करौली के बालघाट क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक मौसम बदलने के साथ ही तेज आंधी और धूलभरी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। कमालपुरा, धवान, राजोली, जहानगर मोरडा, मोहनपुरा, गाबड़ी, भण्डारी, धौलेटा सहित आसपास के कई गांवों में तेज हवा चलने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। इन गांवों में धौलेटा में सबसे अधिक नुकसान दर्ज किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, धौलेटा गांव में लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण करीब 15 मकानों के टीन-टप्पर उड़ गए। कई मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा। संतोष मीणा के मकान के टीन-टप्पर उड़ने के साथ दीवार क्षतिग्रस्त हो गई, वहीं सुनील महावर की टेंट एवं किराना दुकान का टीन शेड उड़ गया। गोवर्धन बैरवा के टीन शेड को नुकसान पहुंचने के साथ घर में रखी गेहूं की दो बोरियां खराब हो गईं। गीता देवी के मकान की दीवार गिरने से उन्हें लगभग एक लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। अन्य गांवों में भी तेज हवा से पेड़ों की शाखाएं टूट गईं, टीन-शेड क्षतिग्रस्त हुए और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। धूलभरी आंधी के कारण कई स्थानों पर दृश्यता कम हो गई, जिससे लोगों को घरों में ही रहना पड़ा। आंधी के चलते धौलेटा सहित कई गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। सूचना मिलने पर विद्युत विभाग के लाइनमैन हरिकेश प्रजापत ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता, गुढ़ाचंद्रजी, बिनोद कुमार मीणा ने बताया कि विभागीय टीम लगातार बिजली बहाली के काम में जुटी हुई है। धौलेटा गांव के सरपंच कप्तान सिंह महावर ने नुकसान की सूचना सचिव एवं पटवारी को दी है और बताया कि प्रभावित परिवारों के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र राहत एवं मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। रविवार को ग्रामीण अपने घरों के उड़े हुए टीन-टप्परों और क्षतिग्रस्त सामान को समेटते नजर आए।
करौली के बालघाट क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक मौसम बदलने के साथ ही तेज आंधी और धूलभरी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। कमालपुरा, धवान, राजोली, जहानगर मोरडा, मोहनपुरा, गाबड़ी, भण्डारी, धौलेटा सहित आसपास के कई गांवों में तेज हवा चलने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। इन गांवों में धौलेटा में सबसे अधिक नुकसान दर्ज किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, धौलेटा गांव में लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण करीब 15 मकानों के टीन-टप्पर उड़ गए। कई मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा। संतोष मीणा के मकान के टीन-टप्पर उड़ने के साथ दीवार क्षतिग्रस्त हो गई, वहीं सुनील महावर की टेंट एवं किराना दुकान का टीन शेड उड़ गया। गोवर्धन बैरवा के टीन शेड को नुकसान पहुंचने के साथ घर में रखी गेहूं की दो बोरियां खराब हो गईं। गीता देवी के मकान की दीवार गिरने से उन्हें लगभग एक लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। अन्य गांवों में भी तेज हवा से पेड़ों की शाखाएं टूट गईं, टीन-शेड क्षतिग्रस्त हुए और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। धूलभरी आंधी के कारण कई स्थानों पर दृश्यता कम हो गई, जिससे लोगों को घरों में ही रहना पड़ा। आंधी के चलते धौलेटा सहित कई गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। सूचना मिलने पर विद्युत विभाग के लाइनमैन हरिकेश प्रजापत ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता, गुढ़ाचंद्रजी, बिनोद कुमार मीणा ने बताया कि विभागीय टीम लगातार बिजली बहाली के काम में जुटी हुई है। धौलेटा गांव के सरपंच कप्तान सिंह महावर ने नुकसान की सूचना सचिव एवं पटवारी को दी है और बताया कि प्रभावित परिवारों के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र राहत एवं मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। रविवार को ग्रामीण अपने घरों के उड़े हुए टीन-टप्परों और क्षतिग्रस्त सामान को समेटते नजर आए।
- हिंडौन प्रशासन को अपनी दलीलें बंद कर मंडावरा फाटक से बाईपास रोड तक तत्काल साफ-सफाई शुरू करने की मांग की गई है। यदि आने वाले दिनों में इस पूरे मार्ग से गंदगी के ढेर नहीं हटाए गए, तो मंडावरा रोड पर एक भी शराब का ठेका संचालित नहीं होने दिया जाएगा। युवा और ग्रामीण जनता सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेगी। भाजपा नेता बिष्णु प्रजापति ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे आंदोलन की सीधी जिम्मेदारी नगर परिषद और जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य और स्वच्छता के अधिकार के साथ किसी भी सूरत में खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि अधिकारी और ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी से भागेंगे, तो उन्हें जनता की ताकत का सामना धरातल पर करना पड़ेगा।1
- कोटा ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर (IPS) के नेतृत्व में चेचट थाना परिसर में एक विशेष जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच संवाद को मजबूत करना और लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करना था। इस दौरान क्षेत्र के दर्जनों परिवादियों ने सीधे जिला पुलिस कप्तान के समक्ष अपनी समस्याएं और शिकायतें प्रस्तुत कीं, जहाँ एसपी सुजीत शंकर ने उनसे आमने-सामने बातचीत की। जनसुनवाई के दौरान एसपी ने जमीन विवाद, आपसी रंजिश, चोरी और अन्य सामाजिक मामलों से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से सुना। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी कर शिकायतों का निस्तारण करवाया। शेष लंबित मामलों के लिए, उन्होंने संबंधित जांच अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। मीडिया से बात करते हुए, कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि इस विशेष जनसुनवाई का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को अपनी शिकायतों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से बचाना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस का मुख्य ध्येय आमजन को त्वरित न्याय दिलाना और अपराधियों में भय पैदा करना है, साथ ही सीधे जनसंवाद से पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आती है और जनता का विश्वास मजबूत होता है। एसपी ने आमजन के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया और नागरिकों से किसी भी अवैध गतिविधि, अपराध या समस्या की सूचना सीधे पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने थाना अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि थाने आने वाले प्रत्येक पीड़ित के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी शिकायतों पर बिना किसी देरी के कानूनी कदम उठाए जाएं। इस जनसुनवाई में चेचट थानाधिकारी सहित कोटा ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।4
- सवाईमाधोपुर के उपखंड मुख्यालय बामनवास में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह भव्य योग कार्यक्रम 21 जून 2026 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पट्टी खुर्द में आयोजित किया जाएगा। योग नोडल अधिकारी और आयुर्वेद विभाग के चिकित्साधिकारी डॉ. शंकर लाल मीणा ने बताया कि इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और आमजन भाग लेंगे। सभी मिलकर योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन का संदेश देंगे। इस आयोजन को लेकर प्रशासन और आयुर्वेद विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं।1
- राजस्थान के गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में पांचना बांध से कमांड एरिया की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किसानों का धरना 14वें दिन भी जारी है। किसानों का आरोप है कि राजस्थान उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद पिछले कई वर्षों से सिंचाई के लिए नहरों में पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिससे हजारों किसान और ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। करौली जिले में स्थित पांचना बांध राज्य का सबसे बड़ा मिट्टी से बना बांध है, जो पांच नदियों भद्रावती, बरखेड़ा, अटा, माची और भैसावर के संगम पर बना है। इसका निर्माण 1977 से 2004 के बीच करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। किसानों के अनुसार, वर्ष 2006 से कमांड एरिया के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है, जिससे लगभग 9985 हेक्टेयर (करीब 40 हजार बीघा) भूमि सिंचाई सुविधा से वंचित है। इससे 35 गांवों के लगभग 1.25 लाख लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, और क्षेत्र में बेरोजगारी व पलायन बढ़ा है। इस मामले में, राजस्थान उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका संख्या 14825/2020 में 8 जुलाई 2022 को पांचना बांध की सिंचाई प्रणाली से जुड़ी नहरों में पानी छोड़े जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी पानी न छोड़े जाने पर ग्रामोत्थान संस्थान पीलोदा ने उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की। किसानों के मुताबिक, 23 अप्रैल 2026 और 1 मई 2026 के आदेशों में भी न्यायालय ने नहरों में शीघ्र पानी छोड़ने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में, पांचना बांध क्षेत्र के आसपास के ग्रामीणों ने भी बांध पर धरना दे रखा है, जिनकी मांग है कि पहले उनके 39 गांवों को पानी उपलब्ध कराया जाए, फिर कमांड एरिया की नहरों में पानी छोड़ा जाए। हालांकि, प्रशासन ने बताया है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए 13 गांवों की 1973 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए लिफ्ट योजना बनाई गई है। सरकार ने पांचना बांध और नहरों के पुनर्वास कार्य के लिए लगभग 11.46 करोड़ रुपये का कार्यादेश जारी किया है और बजट 2026-27 में आसपास के सिंचाई से वंचित गांवों के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब दोनों क्षेत्रों के किसानों के बीच संवाद स्थापित कर उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग जोर पकड़ रही है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।2
- दौसा जिले के कोथून रोड पर दौलतपुरा गांव के समीप एक ट्रोले ने झापदा थाने के पुलिस वाहन को टक्कर मार दी, जिससे वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों की पहचान संजय, लखन और वाहन चालक बाबूलाल के रूप में हुई है। तीनों घायलों को लालसोट जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से संजय और लखन को जयपुर रेफर कर दिया गया। दोनों का उपचार जयपुर के एसएमएस अस्पताल में चल रहा है।1
- Post by Ganesh Yogi1
- हिंडौन सिटी की जगदीश कॉलोनी स्थित शहर गुरुद्वारा में गुरुवार को शहीदों के सरताज सिक्ख धर्म गुरु अर्जन देव का सलाना जोड़ मेला (शहीदी दिवस) अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष प्रेम सिंह जुनेजा और सचिव दीपक कुमार चोटमुरादा ने जानकारी दी कि ज्ञानी जगदीश सिंह ने संगत को सुखमणि साहिब का पाठ, कीर्तन और अरदास कराई। इस धार्मिक आयोजन में सिक्ख और पंजाबी समाज की बड़ी संख्या में संगत ने भाग लिया। ज्ञानी जगदीश सिंह ने बताया कि शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में संगत द्वारा छबील (मीठा जल) और गुरु का प्रसाद भी वितरित किया गया।1
- सवाई माधोपुर में भारतीय जनता पार्टी की जिला स्तरीय संगठनात्मक बैठक भाजपा जिला कार्यालय में संपन्न हुई, जिसमें राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। बैठक की शुरुआत जिलाध्यक्ष मानसिंह गुर्जर, खंडार प्रधान नरेंद्र चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष बजरंग जाट, डॉ. भरत मथुरिया, सुरेश जैन, जिला महामंत्री विनोद अटल, बाबूलाल मीणा, और जगदीश अग्रवाल ने मां भारती, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की। भाजपा जिला प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा और जिला सह मीडिया प्रमुख धनेश शर्मा ने बताया कि जिलाध्यक्ष ने सभी पूर्व व वर्तमान जिला पदाधिकारियों और 17 मंडलों के मंडल अध्यक्षों को कई आगामी कार्यक्रमों के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। इनमें 20 जून को भगवतगढ़ में होने वाले प्रबुद्धजन सम्मेलन के लिए शिक्षाविद्, चिकित्सक और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों को आमंत्रित करना, 21 जून को विभिन्न मंडलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन, और 25 जून को भारतीय लोकतंत्र के काला दिवस आपातकाल की विभीषिका पर संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान शामिल है। साथ ही, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रस्तावित दौरे की जिम्मेदारियां निभाने और प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सरल ऐप पर अपलोड करने में सभी मंडलों व जिले के पदाधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर, जिलाध्यक्ष ने राष्ट्रीय निर्देशों के अनुसार प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में मंडल की संगठन बैठक, द्वितीय सप्ताह में जिला संगठन बैठक और प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में समस्त मंडलों के शक्ति केंद्र संयोजकों की अपने-अपने शक्ति केंद्र पर संगठन बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित कर प्रदेश व जिला स्तर पर रिपोर्टिंग करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला मोर्चा संयोजक जमना लाल वैष्णव, जिला उपाध्यक्ष सत्यनारायण धाकड़, हरिओम गर्ग, लाल चंद गौतम, दीपक सिंघल, उदय सिंह गुर्जर, जिला मंत्री गंगा शंकर, प्रेम देवी मीना, जिला प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा, हरि ओम पटेल, जिला सह मीडिया प्रमुख धनेश शर्मा, कोषाध्यक्ष दीनदयाल अग्रवाल, कार्यालय प्रभारी मुकेश शर्मा, अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश मंत्री मेहनाज पटेल, आईटी प्रभारी सारांश जैन, विभिन्न मंडल अध्यक्ष और मोर्चा अध्यक्षों सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के दौसा जिले के सैंथल कस्बे में महादेव जी महाराज का वार्षिक मेला शुरू हो गया है। मेले के पहले दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने महादेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और अपनी मन्नतें मांगी। इस वार्षिक मेले में झूले, चकरी, मनिहारी, खेल-खिलौनों, फलों और शीतल पेय पदार्थों की कई दुकानें लगाई गईं, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने खरीदारी की। मेले में चाट-पकौड़ी, जलेबी, कचौरी, मिर्ची बड़ा, समोसा, आइसक्रीम सहित मनिहारी और कॉस्मेटिक आइटमों की दुकानें भी देखने को मिलीं। इस आयोजन के दौरान ग्रामीण क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति और लोक उत्सव की झलक भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन ने मेले की व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान किया है। ग्राम विकास अधिकारी मोहनलाल सैनी ने बताया कि 18 जून की रात स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जिसमें जयपुर से दिनेश छैला एंड पार्टी भी अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां देगी। मेले के दौरान पानी, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, समाजसेवी दयाशंकर लाटा ने मेले में आए दुकानदारों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की, जिसकी श्रद्धालुओं ने खूब सराहना की। मेले के औपचारिक शुभारंभ से एक दिन पहले, 17 जून को ग्राम पंचायत की ओर से एक पारंपरिक झंडा यात्रा निकाली गई थी। इस यात्रा के दौरान झंडा पूजन और अन्य सभी धार्मिक अनुष्ठान वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।3