राजनांदगांव में स्वदेशी जागरण मंच और स्वावलंबी भारत अभियान के सदस्यों ने अमेरिका में तीन भारतीय नागरिकों की निर्मम हत्या की घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। इस घटना के विरोध में, संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एक साथ एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एक गंभीर विषय है। ज्ञापन में अमेरिका में हुई इस हत्या की घटना को अत्यंत दुखद और निंदनीय बताया गया, जिससे भारतीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया है और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्वदेशी जागरण मंच के सदस्यों ने भारत सरकार से मांग की है कि इस मामले में तत्काल और गंभीरता से हस्तक्षेप किया जाए, साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने पर भी जोर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि भारत को शक्ति के साथ समानता और सम्मान चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऐसी घटनाओं पर सख्त रुख अपनाया जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाए। इस दौरान मौजूद सदस्यों ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
राजनांदगांव में स्वदेशी जागरण मंच और स्वावलंबी भारत अभियान के सदस्यों ने अमेरिका में तीन भारतीय नागरिकों की निर्मम हत्या की घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। इस घटना के विरोध में, संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एक साथ एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एक गंभीर विषय है। ज्ञापन में अमेरिका में हुई इस हत्या की घटना को अत्यंत दुखद और निंदनीय बताया गया, जिससे भारतीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया है और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्वदेशी जागरण मंच के सदस्यों ने भारत सरकार से मांग की है कि इस मामले में तत्काल और गंभीरता से हस्तक्षेप किया जाए, साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने पर भी जोर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि भारत को शक्ति के साथ समानता और सम्मान चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऐसी घटनाओं पर सख्त रुख अपनाया जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाए। इस दौरान मौजूद सदस्यों ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
- रायपुर के राज टॉकीज में 25 जून को रात 9 बजे पेड प्रीव्यू आयोजित किए जाएंगे।1
- गरियाबंद पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को 2 किलो से अधिक अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशानिर्देश पर की गई, जिसमें समस्त थाना प्रभारियों को नशे के अवैध परिवहन और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत थाना प्रभारियों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में मुखबिरों और फिक्स प्वाइंट्स को सक्रिय कर पतासाजी शुरू की थी। इसी क्रम में, 23 जून 2026 की शाम को थाना प्रभारी गरियाबंद को एक मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम कोकड़ी रोड से होते हुए दो व्यक्ति अपनी-अपनी टीवीएस स्कूटी पर अवैध गांजा लेकर जा रहे हैं। मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए और स्कूटी के आधार पर, ग्राम कोकड़ी चौक के पास तैनात पुलिस जवानों ने संदिग्ध वाहनों को रोककर पूछताछ की। मामला संदेहास्पद लगने पर पुलिस जवानों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद थाने से स्टाफ और स्पेशल टीम मौके पर भेजकर संदिग्ध आरोपियों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान, आरोपियों के कब्जे से अवैध गांजा मादक पदार्थ पाया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम इमरान अली उर्फ दादू (पिता बरकत अली, उम्र 31 वर्ष, वार्ड नंबर 15, गरियाबंद) और रवि शास्त्री (सागर) (पिता जगदीश शास्त्री, उम्र 20 वर्ष, वार्ड नंबर 15, गरियाबंद) बताया। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 2.090 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 1,04,500 रुपये है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 20 (ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।1
- कांकेर शहर के ऊपर-नीचे रोड पर स्थित एक विशाल पीपल का पेड़ बुधवार दोपहर मेनरोड पर अचानक गिर गया। यह घटना पेड़ की जड़ें सड़ जाने के कारण हुई, जिससे वह धराशायी हो गया। पेड़ गिरने से उसकी चपेट में कई वाहन आ गए, जिसके परिणामस्वरूप वे क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। हालांकि, इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।3
- छत्तीसगढ़ में पत्रकारों पर कथित फर्जी मुकदमे, एफआईआर और प्रताड़ना के विरोध में छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ ने धरसींवा में एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेशभर से आए सैकड़ों पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की पुरजोर मांग उठाई। प्रदर्शन के तहत, पत्रकारों ने पहले धरसींवा रेस्ट हाउस में एक सभा आयोजित की, जिसके बाद पैदल मार्च करते हुए धरसींवा थाना पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस महानिदेशक और गृह मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। महासंघ का आरोप है कि प्रदेश में पत्रकारों के खिलाफ लगातार ऐसे मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जिनसे उन्हें कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने इस स्थिति को लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। सभा के दौरान वक्ताओं ने धरसींवा के एक पत्रकार के विशेष मामले का उल्लेख किया, जिन्होंने क्षेत्र में नाबालिग से हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को उजागर किया था। हालांकि, बाद में उसी पत्रकार को मामले में सह-आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। महासंघ ने इस कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाते हुए पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले को तत्काल निरस्त करने और इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पत्रकारों ने सामूहिक रूप से जोर दिया कि छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना नितांत आवश्यक है, ताकि उनकी सुरक्षा और स्वतंत्र कार्य वातावरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने भविष्य में पत्रकारों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कथित दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को रोकने की भी मांग की। इस प्रदर्शन में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्ररथ गर्व, उपाध्यक्ष पुनीत सोनकर, अब्दुल शमीम, सुधीर तंबोली आजाद, प्रेम सोनी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों, तहसीलों और ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे, जिसमें तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के कई पत्रकारों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।3
- कबीरधाम पुलिस ने कवर्धा में सड़क पर वाहन रोककर मारपीट करने, जातिसूचक अपमान करने और जान से मारने की धमकी देने के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रार्थी रामकुमार मरकाम की शिकायत पर कवर्धा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस की जांच में यह पुष्टि हुई कि आरोपियों ने वाहन रोककर प्रार्थी, उनके साथियों और जिला पंचायत सदस्य राजकुमार मेरावी के साथ मारपीट की थी और जातिसूचक टिप्पणियाँ भी की थीं। इस मामले में गोकुल कौशिक, गोविंद कौशिक, रामानुज कौशिक, सागर साहु और आलोक तिवारी को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें 24 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया गया। कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जातीय वैमनस्य फैलाने और कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।2
- रायपुर के राज टॉकीज में 25 जून को रात 9:00 बजे पेड प्रीव्यू का आयोजन किया जाएगा।1
- गरियाबंद जिला मुख्यालय के राजिम स्थित पीडब्ल्यूडी विभाग के रेस्टहाउस में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री यज्ञदत्त शर्मा ने आपातकाल की बरसी पर एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 1975 में लगाए गए आपातकाल को लोकतंत्र के इतिहास का 'काला अध्याय' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 25 जून 1975 को पूरे देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की निर्मम हत्या की थी। राजिम विधायक रोहित साहू ने इस अवसर पर कहा कि आपातकाल के दौरान देशवासियों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। उन्होंने बताया कि प्रेस की स्वतंत्रता पर सेंसरशिप थोप दी गई और लाखों निर्दोष लोगों को जेलों में डाल दिया गया, जिससे महीनों तक चले इस दौर ने भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को झकझोर कर रख दिया। मंत्री यज्ञदत्त शर्मा ने कांग्रेस पर सत्ता की तानाशाही मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि देशहित से ऊपर एक परिवार और एक व्यक्ति के अहंकार को रखा गया था। पत्रकार वार्ता में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले युवाओं, पत्रकारों और जनआंदोलनों में भाग लेने वाले नागरिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई और आपातकाल के विरोध में उठी हर आवाज को नमन किया गया। इस दौरान राजिम विधायक रोहित साहू, जिला भाजपा महामंत्री चंद्रशेखर साहू, नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, मंडल अध्यक्ष रिकेश साहू सहित भाजपा के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- राज्य में पंजीकृत महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए ₹1 लाख 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।1
- ऊपर-नीचे रोड पर एक पुराना पीपल का पेड़ अचानक गिर गया, जिसके कारण चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना में गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और एक संभावित दुर्घटना टल गई।1