मौत का 'आइडियल' अड्डा या अस्पताल? बस्ती में फिर एक जच्चा की बलि विशेष रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती मंडल में निजी अस्पतालों की मनमानी और स्वास्थ्य विभाग की रहस्यमयी चुप्पी मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रही है। ताजा मामला शहर के महिला अस्पताल के ठीक सामने स्थित 'आइडियल मल्टी स्पेशलिटी एवं मेटरनिटी हॉस्पिटल' का है, जहां शुक्रवार, 13 मार्च 2026 की रात इलाज के नाम पर एक महिला की मौत हो गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही और समय पर इलाज न मिलना ही मौत का कारण बना। आधी रात को मचा कोहराम, सवालों के घेरे में सिस्टम रात के करीब 2:00 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब आइडियल हॉस्पिटल में चीख-पुकार मची थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने मरीज को भरोसे के साथ भर्ती कराया था, लेकिन वहां डॉक्टरों की संवेदनहीनता ने उनकी दुनिया उजाड़ दी। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और प्रबंधन पल्ला झाड़ने में जुट गया। सवाल यह है कि आखिर कब तक बस्ती की जनता इन 'कसाईखानों' में अपनी जान गंवाती रहेगी? फाइलों में दब रही हैं कार्रवाई की गूंज बस्ती मंडल में यह कोई पहली घटना नहीं है। यह सिलसिला पुराना है और इसके पीछे एक ही पैटर्न नजर आता है— मौत, हंगामा, जांच का आश्वासन और फिर 'ठंडा बस्ता'। मरियम हॉस्पिटल: हाल ही में यहां भी एक महिला की मौत हुई, भारी हंगामा हुआ, लेकिन नतीजा सिफर रहा। सिद्धार्थनगर: कुछ दिन पहले ही एक निजी अस्पताल में लापरवाही ने जान ली। इटवा (डॉ. अकलीमा खातून): करीब 10 महीने पहले जच्चा-बच्चा की मौत हुई। आरोप लगा कि अस्पताल बिना वैध रजिस्ट्रेशन के चल रहा था, लेकिन सिस्टम की मेहरबानी देखिए, मामला रफा-दफा हो गया। "क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? या फिर इन अवैध संचालकों को मिलने वाला सफेदपोश संरक्षण इतना मजबूत है कि अफसरों की कलम वहां जाकर रुक जाती है?" डिग्री पर सवाल, कागजों का खेल स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में दर्जनों ऐसे क्लीनिक और अस्पताल हैं जो केवल कागजी औपचारिकताओं के सहारे चल रहे हैं। डॉक्टरों की डिग्री से लेकर चिकित्सा मानकों तक, हर स्तर पर खेल हो रहा है। पैसे के दम पर एनओसी (NOC) ली जाती है और फिर शुरू होता है मौत का व्यापार। जो लोग इन अवैध कारोबारियों को संरक्षण देते हैं, उन्हें शायद यह एहसास तब होगा जब उनके अपने परिवार का कोई सदस्य इस अव्यवस्था की भेंट चढ़ेगा। कमिश्नर साहब, अब तो जागिए! आम जनमानस ने अब सीधे बस्ती कमिश्नर और अपर स्वास्थ्य निदेशक (AD Health) से गुहार लगाई है। जनता पूछ रही है कि आखिर निगरानी समितियां क्या कर रही हैं? क्या स्वास्थ्य विभाग का काम सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाना है या धरातल पर उतरकर इन मौत के सौदागरों पर कार्रवाई करना भी? अगर समय रहते इन फर्जी और लापरवाह अस्पतालों पर ताला नहीं जड़ा गया, तो बस्ती की सड़कों पर ऐसे ही लाशें बिछती रहेंगी और जिम्मेदार अपनी फाइलों को धूल से बचाते रहेंगे। निष्कर्ष: सख्त कार्रवाई की दरकार सरकार को बदनाम करने और जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले इन तत्वों के खिलाफ 'बुलडोजर' वाली कार्रवाई की जरूरत है। क्या प्रशासन में इतना साहस है कि वह इन रसूखदारों के अस्पतालों की गहन जांच कर उन्हें सील कर सके?
मौत का 'आइडियल' अड्डा या अस्पताल? बस्ती में फिर एक जच्चा की बलि विशेष रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती मंडल में निजी अस्पतालों की मनमानी और स्वास्थ्य विभाग की रहस्यमयी चुप्पी मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रही है। ताजा मामला शहर के महिला अस्पताल के ठीक सामने स्थित 'आइडियल मल्टी स्पेशलिटी एवं मेटरनिटी हॉस्पिटल' का है, जहां शुक्रवार, 13 मार्च 2026 की रात इलाज के नाम पर एक महिला की मौत हो गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही और समय पर इलाज न मिलना ही मौत का कारण बना। आधी रात को मचा कोहराम, सवालों के घेरे में सिस्टम रात के करीब 2:00 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब आइडियल हॉस्पिटल में चीख-पुकार मची थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने मरीज को भरोसे के साथ भर्ती कराया था, लेकिन वहां डॉक्टरों की संवेदनहीनता ने उनकी दुनिया उजाड़ दी। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और प्रबंधन पल्ला झाड़ने में जुट गया। सवाल यह है कि आखिर कब तक बस्ती की जनता इन 'कसाईखानों' में अपनी
जान गंवाती रहेगी? फाइलों में दब रही हैं कार्रवाई की गूंज बस्ती मंडल में यह कोई पहली घटना नहीं है। यह सिलसिला पुराना है और इसके पीछे एक ही पैटर्न नजर आता है— मौत, हंगामा, जांच का आश्वासन और फिर 'ठंडा बस्ता'। मरियम हॉस्पिटल: हाल ही में यहां भी एक महिला की मौत हुई, भारी हंगामा हुआ, लेकिन नतीजा सिफर रहा। सिद्धार्थनगर: कुछ दिन पहले ही एक निजी अस्पताल में लापरवाही ने जान ली। इटवा (डॉ. अकलीमा खातून): करीब 10 महीने पहले जच्चा-बच्चा की मौत हुई। आरोप लगा कि अस्पताल बिना वैध रजिस्ट्रेशन के चल रहा था, लेकिन सिस्टम की मेहरबानी देखिए, मामला रफा-दफा हो गया। "क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? या फिर इन अवैध संचालकों को मिलने वाला सफेदपोश संरक्षण इतना मजबूत है कि अफसरों की कलम वहां जाकर रुक जाती है?" डिग्री पर सवाल, कागजों का खेल स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में दर्जनों ऐसे क्लीनिक और अस्पताल हैं जो केवल कागजी औपचारिकताओं के सहारे चल रहे हैं। डॉक्टरों की डिग्री से लेकर चिकित्सा मानकों तक, हर स्तर पर खेल हो रहा है।
पैसे के दम पर एनओसी (NOC) ली जाती है और फिर शुरू होता है मौत का व्यापार। जो लोग इन अवैध कारोबारियों को संरक्षण देते हैं, उन्हें शायद यह एहसास तब होगा जब उनके अपने परिवार का कोई सदस्य इस अव्यवस्था की भेंट चढ़ेगा। कमिश्नर साहब, अब तो जागिए! आम जनमानस ने अब सीधे बस्ती कमिश्नर और अपर स्वास्थ्य निदेशक (AD Health) से गुहार लगाई है। जनता पूछ रही है कि आखिर निगरानी समितियां क्या कर रही हैं? क्या स्वास्थ्य विभाग का काम सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाना है या धरातल पर उतरकर इन मौत के सौदागरों पर कार्रवाई करना भी? अगर समय रहते इन फर्जी और लापरवाह अस्पतालों पर ताला नहीं जड़ा गया, तो बस्ती की सड़कों पर ऐसे ही लाशें बिछती रहेंगी और जिम्मेदार अपनी फाइलों को धूल से बचाते रहेंगे। निष्कर्ष: सख्त कार्रवाई की दरकार सरकार को बदनाम करने और जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले इन तत्वों के खिलाफ 'बुलडोजर' वाली कार्रवाई की जरूरत है। क्या प्रशासन में इतना साहस है कि वह इन रसूखदारों के अस्पतालों की गहन जांच कर उन्हें सील कर सके?
- संत कबीर नगर। धनघटा तहसील क्षेत्र के हैंसर बाजार विकासखंड अंतर्गत कटया गांव में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर भव्य रैली का आयोजन किया गया। ग्राम प्रधान विजय प्रकाश के नेतृत्व में निकली इस रैली में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रैली कटया गांव से प्रारंभ होकर बाबा साहब के जयघोष और नारों के साथ हरेवा अलाइचक तकिया होते हुए कटया तक पहुंची तथा पुनः गांव लौटकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिला, जहां लोग “जय भीम” के नारों के साथ बाबा साहब के आदर्शों को याद करते नजर आए। इस अवसर पर विजय प्रकाश ने बाबा साहब के जीवन, उनके संघर्षों एवं विचारधारा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर ने भारतीय समाज को समानता, न्याय और स्वतंत्रता का मार्ग दिखाया। उन्होंने संविधान के माध्यम से हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने का कार्य किया। उनकी नीतियों का मूल उद्देश्य सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर एक समतामूलक समाज की स्थापना करना था। उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहब ने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया और “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का संदेश देकर समाज को जागरूक किया। आज के युवाओं के लिए उनके विचार अत्यंत प्रासंगिक हैं, विशेषकर सामाजिक समानता, कानून का सम्मान और मानवाधिकारों की रक्षा के संदर्भ में। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करें। कार्यक्रम में कमलेश कुमार, संतोष चौहान, राजेश कुमार, वली मोहम्मद, कटवारू, आनंद, आकाश, राम सकल, कन्हैया, अमरजीत, दीपक, चंद्र प्रकाश, राधेश्याम सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही, जिससे पूरा क्षेत्र बाबा साहब के विचारों और आदर्शों से गूंज उठा तथा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- श्रद्धा, जागरूकता और उत्साह के संग मनी अंबेडकर जयंती संत कबीर नगर। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती इस वर्ष श्रद्धा, जागरूकता और उत्साह के अनोखे संगम के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में महिलाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बाबा साहेब के प्रति अपनी आस्था और सम्मान व्यक्त करते हुए नृत्य प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र/प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके विचारों—समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय—को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इसके बाद महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए आकर्षक नृत्य ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी। देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता से ओत-प्रोत इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और बाबासाहेब के संदेश को सांस्कृतिक रूप में जीवंत कर दिया।3
- थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के बड़गो स्थित जिला अस्पताल के पास दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना सामने आई। मामले में पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। क्षेत्राधिकारी प्रियम राजशेखर पाण्डेय खलीलाबाद ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है तथा प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। #खलीलाबाद #संतकबीरनगर #मारपीट #पुलिसकार्रवाई #उत्तरप्रदेश #LawAndOrder #BreakingNews #LocalNews #UPPolice #liveuponenews1
- 📰 “केवटला परिवार रजिस्टर विवाद: जमीनी हकीकत में नया मोड़” अम्बेडकरनगर (बसखारी)। विकासखंड बसखारी के ग्राम सभा केवटला में परिवार रजिस्टर को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार मीडिया में खबरें प्रकाशित हो रही हैं। लेकिन जब इस पूरे मामले की जमीनी स्तर पर पड़ताल की गई, तो तस्वीर कुछ अलग ही सामने आई। स्थानीय स्तर पर की गई जांच में यह संकेत मिले हैं कि मामला जितना सीधा दिखाया जा रहा है, उतना है नहीं। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि —पूर्व सेक्रेटरी—को निशाना बनाकर झूठे तथ्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। कई लोगों का मानना है कि सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है। ग्राम सभा केवटला में इस समय एक ही विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है—मनीष दास और अंकुर से जुड़ा यह विवाद। लोग अपने-अपने स्तर पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वास्तविक दोषी कौन है और किसके इशारे पर यह पूरा घटनाक्रम सामने आया। ग्रामीणों का कहना है कि “झूठ कब तक टिकेगा, अंततः सच सामने आकर ही रहेगा।” वहीं प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी नजरें टिकी हुई हैं। अब यह देखना अहम होगा कि अधिकारी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सामने लाते हैं या नहीं। 📌 सवाल अभी भी बाकी हैं: परिवार रजिस्टर में वास्तविक छेड़छाड़ किसने की? क्या किसी को जानबूझकर फंसाने की कोशिश हो रही है? प्रशासन कब तक इस मामले में स्पष्ट स्थिति देगा? 👉 कुल मिलाकर, यह मामला अब केवल एक रजिस्टर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र में चर्चा और जांच का विषय बन चुका है। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और सच्चाई के खुलासे पर टिकी हैं।1
- खेसरहा क्षेत्र के आवारी गांव में बुधवार को लगी भीषण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आकर कई लोगों के बाग़-बगीचे, पेड़, भूसा और घरेलू सामान जलकर राख हो गए। इस घटना में कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, आग लगने की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड और प्रशासन को दी गई थी। काफी देर बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन पहुंचते ही खराब हो गई, जिससे आग बुझाने में अपेक्षित मदद नहीं मिल सकी। इसके चलते आग तेजी से फैलती रही और नुकसान बढ़ता गया। ग्रामीण हरिशंकर मिश्रा, आशुतोष मिश्रा, विवेक तिवारी, सौरभ तिवारी, विशाल तिवारी, युवराज तिवारी, अमित तिवारी, सुमित सहित अन्य लोगों ने बताया कि यदि समय पर सही हालत में दमकल पहुंचती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर प्रयास किए। वहीं खेसरहा पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाने में जुट गया। थाना अध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा, अजीत कुमार और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे और राहत कार्य में सहयोग करते हुए आग पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाई। काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका, लेकिन तब तक कई परिवारों का सब कुछ जलकर राख हो चुका था। घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने मांग की है कि इस लापरवाही की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए।1
- अंबेडकर नगर के मालीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खजूरी बाजार के पास एक ई रिक्शा पलट जाने के कारण उसके नीचे दबकर एक 12 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई । पुलिस ने लाश को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ।1
- अजीत मिश्रा (खोजी) 🛟विकासनगर में डिलीवरी बॉय की शर्मनाक करतूत का वीडियो वायरल, उपभोक्ताओं की जान से खिलवाड़ कर रहे रसद विभाग के नुमाइंदे🛟 ब्यूरो रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश राजधानी शर्मसार: विकासनगर में सिलेंडर के साथ खौफनाक खेल, उपभोक्ताओं की जान की कीमत सिर्फ चंद रुपये? गैस सिलेंडर या पानी का गुब्बारा? देखिए कैसे आपकी रसोई को बारूद के ढेर पर रख रहे हैं ये जालसाज! रसद विभाग की आँखों पर पट्टी, डिलीवरी बॉयज की जेब में कमीशन; जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे! साहब! जब फटेगा सिलेंडर तब जागेंगे क्या? विकासनगर में खुलेआम चल रहा है जानलेवा खेल। धोखाधड़ी की इंतहा: गैस की जगह पानी भर रहे 'जालसाज' डिलीवरी बॉय! विकासनगर वायरल वीडियो: सिलेंडर से छेड़छाड़, सुरक्षा और साख दोनों दांव पर। सावधान! आपकी रसोई में पहुंच रहा है 'खूनी' सिलेंडर, पानी भरकर किया जा रहा वजन बराबर। लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकासनगर क्षेत्र से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और रसद विभाग के दावों की धज्जियाँ उड़ा दी हैं। विकासनगर स्थित गुलाचीन मंदिर के पास गैस सिलेंडर में पानी भरने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे चंद रुपयों के लालच में डिलीवरी बॉय उपभोक्ताओं की रसोई में 'बम' पहुंचा रहे हैं। 🛟धोखाधड़ी ही नहीं, सामूहिक नरसंहार की साजिश! गैस सिलेंडर में पानी भरना न केवल आर्थिक धोखाधड़ी है, बल्कि यह सीधे तौर पर मासूम नागरिकों की जान से खिलवाड़ है। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि सिलेंडर के भीतर पानी और गैस का असंतुलित मिश्रण उसे एक 'प्रेशर बम' में तब्दील कर देता है। इससे सिलेंडर के फटने या गैस लीकेज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सवाल यह है कि क्या रसद विभाग और गैस एजेंसियां किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रही हैं? 🛟साहबों की नाक के नीचे चल रहा है काला खेल विकासनगर जैसे व्यस्त इलाके में दिन-दहाड़े सिलेंडर से छेड़छाड़ और उसमें पानी भरने का यह खेल किसी बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा करता है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। जनता का सवाल है कि क्या डिलीवरी बॉयज को प्रशासन का कोई डर नहीं है? या फिर इस काली कमाई का हिस्सा ऊपर तक पहुंच रहा है? 🛟जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर विषय पर वायरल वीडियो के बावजूद प्रशासन की सुस्ती बरकरार है। गुलाचीन मंदिर के पास हुई यह घटना केवल बानगी भर है; शहर के कई अन्य इलाकों में भी इसी तरह की घटतौली और छेड़छाड़ की शिकायतें आम हैं। यदि समय रहते इन 'मौत के सौदागरों' पर नकेल नहीं कसी गई, तो लखनऊ की कोई भी रसोई सुरक्षित नहीं रहेगी। 🛟मुख्य बिंदु: लोकेशन: गुलाचीन मंदिर के पास, थाना विकासनगर, लखनऊ। आरोप: सिलेंडर की सील तोड़कर उसमें पानी भरना और वजन बराबर करना। खतरा: सिलेंडर फटने और भीषण आगजनी की प्रबल संभावना। मांग: संबंधित गैस एजेंसी का लाइसेंस रद्द हो और दोषियों पर रासुका (NSA) जैसी कड़ी कार्रवाई हो।1
- संत कबीर नगर। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर खलीलाबाद विधायक अंकुर राज तिवारी ने मेहदावल बाईपास स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस दौरान विधायक ने बाबासाहेब के विचारों को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, समानता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। उनके आदर्श आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में सभासद सतविंदर पाल जज्जी, मुरलीधर जायसवाल, ऊषा पांडे, नगर अध्यक्ष कन्हैया वर्मा, नगर महामंत्री रुद्रनाथ मिश्र सहित भाजपा के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर बाबा साहेब को श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक समरसता का भाव देखने को मिला, जिसने बाबासाहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।1
- अंबेडकर नगर के महरुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत नसीरपुर गांव में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर हुई है बवाल पर सख्त कदम उठाते हुए नवगत एसपी प्राची सिंह ने दो दरोगा और एक सिपाही के खिलाफ कार्रवाई किया है ।1