारा पत्रकार एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा संगठन को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों सदस्य, पदाधिकारी, पत्रकार और अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के पत्रकार हितों के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत, बीते मंगलवार 7 जुलाई को कानपुर नगर के ससैया घाट पर एक विशाल पैदल मार्च का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकारों, कलमकारों और मीडियाकर्मियों ने अपनी सुरक्षा एवं सम्मान की मांग को लेकर जिलाधिकारी कानपुर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार को संबोधित एक 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। यह अभियान नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष/चेयरमैन एम. डी. शर्मा के निर्देशन में चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों और मीडियाकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पैदल मार्च के दौरान उन्होंने "पत्रकार एकता जिंदाबाद", "पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करो", "पत्रकारों को पेंशन दो", "फर्जी मुकदमे बंद करो" और "स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा लागू करो" जैसे नारे लगाए। उपस्थित वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में काम कर रहे पत्रकारों को सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ज्ञापन में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, स्वास्थ्य बीमा एवं विशेष पत्रकार स्वास्थ्य कार्ड, पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजना, जीवन एवं दुर्घटना बीमा, फर्जी मुकदमों एवं उत्पीड़न पर रोक, राष्ट्रीय मीडिया आयोग के गठन तथा सरकारी विज्ञापनों के समान एवं पारदर्शी वितरण सहित 7 प्रमुख मांगों को शामिल किया गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. डी. शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार पत्रकार हितों की इन संवैधानिक एवं न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है, तो नेशनल मीडिया प्रेस क्लब अपने देशव्यापी आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। उन्होंने कहा कि संगठन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार संघर्ष करता रहेगा। ज्ञापन के समय उपस्थित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पत्रकारों की इन संवैधानिक मांगों को सही बताते हुए कानूनी रूप से उनके साथ खड़े रहने और अधिकार दिलाने में पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया कि उक्त मांगों को नियमानुसार भारत सरकार तक प्रेषित किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन सभी पत्रकारों और पदाधिकारियों द्वारा पत्रकार एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा संगठन को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों सदस्य, पदाधिकारी, पत्रकार और अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
- पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने कानपुर नगर में बिठूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चौकी मंधना में स्थित शराब की दुकानों का औचक निरीक्षण किया और गहनता से चेकिंग की। इस दौरान उन्होंने दुकान संचालकों से बातचीत की और उन्हें व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दुकान संचालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि वे अपनी दुकानों के आस-पास अनावश्यक भीड़ इकट्ठा न होने दें। साथ ही, उन्हें ग्राहकों और कर्मचारियों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करने को कहा गया, ताकि आवागमन सुचारु रूप से जारी रहे और किसी भी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। पुलिस उपायुक्त ने सभी संचालकों को दुकानों के आस-पास शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की भी हिदायत दी।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने 7 जुलाई मंगलवार को दोपहर लगभग एक से दो बजे के आसपास जिलाधिकारी के समक्ष एक सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं और पत्रकारों के माध्यम से निकाली गई एक विशाल रैली के दौरान दिए गए इस ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों के हितों की रक्षा करना और भारतीय लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा को बनाए रखना था। इस ज्ञापन में पत्रकारों से संबंधित सात प्रमुख मांगे रखी गईं, जिनमें पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना, स्वास्थ्य बीमा एवं सुरक्षा प्रदान करना, पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना, जीवन बीमा और आर्थिक दुर्घटना से संबंधित प्रावधान शामिल करना था। इसके अतिरिक्त, पत्रकारों पर होने वाले फर्जी मुकदमों और उनके उत्पीड़न पर रोक लगाने, एक राष्ट्रीय मीडिया आयोग का गठन करने तथा सरकारी विज्ञापन से संबंधित मुद्दों को भी उठाया गया। इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने में नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोरध्वज शर्मा जी, कानपुर नगर के जिला अध्यक्ष अमित कुमार जी और जिला महामंत्री सुरेश सविता जी की प्रमुख भूमिका रही। इस पहल में सैफुद्दीन कुरैशी, भारत सूत्र से ओमवीर जी, वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ एवं समृद्ध भारत समाचार पत्र से दिनकर जी सहित कई अन्य अधिवक्ता, राजपत्र अधिकारी, पत्रकार कार्यकर्ता और सदस्य भी शामिल थे।1
- कानपुर में एक नाली की सफाई बहुत समय से नहीं की गई है।1
- Post by Ramakant1
- कानपुर में पुलिस ने रात 9 बजे से 11 बजे तक अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की। डीसीपी साउथ दीपेन्द्र नाथ चौधरी ने एसीपी नौबस्ता, थाना प्रभारी बहादुर सिंह और भारी पुलिस बल के साथ विराट नगर चौकी क्षेत्र में पैदल गश्त कर इन तत्वों को कड़ा संदेश दिया। कमिश्नरेट पुलिस के विशेष अभियान के तहत, संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की गई और अपराधियों की धरपकड़ की गई। इस दौरान खुले में और वाहनों के अंदर शराब पीने वालों पर कार्रवाई की गई, वहीं शराब ठेकों के आसपास की संदिग्ध गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी गई। पुलिस ने अवैध हुक्का बार और सुट्टा बार के खिलाफ भी एक गहन अभियान चलाया। डीसीपी साउथ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जनपद के सभी थाना और चौकी प्रभारी अपनी-अपनी टीमों के साथ लगातार पैदल गश्त कर रहे हैं, और जो भी व्यक्ति अनैतिक या अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के झांसी में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ बड़ागाँव गेट चौकी प्रभारी ओंकार सिंह और सिपाही शशांक त्रिपाठी को कथित तौर पर 10 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। आरोप है कि इन दोनों पुलिसकर्मियों ने एक युवक को फर्जी मुकदमे में फँसाने का डर दिखाकर पहले ही 60 हजार रुपये वसूल लिए थे। कथित तौर पर पकड़े जाने के समय, वे 10 हजार रुपये की अंतिम किस्त ले रहे थे। फिलहाल, इस मामले में संबंधित एजेंसी द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इन सभी आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जाँच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।1
- कानपुर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए किदवई नगर थाना पुलिस देर रात सड़कों पर उतरी। डीसीपी दक्षिण और एडीसीपी दक्षिण के निर्देशों पर, थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में जूही डिपो से पैदल गश्त निकाली गई। इस गश्त के दौरान, पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गहनता से जांच की और साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया। पुलिस ने क्षेत्रवासियों से बातचीत करके उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया और अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।1